Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा एलेक्सी ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग स्थिर रहा। हालांकि, रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बढ़ोतरी हुई। कंपनी को ऑटोमोबाइल, मीडिया और हेल्थकेयर कारोबार से सपोर्ट मिला। इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट मिलने से भी कारोबार को मजबूती मिली।

नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट

सितंबर तिमाही में टाटा एलेक्सी का नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। जून तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। यानी मुनाफे में मामूली गिरावट आई।

वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। जून तिमाही में यह ₹1,021.1 करोड़ था। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर रेवेन्यू में 2.3% की बढ़ोतरी हुई।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट और मार्जिन में सुधार

टाटा एलेक्सी का EBIT यानी ब्याज और टैक्स से पहले का मुनाफा 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह ₹193.7 करोड़ था।

इसके साथ ही EBIT मार्जिन भी बढ़ा। जून तिमाही में यह 18.97% था, जो सितंबर तिमाही में बढ़कर 19.68% हो गया।

तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़ोतरी

टाटा एलेक्सी के तीनों प्रमुख कारोबार में पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़त दर्ज की गई। कॉन्स्टेंट करेंसी के आधार पर ट्रांसपोर्टेशन रेवेन्यू 2% बढ़ा। मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 3.4% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज कारोबार का रेवेन्यू 3.5% बढ़ा।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनोज राघवन ने कहा कि तीनों प्रमुख कारोबार में बढ़त दर्ज की गई है।

ऑटोमोबाइल कारोबार में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में ट्रांसपोर्टेशन की हिस्सेदारी 55% से ज्यादा है। इस सेगमेंट में कंपनी को एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता से कई साल का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।

इसके तहत कंपनी क्लाउड बेस्ड टेलीमैटिक्स और कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम डेवलप करेगी। इसके अलावा, टाटा एलेक्सी ने सरला एविएशन के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। कंपनी इलेक्ट्रिक विमान ‘शून्य’ के विकास में मदद करेगी। यह विमान वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग यानी eVTOL टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

मीडिया कारोबार में AI प्रोजेक्ट मिला

टाटा एलेक्सी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विसेज कारोबार में मीडिया और कम्युनिकेशन की हिस्सेदारी 33.6% है। इस कारोबार को नए प्रोजेक्ट और पुराने कॉन्ट्रैक्ट पर काम बढ़ने से फायदा हुआ।

कंपनी को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से जेनरेटिव AI बेस्ड वर्चुअल असिस्टेंट बनाने का प्रोजेक्ट मिला है। यह असिस्टेंट कई भाषाओं में काम करेगा। इसका मकसद दुनिया भर के यूजर्स को बेहतर डिजिटल अनुभव देना है।

ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से बढ़ा EBITDA मार्जिन

टाटा एलेक्सी के CEO मनोज राघवन ने कहा कि कामकाज को बेहतर बनाने पर फोकस से मुनाफे में सुधार हुआ है। इस दौरान कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी में भी बदलाव किए थे।

इसके बावजूद कंपनी का EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 70 बेसिस पॉइंट बढ़ा। कंपनी के मुताबिक, ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर होने से मार्जिन को सपोर्ट मिला।

Tata Elxsi के शेयरों का हाल

नतीजों की घोषणा से पहले मंगलवार को NSE पर टाटा एलेक्सी के शेयर 5.21% की तेजी के साथ ₹3,426.70 पर बंद हुए।

टाटा एलेक्सी ऑटोमोबाइल, मीडिया, कम्युनिकेशन और हेल्थकेयर कंपनियों को डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवाएं देती है। कंपनी प्रोडक्ट, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाएं विकसित करने में मदद करती है

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

15 बार रिजेक्ट होने के बाद भी नहीं मानी हार…फिर ऐसे मिली 1.1 करोड़ की जॉब, वायरल हो रही सफलता की कहानी

सोशल मीडिया पर कभी ना हार मानने वाली एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। लगातार 15 बार रिजेक्शन मिलने के बावजूद एक युवक ने अमेजन में नौकरी पाने की कोशिश नहीं छोड़ी। लगातार 15 बार रिजेक्शन मिलने के बावजूद एक युवक ने अमेजन में नौकरी पाने की कोशिश नहीं छोड़ी। भोपाल के लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले इस युवक ने कंपनी में नौकरी के लिए बार-बार आवेदन किया। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और उसे अमेजन जर्मनी में काम करने का मौका मिल गया। कंपनी ने उसे करीब 1.1 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज ऑफर किया है। उनकी यह कहानी अब सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गंतव्य मालवीय की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट के मुताबिक, गंतव्य मालवीय ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई नहीं की थी, लेकिन इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने प्रोग्रामिंग और डेटा स्ट्रक्चर-एल्गोरिदम जैसी जरूरी स्किल्स सीखीं। इसके साथ ही उन्होंने मशीन लर्निंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर भी काम किया। अपनी जानकारी को मजबूत करने के लिए उन्होंने अलग-अलग प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के जरिए प्रैक्टिकल अनुभव हासिल किया।

