नोएडा-ग्रेटर नोएडा वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! दिल्ली-आनंद विहार नहीं अब यहां से पकड़ पाएंगे पूर्वांचल की ट्रेन, जल्द बनेगा रेलवे स्टेशन

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर को लेकर बड़ी खबर आ रही है। यूपी के गौतम बुद्ध नगर में जल्द ही रेल कनेक्टिविटी का विस्तार होने वाला है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी स्टेशन (Bodaki) में बन रहा रेलवे टर्मिनल इस पूरे इलाके के लिए बड़ा परिवहन केंद्र बनने वाला है। इस परियोजना के लिए 46 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन चिन्हित किया गया है। इस रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी खास बात ये है कि इस टर्मिनल को नमो भारत रैपिड रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा। इसके तैयार होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली या गाजियाबाद पर निर्भरता कम हो सकती है।

नए टर्मिनल से नोएडा-ग्रेटर नोएडा की रेल कनेक्टिविटी कई बड़े शहरों से बेहतर हो सकती है। यहां से लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता जैसे शहरों के लिए ट्रेन सेवाएं बढ़ने की संभावना है। इससे दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

ग्रेटर नोएडा में बनेगा नया टर्मिनल

ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी में नया रेलवे टर्मिनल बनाया जा रहा है। यह मौजूदा रेलवे हॉल्ट के पास और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से करीब 3 किलोमीटर दूर होगा। स्टेशन के लिए 46 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन तय की गई है और इसे विशेष रेलवे प्रोजेक्ट का दर्जा मिला है, ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। यहां 12 प्लेटफॉर्म और 63 यार्ड व लूप लाइनें बनाई जाएंगी। इस टर्मिनल से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनों के संचालन और रखरखाव की सुविधा होगी। स्टेशन की इमारत दो मंजिला होगी, जिसमें रेलवे सुविधाओं के साथ होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं भी होंगी।

Bodaki Railway Terminal

बनाया जाएगा मेट्रो स्टेशन

बोड़ाकी टर्मिनल को सिर्फ रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक्वा लाइन के डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक करीब 2.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनाई जा रही है। इस रूट पर जनपद और बोड़ाकी स्टेशन प्रस्तावित हैं। साथ ही जेवर एयरपोर्ट को भी बोड़ाकी से नमो भारत और मेट्रो के जरिए जोड़ने की योजना है। प्रस्तावित करीब 72 किलोमीटर लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी मिलने की योजना है।

इस नेटवर्क से बोड़ाकी को दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर से भी जोड़ा जा सकेगा। टर्मिनल को कई बड़े एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 12.5 एकड़ में नया बस अड्डा बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को ट्रेन से उतरने के बाद बस और मेट्रो की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।

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Namo Bharat Rapid Rail: क्या अब हर 3 मिनट पर मिलने जा रही है ‘नमो भारत’ रैपिड रेल? NCRTC ने बताया यात्रियों के लिए क्या है मेगा प्लान

Namo Bharat Rapid Rail: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर दौड़ने वाली नमो भारत रैपिड रेल के यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। नमो भारत नेटवर्क पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) ने भविष्य के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। पीटीआई को दिए एक खास इंटरव्यू में NCRTC के MD शलभ गोयल ने बताया कि अभी नमो भारत कॉरिडोर पर रोजाना करीब 1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं।

गोयल ने बताया कि इस समय ट्रेनें करीब 10 मिनट के गैप में चल रही हैं। लेकिन यात्रियों की डिमांड और जरूरत के हिसाब से इस फ्रीक्वेंसी को घटाकर सिर्फ 3 मिनट किया जा सकता है। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें भविष्य की जरूरतों के मुताबिक क्षमता बढ़ाने की पूरी गुंजाइश है।

जरूरत पड़ने पर हर 3 मिनट में मिलेगी नमो भारत ट्रेन

शलभ गोयल ने बताया कि NCRTC लगातार पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों की मांग का आकलन करता है और जरूरत के हिसाब से परिचालन में बदलाव करता है। उन्होंने बताया कि अभी ये ट्रेनें करीब 10 मिनट के अंतराल पर मिलती हैं। ये मौजूदा यात्रियों की संख्या के लिहाज से काफी आरामदायक है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरत के हिसाब से इन ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाकर 3 मिनट करने की पूरी फ्लेक्सिबिलिटी मौजूद है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कॉर्पोरेशन ने हाल ही में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच पीक आवर्स के दौरान 18 एक्स्ट्रॉ ट्रिप्स शुरू की हैं.

अब तक 3.5 करोड़ यात्रियों ने किया सफर, रोजाना 1 लाख का आंकड़ा

एमडी ने बताया कि इस नेटवर्क पर राइडरशिप में लगातार इजाफा हो रहा है। अभी हर दिन करीब 1 लाख यात्री इस नेटवर्क पर यात्रा कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से अब तक 3.5 करोड़ यात्री सफर कर चुके हैं। नमो भारत की 100 प्रतिशत ट्रेनसेट गुजरात के सावली में बनाई गई है। इस लिहाज से ये पूरी तरह मेक इन इंडिया हैं।

सराय काले खां में ट्रेवलेटर से 30% बढ़े यात्री

NCRTC का मुख्य फोकस नमो भारत स्टेशनों को सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों जैसे भारतीय रेलवे, मेट्रो सिस्टम, आईएसबीटी और सिटी बस सेवाओं के साथ इंटिग्रेट करने पर रहा है। मई 2026 में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले ट्रेवलेटर से लैस फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद नमो भारत स्टेशनों को फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सीधे मेट्रो स्टेशनों के साथ जोड़ा गया है। आनंद विहार रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी, दिल्ली मेट्रो और सिटी बस सेवाओं के साथ बेहतरीन इंटरचेंज की सुविधा देता है।

इन प्रयासों से इन ट्रांजिट सुविधाओं के आसपास पहले से मौजूद भीड़भाड़ और जाम की समस्या का एक सुरक्षित और लंबे समय का समाधान तो मिला ही है, व्यस्त सड़कों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही भी कम हुई है। ऐसे मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी वाले स्टेशनों का कॉरिडोर की कुल राइडरशिप में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान है।

दुनिया की पहली सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल

NCRTC ने इस कॉरिडोर में कई नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की हैं। इसमें वैश्विक स्तर पर पहली बार LTE रेडियो सिग्नलिंग टेक्नोलॉजी पर ETCS लेवल 2 हाइब्रिड लेवल 3 का इस्तेमाल किया गया है। ये भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल और बेस्ट-इन-क्लास स्टैंडर्ड पर आधारित है। इस अनुभव के दम पर अब NCRTC देश-विदेश में कहीं भी ऐसे अन्य प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के लिए पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।

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