राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन,  पेपर लीक पर लगेगी लगाम, परीक्षा व्यवस्था होगी पारदर्शी और भरोसेमंद

dropati murmu

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में शिक्षा, युवा, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए व्यापक सुधार कर रही है।

 

राष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

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पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में होंगे व्यापक सुधार

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है।उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिस पर देश के युवाओं को पूरा भरोसा हो। राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलनों और व्यवस्था में बदलाव की मांग उठती रही है।

 

युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बन रहे

 

राष्ट्रपति ने देश के युवाओं की उद्यमिता की भावना की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अब नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की संस्कृति अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार और युवा उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से देश में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार हुआ है। दुनिया की बड़ी कंपनियां भारतीय युवाओं की प्रतिभा और समर्पण से प्रभावित हैं और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां सौंप रही हैं।

 

‘खेलो इंडिया’ से तैयार हो रहा देशव्यापी स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

 

राष्ट्रपति ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को देश के भविष्य की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास में परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक खेलों का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

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ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाई भारतीय सेना की ताकत

 

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवाद के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे चाहे कहीं भी छिपें, उन्हें अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने कारगिल विजय दिवस और ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को याद किया।

 

सिंधु जल संधि निलंबन को बताया निर्णायक कदम

 

राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित, विशेष रूप से किसानों के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया।

 

नक्सलवाद का खात्मा बड़ी उपलब्धि

 

आंतरिक सुरक्षा पर राष्ट्रपति ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद देश के सामने गंभीर चुनौती रहा। उन्होंने भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।

 

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलवाद का प्रभाव था, वहां अब विकास और उत्साह का माहौल है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्थानीय लोगों की भागीदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

सारनाथ को UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश स्थल सारनाथ को इस वर्ष UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

 

उन्होंने पिछले वर्ष सूची में शामिल किए गए 12 मराठा सैन्य किलों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आध्यात्मिक विरासत और सैन्य शक्ति व दृढ़ता के ऐतिहासिक प्रतीकों को समान गर्व के साथ संजोता है।

 

विदेश नीति में शांति और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर जोर

 

विदेश नीति पर राष्ट्रपति ने कहा कि शांति, संवाद, सहयोग और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आधारशिला हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था में विश्वास करता है और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में वैश्विक समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास जारी रखेगा।

 

70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा

 

राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के साथ वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है।

 

उन्होंने बताया कि करीब 6 करोड़ 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सरकारी योजनाओं के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने और उनकी गरिमा बनाए रखने की अपील की।

 

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

 

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक मजबूती, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त युवा एवं महिलाएं इस यात्रा के प्रमुख आधार हैं।

 

उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और अस्थिरता से आर्थिक चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव मजबूत करने वाला कदम बताया।

 

25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए

 

राष्ट्रपति ने पिछले एक दशक की कल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत करीब 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। वहीं 80 करोड़ से अधिक लोगों के लिए मुफ्त राशन के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

डिजिटल इंडिया की ताकत का भी किया उल्लेख

 

राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धि पर कहा कि देश ने दुनिया का सबसे बड़ा और बेहतर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। भारत की हिस्सेदारी वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में 50 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और युवा भारत की सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं।

 

महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर

 

राष्ट्रपति के संबोधन में महिला सशक्तीकरण भी प्रमुख विषय रहा। उन्होंने कहा कि 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया गया है और अब सरकार तीन करोड़ और लखपति दीदी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

 

उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। ड्रोन दीदी से लेकर वायुसेना की फाइटर कॉम्बैट लीडर तक महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय महिलाएं लगातार नए क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने ग्लासगो में हाल में संपन्न कॉमनवेल्थ गेम्स का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक महिलाओं ने जीते।

 

लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण का जिक्र

 

राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भी महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय लोकतंत्र और ज्यादा समावेशी बनेगा।

 

पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका

 

सतत विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 के लिए निर्धारित कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तय समय से पहले हासिल किया है। उन्होंने नागरिकों से प्रकृति और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने की अपील की और ‘एक पेड़ मां के नाम’ तथा LiFE (Lifestyle for Environment) जैसे अभियानों का उल्लेख किया।

