अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS, विप्रो, इंफोसिस को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया, H-1B के दुरुपयोग का आरोप

ट्रंप प्रशासन ने माइक्रोसॉफ्ट, TCS और इंफोसिस समेत कई टेक कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका ने इन कंपनियों को एक इमिग्रेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन का आरोप है कि इन कंपनियों ने वर्कर वीजा सिस्टम का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को वॉशिंगटन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अमेरिका में किसी कंपनी ने इस सिस्टम का माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा गलत इस्तेमाल नहीं किया है।

Infosys, Wipro और HCL भी कार्रवाई के दायरे में

अमेरिकी श्रम सचिव Keith Sonderling ने बताया कि Microsoft के अलावा कई दूसरी टेक कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें Cognizant Technology Solutions, Infosys, TCS, Wipro, HCL Technologies और Capgemini शामिल हैं।

Sonderling ने कहा कि इस मामले में कई संघीय जांच चल रही हैं। जिस प्रोग्राम पर कार्रवाई हुई है, वह अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड स्पॉन्सर करने में मदद करता है।

ट्रंप प्रशासन क्यों सख्त हुआ?

ट्रंप प्रशासन लंबे समय से इमिग्रेशन सिस्टम पर सख्ती की बात करता रहा है। अब कानूनी और गैर-कानूनी दोनों रास्तों से होने वाले प्रवासन पर कार्रवाई बढ़ाई जा रही है।

H-1B वीजा प्रोग्राम भी लंबे समय से ट्रंप के समर्थकों के निशाने पर है। उनका कहना है कि इस प्रोग्राम से अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार के अवसर प्रभावित होते हैं।

ट्रंप समर्थक यह भी आरोप लगाते रहे हैं कि H-1B सिस्टम में बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल होता है। इसी वजह से यह प्रोग्राम अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी की बहस में लगातार बना हुआ है।

कंपनियों के लिए क्या मतलब है?

इस फैसले से सबसे बड़ी चिंता विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका में लंबे समय तक रखने की प्रक्रिया को लेकर है। ग्रीन कार्ड स्पॉन्सरिंग पर असर पड़ने से कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों की लॉन्ग टर्म प्लानिंग मुश्किल हो सकती है।

इसका असर खासकर उन भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका अमेरिकी कारोबार बड़ा है और जो बड़ी संख्या में भारतीय टेक प्रोफेशनल्स को अमेरिका में भेजती हैं। हालांकि, इस फैसले का वास्तविक वित्तीय असर कितना होगा, यह आगे होने वाली संघीय जांच और सरकार के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: एक्शन पैक्ड रहेगा 15 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता, NSE IPO समेत 11 नए इश्यू; साथ में 19 लिस्टिंग

15 सितंबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से ब्लॉकबस्टर रहने वाला है। नए हफ्ते में NSE IPO, Hero Motors IPO समेत 11 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 8 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर शेयर बाजार बंद है। स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 19 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 11 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Vama Wovenfab IPO: ₹49.54 करोड़ का इश्यू 15 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 17 सितंबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। प्राइस बैंड ₹324-₹341 प्रति शेयर और लॉट साइज 400 शेयर है। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 22 सितंबर को होगी।

Shakti Polytarp IPO: ₹26.93 करोड़ का इश्यू 15 सितंबर को खुलेगा और 17 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹56-₹59 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 22 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Quanto Agroworld IPO: कंपनी का इरादा ₹31.02 करोड़ जुटाने का है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹67 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2000 शेयर है। यह IPO भी 15 सितंबर को खुलने वाला है। 17 सितंबर को क्लोजिंग होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 22 सितंबर को हो सकती है।

