HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Thermax Share Price: कोटक के बुलिश कॉल से सरपट दौड़ा शेयर, 5% से ज्यादा उछला, जानें क्या है नया टारगेट

Thermax Share Price:  कैपिटल गुड्स इंडस्ट्रीज थर्मेक्स (Thermax) के शेयर में शुक्रवार को जोरदार उछाल देखने को मिला। शेयर आज 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 3301 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। शेयरों में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म Kotak Institutional Equities द्वारा ‘Buy’ रेटिंग के बाद देखने को मिली है। ब्रोकरेज फर्म ने ने कंपनी के आकर्षक वैल्यूएशन और अलग-अलग बिजनेस में ग्रोथ के मौकों को देखते हुए इसमें खरीदारी की राय दी है।

ब्रोकरेज ने अपनी रेटिंग को पिछले स्तर से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया है और ₹4,000 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है, जो गुरुवार की क्लोजिंग प्राइस से लगभग 15% की तेजी दिखाता है।

स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय

Kotak का कहना है कि Thermax अपने अनुमानित FY2028 की कमाई के 35 गुना पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज इस वैल्यूएशन को आकर्षक मानता है क्योंकि उसे उम्मीद है कि FY2026-29 के दौरान रेवेन्यू में 16% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देखने को मिलेगी। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि शुरुआती दौर वाले बिजनेस रेवेन्यू ग्रोथ में 5-6 प्रतिशत अंक का योगदान देंगे। इनमें US और भारत में डेटा सेंटर के साथ-साथ कंप्रेस्ड बायोगैस भी शामिल हैं, जहां Thermax की स्थिति मज़बूत है और बाज़ार के मौके बढ़ रहे हैं।

मार्जिन का आउटलुक भी अच्छा है। पुराने ऑर्डर पूरे होने और ज़्यादा मार्जिन वाले बिज़नेस (जैसे पावर, Thermax Babcock & Wilcox Energy Solutions (TBWES) और सर्विसेज़) से बढ़ते योगदान का इसे फ़ायदा मिल रहा है।

Thermax को ट्रैक करने वाले 21 एनालिस्ट में से 8 ने ‘Buy’ और आठ ने ‘Hold’ रेटिंग दी है, जबकि 5 ने ‘Sell’ की सलाह दी है। एनालिस्ट की आम राय के अनुसार, इसमें 34.4% की बढ़त की संभावना है।

शुक्रवार को Thermax के शेयर 5.19% बढ़कर ₹3,301.10 पर ट्रेड कर रहे थे। 2026 में अब तक इस स्टॉक में लगभग 8% की बढ़त हुई है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 8 अक्टूबर को इन 16 शेयरों पर रहेगी नजर, ओला इलेक्ट्रिक से टाटा पावर तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 8 अक्टूबर को शेयर बाजार में 16 कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी। इनसे राइट्स इश्यू, QIP, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम अपडेट आए हैं। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक, टाटा पावर, सन फार्मा जैसे स्टॉक्स में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Ola Electric

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ola Electric के बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है। इश्यू में शेयर का भाव 27 रुपये तय किया गया है। कंपनी 37.03 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Power ने नॉर्वे की Ocean Sun के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी। महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा।

Sun Pharma

फार्मा कंपनी Sun Pharma के बोर्ड की 12 अक्टूबर को बैठक होगी। इसमें 15,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर फैसला होगा। ये NCDs एक या कई चरणों में प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

Jubilant FoodWorks

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनी Jubilant FoodWorks का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू Q2 में सालाना आधार पर 11.9% बढ़कर 2,609 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 11.6% बढ़कर 1,886 करोड़ रुपये रहा। Domino’s India की लाइक-फॉर-लाइक ग्रोथ 4.1% रही और भारत में 88 नए स्टोर खुले।

HCLTech

आईटी सर्विसेज कंपनी HCLTech ने दक्षिण अफ्रीका में नया हेडक्वार्टर शुरू किया है। यह जोहान्सबर्ग के सैंडटन बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में है। नए हेडक्वार्टर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है।

Fino Payments Bank

डिजिटल बैंकिंग कंपनी Fino Payments Bank की रिन्यूअल इनकम Q2 में सालाना आधार पर 20% बढ़कर 28 करोड़ रुपये रही। बैंक के लोन डिस्बर्सल में भी तेज बढ़ोतरी हुई। सितंबर में लोन डिस्बर्सल 223% बढ़कर 278 करोड़ रुपये रहा।