लगातार करते रहे प्रयास

गंतव्य मालवीय अमेजन की नौकरी पाने के लिए लगातार कंपनी के करियर पेज पर नजर रखते थे और अपनी योग्यता के मुताबिक अलग-अलग पदों के लिए आवेदन करते रहे। शुरुआत में उन्हें 15 बार निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने कोशिश जारी रखी। आखिरकार उन्हें अमेजन जर्मनी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद के लिए चुना गया। LNCT के अनुसार, उन्हें करीब 1.10 करोड़ रुपये का पैकेज मिला। मालवीय अगस्त 2023 से अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं। उनके लिए यह नौकरी करियर की एक नई शुरुआत साबित हुई।

नई नौकरी की ज्वांइन

X पर हाल ही में एक पोस्ट में मालवीय ने बताया कि वह Amazon छोड़कर Taxfix में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का अगला कदम बताया। मालवीय ने पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वह कंपनी के लोगो वाला सिपर पकड़े नजर आए। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “नई शुरुआत।”गंतव्य मालवीय की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। नौकरी के लिए कई बार असफल होने के बावजूद उन्होंने अपनी कोशिश जारी रखी और आखिरकार जर्मनी में टेक सेक्टर में अच्छा अवसर हासिल किया। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने उनके जज्बे और लगातार मेहनत करने की तारीफ की। यूजर्स का कहना है कि सफलता देर से मिले, लेकिन अगर कोशिश जारी रहे तो लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

लोगों ने किया रिएक्ट

एक यूजर ने मालवीय की कहानी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “₹1.1 करोड़ का पैकेज शानदार है, लेकिन इससे भी बड़ी सीख उनकी पूरी प्रक्रिया से मिलती है। उन्होंने समय रहते तैयारी शुरू की, जरूरी स्किल्स पर काम किया, इंटर्नशिप की और अलग-अलग जगहों पर लगातार आवेदन करते रहे। 15 बार रिजेक्शन मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार उन्हें मौका मिल गया।” वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “15 रिजेक्शन के बाद आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “15 बार रिजेक्शन के बाद भी Amazon Germany में अपनी जगह बनाना वाकई उनकी लगन को दिखाता है।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Bill Gates AI Warning: AI की रफ्तार देख सन्न रह गए बिल गेट्स! नौकरियों को लेकर दे दी ये बड़ी चेतावनी

Bill Gates AI Warning: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अब तक की सबसे बड़ी चेतावनी दी है। एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि AI की तरक्की जिस तेज रफ्तार से हो रही है, वह उनकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा आगे निकल चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि अगर सरकारों और टेक कंपनियों ने समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए, तो दुनिया को बड़े पैमाने पर नौकरियों के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

‘मैं खुद हैरान हूं’: कोडिंग में AI ने दी मात

‘द न्यू यॉर्क टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाले बिल गेट्स ने स्वीकार किया कि Anthropic के Claude जैसे AI टूल्स की क्षमताओं ने उन्हें पूरी तरह चौंका दिया है।

गेट्स ने कहा, ‘यह विचार कि अब ये AI टूल्स कई मामलों में मुझसे भी बेहतर काम कर रहे हैं, यह मेरे लिए हैरान कर देने वाला है।’

गेट्स के मुताबिक, AI क्रांति पुरानी औद्योगिक या डिजिटल क्रांतियों से बिल्कुल अलग है। पहले की तकनीकों ने पुरानी नौकरियां खत्म करके नए रोजगार पैदा किए थे, लेकिन AI जिस पैमाने पर इंसानों को रिप्लेस कर रहा है, उससे दूसरे क्षेत्रों में नई नौकरियां बच पाना मुश्किल होगा।

टेक कंपनियां क्यों छुपा रही हैं AI का असली खतरा?

गेट्स ने टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियां भारी फंड जुटाने के चक्कर में इसके खतरों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘प्राइवेट में AI समझने वाले लोग बेहद डरे हुए हैं। लेकिन कोई खुलकर नहीं बोल रहा क्योंकि इससे अगली ट्रिलियन डॉलर की फंडिंग रुकने का डर है।’

कंपनियां बिना किसी सुरक्षा मानकों के सिर्फ इस उम्मीद में आगे बढ़ रही हैं कि AI का अच्छा पहलू इसके बुरे असर को ढक लेगा।

गेट्स ने क्या सुझाया AI का समाधान?

