नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ में तरनतारन जिले के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें गांव रत्तोके के रहने वाले शमशेर सिंह संधू और उनके दो रिश्तेदार शामिल हैं। शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे। उनके साथ ही उनका साला भुपिंदर सिंह और एक अन्य साले का बेटा रशपाल सिंह नेपाल में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान तीनों का संपर्क अचानक से टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह के मुताबिक, शमशेर सिंह से 25 अगस्त को वॉट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया। लगातार फोन और संपर्क की कोशिश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत ने डीसी से लगाई मदद की गुहार मामले को लेकर गांव की पंचायत भी सक्रिय हो गई है। गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने पंचायत की ओर से तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। पंचायत ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। पंचायत की मांग है कि नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों के जरिए लापता लोगों की स्थिति का पता लगाया जाए और अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो उनके परिवार तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जाए। मैप में देखिए कहां टूटा ग्लेशियर नेपाल में आई बाढ़ के बारे में जानिए… नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो 3 पॉइंट में जानिए नेपाल के हालात ************ ये खबर भी पढ़ें: पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री: ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।(पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। जब निकालने का कारण पूछा तो बताया गया कि होटल का ड्रेस कोड है, यहां पगड़ी की इजाजत नहीं है। इनसे रिफंड मांगा तो पैसा रिफंड नहीं किया गया। जसप्रीत ने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। होटल मैनजमेंट ने कहा कि बुकिंग से पहले ही हमने अपनी वेबसाइट पर मेंशन किया है कि पगड़ी वालों के लिए होटल, रेस्टोरेंट और बार बुक नहीं होगा। 5 पॉइंट में जानें जसप्रीत ने क्या कहा.. होटल की वेबसाइट पर ड्रेस कोड का जिक्र
कूल मामा होटल ने अपनी वेबसाइट पर स्काई रेस्तरां और ब्रेकफास्ट के लिए ड्रेस कोड और कुछ सख्त नियम बताए हैं। होटल प्रबंधन के मुताबिक, रेस्तरां के शांत और खास माहौल को बनाए रखने के लिए मेहमानों से शालीन और उपयुक्त पहनावा रखने की उम्मीद की जाती है।
Stocks to Watch: शुक्रवार, 28 अगस्त के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं AI से जुड़ा बड़ा अपडेट है। कहीं ब्लॉक डील और ऑर्डर की खबर है। वहीं कुछ कंपनियों में निवेश और मैनेजमेंट से जुड़े अहम अपडेट आए हैं।
Adani Power
पावर कंपनी Adani Power ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Chandenvalle Infra Park में पूरी हिस्सेदारी बेचने का समझौता किया है। यह हिस्सेदारी AdaniConneX Private Limited को बेची जाएगी। डील की वैल्यू करीब ₹535.69 करोड़ है। अंतिम रकम क्लोजिंग डेट के बदलावों पर निर्भर करेगी।
New India Assurance Company
सरकारी इंश्योरेंस कंपनी New India Assurance Company को ₹781.39 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला है। इसमें ₹59.63 करोड़ का ब्याज भी शामिल है। यह रिफंड असेसमेंट ईयर 2022-23 से जुड़ा है। इनकम टैक्स विभाग ने शिकायत के समाधान के बाद यह रकम जारी की है।
Lenskart
आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक Alphawave करीब 1.2% हिस्सेदारी बेच सकता है। डील का आकार करीब ₹1,313 करोड़ है। फ्लोर प्राइस ₹630 प्रति शेयर रखा गया है, जो मौजूदा भाव से करीब 1.7% कम है।
NBCC (India)
सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC को पांच नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनकी कुल वैल्यू ₹134.27 करोड़ है। इसमें स्कूल कैंपस, एजुकेशन सेंटर और Canara Bank की बिल्डिंग से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। ऑर्डर में तीन केंद्रीय विद्यालयों के प्रोजेक्ट भी हैं।
Wipro