Senco Gold

ज्वेलरी कंपनी Senco Gold का Q2 FY27 में कुल रेवेन्यू 31% बढ़ा। रिटेल रेवेन्यू 29% और SSSG 19% रहा। कंपनी ने कहा कि फेस्टिव डिमांड, ज्वेलरी की मजबूत खपत और हल्की ज्वेलरी की बढ़ती पसंद से ग्रोथ को सपोर्ट मिला।

PC Jeweller

ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller का Q2 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 28% बढ़ा और कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई। कंपनी ने तिमाही में बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये भी हासिल किए।

Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर Gujarat Pipavav Port के Q2 में लिक्विड कार्गो वॉल्यूम 0.38 MMT से घटकर 0.32 MMT रहा। ड्राई बल्क कार्गो भी 1.05 MMT से घटकर 0.94 MMT हो गया। हालांकि, कंटेनर कार्गो वॉल्यूम 1.64 लाख TEUs से बढ़कर 1.92 लाख TEUs रहा।

Godrej Properties

रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने बांद्रा बे में ‘बेसाइड प्रोमेनेड’ के पहले फेज के डेवलपमेंट के लिए BMC और RC ग्रुप के साथ डील की है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के बांद्रा बे इलाके से जुड़ा है। कंपनी इस प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में शामिल होगी।

Anant Raj

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj की सब्सिडियरी ने Orange Business Singapore के साथ हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। यह डील ग्लोबल क्लाउड और डेटा सेंटर सर्विस के विस्तार से जुड़ी है। इसके तहत हरियाणा में डेटा सेंटर और क्लाउड से जुड़े कारोबार को बढ़ाने पर काम होगा।

HAL

सरकारी एयरोस्पेस और डिफेंस कंपनी HAL के बोर्ड ने Anindya Biswas को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति सरकारी नॉमिनी के तौर पर की गई है। बोर्ड ने इस नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

MRF

टायर बनाने वाली कंपनी MRF से जुड़े टैक्स मामले में केरल टैक्स अथॉरिटी ने डिमांड घटा दी है। FY15 से जुड़े मामले में टैक्स डिमांड 91.53 करोड़ रुपये से घटाकर 36.19 करोड़ रुपये कर दी गई है।

Allcargo Terminals

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Terminals का सितंबर में कुल वॉल्यूम 61,800 TEUs रहा। अगस्त के मुकाबले इसमें 6% की गिरावट आई। सालाना आधार पर भी कंपनी का कुल वॉल्यूम 7% घटा है।

ASK Automotive

ऑटो कंपोनेंट कंपनी ASK Automotive की राजस्थान स्थित भिवाड़ी यूनिट की GST अधिकारियों ने जांच की है। कंपनी के मुताबिक, इस जांच का उसके फाइनेंशियल या बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं है।

TD Power Systems

पावर इक्विपमेंट कंपनी TD Power Systems ने QIP के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। कंपनी ने इश्यू के लिए 775.35 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। निवेशकों को इस कीमत पर 5% तक डिस्काउंट मिल सकता है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anant Raj: हरियाणा में विदेशी कंपनियों का डेटा होस्ट करेगी कंपनी, ऑरेंज बिजनेस के साथ बड़ा समझौता

Anant Raj: अनंत राज लिमिटेड की सब्सिडियरी अनंत राज क्लाउड सिंगापुर और ऑरेंज बिजनेस सर्विसेज सिंगापुर ने हरियाणा सरकार के साथ समझौता किया है। इसका मकसद हरियाणा में विदेशी कंपनियों का डेटा होस्ट करने की संभावनाएं तलाशना है।

यह समझौता हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के जरिए हुआ है। इसके तहत हरियाणा में मौजूद क्लाउड और डेटा सेंटर सेवाओं को विदेशी ग्राहकों तक पहुंचाने पर भी काम होगा।

विदेशी ग्राहकों को जोड़ने का काम करेगी अनंत राज

अनंत राज क्लाउड सिंगापुर, कंपनी के क्लाउड प्लेटफॉर्म अशोक क्लाउड की मार्केटिंग करेगी। इसके साथ ही हरियाणा में मौजूद डेटा सेंटर सेवाओं को भी विदेशी ग्राहकों के सामने रखा जाएगा।

कंपनी ऐसे विदेशी ग्राहकों को जोड़ने में भी मदद करेगी, जो अपना डेटा हरियाणा में रखना चाहते हैं।

AI और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर भी फोकस

ऑरेंज बिजनेस डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं में टेक्नोलॉजी पार्टनर के तौर पर काम करने की संभावनाएं तलाशेगा।

