INDvsSL Series में कमेंट्री करते आएंगे अजिंक्य रहाणे, संन्यास के बाद बनेंगे कमेंटेटर

भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे 15 से 27 अगस्त तक होने वाले भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर टेस्ट कमेंट्री में अपना करियर शुरु करने जा रहे हैं।रहाणे ने हाल ही में अपने 18 साल के क्रिकेट करियर को अलविदा कहा है।अब वह कमेंट्री बॉक्स में एक नई भूमिका निभाएंगे और दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने अनुभव और नज़रिए को सामने रखेंगे। इस सीरीज का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा और इसे सोनी लिव पर प्रसारित किया जाएगा।

भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेलने वाले रहाणे ने 5,077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। रेड-बॉल क्रिकेट, मैच की स्थितियों और खेल की बारीकियों की उनकी गहरी समझ प्रसारण में एक नया आयाम जोड़ेगी। वह अहम पलों, रणनीतियों और मुकाबलों का विश्लेषण करेंगे ताकि फैंस को यह बेहतर ढंग से समझ आ सके कि टेस्ट मैच कैसे आकार लेता है।

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के स्पोर्ट्स और इंटरनेशनल के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर और बिजनेस हेड, राजेश कौल ने कहा, “अजिंक्य रहाणे हमेशा से अपने संयम, मज़बूती और खेल की गहरी समझ के लिए जाने जाते रहे हैं। जब वह सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर टेस्ट कमेंट्री में पर्दापण करेंगे, तो दर्शकों को उस फॉर्मेट पर उनका नज़रिया सुनने को मिलेगा जिसे वह बहुत अच्छी तरह समझते हैं।भारत के श्रीलंका दौरे के लिए हमारे कमेंट्री पैनल में उन्हें शामिल करके हमें खुशी है और हम उस अनुभव और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं जो वह हमारी कवरेज में लाएंगे।”

रहाणे ने कहा, “मैं सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में अपना डेब्यू करने को लेकर उत्साहित हूं। टेस्ट क्रिकेट हमारे खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट है, और इतने सालों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं अपने अनुभव साझा करने, खेल की बारीकियों को समझाने और फैंस को उन फैसलों, रणनीतियों और पलों के बारे में जानकारी देने के लिए उत्सुक हूं जो टेस्ट मैच को आकार दे सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं फैंस के लिए प्रसारण के अनुभव को और बेहतर बना पाऊंगा और उन्हें मैदान पर होने वाली चीज़ों की गहरी समझ दे पाऊंगा।”

सीनियर खिलाड़ियों को नहीं मिला सम्मान, भारतीय टेस्ट टीम के बारे में तीखे शब्द कह गए अजिंक्य रहाणे (Video)

अजिंक्य रहाणे ने लंबे समय बाद राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। अब खबर यह आ रही है कि वह किसी यूरोपिय लीग से जुड़ेंगे हालांकि अब वह कमेंट्री और पॉडकास्ट में क्रिकेट के बारे अपने विचार देते हुए नजर आते हैं। 

माइकल वॉन के साथ हुए ऐसे ही एक पॉडकास्ट में उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष के बार में बताया। अजिंक्य रहाणे ने बताया कि उनका एकदिवसीय करियर 2011 में शुरु हो गया था लेकिन उनको टेस्ट मैचों के लिए करीब 2 साल तक 12वें आदमी की भूमिका निभानी पड़ी और कम से कम 20 टेस्ट मैच तक का लंबा इंतजार करना पड़ा 

इसके अलावा उन्होंने सचिन विराट समेत क्रिकेटरों से रिश्ते, टेस्ट क्रिकेट में अभ्यास मैचों का महत्व और वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर अपनी राय रखी। 

अजिंक्य रहाणे ने कहा, मेरे पास 2 विकल्प थे या तो मैं सहानूभूति हासिल करता या तो खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता। 12वें खिलाड़ी होने और पानी पिलाने में कोई खास खराबी नहीं है। मैंने इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया। 

अजिंक्य रहाणे ने हालांकि वर्तमान टेस्ट टीम के भविष्य पर तीखी टिप्पणी की। अजिंक्य रहाणे से जब पूछा गया कि क्या आपको वर्तमान भारतीय  टेस्ट टीम को देखकर चिंता होती है तो उनका जवाब हां में था। 

