UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

UP-Japan Investment Meet 2026 : जापानी तकनीक और यूपी की औद्योगिक ताकत से खुलेगा निवेश का नया रास्ता, हजारों नौकरियों की उम्मीद

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के उद्घाटन एवं दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में जापान और भारत के प्रमुख उद्योग समूहों ने उत्तर प्रदेश को निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ केंद्र बताया। समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन जापान और स्पार्क मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश में अपने निवेश, साझेदारी के अनुभव और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया।
दोनों उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रदेश में उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, बड़े बाजार, निवेश-अनुकूल नीतियों और सरकार के सहयोग को औद्योगिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

 

कुबोटा ने कहा- यूपी में निवेश दीर्घकालिक विश्वास का प्रतीक

समारोह में कुबोटा कॉरपोरेशन, जापान के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हानाडा ने नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की ग्राउंड ब्रेकिंग को कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माइलस्टोन बताते हुए कहा कि इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में कुबोटा की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और साझेदारी को एक नया विस्तार मिल रहा है। उन्होंने भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, इन्वेस्ट यूपी और उन सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके समर्थन और सहयोग से यह महत्वपूर्ण पड़ाव संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है। उत्तर प्रदेश में कुबोटा का निवेश प्रदेश की क्षमता में कंपनी के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश की प्रगति और भारत को एक विकसित एवं मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों में उद्योग जगत भी अपनी भूमिका निभाना चाहता है।

 

135 साल से लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के मिशन पर कुबोटा

कुबोटा सीईओ ने कहा कि 135 वर्षों से अधिक समय से कुबोटा लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में योगदान देने के उद्देश्य से काम कर रहा है। कंपनी की फिलॉसफी के अनुरूप वह बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लोगों के हित में काम करती रहेगी। उन्होंने भारत में कुबोटा की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कंपनी की मौजूदगी उसकी मजबूत साझेदारियों के कारण लगातार सुदृढ़ हुई है। उन्होंने नंदा परिवार और उनकी संस्था का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस परिवार ने दशकों से भारत की सेवा की है और देश में कृषि के मशीनीकरण में अग्रणी भूमिका निभाई है। नंदा परिवार के नेतृत्व के साथ कुबोटा की साझेदारी आगे भी और मजबूत होती रहेगी। कुबोटा और उसके भारतीय साझेदारों की साझी महत्वाकांक्षा भविष्य के लिए एक मजबूत एक्सपोर्ट बेस तैयार करना है। जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और भारतीय साझेदारों की स्थानीय समझ एवं क्षमता मिलकर इस दिशा में नई संभावनाएं पैदा कर सकती हैं।

 

स्पार्क मिंडा की यूपी में 40 वर्षों से अधिक की मौजूदगी, अब बड़े स्तर पर विस्तार की तैयारी

समारोह में आकाश मिंडा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश में कंपनी की मौजूदगी और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज संभावनाओं और नए अवसरों का प्रदेश है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश उद्योग और निवेश को प्राथमिकता देने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नहीं कर रहा, बल्कि निवेशकों और उद्योग जगत के बीच इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस और इंडस्ट्रियल कॉन्फिडेंस भी तैयार कर रहा है।

 

एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक्स ने बदला औद्योगिक परिदृश्य

आकाश मिंडा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में औद्योगिकीकरण के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार हुआ है। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल पार्क, स्किल्ड मैनपावर और स्मार्ट टाउनशिप जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने हाल में संचालित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसी कई योजनाओं और परियोजनाओं को हकीकत में बदलते हुए देखा गया है, जो कुछ समय पहले तक केवल एक परिकल्पना मात्र थीं।

 

उत्तर प्रदेश में 9 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार

आकाश मिंडा ने बताया कि वह स्पार्क मिंडा ग्रुप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और कंपनी ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों से अधिक समय से मौजूदगी है और वर्तमान में प्रदेश में 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्पार्क मिंडा के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है और कंपनी यहां अपनी मौजूदगी को कहीं बड़े स्तर पर विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

एडवांस टेक्नोलॉजी से ईवी और इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ेगा निवेश

आकाश मिंडा ने बताया कि कंपनी उत्तर प्रदेश में एडवांस टेक्नोलॉजी, मोटर पार्ट्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा डिजाइन एवं डेवलपमेंट सेंटर जैसे क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी डीपर लोकलाइजेशन और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इसके लिए जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी काफी महत्वपूर्ण है। निवेश विस्तार के साथ कंपनी प्रदेश में करीब 6,000 से 8,000 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने की दिशा में काम करना चाहती है।

