Bajaj Finserv Share Price: बजाज ग्रुप की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, NII रही 20% ज्यादा; शेयर में 6% तक तेजी

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज फिनसर्व के शेयरों में 31 जुलाई को अच्छी तेजी है। कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसके बाद शेयर में पिछली क्लोजिंग से 6 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर भाव 2025.45 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसका शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 6,296.67 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 5329.17 करोड़ रुपये था।

कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,132.35 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,789.05 करोड़ रुपये था। कुल इनकम एक साल पहले से 19 प्रतिशत बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 35300.02 करोड़ रुपये थी। खर्च 33,109.82 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 28,097 करोड़ रुपये के थे।

जून 2026 तिमाही में बजाज फिनसर्व की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 14,528 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 12,083 करोड़ रुपये थी। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 33,027 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। बजाज फिनसर्व एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है। यह बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस के लिए होल्डिंग कंपनी है। यह बजाज फाइनेंस की पेरेंट कंपनी भी है।

कंपनी री-इंश्योरेंस बिजनेस में करेगी एंट्री

बजाज फिनसर्व के बोर्ड ने एक नई बनी सब्सिडियरी के जरिए री-इंश्योरेंस बिजनेस में उतरने की योजना को भी मंजूरी दी है। कामकाज शुरू करने से पहले इस प्रस्ताव के लिए इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) और अन्य संबंधित अथॉरिटीज से मंजूरी लेनी होगी। री-इंश्योरेंस को आसान शब्दों में “बीमा कंपनियों का बीमा” कहा जाता है। यह आम जनता के लिए नहीं होता। इसमें एक मुख्य बीमा कंपनी अपने द्वारा उठाए गए जोखिम का कुछ हिस्सा दूसरी री-इंश्योरेंस कंपनी को ट्रांसफर कर देती है। यह कदम बड़े नुकसान से बचने या आपदाओं के समय आर्थिक रूप से सुरक्षित रहने के लिए उठाया जाता है।

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Bajaj Finserv का शेयर एक महीने में 13 प्रतिशत मजबूत

बजाज फिनसर्व के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर की कीमत एक महीने में 13 प्रतिशत चढ़ी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 58.71 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,194.65 रुपये और एडजस्टेड लो 1,598.15 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Nifty Trend : बैंक निफ्टी में तीन दिन की बढ़त थमी, 1% से ज्यादा टूटा इंडेक्स, केनरा बैंक और कोटक ने लगाई सबसे तगड़ी चपत

Bank Nifty Trend : कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच 14 जुलाई को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट आई है। जिससे इसकी लगातार तीन दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया है। आज ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई,जो 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते के बाद से सबसे ऊंची कीमत है। सोमवार को अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी शिपिंग पर रोक फिर से लागू कर दी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए 20% शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से उधार लेने की लागत बढ़ सकती है,बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो सकती है और ट्रेजरी से होने वाले मुनाफे में कमी आ सकती है। इसके चलते बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना है।

बैंक निफ्टी की इस गिरावट में केनरा बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का योगदान सबसे ज्यादा है। इनमें 2%,1.6% और 1.3% की गिरावट आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक भी उन बैंकों में शामिल थे जिनके शेयरों में गिरावट आई है। फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों श्रीराम फाइनेंस,बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में 1-2% की कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 1.25 बजे के आसपास बैंक निफ्टी 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 57,475 के आसपास कारोबार कर रहा था।

बैंक निफ्टी व्यू

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ,58,700 (जून का हाई) अभी भी एक तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर मजबूती से बंद होता है,तो इससे चल रहे कंसोलिडेशन से ब्रेकआउट की पुष्टि होगी और आने वाले हफ्तों में 59,300 और फिर 60,000 के लेवल की ओर रैली शुरू हो सकती है। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर नहीं जा पाता है तो इसका मतलब होगा कि पिछले 4 हफ्तों से चल रहा कंसोलिडेशन और जारी रहेगा।

नीचे की तरफ,57,400-57,500 के लेवल के तत्कल सपोर्ट के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जो गुरुवार के गैप-अप जोन और सोमवार के निचले स्तर से मेल खाता है। अगला अहम सपोर्ट 56,500 पर है,जहां 20 हफ्ते और 50-हफ्ते के EMA और पिछले हफ्ते का निचला स्तर एक साथ मिलते हैं,जिससे यह एक मजबूत डिमांड जोन बन जाता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए 57,500 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि 57,200 अगला अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। ऊपर की तरफ,58,500 मुख्य रेजिस्टेंस है और इस लेवल के ऊपर ब्रेकआउट से नई तेजी आ सकती है। जब तक इंडेक्स सपोर्ट के ऊपर बना हुआ है ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि कुछ ऐसी मुश्किलें फिर से सामने आ रही हैं जिनका असर जल्द ही भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड की कीमत 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अगर तेल में यह तेजी जारी रहती है, तो इससे भारत के मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर फिर से खरीब असर पड़ सकता है। BoP (भुगतान संतुलन) की कमजोरी और रुपये पर संभावित असर फिर से ऐसी परेशानियां आ सकती हैं जिनसे बाजार पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि US में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 4.61% हो जाना एक और चिंता की बात है,जिसका असर विदेशी निवेश पर पड़ सकता है। जून में भारत की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.38% हो गई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। इन चुनौतियों को देखते हुए,निवेशकों को सावधानी बरतनी होगी। तेजी से बदलते जियोपॉलिटिकल और आर्थिक माहौल में निवेश से जुड़े फैसले लेना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। निवेशकों इस लगातार बदलते हालात पर नजर बनाए रखनी चाहिए और खासकर कच्चे तेल की कीमतों के मामले में स्थिति साफ होने का इंतजार करना चाहिए।

 

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