Infosys अक्तूबर और जनवरी में बढ़ाएगी एंप्लॉयीज की सैलरी, इस साल करेगी 20000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस इस साल अक्तूबर में एंप्लॉयीज की सैलरी बढ़ाएगी। ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी अक्तूबर में बढ़ेगी। बाकी एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी। कंपनी के सीईओ सलील पारेख ने 23 जुलाई को यह बताया। कंपनी ने गुरुवार को ही जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी

पारेख ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ज्यादातर एंप्लॉयीज की सैलरी में वृद्धि अक्तूबर में हो जाएगी। सीनियर एंप्लॉयीज की सैलरी जनवरी में बढ़ेगी।” कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 12.2 फीसदी बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान रेवेन्यू 14 फीसदी बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक घटाया

कंपनी ने FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ का आउटलुक 3 फीसदी से घटाकर 1.5 फीसदी कर दिया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 24 जुलाई को इसके शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का असर दिखेगा। इंफोसिस देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी ने 23 जुलाई को नए सीईओ के नाम का भी ऐलान किया। मौजूदा सीईओ सलील पारेख का कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को खत्म हो रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने की 4000 फ्रेशर्स की भर्ती

इंफोसिस ने कहा कि वह इस वित्त वर्ष (2026-27) के दौरान 20,000 फ्रेशर्स की भर्ती करेगी। उसने बताया कि जून तिमाही में उसने 4,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती की। बीते 12 महीनों में कंपनी के एंप्लॉयीज का एट्रिशन रेट (नौकरी छोड़ने की दर) बढ़कर 13 फीसदी हो गया। जून तिमाही में यह 12.6 फीसदी था। 30 जून को कंपनी में एंप्लॉयीज की कुल संख्या 3,28,062 थी। यह मार्च के अंत में 3,28,594 से थोड़ा कम है।

यह भी पढ़ें: Infosys के सीईओ सलील पारेख पद छोड़ेंगे, आशीष कुमार दास होंगे नए सीईओ

इस साल अब तक 35 फीसदी फिसला है

इंफोसिस का शेयर 23 जुलाई को 0.076 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 1,052.90 रुपये पर बंद हुआ। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। इस दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 25 फीसदी गिरा है। बीते छह महीनों में भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिखा है। इसकी वजह एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के नए एआई टूल्स हैं। 23 जुलाई को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरकर बंद हुए।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

IndiGo Q1 Results: इंडिगो को ₹382 करोड़ का घाटा, ईरान युद्ध से लगा बड़ा झटका

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।