 

जापान की तकनीक और यूपी की क्षमता का संयोजन बनेगा ताकत

स्पार्क मिंडा के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने जापान और दुनिया भर के उद्योगों को उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाएं बेहद मजबूत हैं।।जापान वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी, ग्लोबल क्वालिटी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग लेकर आता है, जबकि उत्तर प्रदेश स्केल, टैलेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पॉलिसी सपोर्ट, बड़ा मार्केट और बिजनेस फ्रेंडली इनवॉयरमेंट उपलब्ध कराता है। भारतीय कंपनियां स्थानीय क्षमताओं, ग्राहकों की जरूरतों की बेहतर समझ और आगे बढ़ने की इच्छा लेकर आती हैं। इन सभी क्षमताओं का संयोजन उत्तर प्रदेश को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद कर सकता है।

 

कारोबार के साथ रोजगार और विकसित भारत में योगदान है लक्ष्य

आकाश मिंडा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का उद्देश्य केवल बिजनेस ग्रोथ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना भी होना चाहिए। कंपनी का लक्ष्य प्रदेश में अपनी औद्योगिक उपस्थिति का विस्तार करने के साथ रोजगार सृजन और विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देना है।  

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, भारत की आर्थिक विकास यात्रा के ये 4 स्तंभ बनेंगे आधार: अश्विनी वैष्णव

जापान और उत्तरप्रदेश के बीच निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम 'यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026' में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा और भविष्य की निवेश संभावनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के संबंध लंबे समय से विश्वास पर आधारित रहे हैं और उत्तर प्रदेश तथा जापान के बीच बढ़ती साझेदारी इस विश्वास को और मजबूत करेगी।

 

केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच इस महत्वपूर्ण पहल के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर तथा उनके साथ आए प्रतिनिधिमंडल का भी स्वागत किया और कहा कि जापान के उद्योग जगत के लिए उत्तर प्रदेश में तेजी से अवसर खुल रहे हैं।

 

भारत की आर्थिक सोच को चार स्तंभों में समझाया

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक वृद्धि को चार प्रमुख स्तंभों के आधार पर समझा जा सकता है। इनमें सोशल, डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन और कानूनों तथा नियमों का सरलीकरण प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि भारत पिछले कुछ वर्षों से लगभग 6 से 8 प्रतिशत की सतत आर्थिक वृद्धि के दौर में है। इसके साथ महंगाई को नियंत्रण में रखने और देश की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखने पर भी लगातार ध्यान दिया गया है। इससे भारत को आने वाले वर्षों में लंबे समय तक टिकाऊ विकास की मजबूत क्षमता मिली है।

 

जापान के निवेशकों को दिया उत्तर प्रदेश में निवेश का संदेश

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में आने वाले वर्षों में 6 से 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। इस विकास यात्रा में रेलवे, डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, कृषि समेत लगभग हर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जापान के उद्योग जगत से भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से बदल रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए मजबूत आधार तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान के निवेशकों के लिए संदेश स्पष्ट है- भारत में निवेश करें, उत्तर प्रदेश में निवेश करें। सरकार निवेशकों की सहायता और सुविधा के लिए पूरी तरह तैयार है। निवेशकों की सफलता ही भारत और उत्तर प्रदेश की सफलता है। उन्होंने कहा कि भारत-जापान की मजबूत साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

केसरिया और भगवा कपड़ों से समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi Barabanki Speech

 

 

  • सीएम योगी ने मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- धूम-धाम से निकलेगी कांवड़ यात्रा, प्रदेशभर में होंगे जन्माष्टमी के आयोजन
  • सीएम बोले –‘अब कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा’, विकास के लिए भी पैसों की कमी नहीं
  • देश की हर समस्या का समाधान उत्तर प्रदेश में, अब यूपी की काबिलियत पर कोई प्रश्न नहीं करता

 

लखनऊ, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी कहती थी, कांवड़ यात्रा में शिव भक्त आएंगे तो दंगा हो जाएगा। सपा शंख व घंटा भी नहीं बजाने देती थी। समाजवादी पार्टी की केसरिया और भगवा कपड़ों से मानो जन्मजात दुश्मनी थी। हालांकि अब कोई कांवड़ यात्रा पर रोक नहीं लगा पाएगा, अब धूमधाम से कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और शिवभक्त शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा ने जन्माष्टमी के आयोजनों पर भी रोक लगा दी थी, जिसे डबल इंजन सरकार ने फिर से शुरू कराया।

