जापान की सड़कों पर दिखे वैभव सूर्यवंशी, डोरेमोन और नोबिता के रेफरेंस वाला पोस्ट हुआ वायरल

कभी-कभी किसी खिलाड़ी की उम्र सुनकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि वह सच में इतना छोटा है। वैभव सूर्यवंशी के साथ भी कुछ ऐसा ही है। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, दोस्तों और खेल के मैदान में व्यस्त होते हैं, उस उम्र में वैभव भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं।, दो साल में कई IPL शतक लगा चुके हैं। इसके अलावा, कई दिग्गजों के वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं, और शायद इसी वजह से गिनीज बुक वाले भी चक्कर खाने लगे हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि वह अभी भी 15 साल का बच्चा है और 2011 वर्ल्ड कप फाइनल से बस 6 दिन बड़ा है।

वहीं, कभी-कभी वैभव खुद भी कुछ ऐसा कर देते हैं, जिससे हमें उसकी उम्र याद आ जाती है। बुधवार को सूर्यवंशी ने जापान के टोक्यो में 2026 एशियन गेम्स के दौरान बिताए समय की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। बता दें कि यह एक भारतीय इंटरनेशनल क्रिकेटर के तौर पर उसका पहला मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘नोबिता के शहर से रिपोर्टिंग’। यह जापानी एनिमेटेड टीवी सीरीज ‘Doraemon’ के संदर्भ में था, जो टोक्यो पर आधारित है और भारत में बहुत लोकप्रिय है।

सूर्यवंशी ने पोस्ट में Doraemon Cat की तस्वीर भी शामिल की। ​​इस शो में Doraemon नाम की एक रोबोटिक बिल्ली है, जो 22वीं सदी से समय में पीछे की ओर यात्रा करके आती है। उसका मुख्य काम नोबिता नोबी नाम के एक युवा, नेक-नीयत लेकिन अनाड़ी स्कूली लड़के की मदद करना है।

बता दें कि वैभव ने इस साल अप्रैल में IPL के दौरान अपने मैच रूटीन के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि, “दिमाग में कुछ नहीं चलता है। आज भी हर दिन मैच से पहले हम भी कार्टून देखते हैं, आदत है देखने का। अभी भी हम कार्टून देख रहे हैं, पर फोकस गेम पर भी है।”

अब यह देखना बाकी है कि क्या सूर्यवंशी को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिलता है या नहीं। भारत की पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर से करेगी। बता दें कि यह युवा बल्लेबाज अफगानिस्तान खिलाफ बिल्कुल नहीं खेला और जापान के खिलाफ़ हाल ही में हुए एकमात्र T20I मैच में भी बेंच पर ही बैठा रहा। वहीं, टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें सही समय का इंतजार करने की सलाह दी है।

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India vs Japan: भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक टी20 मुकाबला खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने जापान को 2 रन से मात दी है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित इस मैच में भारतीय टीम को जापान ने कड़ी चुनौती दी। इस मैच में भारत को आसानी से जीत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मैदान पर जापान की टीम ने मुकाबले में भारत के पसीने छुड़ा दिए और मुकाबला आखिरी ओवर तक पहुंच गया। वहीं इस मुकाबले के दौरान भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने अंपायर से बहस करते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

2 रन से हारी जापान

बारिश की वजह से मुकाबले को सिर्फ 5-5 ओवर का कर दिया गया। इस छोटे फॉर्मेट में भारतीय टीम बल्लेबाजी के दौरान खुलकर नहीं खेल सकी और 5 ओवर में केवल 32 रन ही बना पाई। इसके बाद जापान ने टारगेट का पीछा करते हुए भारत को कड़ी टक्कर दी। मैच आखिरी दौर तक रोमांचक बना रहा और जापान को जीत के लिए अंतिम चार गेंदों पर सिर्फ 6 रन की जरूरत थी। आखिरी तीन गेंदों पर जापान को जीत के लिए 6 रन चाहिए थे। जापान मुकाबला सिर्फ 2 रन से हार गई। जापान भारतीय टीम के खिलाफ बड़ा उलटफेर करने के बेहद करीब पहुंच गया। आखिरी ओवर करने अक्षर पटेल आए। वही इसी ओवर के दौरान विवाद हो गया।