आईटी सर्विसेज कंपनी Wipro ने Google Cloud के साथ अपनी पार्टनरशिप बढ़ाई है। इसका मकसद Gemini Enterprise और AI को बड़े स्तर पर अपनाना है। Wipro अपने कारोबार में भी Gemini Enterprise का इस्तेमाल करेगी। साथ ही 10,000 से ज्यादा AI सर्टिफाइड विशेषज्ञों को इस टेक्नोलॉजी के लिए तैयार किया जाएगा।
Life Insurance Corporation of India
सरकारी इंश्योरेंस कंपनी LIC ने Bajaj Finance के NCD में ₹5,000 करोड़ का निवेश किया है। LIC ने ₹1 लाख फेस वैल्यू वाले 5 लाख NCD खरीदे हैं। यह निवेश कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है। NCD यानी नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर एक तरह का डेट इंस्ट्रूमेंट है।
RPP Infra Projects
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RPP Infra Projects को बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में प्रस्तावित Global Sports City प्रोजेक्ट को नए सिरे से तैयार करने का फैसला किया है। इसके चलते कंपनी का ₹205.89 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है।
Bharat Petroleum Corporation
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी Bharat Petroleum Corporation (BPCL) के चेयरमैन और MD संजय खन्ना ने कहा कि एनर्जी सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को E10 पेट्रोल का विकल्प दिया जा सकता है। लेकिन, E20 को बंद नहीं किया जाएगा।
Zee Entertainment Enterprises
मीडिया कंपनी Zee Entertainment Enterprises से जुड़ा अहम अपडेट आया है। NCLT ने सुभाष चंद्रा की पर्सनल इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया में प्रस्तावित रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी है। HDFC Bank इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील करने के विकल्प पर विचार कर रहा है।
RVNL
सरकारी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RVNL ने राकेश भल्ला को दोबारा Additional Director नियुक्त किया है। उन्हें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी दोबारा नियुक्ति 25 अगस्त 2026 से प्रभावी है। इससे पहले उन्हें 13 अगस्त को इस पद पर नियुक्त किया गया था।
पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल देने पर विचार, E20 को हटाने का कोई प्लान नहीं: BPCL
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Augmont Enterprises IPO Allotment: बुलियन और गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का ऑपरेट करने वाली कंपनी ऑगमोंट एंटरप्राइज के ₹825 करोड़ के आईपीओ का आज, 27 अगस्त को अलॉटमेंट होना है। इस इश्यू को निवेशकों से बंपर रिस्पांस मिला था और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक यह आईपीओ कुल 105.78 गुना सब्सक्राइब हुआ है।
कैसा रहा सब्सक्रिप्शन?
कंपनी के ऑफर पर मौजूद 77.15 लाख (77,15,999) शेयरों के मुकाबले कुल 81.61 करोड़ (81,61,83,836) शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई थीं:
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): इस कैटेगरी में सबसे तगड़ा रिस्पॉन्स देखने को मिला और यह हिस्सा 226.96 गुना भरा।
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): एनआईआई कैटेगरी में आईपीओ 121.47 गुना सब्सक्राइब हुआ।
रिटेल निवेशक: रिटेल निवेशकों का हिस्सा 30.98 गुना भरा है।
अलॉटमेंट, रिफंड और लिस्टिंग की तारीखें
अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख: 27 अगस्त 2026
रिफंड और शेयर क्रेडिट की तारीख: 28 अगस्त 2026
शेयर लिस्टिंग की तारीख: 31 अगस्त 2026 (BSE और NSE पर)
कैसी रहा है वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 53.3% बढ़कर ₹348.3 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹227.2 करोड़ था। कंपनी का कुल राजस्व 42.2% बढ़कर ₹94,186.2 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹620 करोड़ में से ₹465 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए करेगी, जो इसके विशाल बुलियन ट्रेडिंग बिजनेस के संचालन के लिए बेहद जरूरी है।
GMP से 40% लिस्टिंग गेन का संकेत
ग्रे मार्केट प्रीमियम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘InvestorGain’ के मुताबिक, 27 अगस्त को ऑगमोंट एंटरप्राइज के शेयर ₹315 के जीएमपी पर ट्रेड कर रहे हैं। ₹788 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से शेयर ग्रे मार्केट में ₹1,103 पर लिस्ट होने का इशारा दे रहा है, जो करीब 39.97% (करीब 40%) के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।