रहाणे ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अच्छा खेल रही हैं। भारत के साथ अचानक इतनी दिक्कत इस कारण हो गई है क्योंकि ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी एक साथ बाहर निकल गए हैं। ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों को बोर्ड को वह सम्मान देना जरूरी है जिसके वह हकदार हैं। 

ऐसा रहा करियर

अजिंक्य रहाणे ने अपना टेस्ट पदार्पण साल 2013 में किया था। अभी तक वह कुल 85 टेस्ट खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 38.5 की औसत के साथ 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल है।साल 2011 में अपने सफेद गेंद करियर का आगाज करने वाले अजिंक्य रहाणे अपना आखिरी टी-20 मैच साल 2016 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में खेल चुके थे जहां उनकी धीमी पारी ने टीम इंडिया का वेस्टइँडीज के खिलाफ खासा नुकसान किया था।इसके अलावा उन्होंने आखिरी वनडे 2018 में खेला था।

बाहर होने के बाद भी बतौर कप्तान जीते रणजी

टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से, रहाणे ने लगातार दो रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में मुंबई का नेतृत्व किया है, जिसमें टीम ने 2023-24 में अपना 42वां खिताब जीता, जबकि 2024-25 में उपविजेता रही। वह सैयद मुश्ताक अली (टी20) खिताब जीतने वाली मुंबई टीम का भी हिस्सा थे।रहाणे ने 2024-25 के रणजी सीज़न में 14 पारियों में 35.92 की औसत से एक अर्धशतक और एक शतक सहित 467 रन बनाए

जानिए आखिरी बार भारत श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट और सीरीज कब हारा था

भारत की टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और वहां जाकर अभ्यास सत्र में पसीना भी बहा रही है। भारत की टीम श्रीलंका पर हमेशा भारी पड़ी है। इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका ने भारत को आखिरी बार टेस्ट मैचों में 11 साल पहले अपने मैदान पर हराया था। दिलचस्प बात यह है कि टीम को यह जीत 15 अगस्त 2015 को मिली थी और 15 अगस्त को ही पहला टेस्ट इस ही मैदान पर शुरु होने वाला है। यह टेस्ट भी सीरीज का पहला ही टेस्ट था। हालांकि भारत ने अगले 2 टेस्ट जीतकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा बनाया था।इसके अलावा श्रीलंका टीम ने आखिरी बार भारत को 2001 में अपने घरेलू मैदान पर हराया था।

11 साल पहले 176 रनों का पीछा करते हुए 112 रनों पर सिमट गई थी भारत

टीम इंडिया के पास 69वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर देशवासियों को जीत का शानदार तोहफा देने का मौका था, लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन से भारत को श्रीलंका के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के चौथे दिन 63 रन से पराजय का सामना करना पड़ा।भारत को जीत के लिये 176 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन टीम इंडिया ने तत्कालीन सर्वश्रेष्ठ लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात के सामने घुटने टेक दिए और पूरी टीम 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

हेरात ने करिश्माई गेंदबाजी करते हुए अकेले अपने दम पर मैच का नक्शा पलट दिया और 21 ओवर की घातक गेंदबाजी मे 48 रन पर सात विकेट लेकर जीत श्रीलंका की झोली में डाल दी। ऑफ स्पिनर थारिंडू कौशल ने हेरात का बखूबी साथ निभाते हुए 17.6 ओर में 47 रन पर तीन विकेट लिए। हेरात को पहली पारी में कोई विकेट नहीं मिला था, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने भारतीय उम्मीदों पर कहर बरपा दिया।

भारत ने मैच के पहले तीन दिन अपना दबदबा बनाया था, लेकिन चौथे दिन की सुबह बाजी भारत के हाथ से निकल कर श्रीलंका के पास चली गई।लोकेश राहुल शुक्रवार को पांच रन बनाकर आउट हुए थे, जबकि चौथे दिन नाइट वाचमैन इशांत शर्मा दस, रोहित शर्मा चार, कप्तान विराट कोहली तीन, शिखर धवन 28, रिद्धिमान साहा दो, हरभजनसिंह एक, रविचंद्रन अश्विन तीन और अजिंक्य रहाणे 36 रन बनाकर निपट गए। रहाणे ने 76 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके लगाए जबकि शिखर ने 83 गेंदों पर 28 रन में तीन चौके लगाए।