जानें क्या है पूरा मामला

मैच के आखिरी ओवर में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। जापान को जीत के लिए कुछ ही रन चाहिए थे और अक्षर पटेल गेंदबाजी कर रहे थे। इसी दौरान अंपायर क्रिस थर्गेट ने अक्षर की एक गेंद को वाइड दे दिया। अंपायर के इस फैसले से अक्षर नाराज नजर आए। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर भी तुरंत अंपायर के पास पहुंचे और फैसले को लेकर उनसे बातचीत की। वहीं अंपायर के इस फैसले से श्रेयस अय्यर काफी गुस्से में नजर आ रहे थे। बातचीत के बाद अंपायर ने अपना फैसला बदलते हुए वाइड का कॉल वापस ले लिया।

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IND vs JPN: बिहार की गलियों से निकलकर जापान की नेशनल टीम तक…भारत-जापान मैच से पहले छाए अभिषेक आनंद

भारत और जापान के बीच एकमात्र टी20 मुकाबला 22 सितंबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला कांटो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। इस मुकाबले में जापान के एक खिलाड़ी की काफी चर्चा हैं। ये खिलाड़ी बिहार की छोटी-छोटी गलियों से निकलकर वह जापान के नेशनल टीम तक का सफर तय किया है। इस खिलाड़ी का नाम अभिषेक आनंद है। बिहार के रोहतास जिले से आने वाले 28 साल के अभिषेक आनंद की कहानी काफी दिलचस्प है। भारत और जापान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले अभिषेक का एक वीडियो वायरल होने के बाद वह चर्चा में आ गए हैं। भारत के खिलाफ होने वाले इस मैच में अभिषेक जापानी टीम में शामिल नहीं है। आइए जानते हैं इनकी कहानी

वायरल हो रहा वीडियो

भारत और जापान के टी20 मैच से पहले अभिषेक आनंद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा। वीडियो में उनसे जापान के लिए खेलने वाले बिहारी क्रिकेटर होने को लेकर सवाल पूछा गया। अभिषेक के जवाब और भारतीय टीम के लिए दिए गए उनके संदेश ने लोगों का ध्यान खींचा। उनका “बिहारी कहां नहीं है भाई” वाला जवाब भी काफी चर्चा में है।

 

भारत और जापान के बीच 22 सितंबर को पहली बार पुरुषों का टी20 इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला दोनों देशों के 75 साल पुराने राजनयिक संबंधों के मौके पर होगा और एशियन गेम्स से पहले तैयारियों का हिस्सा है। वहीं अभिषेक भारत के खिलाफ सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे। जापान के 15 सदस्यीय टीम में अभिषेक आनंद का नाम शामिल नहीं है।

जानें बिहार के अभिषेक की कहानी

बिहार के रहने वाले अभिषेक आनंद ने IIT कानपुर में पढ़ाई के दौरान अभिषेक आनंद क्रिकेट से लगातार जुड़े रहे और कॉलेज की टीम की कप्तानी भी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए वह टोक्यो चले गए। जापान पहुंचने के बाद भी उन्होंने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा और क्लब क्रिकेट के जरिए खेल से अपना रिश्ता बनाए रखा। इस तरह उन्होंने नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ अपने क्रिकेट के जुनून को भी जारी रखा। अभिषेक आनंद ने जापान के घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें नेशनल टीम में खेलने का मौका मिला।

कब खेला था पहला मुकाबला

अभिषेक आनंद ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद वह अब तक 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 275 रन हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 55 रन रहा है, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट भी लिया है। वहीं भारत के खिलाफ वह खेलेंगे या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

भारत बनाम जापान के महामुकाबले को मिले TV और OTT के ब्रॉडकास्टर्स

जापान और भारत के बीच होने वाले एक ही मैच (टी20 मैच) के लिए ब्रॉडकास्टर खोजने की कोशिशें खत्म हो चुकी हैं। भारत के दर्शक इस एतिहासिक मैच को टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स पर और ओटीटी पर फैन कोड पर देख सकेंगें। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

