NCR में दौड़ेगी नमो भारत! दिल्ली-पानीपत से जेवर एयरपोर्ट और गुरुग्राम तक बिछेगा रैपिड रेल का जाल, इन 4 नए रूट की डिटेल जानिए

NCRTC ने नमो भारत ट्रेन के संचालन के तीन साल पूरे होने पर ‘नमो भारत दिवस 2026’ मनाया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों एवं बिजली मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, NCRTC के चेयरपर्सन डी. थारा और शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह शामिल हुए। NCRTC के मैनेजिंग डायरेक्टर शलभ गोयल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस आयोजन के जरिए नमो भारत ट्रेन के तीन साल के सफर और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में इसके योगदान के बारे में चर्चा की गई। वहीं इस दौरान नमो भारत के आने वाले समय में विस्तार के बारे में भी बताया गया।

नमो भारत ट्रेन की तेज और भरोसेमंद सेवा से यात्रियों का सफर आसान हो रहा है। इसके जरिए लोग अपने दफ्तर, शिक्षण संस्थानों और कारोबार से जुड़े स्थानों तक कम परेशानी में पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका समय भी बच रहा है।

इन रूट पर चलेगी नमो भारत ट्रेन

आने वाले समय में नमो भारत नेटवर्क का और विस्तार होने की उम्मीद है। दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बहरोड़ कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिल सकती है। वहीं, गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है। वहीं नमो भारत ट्रेन की शुरुआत अक्टूबर 2023 में साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर लंबे हिस्से पर हुई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे कॉरिडोर पर सेवा शुरू की गई। 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ मेट्रो के साथ 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत कॉरिडोर को देश को समर्पित किया। फिलहाल, इस ट्रेन से हर दिन 1.1 लाख से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। हाल ही में इसने एक दिन में करीब 1.68 लाख यात्रियों के सफर का रिकॉर्ड भी बनाया है।

नमो भारत ट्रेन के तीन साल के सफर को दिखाया गया

कार्यक्रम के दौरान NCRTC ने नमो भारत ट्रेन के तीन साल के सफर और इस दौरान हासिल की गई उपलब्धियों की जानकारी दी। इसमें यात्रियों को बेहतर सुविधा देने, दूसरे परिवहन साधनों से कनेक्टिविटी बढ़ाने और स्टेशन तक पहुंचने के लिए आसान साधन उपलब्ध कराने जैसे प्रयास शामिल रहे। इसके अलावा, सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ट्रैक पर सोलर सिस्टम लगाने और 110 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित करने की योजना पर भी प्रकाश डाला गया। इन पहलों और परियोजना की अब तक की प्रगति को एक खास फिल्म के जरिए दिखाया गया, जिसमें नमो भारत सेवा को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों और नई तकनीकों की जानकारी दी गई।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! दिल्ली-आनंद विहार नहीं अब यहां से पकड़ पाएंगे पूर्वांचल की ट्रेन, जल्द बनेगा रेलवे स्टेशन

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर को लेकर बड़ी खबर आ रही है। यूपी के गौतम बुद्ध नगर में जल्द ही रेल कनेक्टिविटी का विस्तार होने वाला है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी स्टेशन (Bodaki) में बन रहा रेलवे टर्मिनल इस पूरे इलाके के लिए बड़ा परिवहन केंद्र बनने वाला है। इस परियोजना के लिए 46 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चिन्हित किया गया है। इस रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी खास बात ये है कि इस टर्मिनल को नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। इसके तैयार होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली या गाजियाबाद पर निर्भरता कम हो सकती है।

नए टर्मिनल से नोएडा-ग्रेटर नोएडा की रेल कनेक्टिविटी कई बड़े शहरों से बेहतर हो सकती है। यहां से लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता जैसे शहरों के लिए ट्रेन सेवाएं बढ़ने की संभावना है। इससे दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रेटर नोएडा में बनेगा नया टर्मिनल

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में नया रेलवे टर्मिनल बनाया जा रहा है। यह मौजूदा रेलवे हॉल्ट के पास और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से करीब 3 किलोमीटर दूर होगा। स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन तय की गई है और इसे विशेष रेलवे प्रोजेक्ट का दर्जा मिला है, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। यहां 12 प्लेटफॉर्म और 63 यार्ड व लूप लाइनें बनाई जाएंगी। इस टर्मिनल से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनों के संचालन और रखरखाव की सुविधा होगी। स्टेशन की इमारत दो मंजिला होगी, जिसमें रेलवे सुविधाओं के साथ होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं भी होंगी।