इसमें AI और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। ऑरेंज बिजनेस टेक्नोलॉजी आर्किटेक्चर, क्लाउड और AI हार्डवेयर और तकनीकी विशेषज्ञता दे सकता है।

हरियाणा में 307 MW क्षमता बनाने की तैयारी

अनंत राज हरियाणा में डेटा सेंटर कारोबार तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के ग्रुप की कंपनियां मानेसर, पंचकूला और राय में करीब 307 MW IT लोड की क्षमता विकसित करने की योजना बना रही हैं।

यह निवेश चरणों में किया जाएगा। हालांकि, आगे का निवेश मांग और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल कंपनी मानेसर और पंचकूला में डेटा सेंटर चला रही है। इन दोनों जगहों पर क्षमता बढ़ाने का काम भी चल रहा है। कंपनी के मुताबिक, सोनीपत के राय कैंपस में करीब 200 MW IT लोड की संभावित क्षमता है।

डेटा सेंटर के लिए 25,000 करोड़ रुपये का निवेश

अनंत राज ने जून 2026 में हरियाणा सरकार के साथ एक और MoU किया था। यह समझौता ‘मेक इन हरियाणा’ कार्यक्रम के दौरान हुआ था। इसके तहत कंपनी ने राज्य में डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए 25,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी।

हरियाणा सरकार ने भी डेटा सेंटर कारोबार को बढ़ावा देने के लिए डेटा सेंटर पॉलिसी 2026 शुरू की है। इसमें डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

2024 से चल रही है ऑरेंज बिजनेस के साथ साझेदारी

अनंत राज और ऑरेंज बिजनेस के बीच यह पहला समझौता नहीं है। दोनों कंपनियों की साझेदारी 2024 में शुरू हुई थी। तब दोनों ने भारत में मैनेज्ड क्लाउड सर्विसेज के लिए साझेदारी की थी। अब नया समझौता इसी साझेदारी को आगे बढ़ाता है।

7 अक्टूबर को अनंत राज लिमिटेड का शेयर 0.43% बढ़कर 611.50 रुपये पर बंद हुआ।

Stock to Buy: इस प्राइवेट बैंक के शेयर में बंपर कमाई का मौका, ब्रोकरेज फर्मों की खरीदने की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डिक्सन की डेटा सेंटर और टेलीकॉम कारोबार में एंट्री, ताइवान की कंपनी के साथ जॉइंट वेंचर

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) कंपनी Dixon Technologies ने ताइवान की कंपनी Gemtek Technology के साथ बड़ा समझौता किया है। दोनों कंपनियां अब भारत में मिलकर ऑप्टिकल ट्रांसीवर और दूसरे टेलीकॉम प्रोडक्ट बनाएंगी।

इस काम के लिए Dixon की कंपनी Dixon Electroconnect को जॉइंट वेंचर में बदला जाएगा। इसमें Dixon की हिस्सेदारी 60% होगी। Gemtek के पास बाकी 40% हिस्सेदारी रहेगी।

दोनों कंपनियों ने 7 अक्टूबर को समझौते पर साइन किए हैं। इससे पहले 9 जून को दोनों के बीच एक बाध्यकारी टर्म शीट साइन हुई थी।

क्या बनाएगी नई कंपनी?

जॉइंट वेंचर में Optical Transceiver-SFP और BOSA बनाए जाएंगे। इसके अलावा दोनों कंपनियों की सहमति से दूसरे टेलीकॉम प्रोडक्ट भी बनाए जा सकते हैं। Optical Transceiver का इस्तेमाल हाई-स्पीड डेटा कम्युनिकेशन में होता है। वहीं BOSA भी ऑप्टिकल कम्युनिकेशन से जुड़ा प्रोडक्ट है।

यह सौदा नए इक्विटी शेयर जारी करके पूरा होगा। Dixon और Gemtek दोनों Dixon Electroconnect के नए शेयर खरीदेंगे। कितने शेयर मिलेंगे, यह वैल्यूएशन रिपोर्ट और लागू नियमों के हिसाब से तय होगा।

बोर्ड में Dixon का दबदबा रहेगा

नई कंपनी के बोर्ड में Dixon तीन डायरेक्टर नियुक्त कर सकेगी। Gemtek दो डायरेक्टर नियुक्त करेगी। इसके अलावा जॉइंट वेंचर का चेयरमैन नियुक्त करने का अधिकार भी Dixon के पास रहेगा। यह सौदा जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद 3 फरवरी 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।