 

सीएम योगी मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश उपद्रवग्रस्त नहीं, उत्सव प्रदेश बन गया है। अब कर्फ्यू न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। 

 

उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है और उसके बाद सावन का महीना शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। पहले समाजवादी पार्टी कहती थी कि कांवड़ यात्रा नहीं होने देंगे, शिव भक्त जाएंगे तो दंगा हो जाएगा। वे शंख नहीं बजने देते थे, घंटा भी नहीं बजने देते थे। केसरिया व भगवा कपड़ों से मानो समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी थी। उन्होंने कहा, प्रदेश में डबल इंजन सरकार आते ही हमने तय किया कि धूम-धाम से कांवड़ यात्रा निकलेगी।

 

कांवड़ यात्रा पर नहीं लगने दी रोक

सीएम ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाएगा। हमारी डबल इंजन सरकार ने आते ही कहा कि हम सुविधा देंगे और अनुशासित तरीके से शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालेंगे। कांवड़िए यात्रा कर जल लेकर आएंगे और शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। 

 

सपा ने जन्माष्टमी के आयोजन पर लगा दी थी रोक

सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को अब कोई रोक नहीं सकता। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा, वृंदावन से लेकर मैनपुरी, इटावा समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में भव्यता के साथ आयोजन होते हैं। हर थाने, पुलिस लाइन, जेल में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन होता है, जिस पर पहले सपा ने रोक लगा दी थी।

 

उन्होंने कहा कि आज पर्यटन और संस्कृति विभाग के द्वारा मंदिरों के सुंदरीकरण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले ये पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए चला जाता था। अब मंदिरों के सुंदरीकरण में वही पैसा खर्च हो रहा है। सपाई विकास की योजनाओं का पैसा अपने परिवार के विकास में लगा देते थे और गरीब देखता रहता था। छात्र की छात्रवृत्ति नहीं आती थी, नौजवान की नौकरी चली जाती थी, महिला स्वावलंबन के नाम पर सुरक्षा का संकट खड़ा कर देते थे।

 

मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान

सीएम ने कहा कि आज का मैनपुरी अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत की वजह से पहचाना जा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब मैनपुरी के नाम पर लोग घबराते थे। यहां के नौजवानों को होटल में कमरे नहीं मिलते थे। दूसरे शहरों में मैनपुरी के लोगों को किराए का मकान नहीं मिलता था। आज मयन ऋषि व च्यवन ऋषि की इस धरा को डबल इंजन की सरकार ने नई पहचान दी है। आज मैनपुरी का नौजवान, किसान, व्यापारी देश के किसी कोने में जाता है तो उसे सम्मान मिलता है। यह पहचान का संकट पूर्व की सरकारों ने पैदा किया था।

 

पहले जो गरीब नौजवान पैसा नहीं दे सकता था, उसकी नौकरी नहीं लगती थी। आज डबल इंजन की सरकार में नौकरी निकलती है तो मैनपुरी व इटावा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है। बड़ी शान के साथ अपनी सेवाएं देता है, नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान भी करता है।

 

यूपी में विकास के लिए पैसों की कमी नहीं

सीएम ने कहा कि आज यूपी बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है, भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाया है। अब यूपी में पैसे की कमी नहीं है, विकास के लिए जितना पैसा चाहिए दिया जाएगा। नौजवानों के लिए नौकरी और किसानों के लिए योजनाओं की भी कमी नहीं है।

 

सीएम ने कहा कि हमने योजनाओं का लाभ बिना जातिगत के भेदभाव के दिया है। फसल ऋण माफी के जरिए 86 लाख अन्नदाता किसानों को लाभ पहुंचाया गया, किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह किसान दलित, वंचित, पिछड़ा समेत हर जाति के थे, जिन्हें लाभान्वित किया गया। एक जिला एक उत्पाद की योजना भी बिना भेदभाव के चलाई गई। मैनपुरी तारकशी कारीगरी को वैश्विक पहचान दिलाया गया। 

 

सपा के गुंडों ने बेटियों का जीना मुश्किल किया था

सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बहुत सारे संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के घर पढ़ने के लिए भेज देते थे। क्योंकि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बेटियों व उनके परिवार का जीना मुश्किल कर दिया था। व्यापारी यूपी में निवेश नहीं करना चाहता था, उसे पूंजी के साथ अपनी सुरक्षा का भी भय रहता था।