AI के बढ़ते खतरे से आम जनता और नौकरियों को बचाने के लिए बिल गेट्स ने दो प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं:

AI Tax: कंपनियों द्वारा इंसानों की जगह AI का इस्तेमाल करने पर टैक्स लगाया जाना चाहिए। इस टैक्स से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल नौकरियां गंवाने वाले लोगों की मदद के लिए किया जाए।

‘Human Reserved’ जॉब्स: कुछ संवेदनशील पेशों (जैसे- केयरगिविंग, नर्सिंग और व्यक्तिगत देखभाल) को पूरी तरह ‘ह्यूमन रिजर्व्ड’ घोषित किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में AI के प्रवेश पर बैन रहे और इंसानी नौकरियां सुरक्षित रहें।

जैविक हथियारों का बड़ा खतरा

नौकरियों के अलावा, बिल गेट्स ने एडवांस AI से उत्पन्न होने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों पर भी चिंता जताई। गेट्स ने चेतावनी दी कि अगर AI का इस्तेमाल नए मॉलिक्यूल्स या खतरनाक बायोलॉजिकल हथियार बनाने में किया गया, तो यह तबाही ला सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त समझौते और मैंडेटरी रिव्यू की मांग की है, ताकि AI का दुरुपयोग बायो-टेररिज्म के लिए न हो सके।

बिल गेट्स का मानना है कि AI सुरक्षा का मुद्दा अब वैश्विक स्वास्थ्य जितना ही गंभीर हो चुका है और वे इसे दुनिया भर के नेताओं के सामने उठाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि इनोवेशन हमेशा सही हो ऐसा जरूरी नहीं, और फिलहाल AI जिस दिशा में जा रहा है, वह एक बड़ी चेतावनी है।

iPhone 18 से पहले Apple का बड़ा सरप्राइज! Mac Mini M6 और Mac Studio M5 Ultra भारत में लॉन्च, जानें कीमत

सितंबर में होने वाले लोकप्रीय iPhone 18 लॉन्च इवेंट से पहले, Apple ने मंगलवार को अचानक भारत में अपने नए Mac mini और Mac Studio मॉडल लॉन्च कर दिए। कंपनी ने बिना किसी बड़े ऐलान के इन नए Mac मॉडल्स को पेश किया है। नया Mac mini बिल्कुल नए M6 और M5 Pro चिप्स से लैस है, जबकि नया Mac Studio M5 Max बिल्कुल नए M5 Ultra के साथ आता है।

Apple ने अपने बयान में बताया कि नए Mac में AI पर भी खास फोकस किया गया है। कंपनी के मुताबिक, ये डिवाइस AI डेवलपमेंट, वीडियो एडिटिंग, गेम डेवलपमेंट और दूसरे प्रोफेशनल काम जैसे भारी टास्क को पहले के मुकाबले ज्यादा आसानी से संभाल सकते हैं।

M6 और M5 Pro वाले Apple Mac mini की भारत में कीमत

भारत में M6 चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 99,900 रुपये है। वहीं, छात्रों के लिए इसकी कीमत 88,990 रुपये से शुरू होती है। इसके अलावा, M5 Pro चिप वाले Mac mini की शुरुआती कीमत 2,09,900 रुपये रखी गई है। एजुकेशन प्राइस की बात करें तो इसे 1,97,900 रुपये में खरीदा जा सकता है।

ये दोनों मॉडल Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 के साथ आते हैं। इनमें अपग्रेडेड 2.5Gb ईथरनेट भी है, और 10Gb ईथरनेट का ऑप्शन भी उपलब्ध है।

M6 चिप वाले नए Mac mini के बारे में दावा किया गया है कि यह पिछली जनरेशन की तुलना में 4 गुना तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तेज ग्राफिक्स और 2 गुना तेज स्टोरेज देता है। Apple का यह भी कहना है कि CPU परफॉर्मेंस 40% तक तेज है।

M5 Max और M5 Ultra के साथ Apple Mac Studio

क्यूपर्टिनो की टेक कंपनी ने प्रोफेशनल यूजर्स के लिए अपना नया Mac Studio पेश किया है। यह M5 Max और M5 Ultra चिप्स के साथ आता है और इसे AI, वीडियो प्रोडक्शन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और दूसरे मुश्किल कामों में लगे यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है।

Apple का दावा है कि नया Mac Studio 4.3 गुना तक तेज AI परफॉर्मेंस, 2 गुना तक तेज स्टोरेज, 1.8 गुना तेज ग्राफिक्स और 1.3 गुना तेज CPU परफॉर्मेंस दे सकता है।