इन 3 तरीकों से आसानी से चेक करें स्टेटस
अगर आपने भी इस आईपीओ में बोली लगाई है, तो आप अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होते ही रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) या बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं:
1. रजिस्ट्रार (MUFG Intime India) के जरिए स्टेटस देखें:
- सबसे पहले रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट
- ड्रॉपडाउन सूची में से Augmont Enterprises IPO चुनें।
- खोज विकल्प चुनें (PAN नंबर, Application Number या DP ID/Client ID)।
- आवश्यक विवरण दर्ज करें और स्टेटस देखने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।
2. BSE की वेबसाइट से अलॉटमेंट चेक करने का तरीका:
- BSE के ऑफिशियल अलॉटमेंट पेज
- ‘Issue Type’ में Equity का विकल्प चुनें।
- ‘Issue Name’ की सूची से Augmont Enterprises सिलेक्ट करें।
- अपना एप्लीकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
- ‘I am not a robot’ पर टिक करें और Search पर क्लिक करें।
3. NSE की वेबसाइट के जरिए:
- NSE के आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पोर्टल पर जाएं।
- ‘Equity & SME IPO’ का चयन करें।
- ऑगमोंट एंटरप्राइज का चुनाव कर आवश्यक एप्लीकेशन डिटेल्स भरकर स्टेटस जांचें।
अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं की है, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन बचे हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल करने से लेट फीस और बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज से बच सकते हैं।
अगर 31 अगस्त तक रिटर्न नहीं भर पाए, तो भी मामला खत्म नहीं होगा। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी पड़ सकती है। साथ ही, कुछ मामलों में टैक्स लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी छूट सकता है।
31 अगस्त की डेडलाइन उन कुछ टैक्सपेयर्स पर लागू होती है, जिन्हें ITR-3, ITR-4, ITR-5 या ITR-7 दाखिल करना है। इसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से आय है, लेकिन उनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है।
31 अगस्त की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?
डेडलाइन निकल जाने का मतलब यह नहीं है कि अब ITR नहीं भर सकते। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, अगर उससे पहले आपका असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो उसके बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता।
देरी से ITR भरने पर लेट फीस भी लगती है। अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से ज्यादा है, तो ₹5,000 तक की लेट फीस लग सकती है। वहीं ₹5 लाख तक की कुल आय वालों के लिए यह फीस ₹1,000 है।
अगर आपका टैक्स भी बकाया है, तो उस पर 1% प्रति महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए ब्याज लग सकता है। यह ब्याज इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234A के तहत लगता है।
क्या देर से ITR भरने पर रिफंड मिलेगा?
हां, सिर्फ डेडलाइन चूकने से आपका टैक्स रिफंड खत्म नहीं हो जाता। अगर आपको रिफंड मिलना है, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करके उसे क्लेम कर सकते हैं।
लेकिन रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे वेरिफाई करना जरूरी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ई-वेरिफिकेशन के लिए 30 दिन का समय दिया है। रिटर्न वेरिफाई होने के बाद ही रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
नुकसान को आगे एडजस्ट करने में दिक्कत
डेडलाइन के बाद ITR भरने का एक बड़ा नुकसान हो सकता है। यह लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने से जुड़ा है। मान लीजिए आपको बिजनेस, शेयर बाजार या F&O ट्रेडिंग में नुकसान हुआ है। आप इस नुकसान को आने वाले वर्षों की कमाई से एडजस्ट करके टैक्स बचा सकते हैं। लेकिन अगर आपने ITR समय पर दाखिल नहीं किया, तो कुछ तरह के नुकसान को आगे ले जाने का फायदा नहीं मिल सकता।
यानी सिर्फ लेट फीस का मामला नहीं है। देर से ITR भरने पर भविष्य में टैक्स बचाने का मौका भी जा सकता है।
ITR में गलती हो गई तो क्या करें?