 

सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को मारी गोली

सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान को उनके मैनपुरी स्थित पेट्रोल पंप में घुसकर गोली मारी गई थी। पूर्व सरकार में व्यापारी घर से निकलता था तो शाम को परिवार का मुंह देख पाने की प्रार्थना करता था। इसी को देखते हुए भाजपा सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉरलेंस अपनाया। इटावा हो या मैनपुरी यहां के संगठित अपराध की कमर तोड़ दी। प्रदेश को माफिया मुक्त किया गया। बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अपराधियों को जेल या जहन्नुम भेज दिया गया और माफियों को मिट्टी में मिला दिया।

 

यह कार्य 2017 से पहले हो सकता था, लेकिन विकास, विरासत, उत्सवपूर्ण माहौल के लिए समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 12 बजे सोकर उठेगा, 2 बजे तैयार होगा, 5 बजे जिम जाएगा और 7 बजे अपनी महफिल में चला जाएगा, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। विकास का कोई विजन उस व्यक्ति के पास नहीं था, केवल लूट कर अपने परिवार का खजाना भरा गया। यही यूपी की दुर्गति का कारण था।

 

देश की हर समस्या का समाधान यूपी में

सीएम ने कहा कि सपा सरकार में नौकरी निकलते ही वसूली शुरू हो जाती थी। आज नियुक्ति पत्र बांटते वक्त पूछने पर मैनपुरी के युवाओं से भी पता चलता है कि उन्हें कहीं सिफारिश, वसूली या किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली है। परंपरागत उद्यम जीवित हुआ तो सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतर माहौल बना तो 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव यूपी में प्राप्त हुआ। आज यूपी के प्रति व्यक्ति की आय बढ़ी है। अब यूपी पर कोई सवाल नहीं उठाता, बल्कि देश की हर समस्या का समाधान यूपी में ढूंढता है। सीएम ने कहा कि लोग फिर जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटने आएंगे, लेकिन ये समाज और देश के दुश्मन हैं। कभी ऐसे लोगों के कारण विदेशी हमले होते थे, फिर से वैसी ही साजिश पैदा हो रही हैं। 

 

सपा को महापुरुष पसंद नहीं

सीएम ने कहा कि हम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट जोन बना रहे हैं, समाजवादी पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं था। हम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी उनके नाम पर बने हुए संस्थानों का नाम मिटाती थी। डबल इंजन सरकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही है, समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम ही हटा दिया था। इन्हें सामाजिक न्याय से जुड़े हुए पुरोधा और महापुरुष पसंद नहीं हैं। इनको केवल परिवार के नाम पर सबकुछ पसंद है। यूपी को विकसित उत्तर प्रदेश बनना है, तो मैनपुरी को विकसित बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी जिले को विकसित बनाने के लिए जरूरी है कि मैनपुरी व करहल क्षेत्र का हर विधानसभा क्षेत्र, हर विकासखंड विकसित बने और उसी की कार्ययोजना को आगे बढ़ा जा रहा है। 

 

किसानों को जरूर मिलेगी 10 घंटे बिजली

सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान को कम से कम 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। मैनपुरी के किसानों को ये जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह जुलाई के महीने में मैनपुरी इसलिए आए हैं, ताकि पानी, बरसात की स्थिति देख सकें। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर मैनपुरी जिले की सभी समस्याओं का समाधान निकालकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रही है। मैनपुरी के लोगों को कहीं भी निराश और हताश नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित यूपी के लिए मैनपुरी को भी तैयार होना है। 

 

सीएम योगी ने कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से की। इसके बाद महिलाओं को फलों की टोकरी देकर गोदभराई की रस्म और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया व उपहार भेंट किए। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर स्कूली बच्चों को स्कूल बैग व किट उपहार स्वरूप भेंट की। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए विकास से जुड़े विभिन्न मॉडलों को देखकर खुशी व्यक्त की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को देखा। सीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मिशन शक्ति समेत अन्य स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

 

इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, विधायक रामनेरश अग्निहोत्री, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, जिला अध्यक्ष ममता राजपूत, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, डीसीबी चेयरमैन नरेंद्र सिंह राठौर, मैनपुरी जिला पंचायत प्रशासक अर्चना भदौरिया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संगीता गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहें।

UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

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