Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

IndiGo Q1 Results: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation को जून 2026 तिमाही में 382 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 2,161 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। महंगा जेट फ्यूल, रुपये में कमजोरी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव इसका बड़ा कारण रहे।

रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन खर्च ज्यादा

जून तिमाही में इंडिगो का रेवेन्यू 20% बढ़कर 24,584 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 20,496 करोड़ रुपये था। लेकिन खर्च 35.1% बढ़ गया। सबसे ज्यादा असर जेट फ्यूल पर पड़ा। विमान ईंधन का खर्च 86% उछलकर 10,830 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी वजह से कंपनी मुनाफे से घाटे में चली गई।

ऑपरेशन में क्या रहा?

जून तिमाही में इंडिगो की क्षमता (ASK) 2.9% बढ़कर 43.5 अरब रही। यात्रियों की संख्या 0.7% बढ़कर 3.13 करोड़ हो गई। वहीं Yield 21.3% बढ़कर 6.04 रुपये रही। हालांकि Load Factor 1.3 प्रतिशत अंक घटकर 83.3% पर आ गया।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 52,885 करोड़ रुपये का कुल कैश था। इसमें 39,039 करोड़ रुपये फ्री कैश और 13,846 करोड़ रुपये प्रतिबंधित (Restricted) कैश शामिल था। यानी नकदी के मोर्चे पर कंपनी की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में IndiGo ने कहा कि महंगा ईंधन, रुपये की कमजोरी और पश्चिम एशिया का संघर्ष इस तिमाही में मुनाफे पर भारी पड़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल भाटिया ने कहा कि तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। ईंधन की कीमतें ऊंची रहीं और मध्य-पूर्व में उड़ानों पर भी असर पड़ा। इसके बावजूद यात्रियों की मांग मजबूत बनी रही। बेहतर किरायों की वजह से रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी हुई। इस दौरान IndiGo ने 3.13 करोड़ यात्रियों को सफर कराया।

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल लागत पर नियंत्रण और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने पर फोकस कर रही है। हालांकि महंगे ईंधन और रुपये में कमजोरी की वजह से अकेले इस तिमाही में करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

इंडिगो के लिए आगे क्या?

इंडिगो का कहना है कि भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा पर अभी भी असर बना हुआ है। दूसरी तिमाही में मांग भी सामान्य से कमजोर रहने की उम्मीद है। इसलिए Q2FY27 में कंपनी की क्षमता पिछले साल के मुकाबले लगभग बराबर रह सकती है।

हालांकि IndiGo को उम्मीद है कि इसके बाद हालात सुधरेंगे। जैसे-जैसे यात्रा की मांग बढ़ेगी, विमानों का इस्तेमाल भी धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।

इंडिगो का शेयर गुरुवार को नतीजे आने से पहले 1.70% की गिरावट के साथ 5,030 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 14.70% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।