अगर ITR दाखिल करने के बाद आपको कोई गलती दिखती है या कोई जानकारी छूट गई है, तो आप धारा 139(5) के तहत रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आम तौर पर रिवाइज्ड रिटर्न 31 मार्च 2027 तक दाखिल की जा सकती है। हालांकि, अगर उससे पहले असेसमेंट पूरा हो जाता है, तो यह सुविधा खत्म हो सकती है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर पुरानी रिटर्न की जगह नई रिटर्न मानी जाती है। इसे भी दोबारा वेरिफाई करना पड़ता है।
लेकिन एक बात ध्यान रखें। देर से ITR भरने की वजह से जो टैक्स लाभ पहले ही खो चुके हैं, रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से वे वापस नहीं मिलते। इसमें कुछ तरह के लॉस को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी शामिल है।
Pension Scheme: अटल पेंशन योजना या PM मानधन, किस स्कीम में ज्यादा फायदा?
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
चीनी वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म Bilibili अपने घरेलू बाजार से बाहर तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में एक खास कमाई के आंकड़े ने दुनिया भर के क्रिएटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। X पर RT की एक पोस्ट के अनुसार, Bilibili क्रिएटर्स को हर 1,000 व्यूज के लिए लगभग $0.70 (करीब 60 रुपये) का भुगतान कर रहा है। अगर यह दावा सही है, तो यह कदम प्लेटफॉर्म को कंटेंट क्रिएटर्स को आकर्षित करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर YouTube को टक्कर दे रहा है। हालांकि, कंपनी ने खुद इस पेमेंट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Bilibili की रिपोर्टेड पेमेंट
यह जानकारी RT के जरिए सामने आई, जिसने Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम पर चर्चा करते हुए यह आंकड़ा बताया। अगर यह सही है, तो एक मिलियन व्यूज पाने वाले क्रिएटर्स टैक्स और प्लेटफॉर्म के किसी भी एडजस्टमेंट से पहले लगभग $700 कमा सकते हैं। हालांकि, Bilibili के ऑफिशियल क्रिएटर प्रोग्राम डॉक्यूमेंटेशन में किसी तय CPM या RPM का जिक्र नहीं है।
इसके बजाय, प्लेटफॉर्म का कहना है कि कमाई ऑडियंस की लोकेशन, एडवर्टाइजर की डिमांड, कंटेंट कैटेगरी और मॉनेटाइजेशन प्रोडक्ट्स जैसी चीजों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसमें यह भी बताया गया है कि अनुमानित रेवेन्यू को इनवैलिड ट्रैफिक, रिफंड, फ्रॉड का पता लगाने, टैक्स और पॉलिसी लागू करने के आधार पर एडजस्ट किया जा सकता है।
मॉनेटाइजेशन के लिए जरूरी शर्तें
Bilibili के क्रिएटर प्रोग्राम की पॉलिसी के अनुसार, मॉनेटाइजेशन के लिए अप्लाई करने से पहले क्रिएटर्स के पास कम से कम 100 सब्सक्राइबर और 2,000 वैलिड पब्लिक व्यूज होने चाहिए। हालांकि, इन शर्तों को पूरा करने के बाद भी मोनेटाइजेशन मिलना तय नहीं है। क्योंकि प्लेटफॉर्म हर चैनल की जांच करता है। इसमें कंटेंट ओरिजिनल है या नहीं, कॉपीराइट नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन तो नहीं हुआ और अकाउंट की स्थिति जैसी चीजें देखी जाती हैं।
यह प्लेटफॉर्म खरीदे गए व्यूज, फेक सब्सक्राइबर, ऑटोमेटेड एंगेजमेंट और दूसरे तरह के बनावटी ट्रैफिक पर भी रोक लगाता है। इसके अलावा, क्रिएटर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा अपलोड किए गए सभी कंटेंट के मालिकाना हक उनके पास हों या उन्हें उस कंटेंट से कमाई करने की अनुमति मिली हो।
Bilibili का ग्लोबल विस्तार जारी है