SS Retail IPO: यह इश्यू 16 सितंबर को खुल रहा है। साइज ₹500 करोड़ है। प्राइस बैंड ₹403-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। IPO 18 सितंबर को बंद होगा। उसके बाद शेयर NSE और BSE पर 23 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Jindal Supreme IPO: ₹124.88 करोड़ का इश्यू 16 सितंबर को खुल रहा है और 18 सितंबर को बंद होगा। बोली ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 161 शेयरों के लॉट में लगेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 23 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Hero Motors IPO: कंपनी ₹1,000 करोड़ जुटाना चाहती है। यह भी 16 सितंबर को खुल रहा है। इसमें 18 सितंबर तक ₹79-₹84 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में बोली लगा सकेंगे। लॉट साइज 178 शेयर है। क्लोजिंग के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 23 सितंबर को होने वाली है।

NSE IPO: इस IPO का लंबे वक्त से इंतजार हो रहा है। ₹22,561.57 करोड़ का इश्यू 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785 प्रति शेयर और लॉट साइज 8 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग BSE पर 24 सितंबर को हो सकती है।

SpectraA Technology Solutions IPO: कंपनी का इरादा ₹42.52 करोड़ जुटाने का है। यह इश्यू 17 सितंबर को खुलने वाला है। प्राइस बैंड ₹112-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। उसके बाद शेयर NSE SME पर 24 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Kheria Autocomp IPO: यह ₹46.44 करोड़ का है। इसकी भी ओपनिंग 17 सितंबर को और क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। इसमें ₹96-₹101 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकेंगे।शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 24 सितंबर को होगी।

Sonaselection India IPO: ₹141.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 150 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी। कंपनी के NSE और BSE पर 24 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Axiom Gas Engineering IPO: ₹49.81 करोड़ का इश्यू 18 सितंबर को खुलकर 22 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर है। लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 25 सितंबर को होने वाली है।

Sonaselection India IPO: 17 सितंबर को ओपनिंग, ₹142 करोड़ का है इश्यू; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 15 सितंबर को NSE और BSE पर Pranav Constructions की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Apana Logistics की लिस्टिंग होने वाली है। 16 सितंबर को NSE और BSE पर Kanohar Electricals, Prasol Chemicals, Glass Wall Systems के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को NSE और BSE पर Rentomojo, Asset Reconstruction, Manipal Payment & Identity Solutions, Steamhouse India, Karamtara Engineering और LCC Projects लिस्ट हो सकती हैं। इसी दिन BSE SME पर Infrax Renewable, Amtech Esters और NSE SME पर Vinod Texworld के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं।

18 सितंबर को NSE और BSE पर Veegaland Developers के लिस्ट होने की उम्मीद है। इसी दिन BSE SME पर Panchatv Bharat, Om Galaxy, Maharaja & Speedex और Raksan Transformers के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Returns: इस साल 5 छोटे IPO ने किया बड़ा धमाका, 149% तक चढ़े स्टॉक्स

IPO Returns: 2026 में कई छोटे IPO ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि इनमें से हर कंपनी का इश्यू साइज 1,000 करोड़ रुपये से कम था। Prime Database के 18 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, ये पांच IPO लिस्टिंग के बाद 50% से 149% तक चढ़ चुके हैं।

Omnitech Engineering

राजकोट की Omnitech Engineering इस लिस्ट में सबसे आगे है। कंपनी एनर्जी, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और ऑटोमेशन सेक्टर के लिए हाई-प्रिसिजन इंजीनियर्ड कंपोनेंट बनाती है। कंपनी ने 583 करोड़ रुपये का IPO लाया था। मार्च 2026 में इसकी लिस्टिंग हुई और तब से शेयर करीब 149% चढ़ चुका है।

GSP Crop Science

अहमदाबाद की GSP Crop Science फसल सुरक्षा से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। इसमें कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक और बायोपेस्टिसाइड शामिल हैं। कंपनी ने 400 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसके शेयर अब तक करीब 85% का रिटर्न दे चुके हैं।

OnEMI Technology

मुंबई की OnEMI Technology Solutions डिजिटल लेंडिंग और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म चलाती है। इसका IPO 926 करोड़ रुपये का था। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 78% ऊपर है।

