किचन का वो ‘कचरा’ जो आपकी त्वचा और पौधों के लिए है असली सोना!

आलू की सब्जी या कोई दूसरी डिश बनाने के बाद हम उसके छिलके निकालकर सीधे डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन जिन्हें हम बेकार समझते हैं, वे घर के कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल हो सकते हैं, इन छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करके बर्तन साफ करने, पौधों की देखभाल करने और यहां तक कि खाने के लिए कुछ नया बनाने में भी काम लिया जा सकता है।

यदि आप भी घर में चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आलू के छिलकों को फेंकने से पहले एक बार जरूर सोचें। इन्हें थोड़ी मेहनत के साथ उपयोगी चीज में बदला जा सकता है और इससे किचन का कचरा भी कम होगा। आलू के छिलकों के कुछ आसान और काम के इस्तेमाल करके आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं।

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1. चेहरे की सफाई और निखार में मदद

आलू के छिलकों में कुछ एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें स्किन की देखभाल के लिए इस्तेमाल करते हैं। छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। आप चाहें तो छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे करीब 10 मिनट चेहरे पर लगाकर साफ पानी से धो लें। इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

2. बालों के लिए इस्तेमाल

आलू के छिलकों से तैयार पानी को बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलकों को करीब 1 लीटर पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर बाद नॉर्मल पानी से धो लें।

3. डार्क सर्कल और टैनिंग के लिए

आलू के छिलकों को डार्क सर्कल, झाइयों और टैनिंग के लिए घरेलू उपाय के समान इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलके के अंदर वाले हिस्से को एफेक्टेड जगह पर करीब 5 मिनट तक बहुत हल्के हाथों से लगाएं। आंखों के आसपास इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और आंखों में जाने से बचाएं। आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

4. वेट लॉस में फायदेमंद

आलू के छिलकों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इसी कारण छिलके सहित आलू को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यदि आपको कुरकुरा खाना पसंद है, तो साफ किए हुए आलू के छिलकों को हल्के मसालों के साथ बेक या रोस्ट करके स्नैक की तरह भी खा सकते हैं।

5. पौधों के लिए न्यूट्रिशन

आलू के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें अच्छी तरह साफ करके कुछ दिनों तक सुखाएं या पानी में भिगोकर इसका पानी तैयार करें। छाने हुए पानी को पौधों की मिट्टी में सीमित मात्रा में डाला जा सकता है। छिलकों को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डालने से बचें, ताकि कीड़े न लगे।

6. होम क्लीनिंग में मददगार

आलू के छिलकों से तैयार पानी का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है। छिलकों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें और फिर इसे सफाई के लिए इस्तेमाल करें। छोटे-मोटे दाग या गंदगी साफ करने में इसे आजमाया जा सकता है।

आलू के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करके स्किन, बालों, पौधों और घर की सफाई जैसे कई कामों में मदद ली जा सकती है। इसलिए अगली बार इन्हें फेंकने से पहले इनके इन आसान इस्तेमालों को जरूर आजमाएं।

मानसून में बालों का परमानेंट इलाज, बिना पार्लर जाए फ्रिजी बालों को ऐसे बनाएं शाइनी!

बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी बालों की ऊपरी परत पर असर डालती है, जिससे बाल फूले हुए और बेजान दिखने लगते हैं। ऐसे में यहां बताए गए कुछ आसान उपाय मानसून के दौरान बालों का फ्रिज कम करने और उन्हें मुलायम, चमकदार व हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:

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बारिश से बचाव

बारिश का पानी, धूल और नमी बालों को चिपचिपा और बेजान बना सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय छाता, स्कार्फ या हुड का इस्तेमाल करें। अगर बाल बारिश में भीग जाएं, तो घर आकर उन्हें साफ पानी से धो लें ताकि गंदगी स्कैल्प पर जमा न हो।

 

टॉवल का सही इस्तेमाल

बाल धोने के बाद उन्हें टॉवल से जोर-जोर से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं। इससे बाल कम टूटते हैं और फ्रिज की प्रॉब्लम भी कम होती है। हो सके तो बालों को नेचुरल तरीके से सूखने दें।

 

स्कैल्प की सफाई

मानसून में पसीना और एक्स्ट्रा तेल स्कैल्प पर जल्दी जमा हो जाता है। इसलिए अपने हेयर टाइप के अनुसार माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें और स्कैल्प को अच्छी तरह साफ रखें। इससे खुजली, डैंड्रफ और चिपचिपापन कम हो सकता है।

गीले बाल न बांधें

गीले बाल सबसे ज्यादा कमजोर होते हैं। इन्हें तुरंत टाइट पोनीटेल या जूड़े में बांधने से बाल टूट सकते हैं। पहले बालों को थोड़ा सूखने दें, फिर ढीले हेयरस्टाइल अपनाएं।

 

धीरे-धीरे सुलझाएं

बालों की उलझन हमेशा नीचे के सिरों से सुलझाना शुरू करें और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ें। चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें और गांठों को खींचने की बजाय धीरे-धीरे खोलें।

 

 

बालों को कंडीशन करें

शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाने से बाल मुलायम रहते हैं और उलझते नहीं हैं। कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं, स्कैल्प पर नहीं।

 

 

लीव-इन कंडीशनर

अगर आपके बाल बहुत ज्यादा फ्रिजी या रूखे हो जाते हैं, तो हल्का-सा लीव-इन कंडीशनर बालों की लंबाई पर लगाएं। इससे बाल लंबे समय तक स्मूद रहते हैं और नमी का असर कम होता है।