जीत का लक्ष्य मुश्किल नहीं था, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने खुद पर अनावश्यक दबाव बनाते हुए श्रीलंकाई स्पिनरों खासकर हेरात को हावी होने का मौका दे दिया। भारत ने कल के एक विकेट पर 23 रन से आगे खेलना शुरू किया, शिखर 13 और नाइटवाचमेन इशांत पांच रन पर नाबाद रहे।

हेरात ने सुबह इशांत को पगबाधा कर जो कहर बरपाना शुरू किया वह भारतीय पारी के शर्मनाक अंत तक जारी रहा। रोहित शर्मा दूसरी पारी में भी फ्लाप रहे, पहली पारी मे नौ रन पर सिमटने में रोहित दूसरी पारी में चार रन ही बना सके। हेरात ने उन्हें बोल्ड कर दिया।

पहली पारी में शानदार 103 रन बनाने वाले कप्तान विराट कोहली ऑफ स्पिनर कौशल की गेंद पर कौशल सिल्वा को कैच थमा बैठे। भारत का चौथा विकेट 45 के स्कोर पर गिरा। एक छोर पर टिककर खेल रहे शिखर ने आखिर कौशल की गेंद पर अपना धैर्य खोया और आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में गेंदबाज को रिटर्न कैच थमा बैठै। विकेट कीपर सिद्धिमान साहा हेरात की गेंद को कतई समझ नहीं पाये और विकेटकीपर दिनेश चांडीमल ने उन्हें स्टम्प कर दिया। हरभजन को हेरात ने फारवर्ड शार्ट लेग पर सिल्वा के हाथों कैच करा दिया।

भारत के सात विकेट 68 रन पर गिर चुके थे और उसकी हार तय हो चुकी थी। भारतीय बल्लेबाजों ने एक भी साझेदारी करने की कोशिश नहीं की वर्ना मैच का परिणाम कुछ और ही होता। रहाणे एक छोर पर जैसे हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे और दूसरे छोर पर उनका साथ देने के लिये कोई बल्लेबाज मौजूद नहीं था। अश्विन ने हेरात की गेंद पर धमिका प्रसाद को कैच थमाया और भारत का आठवां विकेट 81 के स्कोर पर गंवा दिया।

रहाणे भारत के स्कोर को 100 के पार तक तो ले गये लेकिन फिर हेरात ने उनकी संघर्षपूर्ण पारी का काम तमाम कर दिया। रहाणे 97 गेंदों में 36 रन बनाकर टीम के 102 के स्कोर पर आउट हुए। अमित मिश्रा ने 15 रन बनाने के बाद जैसे ही कौशल की गेंद पर दिमुथ करुणारत्ने को कैच थमाया भारतीय पारी में 49.5 ओवर में 112 रन पर ढेर हो गई।

गाले टेस्ट इस परिणाम के बाद दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। पहले हिस्से में भारत के लिए अश्विन के दस विकेट, शिखर और विराट के पहली पारी में शतक और मैच में रहाणे के आठ कैच के विश्व रिकॉर्ड को रखा जा सकता है तो दूसरी तरफ श्रीलंका की दूसरी पारी में चांडीमल के नाबाद 162 रन और हेरात के 48 रन पर सात विकेट को रखा जा सकता है।

मैच में नाबाद 162 रन की निर्णायक पारी खेलने वाले चांडीमल को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। जिन्होंने श्रीलंका को पारी की हार के संकट से बाहर निकालकर मैच में लड़ने लायक स्थिति में पहुंचाया और फिर हेरात के करिश्मे ने टीम इंडिया की तीन दिन की तमाम मेहमन पर पानी फेर दिया। भारतीय कप्तान विराट ने भी मैच के बाद स्वीकार किया कि दबाव में टीम इंडिया अच्छा नहीं खेली और यही उसकी हार का सबसे बड़ा कारण रहा।

2001 में श्रीलंका दौरे पर गई टीम इंडिया ने 1-2 से गंवाई थी सीरीज

वहीं साल 2001 में तत्कालीन टेस्ट कप्तान सौरव गांगुली के नेतृत्व में श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया को 1-2 से टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। श्रीलंका ने पहला टेस्ट दस विकेटों से जीता था। दूसरे टेस्ट को 7 विकेट से जीतने के बाद टीम इंडिया ने वापसी की। तीसरे टेस्ट में श्रीलंका ने भारत को पारी से शर्मनाक हार थमाते हुए सीरीज जीती। इस सीरीज के मैन ऑफ द सीरीज मुथैया मुरलीधरन थे।

‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।