यह पेमेंट की जानकारी तब सामने आई है जब Bilibili अपने इंटरनेशनल प्लान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। सेमाफोर (Semafor) की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपना इंटरनेशनल ऐप फिर से लॉन्च किया है। इसके अलावा, वह इंग्लिश भाषा की वेबसाइट बना रही है और अमेरिका, यूरोप, जापान और लैटिन अमेरिका जैसे मार्केट में कम्युनिटी मैनेजर की भर्ती शुरू कर दी है।
बता दें कि Bilibili खुद को ऐसे क्रिएटर्स के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर भी पेश कर रही है, जो नए ऑडियंस तक पहुंचना चाहते हैं और साथ ही कमाई का नए जरिया बनाना चाहते हैं। विज्ञापन के अलावा, कंपनी एक मार्केटप्लेस भी बना रही है जो स्पॉन्सरशिप के मौकों के लिए क्रिएटर्स को ब्रांड्स से जोड़ेगा।
हालांकि, प्रति 1,000 व्यूज पर $0.70 के पेमेंट की जानकारी ने काफी दिलचस्पी पैदा की है, लेकिन क्रिएटर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि Bilibili ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्ड पेमेंट रेट की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म की पब्लिश्ड पॉलिसी में सिर्फ यह बताया गया है कि कमाई कई बातों पर निर्भर करेगी और जैसे-जैसे इसका ग्लोबल क्रिएटर इकोसिस्टम विकसित होगा, इसमें बदलाव हो सकता है।
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Home Loan Hidden Charges: नया घर खरीदने के लिए होम लोन लेते समय ज्यादातर लोग सिर्फ बैंक की ब्याज दरों की तुलना करते हैं। लेकिन सच यह है कि लोन लेने का कुल खर्च सिर्फ ब्याज तक सीमित नहीं होता।
बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (HFCs) आपकी लोन एप्लिकेशन की जांच और प्रोसेसिंग के नाम पर एक अच्छी-खासी रकम ‘प्रोसेसिंग फीस’ और अन्य चार्जेस के रूप में वसूलती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, लोन लेने से पहले इन सभी खर्चों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में कोई छिपा हुआ खर्च आपकी जेब पर भारी न पड़े।
1. क्या होती है होम लोन प्रोसेसिंग फीस?
प्रोसेसिंग फीस वह प्रशासनिक शुल्क है, जो बैंक आपके लोन आवेदन की क्रेडिट जांच, दस्तावेजों के वेरिफिकेशन और अन्य कागजी कार्रवाई के लिए लेता है। यह फीस हर बैंक में अलग-अलग होती है। कुछ बैंक एक तय राशि वसूलते हैं, तो कुछ लोन राशि का 0.25% से लेकर 2% तक चार्ज करते हैं। त्योहारों या विशेष स्कीम के दौरान बैंक इस फीस पर पूरी या आंशिक छूट भी देते हैं।
2. लोन रिजेक्ट होने पर क्या प्रोसेसिंग फीस वापस मिलती है?
अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर लोन मंजूर नहीं हुआ, तो बैंक फीस वापस कर देगा लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता। रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार, बैंकों को आवेदन के समय ही साफ-साफ बताना होगा कि लोन रिजेक्ट या डिसबर्स न होने की स्थिति में प्रोसेसिंग फीस का कितना हिस्सा रिफंडेबल है। एप्लिकेशन फीस देने से पहले बैंक अधिकारी से रिफंड पॉलिसी लिखित में जरूर समझ लें।
3. प्रोसेसिंग फीस के अलावा ये ‘अतिरिक्त खर्च’ भी समझें
केवल प्रोसेसिंग फीस देखकर किसी लोन को सस्ता न समझें। इसके साथ कई अन्य अपफ्रंट खर्च भी जुड़ते हैं:
लीगल और टाइटिल फीस: प्रॉपर्टी के मालिकाना हक और कानूनी जांच के लिए।
टेक्निकल और वैल्युएशन चार्ज: प्रॉपर्टी की बाजार में सही कीमत और निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए।
डॉक्यूमेंटेशन फीस: एग्रीमेंट और स्टांप ड्यूटी से जुड़े खर्च।
इस बात का ध्यान दें कि जिस बैंक की प्रोसेसिंग फीस कम दिख रही हो, हो सकता है कि उसके लीगल या टेक्निकल चार्जेस दूसरे बैंकों से ज्यादा हों!