 

वीकली हेयर मास्क

मानसून में बालों को एक्स्ट्रा पोषण की जरूरत होती है। सप्ताह में एक बार मॉइस्चराइजिंग हेयर मास्क लगाने से बालों में नमी बनी रहती है और वे ज्यादा मुलायम महसूस होते हैं।

 

हीट स्टाइलिंग कम करें

बार-बार स्ट्रेटनर, कर्लर या ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल करने से बाल और ज्यादा ड्राई हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ही हीट टूल्स का इस्तेमाल करें और पहले हीट प्रोटेक्टेंट जरूर लगाएं।

 

रेगुलर ट्रिमिंग

दोमुंहे और खराब बाल पूरे हेयर लुक को खराब कर देते हैं। हर 6–8 हफ्ते में हल्की ट्रिमिंग कराने से बाल स्वस्थ दिखते हैं और उलझने की समस्या भी कम होती है।

नमी और फ्रिज

हवा में मौजूद नमी बालों के अंदर पहुंच जाती है। अगर बाल पहले से रूखे, डैमेज या ज्यादा पोर्स हों, तो वे नमी को जल्दी सोख लेते हैं। इससे बाल फूल जाते हैं, बिखरे हुए दिखते हैं और फ्रिज बढ़ जाता है। रेगुलर कंडीशनिंग और सही हेयर केयर रूटीन इस प्रॉब्लम को काफी हद तक कम कर सकता है।

 

कर्ली बालों की देखभाल

कर्ली और वेवी बाल मानसून में जल्दी फ्रिजी हो सकते हैं। इन्हें सूखे में ब्रश करने की बजाय हल्के गीले बालों पर कंडीशनर या लीव-इन प्रोडक्ट लगाकर चौड़े दांतों वाली कंघी से सुलझाएं। बाल सूखने तक उन्हें बार-बार हाथ लगाने से बचें, ताकि कर्ल्स अपनी शेप बनाए रखें।

इस तरह सही और रेगुलर हेयर केयर रूटीन अपनाकर आप पूरे मानसून में बालों को मुलायम, चमकदार, कम फ्रिजी और आसानी से मैनेज होने वाला बनाए रख सकते हैं।

शैंपू से पहले बस 1 चम्मच लगाएं ये तेल, सफेद बाल होंगे जड़ से काले!

क्या आपके बाल समय से पहले सफेद होने लगे हैं और हर शैम्पू के बाद वे ज्यादा रूखे या बेजान लगते हैं? तो एक पुराना घरेलू तरीका (remedy) फिर से आ गया है। जिसमे शैम्पू करने से पहले नारियल तेल लगाने की आदत यानी प्री-शैम्पू ऑयलिंग (pre-shampoo oiling) सफेद बालों (grey hair) को मुलायम रखने और उनकी देखभाल में फायदेमंद मानी जाती है:

Pre-Shampoo Oiling (प्री-शैम्पू ऑयलिंग)

Does Hair Oiling Help Growth? Best Oils Guide | Mudra Ayurveda

प्री-शैम्पू ऑयलिंग का मतलब है शैम्पू करने से 30 मिनट से 1 घंटे पहले बालों में हल्का गुनगुना नारियल तेल लगाना। इससे बाल धोने से पहले ही पोषण पा लेते हैं और रूखेपन से बचने में मदद मिलती है।

 

Protein Protection (प्रोटीन की सुरक्षा)

Coconut oil to Mustard oil: Can edible oils be used in a ...

शैम्पू करते समय बालों से कुछ मात्रा में प्रोटीन निकल सकता है। नारियल तेल बालों की बाहरी लेयर को सहारा देता है, जिससे प्रोटीन लॉस कम हो सकता है और बाल ज्यादा मजबूत महसूस होते हैं।

 

Softness for Grey Hair (सफेद बालों में नमी और मुलायमपन)

Oil Combination for Dry Hair: ड्राई हेयर के ...

सफेद बालों में नेचुरल तेल कम पहुंचता है, इसलिए वे जल्दी रूखे हो जाते हैं। नारियल तेल बालों को मुलायम बनाने और उन्हें संभालने में आसान बनाने में मदद करता है।

 

Split Ends Care (दोमुंहे बालों से बचाव)

Haircare: Follow These Haircare Tips To Keep Your Hair ...

बार-बार रूखे होने वाले बालों में स्प्लिट एंड्स की प्रॉब्लम बढ़ सकती है। शैम्पू से पहले तेल लगाने से बालों की नमी बनी रहती है, जिससे दोमुंहे बाल बनने का खतरा भी कम हो सकता है।

Healthy Scalp Support (स्कैल्प की देखभाल)

Blog | Hair Treatment & Styling Ideas, Hints, Information

नारियल तेल सिर्फ बालों ही नहीं, बल्कि स्कैल्प को भी हल्की नमी देता है। इससे ड्राय स्कैल्प की परेशानी कम हो सकती है और बालों की जड़ों को बेहतर देखभाल मिलती है।

 

Easy Hair Care Routine (आसान हेयर केयर रूटीन)

Natural Ways to Regrow Hair: Complete Guide to Natural Hair ...

प्री-शैम्पू ऑयलिंग को कंडीशनर के साथ अपनाने से सफेद बाल ज्यादा स्मूद, कम उलझने वाले और मैनेज करने में आसान बन सकते हैं। इसे हफ्ते में 1–2 बार रूटीन में शामिल किया जा सकता है।