वहीं जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) टोचिगी प्रान्त के सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में 22 सितंबर को होने वाले मैच के ब्रॉडकास्ट राइट्स हासिल करने के लिए आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के साथ बातचीत कर रही है।

चूंकि यह मैच आइची-नागोया में एशियाई खेलों के साथ-साथ हो रहा है, इसलिए इसका प्रोडक्शन करना आयोजकों के लिए लॉजिस्टिकल और ऑपरेशनल चुनौती होगी। हालांकि, माना जा रहा है कि जेसीए मैच के ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए आईटीडब्ल्यू यूनिवर्स के साथ समझौता ज्ञापन साइन करने के करीब है।

गौरतलब है कि दोनों देशों की पुरुष टीमें भारत-जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन की 75वीं सालगिरह के जश्न को शुरू करने के लिए एक टी 20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। सुज़ुकी कप मंगलवार, 22 सितंबर को टोचिगी प्रीफेक्चर के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होगा।

यह मैच “स्पोर्ट 75” का पहला कदम होगा, यह एक पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक समिट के दौरान हुए समझौते से निकली है और इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के लेन-देन और सहयोग को बढ़ावा देना है।

इस मैच का एक पहलू यह भी है कि टीम को जापान में एशियन गेम्स से पहले माहौल में ढलने में भी मदद मिलेगी। इस कारण संभवत जो भारत की टीम एशियाई खेलों में खेलेगी वही इस मैच में भी शिरकत करते हुए मिलेगी।

एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी।

भारत के खिलाफ T20I के लिए जापान की टीम: केंडेल कादोवाकी फ्लेमिंग (कप्तान), चार्ली हारा हिंजे, बेंजामिन इटो डेविस, एलेस्टर कादोवाकी फ्लेमिंग, कोहेई कुबोता, जेक कुसुदा नेयर्न, वतारू मियाउची (विकेटकीपर), रियो सकूरानो थॉमस, एलेक्स शिराई पातमोर (विकेटकीपर), शोमा सुगाया स्लेटर, डेकलन सुजुकी मैकॉम्ब, सुयोशी तकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, माकोतो तनियामा, लचलन यमामोतो लेक।

क्रिकेट में पहली बार भारत बनाम जापान का एतिहासिक मैच होगा इस तारीख को

जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि दोनों देशों की पुरुष टीमें भारत-जापान डिप्लोमैटिक रिलेशन की 75वीं सालगिरह के जश्न को शुरू करने के लिए एक टी 20 इंटरनेशनल मैच खेलेंगी। सुज़ुकी कप मंगलवार, 22 सितंबर को टोचिगी प्रीफेक्चर के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होगा।

यह मैच “स्पोर्ट 75” का पहला कदम होगा, यह एक पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक समिट के दौरान हुए समझौते से निकली है और इसका मकसद खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के लेन-देन और सहयोग को बढ़ावा देना है।

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा: “बीसीसीआई इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनकर बहुत खुश है, जब भारत और जापान की पुरुष टीमें जापान में एक खास टी 20 इंटरनेशनल मैच के लिए एक साथ आ रही हैं।” सैकिया ने कहा, “भारत और जापान के बीच एक मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते और दोस्ती है, और हमें खुशी है कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न का हिस्सा होगा, और हम इस मैच को मुमकिन बनाने के लिए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) को उनकी कोशिशों के लिए धन्यवाद देते हैं।

बीसीसीआई का मानना है कि क्रिकेट की ग्रोथ उसके पारंपरिक इलाकों से आगे बढ़नी चाहिए, और दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड के तौर पर, हम उस ग्रोथ में योगदान देने की अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं। बीसीसीआई जापान में क्रिकेट को और मजबूत करने और आने वाले सालों में इस रिश्ते को और मजबूत करने के लिए जेसीए के साथ मिलकर काम करेगा।” जेसीए के सीईओ नाओकी मियाजी ने कहा: “मौजूदा वर्ल्ड चैंपियंस को जापान में बुलाना हमारे एसोसिएशन के लिए एक अहम पल है। यह सच में एक यादगार मौका होगा।”