Gaudium IVF

दिल्ली की Gaudium IVF and Women Health महिलाओं की प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं देती है। कंपनी IVF, ICSI और IUI जैसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स में काम करती है। कंपनी ने 165 करोड़ रुपये का IPO लाया था। अब तक इसका शेयर करीब 53% चढ़ चुका है।

Laser Power & Infra

कोलकाता की Laser Power & Infra पावर केबल, कंडक्टर और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम करती है। इसने 742 करोड़ रुपये जुटाए थे। लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 52% का रिटर्न दे चुका है।

एक ही दिन में 137% उछला फार्मा स्टॉक, कंपनी को कैंसर थेरेपी के ट्रायल में मिली बड़ी कामयाबी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mercedes-Benz CTO Jörg Burzer on India R&D and future product development

Mercedes-Benz CTO Jorg Burzer

Mercedes-Benz’s Research and Development centre in Bengaluru has evolved from a hardware-focused engineering hub into one of the company’s key global R&D centres, with teams working across software, ADAS, electric powertrains and physical vehicle development. In this interview, Jörg Burzer, Member of the Board and Chief Technology Officer, Development & Procurement at Mercedes-Benz Group AG, discusses the centre’s expanding capabilities, the role of AI in vehicle development, the future of autonomous driving, and why he believes every Mercedes-Benz has “a bit of India” in it.

A lot of global auto OEMs have large R&D centres in India. Beyond cost, what are the benefits of having such large setups in India

Yes, it’s not only cost; you see, the competence level is so high. If you look at our centre, we will be celebrating its 30th anniversary here in India, and over these years, it has only grown in size and capability. We started with hardware, but now it’s massively into software, infotainment and autonomous driving. The team in India is contributing heavily on ADAS, for instance, and we are working on Level 3 and Level 4 with the team in India. So, all in all, I would say it’s competence, speed and agility that are good here. 

Is the Mercedes development centre mainly a digital unit, or is physical development also being undertaken here?

Oh certainly, we have lots of hardware development. There are many test benches, and you’ll see lots of physical testing and development taking place here. Even beyond powertrain, there’s a lot of physical development taking place along with our vendors here too. And then, on electric vehicles, we’re working on the powertrains and batteries too. And yes, on the digital side, there’s lots of AI work, not just on the product, but also on process development. So yes, the centre is a full-scope R&D centre, a blend of the digital and physical. For example, we do a lot of work on the simulation of sheet metal forming and welding here. 

Besides engineering, does the India centre also do design and styling work for your products?

On the design side, at Mercedes, we have this philosophy that we are creating a global product, and so we have a global design. This might change a little bit – obviously, we are adapting our design, which might be enriched by certain market trends – but for us, it’s very important that it is a global design, so we have one design hat. So, our styling team is based in Germany, where we have our design centre, and that’s important for us to maintain the global approach. 

Software is today a leveller, even phone manufacturers can make a car today. Do you view this as a threat? 

I see this as an opportunity because, for instance, you can develop a software stack for ADAS, but at the end you have to apply it to hardware. One interesting bit, to my knowledge, is that we are the only OEM doing a Level 2++ ADAS with a combustion engine, otherwise you only see this on EVs. To do this in a combustion engine environment, you know, with things like a transmission, it’s more complicated, so that’s where our expertise in traditional technologies, along with our developments in software, has an advantage. And of course, we have tremendous respect for our competitors and we are seeing what they are doing, but for me, I think if you do this mix right, you will be at the forefront of development.

Past Mercedes cars stood for robust engineering. What do you think a Mercedes 10 years from now would be all about? 