Bodaki Railway Terminal

बनाया जाएगा मेट्रो स्टेशन

बोड़ाकी टर्मिनल को सिर्फ रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक्वा लाइन के डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक करीब 2.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनाई जा रही है। इस रूट पर जनपद और बोड़ाकी स्टेशन प्रस्तावित हैं। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को भी बोड़ाकी से नमो भारत और मेट्रो के जरिए जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित करीब 72 किलोमीटर लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने की योजना है।

इस नेटवर्क से बोड़ाकी को दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर से भी जोड़ा जा सकेगा। टर्मिनल को कई बड़े एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 12.5 एकड़ में नया बस अड्डा बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन से उतरने के बाद बस और मेट्रो की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

पड़ोसी के WiFi कनेक्शन से की जेईई की तैयारी, मुंबई के स्लम में पले अभिषेक अब आईआईटी दिल्ली से कर रहे बीटेक

दिल्ली-NCR रैपिड रेल नेटवर्क से जुड़ेगा मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश ‘नमो भारत कॉरिडोर’, जानें इसका रूट और पूरा प्लान

Namo Bharat corridor: दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश की यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का डीपीआर (DPR) तैयार किया जा रहा है। इसके पूरा होने पर यह कॉरिडोर दिल्ली-एनसीआर के मौजूदा नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और रोजाना सफर करने वालों को बड़ा फायदा मिलेगा।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा का समय कम होगा। हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक तेज, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा संभव होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कहां से कहां तक बनेगा यह रूट?

यह नया कॉरिडोर करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा, जो दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आखिरी स्टेशन मोदीपुरम से आगे बढ़ाया जाएगा:-

उत्तर प्रदेश में हिस्सा: यूपी में यह 72 किलोमीटर लंबा होगा, जो मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों से होकर गुजरेगी।

उत्तराखंड में हिस्सा: उत्तराखंड में इसकी लंबाई 78 किलोमीटर होगी, जिसके तहत रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश को कवर किया जाएगा।

इन प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी रैपिड रेल

यह रैपिड रेल मोदीपुरम से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी, रुड़की, हरिद्वार में हर की पौड़ी और ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास तक जाएगी।

उत्तराखंड और यूपी सरकार मिलकर करेंगी काम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच हुई एक बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इस कॉरिडोर को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC), उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तराखंड सरकार मिलकर संयुक्त रूप से विकसित करेंगे।

काम में तेजी लाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अतिरिक्त सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं, समय पर जमीन अधिग्रहण और रूट सर्वे के लिए NCRTC और यूपी सरकार ने भी अपने तालमेल अधिकारी तैनात कर दिए हैं।

दिल्ली-NCR और पूरे नेटवर्क से कैसे जुड़ेगा यह कॉरिडोर?

यह नया रूट मोदीपुरम में पहले से बन रहे 82.15 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर से सीधे जुड़ जाएगा। इसके फायदे कुछ इस तरह होंगे:-

दिल्ली-एनसीआर से डायरेक्ट एंट्री: यात्री सीधे साहिबाबाद, दुहाई, गुलधर, आनंद विहार और सराय काले खां जैसे स्टेशनों तक आ-जा सकेंगे। नोएडा और गाजियाबाद के लोगों के लिए भी हरिद्वार-ऋषिकेश जाना बेहद आसान हो जाएगा।

सराय काले खां बनेगा महा-हब: सराय काले खां स्टेशन दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब बनने जा रहा है। यहां से यात्री दिल्ली-गुरुग्राम-शाहजहाँपुर-नीमराना-अलवर कॉरिडोर के लिए ट्रेन बदल सकेंगे। यानी उत्तराखंड से आने वाले लोग सीधे गुरुग्राम या अलवर जा पाएंगे।

पानीपत और जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी: यात्री सराय काले खां या हजरत निजामुद्दीन से दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर के लिए भी ट्रेन बदल सकेंगे। इसके अलावा, गाजियाबाद के रास्ते प्रस्तावित गाजियाबाद-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कॉरिडोर से सीधे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचा जा सकेगा।