4. केवल ब्याज दर नहीं, ‘ऑल-इन कॉस्ट’ की तुलना करें
दो बैंकों के लोन की तुलना करते समय सिर्फ विज्ञापनों में दिख रही ब्याज दर न देखें।RBI के आदेशानुसार, बैंक को लोन एग्रीमेंट से पहले ग्राहक को ‘की फैक्ट्स स्टेटमेंट’ (KFS) देना अनिवार्य है। इसमें लोन की असली कुल लागत यानी Annual Percentage Rate (APR) लिखा होता है। स्मार्ट तरीका ये है कि दो लोन की तुलना करते समय ब्याज दर + प्रोसेसिंग फीस + अन्य सभी चार्ज को जोड़कर ही फैसला लें।
5. क्या प्रोसेसिंग फीस कम या माफ कराई जा सकती है?
जी हां! बैंक अक्सर ग्राहकों के क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर फीस में मोलभाव की गुंजाइश रखते हैं। अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक है और आपकी जॉब प्रोफाइल स्थिर है, तो आप बैंक से फीस माफ करने या घटाने की मांग कर सकते हैं। बैंक प्रतिनिधि या एजेंट द्वारा दी गई किसी भी छूट या छूट के मौखिक वादे पर भरोसा न करें, इसे आधिकारिक ईमेल या लेटर हेड पर लिखित रूप में ही लें।
6. पेमेंट करने से पहले एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ें
आवेदन जमा करने से पहले बैंक से फीस की पूरी सूची मांगें। अगर लोन मंजूर होने के बाद कोई ऐसा चार्ज जोड़ा जाता है जिसका खुलासा पहले नहीं किया गया था, तो आप बैंक से जवाब मांग सकते हैं। RBI के नियमों के अनुसार, बिना पूर्व जानकारी के ग्राहकों पर नए चार्ज थोपना अनुचित व्यापार प्रथा के अंतर्गत आता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
सोचिए, आपने अपनी पसंद का पिज्जा ऑर्डर किया हो, उसकी पूरी कीमत चुकाई हो और डिलीवरी का इंतजार भी किया हो। लेकिन जब डिब्बा खुले तो सामने आया पिज्जा उम्मीद से काफी छोटा हो। उत्तराखंड के एक ग्राहक के साथ कुछ ऐसा ही हुआ, जब उसने 10 इंच का पिज्जा मंगाया, लेकिन उसे कथित तौर पर 7 इंच का पिज्जा मिला। आमतौर पर ऐसी स्थिति में लोग शिकायत करके या रिफंड मांगकर मामला खत्म कर देते हैं। लेकिन इस ग्राहक ने इसे सिर्फ छोटी सी गलती मानकर छोड़ने के बजाय अपनी शिकायत को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
उसने पहले संबंधित प्लेटफॉर्म पर मामला उठाया और जब बात नहीं बनी तो उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामला वहां पहुंचने के बाद सिर्फ पिज्जा के साइज का विवाद नहीं रहा, बल्कि ग्राहक के अधिकार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के मुताबिक सामान मिलने की जिम्मेदारी का सवाल भी बन गया। अब इस मामले में आयोग का फैसला चर्चा में है।
रिफंड नहीं मिला तो बढ़ाया मामला
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से दो पिज्जा ऑर्डर किए थे। इनकी कुल कीमत ₹505 थी और ऐप पर पिज्जा का साइज 10 इंच बताया गया था। डिलीवरी मिलने के बाद ग्राहक ने पिज्जा का साइज देखा तो उसे वह काफी छोटा लगा। उसका आरोप था कि पिज्जा सिर्फ 7 इंच का था। उसने तुरंत ऐप के ग्राहक सहायता केंद्र पर शिकायत की और रिफंड की मांग की। शिकायत के बावजूद जब मामला हल नहीं हुआ, तो उसने आगे शिकायत करने का फैसला किया।
हेल्पलाइन से लेकर उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा
ग्राहक ने पहले राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उसने सीपीजीआरएएमएस के जरिए भी शिकायत की और संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भेजा।
जब इन कोशिशों के बाद भी रिफंड नहीं मिला, तो उसने हरिद्वार जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में मामला दर्ज करा दिया।