 

स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ितों को श्रद्धांजलि

 

राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता सेनानियों, महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका को याद किया। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने और विस्थापन झेलने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी। 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उन्होंने उल्लेख किया।

 

राष्ट्रपति ने तेलुगु लेखक गुरजाडा अप्पाराव की पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र केवल उसकी भूमि नहीं, बल्कि उसके सभी लोग हैं। उन्होंने देशवासियों से 2047 तक स्वतंत्र भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने में पूरी निष्ठा से योगदान देने का आह्वान किया।

कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के मुक्केबाज ने पाकिस्तानी को किया 5-0 से पस्त (Video)

 

 

भारतीय मुक्केबाज जदुमनी सिंह ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 55 किग्रा मुक्केबाजी मुकाबले में पाकिस्तानी मुक्केबाज सुमामा रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। इस एकतरफा जीत के बाद उन्होंने इस जीत को कारगिल के योद्धाओं को समर्पित किया। गौरतलब है कि यह मुकाबला रविवार को खेला गया और तारीख थी 26 जुलाई जब देश कारगिल विजय दिवस मना रहा था।

सेना के इस मुक्केबाज ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और रिंग पर नियंत्रण के दम पर प्रभावशाली जीत दर्ज की। करगिल विजय दिवस पर अपनी जीत को करगिल युद्ध के वीरों को समर्पित करने वाले जदुमणि ने एक और शानदार प्रदर्शन के बाद अपना लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जीत करगिल के वीरों को समर्पित करना चाहता हूं। मैं सभी को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं।’’ पहले दौर में जदुमणि ने अपने प्रतिद्वंद्वी को परखा, लेकिन जल्द ही उन्होंने रहमान की रणनीति समझ ली और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

उन्होंने लगातार सटीक हुक और सीधे पंच लगाए। दूसरे राउंड में उनके दायें हाथ के करारे पंच के बाद रेफरी को रहमान को स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा। अंतिम राउंड में बढ़त लगभग तय होने के बावजूद जदुमणि आत्मविश्वास के साथ रिंग में डटे रहे। उन्होंने बीच में खड़े होकर रहमान को आक्रमण के लिए आमंत्रित किया और फिर अपनी तेज गति व बेहतर मूवमेंट से जवाब दिया। जदुमणि के सामने मंगलवार को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले की चुनौती होगी। जदुमणि अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं।

PM मोदी ने गिनाई भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि और पिनाका रॉकेट सिस्टम को बताया बड़ी उपलब्धि, Mann Ki Baat में क्या बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS महेंद्रगिरि को भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

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पीएम मोदी ने कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।” प्रधानमंत्री ने भारत में विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का भी उल्लेख किया। यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक आधुनिक और सटीक निशाना लगाने वाली आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत है। पिनाका LRGR-120 की मारक क्षमता 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर तक बताई गई है।

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'खुशा मिसाइल' परीक्षण को बताया बड़ी उपलब्धि

 

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में खुशा मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को रक्षा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

 

कारगिल विजय दिवस पर जवानों को किया याद

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है और यह सशस्त्र बलों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वीर जवानों का त्याग और पराक्रम हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

Kargil Vijay Diwas: ‘लक्ष्य’ से ‘शेरशाह’ तक…, हिंदी सिनेमा ने इन फिल्मों के जरिए जवानों की बहादुरी और बलिदान को किया सलाम

Kargil Vijay Diwas: भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 का कारगिल युद्ध देश के इतिहास की एक ऐतिहासिक घटना रही है और इस पर कई भारतीय फ़िल्में और शो भी बने हैं। जहाँ आने वाली सीरीज़ ‘ऑपरेशन सफ़ेद सागर’ इस युद्ध में एयर फ़ोर्स की भूमिका को दिखाएगी, वहीं आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर हम उन प्रोजेक्ट्स पर नज़र डालते हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध की वीरता को स्क्रीन पर जीवंत किया।