UP-Japan Meet : जापानी प्रतिनिधिमंडल ने देखी वीमेन पावर लाइन 1090 की कार्यप्रणाली, समझा महिला सुरक्षा मॉडल

UP-Japan Meet : जापानी प्रतिनिधिमंडल ने देखी वीमेन पावर लाइन 1090 की कार्यप्रणाली, समझा महिला सुरक्षा मॉडल

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यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के तहत जापानी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की महिला सुरक्षा के लिए संचालित वीमेन पावर लाइन 1090 का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने यहां महिलाओं की सुरक्षा, शिकायतों पर त्वरित सहायता, काउंसलिंग और जागरूकता से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझा। इस दौरान उत्तर प्रदेश के अधिकारियों और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच महिला सुरक्षा, स्कूली स्तर पर जागरूकता, बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से अनुभव साझा किए गए।

 

दौरे के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि वीमेन पावर लाइन 1090 महिलाओं को कठिन, भय या उत्पीड़न की स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में कार्य करती है। प्रतिनिधिमंडल ने यह समझने में रुचि दिखाई कि किसी महिला की ओर से सहायता के लिए संपर्क किए जाने के बाद उसकी समस्या को किस तरह समझा जाता है और कैसे उस तक उचित सहायता पहुंचाई जाती है।

 

शिकायत से काउंसलिंग तक की प्रक्रिया समझी

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने 1090 की कार्यप्रणाली को करीब से समझते हुए कॉल रिसीव करने से लेकर महिला की समस्या को समझने, आवश्यक काउंसलिंग उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार संबंधित सहायता तंत्र से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं की बात ध्यानपूर्वक सुनना और उन्हें सहज एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेष रूप से काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग को लेकर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि कई बार महिलाएं डर, तनाव या झिझक के कारण अपनी बात खुलकर नहीं रख पातीं। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित कर्मी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनते हैं, उनकी चिंताओं को समझते हैं और उन्हें उपयुक्त सहायता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करते हैं।

 

स्कूलों में बचपन से सुरक्षा जागरूकता पर जोर

बैठक के दौरान महिला सुरक्षा को केवल शिकायत निवारण तक सीमित न रखते हुए प्रीवेंटिव अवेयरनेस पर भी चर्चा हुई। जापानी प्रतिनिधिमंडल और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने स्कूलों में विद्यार्थियों को कम उम्र से ही सुरक्षा, अधिकारों और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के तरीकों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता पर विचार साझा किए। बच्चों में पांच वर्ष की आयु के बाद सुरक्षा संबंधी जागरूकता विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। इसमें बच्चों को अपनी सुरक्षा, संवाद करने और किसी कठिन परिस्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से मदद मांगने के बारे में सहज तरीके से जानकारी देने के दृष्टिकोण पर विचार किया गया।

 

जापान और यूपी के अनुभवों पर हुआ संवाद

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने जापान में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। वहीं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने प्रदेश में संचालित महिला सुरक्षा और सहायता तंत्र की जानकारी दी। दोनों पक्षों ने माना कि जापान और उत्तर प्रदेश की सामाजिक एवं संस्थागत परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए किसी भी मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समझना और लागू करना आवश्यक है। इसके बावजूद महिला सुरक्षा, बच्चों में जागरूकता, प्रभावी संवाद, काउंसलिंग और महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने जैसे क्षेत्रों में अनुभवों का आदान-प्रदान दोनों पक्षों के लिए उपयोगी हो सकता है।

 

सुरक्षा से आत्मविश्वास और सशक्तीकरण तक

चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महिला सुरक्षा का उद्देश्य केवल किसी घटना के बाद सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना विकसित करना भी है। जब महिलाएं यह महसूस करती हैं कि कठिन परिस्थिति में उन्हें समय पर सहायता मिल सकती है, तो वे अपनी समस्याओं को सामने रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में अधिक सहज महसूस करती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने माना कि महिला सुरक्षा, जागरूकता, काउंसलिंग और सहायता सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इन व्यवस्थाओं को मजबूत करने से महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलता है।