डिलीवरी प्लेटफॉर्म ने दी ये दलील
सुनवाई के दौरान ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ने कहा कि वह सिर्फ ग्राहक और रेस्टोरेंट के बीच एक माध्यम है। कंपनी के मुताबिक, पिज्जा बनाने, पैक करने और बेचने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है।वहीं, संबंधित रेस्टोरेंट ने मामले में अपना जवाब दाखिल नहीं किया। इसके बाद आयोग ने उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की।
आयोग ने कंपनी की दलील नहीं मानी
आयोग ने शिकायतकर्ता और डिलीवरी प्लेटफॉर्म की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों और हलफनामों की जांच की। इसमें पाया गया कि ग्राहक को मिला पिज्जा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बताए गए साइज से अलग था। आयोग ने यह भी माना कि शिकायत करने के बाद ग्राहक को रिफंड नहीं दिया गया। डिलीवरी प्लेटफॉर्म का यह कहना कि वह सिर्फ एक माध्यम है, आयोग को स्वीकार नहीं हुआ।
आयोग के अनुसार, ग्राहक का ऑर्डर स्वीकार करने, रेस्टोरेंट से तालमेल करने और उसे ग्राहक तक पहुंचाने में प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इसलिए वह पूरी सेवा प्रक्रिया का हिस्सा है।
3 इंच छोटे पिज्जा को माना सेवा में कमी
आयोग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जिस साइज का पिज्जा दिखाया गया था, ग्राहक को उसके मुताबिक पिज्जा नहीं मिला। 10 इंच की जगह 7 इंच का पिज्जा देना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया। मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता और सदस्य डॉ. अमरेश रावत व रंजना गोयल ने की।
₹505 के ऑर्डर पर मिलेंगे ₹10,520
ग्राहक ने पिज्जा के लिए ₹505 और ₹15 डिलीवरी शुल्क का भुगतान किया था। लेकिन आयोग के आदेश के बाद उसे सिर्फ पिज्जा की रकम वापस नहीं मिलेगी। आयोग ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और रेस्टोरेंट को संयुक्त रूप से ₹10,520 देने का आदेश दिया है। यह रकम 45 दिनों के भीतर देनी होगी।
इसमें ₹520 पिज्जा और डिलीवरी शुल्क के लिए, ₹5,000 मानसिक और शारीरिक परेशानी के मुआवजे के तौर पर और ₹5,000 मुकदमे के खर्च के रूप में शामिल हैं।
यानी 10 इंच के पिज्जा की जगह 7 इंच का पिज्जा मिलने से शुरू हुआ विवाद आखिरकार ग्राहक को मूल ऑर्डर की कीमत से 20 गुना से भी ज्यादा रकम मिलने के आदेश तक पहुंच गया।
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IRCTC ने श्रद्धालुओं के लिए एक खास टूर पैकेज पेश किया है। इस पैकेज के जरिए ट्रैवलर को महाराष्ट्र के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यह पैकेज आपके लिए सुविधाजनक है, क्योंकि इसमें यात्रा के दौरान टिकट, होटल और आने-जाने की व्यवस्था को लेकर आपको अलग से ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी होगी। मतलब एक ही पैकेज में यात्रा और दर्शन से जुड़ी कई सुविधाएं मिलेंगी।
ट्रैवल शेड्यूल

यह टूर कुल 5 दिन और 4 रातों का है। जर्नी हर गुरुवार को शुरू होगी और सोमवार को वापस लौटेंगे। सफर पुष्पक एक्सप्रेस (12533/12534) से होगा। पैसेंजर कानपुर सेंट्रल, उन्नाव, ऐशबाग, बादशाह नगर या गोमती नगर से ट्रेन पकड़ सकते हैं। गुरुवार शाम ट्रेन से निकलने के बाद रातभर सफर रहेगा और शुक्रवार दोपहर करीब 4:15 बजे मनमाड स्टेशन पहुंचेंगे।
दर्शनीय तीर्थ स्थल