Operation Safed Sagar

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक अभियान पर आधारित यह आने वाली वेब सीरीज, भारतीय वायु सेना के पायलटों के ‘गोल्डन एरोज़’ स्क्वाड्रन की कहानी बताती है। इन पायलटों ने हवाई युद्ध में शानदार काम करते हुए भारत को जीत दिलाई थी। इस सीरीज़ में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा, अर्णव भसीन, तारुक रैना, दीया मिर्ज़ा रेखी और प्राजक्ता कोली जैसे कलाकार शामिल हैं।

Shershaah

यह फ़िल्म कारगिल युद्ध में शहीद हुए और मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​ने इसमें भारतीय सेना के अफ़सर की भूमिका निभाई है। फ़िल्म में दिखाया गया है कि उन्होंने किस तरह पूरे दिल से ज़िंदगी जी और उनकी हिम्मत व मज़बूती की वजह से भारत ने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 पर कब्ज़ा किया। यह घटना युद्ध में भारत की जीत का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।

LOC Kargil

जेपी दत्ता की डायरेक्ट की गई यह फ़िल्म भारतीय सेना के सफल ‘ऑपरेशन विजय’ पर आधारित है। यह ऑपरेशन मई 1999 में कारगिल सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठ और रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्ज़े के बाद शुरू किया गया था, ताकि लाइन ऑफ़ कंट्रोल (LoC) के भारतीय हिस्से से पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ा जा सके। इस फ़िल्म में अक्षय खन्ना, सैफ अली खान, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कई कलाकार शामिल थे।

Gunjan Saxena: The Kargil Girl

इस बायोपिक ड्रामा में जाह्नवी कपूर ने इंडियन एयर फ़ोर्स की पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया है, जो कॉम्बैट ज़ोन में उड़ान भरने वाली पहली महिलाओं में से एक थीं। उन्होंने कारगिल से घायल सैनिकों को निकालने, ज़रूरी सामान पहुँचाने और निगरानी में अहम भूमिका निभाई। सक्सेना ने कारगिल से 900 से ज़्यादा सैनिकों (घायलों और मृतकों) को निकालने के ऑपरेशन में भी हिस्सा लिया।

Tango Charlie

इस फ़िल्म में बॉबी देओल ने तरुण चौहान का किरदार निभाया है। फ़िल्म में एक पैरा-मिलिट्री जवान के तौर पर तरुण के सफ़र को दिखाया गया है—कैसे वह बॉर्डर पर तैनात एक नए रिक्रूट से भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) के एक अनुभवी और मज़बूत फ़ाइटर में बदलता है। ‘टैंगो चार्ली’ के नाम से पहचाने जाने वाले तरुण को भारत के अलग-अलग इलाकों में हिंसक विद्रोहों, दंगों और आतंकवाद-विरोधी अभियानों का सामना करना पड़ता है। बाद में, इस BSF जवान और उसकी बटालियन को कारगिल भेजा जाता है।

Lakshya

ऋतिक रोशन की यह फ़िल्म करण नाम के एक ऐसे युवा की कहानी है जिसका जीवन में कोई मकसद नहीं है। वह अचानक भारतीय सेना में शामिल तो हो जाता है, लेकिन एक सैनिक की चुनौतियों का सामना करने से घबराकर पीछे हट जाता है। हालाँकि, जब इस वजह से उसकी गर्लफ्रेंड (प्रीति ज़िंटा) के साथ अनबन हो जाती है, तो वह उसे गर्व महसूस कराने के लिए सेना में दोबारा शामिल हो जाता है और कारगिल युद्ध में अपनी बटालियन के साथ ‘पॉइंट 5179’ को सुरक्षित करने के मिशन पर लड़ता है।

Kurukshetra

2006 की फ़िल्म ‘कीर्ति चक्र’ का सीक्वल और ‘मेजर महादेवन’ फ़िल्म सीरीज़ की दूसरी फ़िल्म, 2008 में रिलीज़ हुई इस मलयालम फ़िल्म में मोहनलाल ने कर्नल महादेवन का किरदार दोबारा निभाया है और इसकी कहानी कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह फ़िल्म भारतीय सेना के कर्नल महादेवन और पाकिस्तानी सेना के कर्नल चंगेज के बीच हुई टोलोलिंग की लड़ाई पर केंद्रित है।