 

अनुभवों के आदान-प्रदान से सहयोग की नई संभावनाएं

यूपी–जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के तहत हुआ यह दौरा भारत-जापान संबंधों के सामाजिक आयाम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण जैसे विषयों पर दोनों पक्षों के बीच अनुभव साझा होने से भविष्य में जागरूकता, काउंसलिंग, बच्चों की सुरक्षा शिक्षा और महिला सहायता सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाएं बन सकती हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने वीमेन पावर लाइन 1090 की व्यवस्था को समझते हुए उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए विकसित किए गए संस्थागत तंत्र की जानकारी हासिल की। वहीं इस संवाद से उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को जापान में अपनाई जा रही महिला सुरक्षा और जागरूकता की विभिन्न कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर मिला।

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

जापान और उत्तरप्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026' में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा और भविष्य की निवेश संभावनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंध लंबे समय से विश्वास पर आधारित रहे हैं और उत्तर प्रदेश तथा जापान के बीच बढ़ती साझेदारी इस विश्वास को और मजबूत करेगी।

 

केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच इस महत्वपूर्ण पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर तथा उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भी स्वागत किया और कहा कि जापान के उद्योग जगत के लिए उत्तर प्रदेश में तेजी से अवसर खुल रहे हैं।

 

भारत की आर्थिक सोच को चार स्तंभों में समझाया

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि को चार प्रमुख स्तंभों के आधार पर समझा जा सकता है। इनमें सोशल, डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन और कानूनों तथा नियमों का सरलीकरण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों से लगभग 6 से 8 प्रतिशत की सतत आर्थिक वृद्धि के दौर में है। इसके साथ महंगाई को नियंत्रण में रखने और देश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखने पर भी लगातार ध्यान दिया गया है। इससे भारत को आने वाले वर्षों में लंबे समय तक टिकाऊ विकास की मजबूत क्षमता मिली है।

 

जापान के निवेशकों को दिया उत्तर प्रदेश में निवेश का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में आने वाले वर्षों में 6 से 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। इस विकास यात्रा में रेलवे, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृषि समेत लगभग हर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जापान के उद्योग जगत से भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से बदल रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए मजबूत आधार तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान के निवेशकों के लिए संदेश स्पष्ट है- भारत में निवेश करें, उत्तर प्रदेश में निवेश करें। सरकार निवेशकों की सहायता और सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार है। निवेशकों की सफलता ही भारत और उत्तर प्रदेश की सफलता है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान की मजबूत साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। इस देश का कारोबार काफी हद तक व्यापार और समुद्री रास्तों पर निर्भर है। लेकिन होर्मुज संकट का सबसे ज्यादा असर भी उसी पर पड़ा। इसलिए अब वह ऐसे नए रास्ते तैयार कर रहा है, जहां से व्यापार और तेल निर्यात होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे। इसके लिए ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत-जापान-साउथ कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।” —————————— यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू की मुश्किल- ट्रम्प को खुश करें या कुर्सी बचाएं:गाजा से सेना हटाने के फैसले पर इजराइल में विरोध, 2 महीने बाद चुनाव हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया कि गाजा को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। हमास हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हट जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

बुलेट-ट्रेन प्रोजेक्ट लेट होने से जापान के पूर्व मंत्री नाराज:कहा- हमने पूरी मेहनत की लेकिन भारतीय मंत्री का रवैया खराब, उन्होंने वादा नहीं निभाया