मेट्रो और रेलवे से सीधा जुड़ाव: आनंद विहार स्टेशन पर नमो भारत नेटवर्क से उतरकर यात्री सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन, आनंद विहार रेलवे टर्मिनल और आनंद विहार ISBT (बस अड्डा) तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

इस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों (हरिद्वार-ऋषिकेश), पर्यटन केंद्रों और वाणिज्यिक (कमर्शियल) शहरों तक पहुंचना बेहद सुगम हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

ये भी पढ़ें- ₹830 की पानी पुरी और 1,270 रुपये की पाव भाजी… लंदन में Haldiram के दाम देख चौंके भारतीय! भारत से 7 गुना मिल रहा महंगा

UP Mega Infrastructure Plan: लखनऊ समेत इन 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, आउटर रिंग रोड और नमो भारत कॉरिडोर को मिली मंजूरी

UP Mega Infrastructure Plan: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर की गाड़ी तेजी से दौड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिले को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। राज्य सरकार ने एससीआर के लिए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इनमें 300 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड, 187 किलोमीटर का नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर की रिंग रेल और औद्योगिक क्लस्टर जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन योजनाओं के लागू होने से क्षेत्र में परिवहन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पूरे एससीआर को कवर करने वाली आउटर रिंग रोड के अलावा कई अहम परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। आवास विभाग की दो दिन चली बैठक में इन परियोजनाओं पर सहमति बनी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन प्रस्तावों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इन पर क्रियांवयन शुरू होगा।

300 KM आउटर रिंग रोड से छह जिलों को फायदा

स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में यूपी के 6 जिले शामिल हैं। उनमें लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल है। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ते हुए लगभग 300 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक दबाव को कम करने और आसपास के जिलों के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहला चरण: 105 किमी सड़क का निर्माण, अनुमानित लागत 2,100 करोड़ रुपये

दूसरा चरण: 195 किमी सड़क, अनुमानित लागत 3,900 करोड़ रुपये

187 KM नमो भारत कॉरिडोर

हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर कानपुर के न्यायगंज से अयोध्या तक बनाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 32,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

दो चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

पहला चरण: न्यायगंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर

दूसरा चरण: अमौसी से अयोध्या तक

कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यायगंज, उन्नाव, बशीरतगंज, नवाबगंज, बांगर, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना भी होगी विकसित

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पहला चरण: पहले चरण में 63 किलोमीटर

सेकंड चरण: दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

  • सरकार ने बहराइच (रायबरेली) और संडीला (हरदोई) में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की भी मंजूरी दी है।
  • बहराइच क्षेत्र में पहले चरण में 12,500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
  • संडीला में फूड प्रोसेसिंग, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

300 किमी आउटर रिंग रोड और रिंग रेल

बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को मंजूरी दी गई है:-

पहला चरण: 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण 2100 करोड़ रुपये की लागत से होगा।

दूसरा चरण: 195 किलोमीटर हिस्से के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

रिंग रेल परियोजना: एससीआर क्षेत्र के चारों ओर 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन विकसित की जाएगी।

औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर

इससे जुड़े अहम बैठक में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए बछरावां को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है:-

बछरावां (रायबरेली): पहले चरण में 12,500 करोड़ और दूसरे चरण में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

संडीला (हरदोई): फूड प्रोसेसिंग, पेय पदार्थ, केमिकल, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स उद्योगों के लिए पहले चरण में 6,250 करोड़ और दूसरे चरण में 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय विकास परियोजनाएं

एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के ओरिएंटेड डेवलपमेंट के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास किया जाएगा।

लॉजिस्टिक्स हब: दुबग्गा-वरुण विहार क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्री-ट्रेड, फूड चेन और लॉजिस्टिक्स हब बनेगा।

आध्यात्मिक केंद्र: नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की 750 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी।

अस्पताल और ट्रांसपोर्ट नगर: सीतापुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल तथा उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने के प्रस्तावों पर सहमति बनी है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

लखनऊ

रायबरेली

बाराबंकी

सीतापुर

उन्नाव

हरदोई

क्या होगा असर?

इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। यात्रा का समय घटेगा। औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही लखनऊ और आसपास के जिलों का समग्र आर्थिक और शहरी विकास तेज होने की उम्मीद है।

ये भी पढे़ं- आज का मौसम 11 जुलाई: दिल्ली, यूपी-बिहार संग 15 राज्यों में IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट, इन जगहों पर आएगा बवंडर