मनमाड स्टेशन पहुंचने के बाद IRCTC की एसी गाड़ी पैसेंजर को शिरडी के होटल तक लेकर जाएगी। होटल में आराम करने के बाद शाम को साईं बाबा के दर्शन के लिए समय मिलेगा। शनिवार सुबह नाश्ते के बाद त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और शनि शिंगणापुर मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। दर्शन के बाद वापस शिरडी के होटल में लौटकर आराम किया जा सकेगा। लेकिन दोपहर के खाने का खर्च पैसेंजर को खुद उठाना होगा।
पैकेज फैसिलिटीज
पैकेज में 2AC या थर्ड इकोनॉमी में आने-जाने का कन्फर्म ट्रेन टिकट शामिल है। शिरडी में दो रात होटल में ठहरने के साथ दोनों दिन सुबह का नाश्ता भी मिलेगा। स्टेशन से होटल और मंदिरों तक आने-जाने के लिए शेयरिंग बेस पर एसी गाड़ी की सुविधा रहेगी। पैसेंजर की सुरक्षा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस भी पैकेज में शामिल है। पैकेज की शुरुआती कीमत करीब ₹14,145 से ₹14,910 के बीच है।
कैंसिलेशन पॉलिसी
यात्रा से 15 दिन पहले टिकट कैंसिल करने पर सिर्फ ₹250 काटे जाएंगे। 8 से 14 दिन पहले कैंसिल करने पर कुल राशि का 25 प्रतिशत और 4 से 7 दिन पहले कैंसिल करने पर 50 प्रतिशत राशि काटी जाएगी। यदि ट्रिप में 4 दिन से कम समय बचा है, तो कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। बुकिंग के लिए IRCTC Tourism की ऑफिशल वेबसाइट irctctourism.com पर जाकर सीट बुक की जा सकती है।
शिरडी, त्र्यंबकेश्वर और शनि शिंगणापुर जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन करने के लिए यह टूर पैकेज परफेक्ट है। ट्रेन यात्रा, होटल, नाश्ता और घूमने की सुविधा एक ही पैकेज में मिलने से यात्रा की प्लानिंग आसान हो जाती है।
देश में सावन मास के दूसरे सोमवार यानि कि 10 अगस्त को सोने की कीमत में गिरावट है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत गिरकर 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मुंबई में कीमत घटकर 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। अन्य शहरों में भी सोने का भाव गिरा है। बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 8180 रुपये तक बढ़ी। वहीं 22 कैरेट गोल्ड 7600 रुपये तक महंगा हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,336.02 डॉलर प्रति औंस पर है।
देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट
दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152540 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139840 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 151630 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139000 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 139640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
| शहर | 22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) | 24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) |
| दिल्ली | 139840 | 152540 |
| मुंबई | 139640 | 152340 |
| अहमदाबाद | 139740 | 152440 |
| चेन्नई | 138990 | 151630 |
| कोलकाता | 139640 | 152340 |
| हैदराबाद | 139640 | 152340 |
| जयपुर | 139840 | 152540 |
| भोपाल | 139740 | 152440 |
| लखनऊ | 139840 | 152540 |
| चंडीगढ़ | 139840 | 152540 |
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चांदी की कीमत
सोने की तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट दिख रही है। 10 अगस्त की सुबह कीमत 244900 रुपये प्रति किलोग्राम है। बीते सप्ताह में चांदी का भाव 10000 रुपये बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.29 डॉलर प्रति औंस पर है।

