पैसे टिकते नहीं तो हो रही है ये गलती, आपकी रसोई बना देगी अमीर! बस ये काम कभी न करें

रोटी हर भारतीय रसोई का सबसे जरूरी हिस्सा है। कई लोग आटा बर्बाद न हो, इसलिए पहले से तय करके गिनती के हिसाब से रोटियां बनाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोटी या अन्न का इस तरह हिसाब लगाना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि रसोई में अपनाई गई छोटी-छोटी आदतें भी घर की सुख-समृद्धि, बरकत और सकारात्मक ऊर्जा पर असर डाल सकती हैं। रोटियां गिनकर बनाने से जुड़ी मान्यताएं और रसोई के कुछ महत्वपूर्ण वास्तु नियम।

 

रोटियां गिनकर बनाना

सनातन परंपरा में अन्न को भगवान का स्वरूप और मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद माना गया है। इसलिए भोजन को सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि जीवन का आधार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना या परोसना अन्न का हिसाब लगाने जैसा माना जाता है। कहा जाता है कि इससे मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं, इसलिए भोजन का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

 

बरकत पर असर

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई घर की ऊर्जा पूरे घर को प्रभावित करती है। मान्यता है कि हर चीज का जरूरत से ज्यादा हिसाब रखा जाए, भोजन का, तो घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। इससे आर्थिक परेशानियां, धन की कमी और खर्च बढ़ने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसलिए रोटियां बनाते समय थोड़ा ज्यादा भोजन रखना शुभ माना जाता है।

 

सूर्य ग्रह का संबंध

ज्योतिष शास्त्र में गेहूं का संबंध सूर्य ग्रह से माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भोजन को गिनकर बनाने की आदत सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर कर सकती है। इसके कारण घर में तनाव, मनमुटाव और पारिवारिक मतभेद बढ़ने की संभावना बताई जाती है। हालांकि यह धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता है।

 

पहली और आखिरी रोटी

वास्तु और धार्मिक परंपरा के अनुसार रोटी बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। लेकिन आखिर में बनने वाली रोटी कुत्ते, पक्षियों या अन्य जीवों के लिए अलग रखने की परंपरा भी है। ऐसा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा व सुख-शांति बनी रहने की मान्यता है।

 

रोटी बनाने का तरीका

रोटी बनाने से पहले गर्म तवे पर पानी या दूध की कुछ बूंदें छिड़कना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही रोटियां बनाते समय साफ-सफाई, शांत मन और सकारात्मक सोच रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसे वातावरण में बना भोजन परिवार के लिए शुभ फल देता है और घर का माहौल भी अच्छा बना रहता है।

 

आटा स्टोर करना

अगर घर के लिए आटा गूंधना हो, तो रोटियों की गिनती तय करने के बजाय परिवार के सदस्यों की जरूरत का अंदाजा लगाकर आटा निकालना बेहतर माना जाता है। साथ ही 2–3 रोटियां ज्यादा बनाना भी शुभ माना जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी मेहमान, जरूरतमंद या पशु-पक्षी के लिए भोजन मिल सके।

 

बचे हुए आटे का नियम

वास्तु शास्त्र में गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि बासी आटा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसलिए जितनी जरूरत हो उतना ही आटा गूंधें और ताजा भोजन बनाने की कोशिश करें। यह धार्मिक मान्यता होने के साथ-साथ ताजा भोजन खाने की अच्छी आदत भी मानी जाती है।

खुशहाली का प्रवेश द्वार है, जानिए कैसी होनी चाहिए आपके घर की नेमप्लेट?

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर के मुख्य द्वार पर लगी नेम प्लेट को सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि सही दिशा, आकार और मटेरियल की नेम प्लेट घर में शुभता और खुशहाली लाने में सहायक होती है। इसलिए नेम प्लेट लगवाने से पहले कुछ जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है:

सही नेम प्लेट चुनना है जरूरी

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वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार, नेम प्लेट ऐसे मटेरियल से बनवानी चाहिए जो मजबूत और प्राकृतिक हो। लकड़ी (wood) या पत्थर (stone) की नेम प्लेट को शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें स्टेबिलिटी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं प्लास्टिक की नेम प्लेट लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नेम प्लेट को मेन गेट के दाईं ओर लगाना बेहतर माना जाता है।

इस बात का रखें ध्यान

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नेम प्लेट पर केवल फैमिली हेड या फैमिली मेंबर का नाम और जरूरत हो तो उनका प्रोफेशन लिखवाना सही माना जाता है। बहुत ज्यादा जानकारी लिखने से बचना चाहिए। नाम को साफ, बड़े और आसानी से पढ़े जाने वाले अक्षरों में लिखवाएं। गोल्डन या ब्रास फिनिश वाले अक्षरों का यूज शुभ माना जाता है।

यह गलती न करें

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वास्तु के अनुसार, नेम प्लेट (nameplate) ऐसी जगह लगनी चाहिए जहां वह आसानी से दिखाई दे। यदि संभव हो तो इसे मेन गेट के पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा (positive energy) के आने का रास्ता माना जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और शुभता का संचार होता है।

एक छोटा-सा उपाय

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घर की नेम प्लेट हमेशा साफ दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए नेम प्लेट के ऊपर या पास में हल्की पीली रोशनी लगाई जा सकती है। माना जाता है कि इससे घर के एंट्रेंस गेट पर पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और नेम प्लेट भी अट्रेक्टिव दिखती है।

इसे नजरअंदाज न करें

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नेम प्लेट पर धूल या गंदगी जमा नहीं होने देनी चाहिए। अगर नेम प्लेट पुरानी, टूटी या उसके अक्षर धुंधले हो जाएं, तो उसे बदल देना बेहतर माना जाता है। साफ और अच्छी स्थिति में रखी नेम प्लेट घर की सकारात्मक छवि को दर्शाती है।

ये चीजे न जोड़ें

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वास्तु मान्यताओं के अनुसार, नेम प्लेट पर देवी-देवताओं की आकृति बनवाने से बचना चाहिए। यदि शुभ प्रतीक लगाना चाहें, तो स्वास्तिक या ‘ॐ’ जैसे चिन्ह का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें शुभता और पाजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है।