भारत में M5 Max वाले Mac Studio की शुरुआती कीमत ₹2,79,900 है, जबकि M5 Ultra मॉडल की शुरुआती कीमत ₹6,29,900 है।

फीचर्स की बात करें तो Mac Studio में 6 Thunderbolt 5 पोर्ट तक दिए गए हैं। यह एक साथ 8 डिस्प्ले तक सपोर्ट कर सकता है। इसमें Wi-Fi 7 और Bluetooth 6 का भी सपोर्ट मिलता है।

Apple M6 और M5 Ultra चिप्स

बता दें कि M6, Apple की पहली 2nm चिप है और इसमें 12-कोर CPU, 12-कोर GPU और 16-कोर न्यूरल इंजन है। यह 170GB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ देता है।

वहीं, M5 Ultra को Apple के सबसे ज्यादा डिमांड वाले प्रोफेशनल और AI वर्कलोड के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 36-कोर तक का CPU, 80-कोर GPU और 1.2TB/s तक का यूनिफाइड मेमोरी बैंडविड्थ है।

कंपनी ने कहा, “M5 Ultra, जो प्रो और AI वर्कलोड के लिए एक जबरदस्त पावरहाउस है, क्वाड-डाई आर्किटेक्चर बनाने के लिए अगली जनरेशन की UltraFusion टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है – Apple सिलिकॉन के लिए ऐसा पहली बार हुआ है।”

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Aegeus IPO Listing: 18% का लिस्टिंग गेन, सोलर की सफाई करने वाली ऐजीअस के ₹105 के शेयरों का धमाल

Aegeus IPO Listing: सोलर प्लांट की सफाई के लिए रोबोट तैयार करने वाली ऐजीअस टेक के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 29 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹124.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 18.57% का लिस्टिंग गेन (Aegeus Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹129.95 (Aegeus Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.76% मुनाफे में हैं।

Aegeus IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ऐजीअस का करीब ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-6 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 29.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 23.88 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 48.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 25.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22,58,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.86 करोड़ प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ₹5.74 करोड़ जमीन की खरीदारी और सिविल वर्क्स के जरिए मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹3.56 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों और ₹3.55 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Aegeus Technologies के बारे में

ऐजीअस रोबोटिक और इंटेलिजेंस ऑटोमेशम सॉल्यूशंस डिजाइन कर डेवलप करती है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, डेटा मैनेजमेंट, ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और कस्टमाइज्ड टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 108% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹4.02 करोड़ और टोटल इनकम 64% से अधिक के CAGR से बढ़कर ₹41.22 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹11.93 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.28 करोड़ पड़े थे।

Anawil IPO Listing: 22% का लिस्टिंग गेन, टावर बनाने वाली कंपनी के ₹270 के शेयरों की धांसू एंट्री

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GACM Technologies का ₹15 करोड़ का MoU, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर बढ़ाएगी फोकस

GACM Technologies: टेक्नोलॉजी और डिजिटल सॉल्यूशंस कंपनी GACM Technologies ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए Meridian Intelligence Private Limited के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी की कुल संभावित वैल्यू ₹15 करोड़ है। कंपनी का कहना है कि इससे उसकी टेक्नोलॉजी क्षमताएं मजबूत होंगी और लंबे समय में नए रेवेन्यू के अवसर बनेंगे।

2028 तक रहेगा समझौता

कंपनी के मुताबिक, यह MoU 30 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत दोनों कंपनियां भविष्य में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करेंगी। जरूरत के मुताबिक आगे अलग-अलग बाध्यकारी समझौते भी किए जाएंगे।

टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो होगा मजबूत

GACM Technologies का कहना है कि इस साझेदारी का मकसद कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पोर्टफोलियो को मजबूत करना है। साथ ही नए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करना, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना और कारोबार का विस्तार करना भी कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।

क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जे. वी. तिरुपति राव ने कहा कि Meridian Intelligence के साथ यह साझेदारी GACM Technologies की सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षमताओं को नई मजबूती देगी। इससे कंपनी को स्केलेबल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस विकसित करने, बाजार में मौजूदगी बढ़ाने और लंबी अवधि की ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?

वित्त वर्ष 2025-26 में GACM Technologies का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹22.94 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹14.58 करोड़ था। इसी दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा ₹4.12 करोड़ से बढ़कर ₹8.60 करोड़ पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि यह बेहतर ऑपरेशनल और टिकाऊ ग्रोथ रणनीति का नतीजा है।

Q1 Results: सरकारी कंपनी घाटे से मुनाफे में लौटी, रेवेन्यू 46% बढ़ा; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।