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारतीय मंत्री का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गए। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलते रहे। इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। ‘प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला’ माकिहारा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला। दरअसल, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1-3 जुलाई 2026 में भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान दोनों देशों ने 129 समझौतों का ऐलान किया था। इन समझौतों का मकसद निवेश, उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, कौशल विकास और सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करना है। माकिहारा ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 100% यकीन है कि इस प्रोजेक्ट के आगे न बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है। हालांकि, भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी के पूर्व PM शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इस प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया था। दोनों शहरों के बीच 508 किमी का सफर बुलेट ट्रेन तीन घंटे में तय करेगी। अभी नॉर्मल ट्रेन से यह सफर तय करने में सात-आठ घंटे लगते हैं। रूट पर 12 स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, भोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती हो सकते हैं। इनमें मुंबई स्टेशन अंडरग्राउंड होगा। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन में ₹88 हजार करोड़ जापानी निवेश मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पहले अनुमानित लागत करीब ₹2 लाख करोड़ है। इसमें से लगभग ₹88 हजार करोड़ जापान दे रहा है। यह पैसा जापान की सरकारी एजेंसी JICA बेहद सस्ती शर्तों पर दे रही है। इस कर्ज पर सिर्फ 0.1% सालाना ब्याज लगेगा, इसे चुकाने के लिए 50 साल मिलेंगे और पहले 15 साल तक किस्त नहीं देनी होगी। जापान अब तक इस परियोजना के लिए 1,150 अरब येन (करीब ₹55 हजार करोड़) मंजूर कर चुका है। इसके अलावा वह बुलेट ट्रेन की शिंकानसेन तकनीक, ट्रेनिंग और तकनीकी विशेषज्ञता भी भारत को उपलब्ध करा रहा है। रूट का 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा 508 किमी के रूट में से 351 किमी हिस्सा गुजरात और 157 किमी हिस्सा महाराष्ट्र से गुजरेगा। कुल 92% यानी 468 किमी लंबा ट्रैक एलिवेटेड रहेगा। मुंबई में 7 किमी का हिस्सा समुद्र के अंदर होगा। 25 किमी का रूट सुरंग से गुजरेगा। 13 किमी हिस्सा जमीन पर होगा। बुलेट ट्रेन 70 हाईवे, 21 नदियां पार करेगी। 173 बड़े और 201 छोटे ब्रिज बनेंगे। शुरुआत 10 कोच वाली 35 बुलेट ट्रेनों से होगी। ये ट्रेनें रोजाना 70 फेरे लगाएंगी। एक बुलेट ट्रेन में 750 लोग बैठ सकेंगे। बाद में 1200 लोगों के लिए 16 कोच हो जाएंगे। 2050 तक इन ट्रेनों की संख्या बढ़ाकर 105 करने का प्लान है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- सुजुकी दो-तिहाई कारें भारत में बना रही:जापान की मदद से देश में खाद के 1000 कारखाने लगेंगे; PM ताकाइची को बहन कहा भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार देने का फैसला किया है। भारत-जापान जॉइंट इकोनोमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी कंपनियों की दिक्कतें दूर करने के लिए ‘जापान बिजनेस वीक’ शुरू करने का ऐलान किया। इसके तहत PMO के सीनियर अधिकारी सीधे जापानी निवेशकों से बातचीत करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

वर्ल्ड अपडेट्स:जापान के पूर्व मंत्री बोले- भारत के रवैये से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट लेट हुआ; वादे नहीं निभाए, बार-बार फैसला बदला

भारत-जापान के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने भारतीय पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। X पर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि प्रोजेक्ट के लेट होने की सबसे बड़ी वजह भारत का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वे खुद इस प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए वादे पूरे नहीं किए। समझौते किए, फिर उनसे पीछे हट गया। आखिरी समय तक अपने हिसाब से शर्तें बदलता रहा। उन्होंने यह भी लिखा कि इसी वजह से बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया। माकिहारा के मुताबिक, जापानी टीम ने पूरी मेहनत से काम किया, लेकिन उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में टॉयो केइजाई ऑनलाइन की एक रिपोर्ट भी शेयर की। इसमें दावा किया गया है कि बुलेट ट्रेन के सबसे अहम सेफ्टी सिस्टम (सिग्नलिंग सिस्टम) में जापान को शामिल नहीं किया गया। हालांकि, ये आरोप हिदेकी माकिहारा की X पोस्ट और उनके साझा किए गए लेख पर आधारित हैं। भारत सरकार या मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।