
महात्मा गांधी को सम्मानित करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में खेला जाने वाला आगामी एकदिवसीय विश्वकप 2 अक्टूबर को शुरु हो सकता है। इस टूर्नामेंट का फाइनल 21 नवंबर को खेला जाएगा। हालांकि मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों की पुष्टि होना बाकी है।गौरतलब है कि यह विश्वकप क्रिकेट में खेला गया सर्वाधिक मैचों का विश्वकप होने जा रहा है।
इन मैदानों पर खेला जाएगा टूर्नामेंट
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने एकदिवसीय विश्वकप के लिए लोगो की घोषणा कर दी बल्कि 57 कहां कहां खेले जाएंगे इसकी घोषणा भी कर दी है। कुल 3 देश दक्षिण अफ्रीका-जिम्बाब्वे और नामिबिया देशों के 12 स्टेडियम पर मुहर लगाई गई है जिनमे से 8 दक्षिण अफ्रीका के हैं, जिम्बाब्वे के 3 और नामिबिया का एक स्टेडियम है।
CSA is expecting to start 2027 CWC on october 2 pic.twitter.com/NdqdhF9bTr
— RVCJ Media (@RVCJ_FB) August 15, 2026
दक्षिण अफ्रीका के 8 स्टेडियम और शहर इस प्रकार है। कुगोम्पो सिटी में बफौलो पार्क, केपटाउन में न्यूलैंड मैदान, जोहन्सबर्ग में वॉन्डर्स स्टेडियम, टश्वाने का सेंचुरियन, गेब्रिया का सेंट जोर्ज पार्क, ब्लोमेफोटीन का मैंगाउंग ओवल, डरबन का किंग्समीड पार्क, पार्ल का बोलैंड पार्क चुनिंदा स्टेडियमों में है जिनमें मैच खेले जाने हैं।
वहीं जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब, बुलवायो के क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब और विक्टोरिया फॉल्स के मोसी ओआ टुनिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में विश्वकप मैच खेले जाएंगे। नामिबिया का एकमात्र नामिबिया क्रिकेट ग्राउंड जो विंडहोक में स्थित है उसको चुना गया है।

इस फॉर्मेट से खेला जाएगा टूर्नामेंट
अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।
जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।