Obviously there will be tech, but there will be more. I can give you a good example, one of the most important characteristics and values of a Mercedes-Benz is safety. We do plenty of crash tests every year for our cars that we launch, plus there’s a lot that we are doing with autonomous driving too, for instance, what we are doing with Nvidia. And here we have a lot of redundancy. We have a traditional software stack with massive amounts of info like what is a stop sign in every different market, for example. But there’s an end-to-end stack where the software is trained by the behaviour of the driver in traffic, but what we are doing is we have both stacks, so if the end-to-end system does not know what to do, then it can fall back to the classic system. So, we create a safety environment, where we know there is always a solution. 

On redundancy, what is your view of a wide sensor stack like radars, lidars and cameras, or is AI with cameras only fine? 

We are using AI, yes, but we have radars too. We have to use AI to create efficiency in the simulation and training, but you have to also think about the sensor set, and for me, I am convinced you have to have a multiple sensor set, not just one type. So, like on the S Class, we have multiple cameras, radars and ultrasonic sensors too. 

Does the India R&D centre develop products or platforms independently of headquarters, or is it more synergetic?  

For us, it’s very important that we do everything as a team. So, for me personally, it’s very important to have a global perspective in R&D because the innovations and technology solutions are so complex that you can only master them as a team. There are a lot of competencies, but there is not one single team in the world that can say, ‘I am the one that can create a platform.’ It’s always teamwork, and if you look at all industries, automotive engineering is the ultimate for teamwork. So for us, R&D is one big team. And with regards to the India centre, I love to say that in each and every Mercedes, there is a bit of India in it.
 

Samsung ‘इंडिया इनोवेशन कॉन्टेस्ट’ की टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये देगी, जानिए कॉन्टेस्ट की जरूरी बातें

सैमसंग अपनी इनोवेशन और एजुकेशन प्रतियोगिता के अगले चरण में भारत में 100 टीमों का चुनाव करेगी। इस प्रतियोगिता का नाम ‘सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो’ है। इस प्रतियोगिता की टॉप 4 टीमों को 2 करोड़ रुपये का इनक्यूबेशन ग्रांट मिलेगा। यह प्रतियोगिता पूरे देश में आयोजित होगी। सैमसंग दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है।

सैमसंग ने 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए

Samsung ने इस साल 184 डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप आयोजित किए। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर त्रिपुरा के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के हजारों स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिए। सैमसंग ने बताया कि डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स देश के 135 शहरों में आयोजित किए गए। इससे यह देश के सबसे बड़े ग्रॉसरूट इनोवेशन प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया है।

सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो में 100 टॉप टीमें चुनी जाएंगी

डिजाइन थिंकिंग वर्कशॉप्स अब पूरा हो चुका है। सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो अगले चरण में प्रवेश कर गया है। इसमें पार्टिसिपेंट्स की तरफ से सब्मिट किए गए आइडिया के आधार पर टॉप 100 टीमें चुनी जाएंगी। उसके बाद टीमों को मेन्टॉरशिप, एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी सहायता दी जाएगी। यह जानकारी कंपनी ने दी है। टॉप चार टीमों को 2 करोड़ रुपये की इनक्यूबेशन ग्रांट दी जाएगी।

टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट भी मिलेगा

इनक्यूबेशन ग्रांट के अलावा टॉप 4 टीमों को मेन्टॉरशिप और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट सपोर्ट मिलेगा। यह सपोर्ट FITT-IIT देगा। सैमसंग के साऊथवेस्ट एशिया के कॉर्पोरेट वाइस प्रसिडेंट एस पी चुन ने कहा कि हम सैमसंग सॉल्व फॉर टुमॉरो के जरिए देशभर के युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने में मदद कर रहे हैं।

देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि युवाओं के माइंडसेट डेवलप करने के लिए टेक्नोलॉजी के साथ थिंकिंग को प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए उन्हें अपनी कम्युनिटी से जुड़ी चुनौतियों को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि यह इस प्रोग्राम का पांचवां साल है। इसके जरिए देश के हर कोने से इनोवेटिव आइडिया के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें 14 से 22 साल की उम्र के युवा हिस्सा लेते हैं।