Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Infosys Q1 Results: इंफोसिस को ₹7769 करोड़ मुनाफा, पर ग्रोथ आउटलुक घटाया; नए CEO का भी ऐलान

Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 6,921 करोड़ रुपये था।

हालांकि कंपनी बाजार के अनुमान पर खरी नहीं उतर सकी। CNBC-TV18 ने 7,903 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान लगाया था।

रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में Infosys का ऑपरेशन से रेवेन्यू 14% बढ़कर 48,211 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 42,279 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी ने अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन मुनाफा अनुमान से थोड़ा कम रहा।

ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती

इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में हल्की कटौती की है। अब कंपनी को उम्मीद है कि पूरे साल कॉस्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू 1.5% से 3% के बीच बढ़ेगा। कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ का मतलब है कि कंपनी की ग्रोथ को विदेशी मुद्रा (Forex) के उतार-चढ़ाव का असर हटाकर मापा जाता है।

इससे पहले कंपनी ने 1.5% से 3.5% ग्रोथ का अनुमान दिया था। बाजार को भी ऊपरी सीमा में 0.5% की कटौती की उम्मीद थी। हालांकि कंपनी ने EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% के बीच ही बरकरार रखा है।

जून तिमाही में कैसी रही ग्रोथ?

जून तिमाही में Infosys की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 1% रही। यह Tech Mahindra (2.6%) से कम रही, लेकिन TCS (0.4%), HCLTech (-0.5%) और Wipro (-1.2%) से बेहतर प्रदर्शन रहा। एनालिस्टों ने करीब 1.8% ग्रोथ का अनुमान लगाया था।

कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि एक बड़े क्लाइंट के फैसले का एकमुश्त असर इस ग्रोथ पर पड़ा।

डॉलर और रुपये में रेवेन्यू

जून तिमाही में Infosys का डॉलर रेवेन्यू 5.08 अरब डॉलर रहा। यह पिछले अनुमान के लगभग मुताबिक है। तिमाही आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 0.8% की बढ़ोतरी हुई।

वहीं रुपये में कंपनी का रेवेन्यू 48,211 करोड़ रुपये रहा। यह पिछली तिमाही से 3.9% ज्यादा है, हालांकि बाजार के अनुमान 48,431 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।

मार्जिन में सुधार

इंफोसिस का EBIT 10,163 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.3% ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 21.1% रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 20 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह बाजार के अनुमान के अनुरूप रहा।

बड़े ऑर्डर और AI का बढ़ता योगदान

जून तिमाही में Infosys को 3.6 अरब डॉलर के बड़े डील मिले। इनमें 61% नए क्लाइंट या नए प्रोजेक्ट से जुड़े थे।

कंपनी ने यह भी बताया कि अब उसकी कुल आय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान 8.2% तक पहुंच गया है। यह दिखाता है कि AI से जुड़ी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

नए CEO की जिम्मेदारी

Infosys ने अशीष कुमार दास को CEO-Designate नियुक्त किया है। वह 1 अप्रैल 2027 से मौजूदा CEO सलिल पारेख की जगह लेंगे। दास तीन दशक से ज्यादा समय से Infosys के साथ जुड़े हैं और फिलहाल कई ग्लोबल बिजनेस वर्टिकल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि सलिल पारेख ऐसे समय में CEO बने थे, जब कंपनी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही थी। उन्होंने संगठन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा देने का काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि अशीष कुमार दास फिलहाल अमेरिका में काम कर रहे हैं और नई जिम्मेदारी संभालने के लिए भारत लौटेंगे।

इंफोसिस के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले Infosys का शेयर 1,052.90 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ। हालांकि 2026 में अब तक यह शेयर करीब 35% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।