डेटा सेंटर और AI से बढ़ेगी उम्मीद

Dixon के लिए यह जॉइंट वेंचर काफी अहम है। कंपनी अब डेटा सेंटर, टेलीकॉम और ऑप्टिकल कनेक्टिविटी के कारोबार में उतरना चाहती है। इसके लिए Dixon अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल करेगी। वहीं Gemtek हाई-स्पीड ऑप्टिकल मॉड्यूल और नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी का अनुभव लेकर आएगी।

कंपनी को AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और एज कंप्यूटिंग से इस कारोबार में मांग बढ़ने की उम्मीद है। हाइपरस्केल डेटा सेंटर और हाई-स्पीड नेटवर्किंग भी इसके बड़े बाजार हो सकते हैं।

Dixon को मार्जिन बढ़ने की उम्मीद

Dixon को आने वाले कुछ साल में अपने मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। कंपनी ज्यादा वैल्यू वाले कंपोनेंट बनाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा अप्लायंसेज और लाइटिंग कारोबार में भी कंपनी विस्तार कर रही है। इससे कुल मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है।

कंपनी हर साल करीब 800-1,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स करने की योजना बना रही है। यह पैसा मोबाइल और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता बढ़ाने में लगाया जाएगा।

डिक्सन के मैनेजमेंट की राय

Dixon के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल लाल ने कहा कि मोबाइल कारोबार में भारतीय EMS इंडस्ट्री का मार्जिन ग्लोबल कंपनियों के मुकाबले करीब समान है।

उनके मुताबिक, कंपोनेंट कारोबार से कंपनी को फायदा होगा। इसके अलावा अप्लायंसेज और लाइटिंग में ज्यादा मार्जिन वाला ODM कारोबार भी कुल मार्जिन सुधार सकता है।

7 अक्टूबर को Dixon Technologies का शेयर 0.54% गिरकर 12,945 रुपये पर बंद हुआ।

TCS Q2 Preview: ग्रोथ, मार्जिन और AI से हायरिंग तक… तिमाही नतीजे में इन 5 सवालों के जवाब तलाशेंगे निवेशक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Q2 Preview: ग्रोथ, मार्जिन और AI से हायरिंग तक… तिमाही नतीजे में इन 5 सवालों के जवाब तलाशेंगे निवेशक

TCS Q2 Preview: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी TCS 8 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी। इसके साथ ही IT सेक्टर के Q2 रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो जाएगी।

इस तिमाही में TCS को 1.45 अरब डॉलर की बड़ी डील मिली है। कंपनी ने पोर्शे की IT इकाई MHP को भी खरीदा है। इसके अलावा हैदराबाद में 70,000 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है।

दूसरी तरफ, पैरेंट कंपनी टाटा संस में नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही है। ऐसे में TCS के नतीजों के साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री भी काफी अहम होगी।

ब्रोकरेज को इस तिमाही में TCS की ग्रोथ बहुत तेज रहने की उम्मीद नहीं है। तिमाही आम तौर पर IT कंपनियों के लिए अच्छी रहती है। लेकिन AI की वजह से कीमतों और लागत पर दबाव बढ़ रहा है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ सकता है। नतीजों के बाद इन पांच मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

1. ग्रोथ धीमी, मार्जिन में ज्यादा बदलाव नहीं

CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक, दूसरी तिमाही में TCS का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.3% बढ़कर 73,225 करोड़ रुपये हो सकता है। कंपनी का मुनाफा 2.4% बढ़कर 13,673 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

EBIT मार्जिन करीब 20 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 24.2% रह सकता है। पिछली तिमाही में कंपनी ने सालाना वेतन बढ़ोतरी का असर झेला था। इसलिए इस बार मार्जिन को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, सालाना आधार पर मार्जिन में करीब 100 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

वेतन बढ़ोतरी के अलावा अधिग्रहण और प्राइसिंग का दबाव मार्जिन पर असर डाल सकता है। ऐसे में मैनेजमेंट इस पर क्या कहता है, बाजार की नजर रहेगी।

2. बड़ी डील का सिलसिला जारी रहेगा?

TCS ने इस तिमाही में कई बड़ी डील हासिल की हैं। HDFC सिक्योरिटीज और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू यानी TCV करीब 8-11 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया है।

सबसे बड़ी डील 1.45 अरब डॉलर की है। यह जर्मन लग्जरी कार कंपनी पोर्शे के साथ हुई है। इसके अलावा ABB, JFK एयरपोर्ट, JLR, Aareal Bank, Dubai Gold & Commodity Exchange और Vodafone के साथ भी TCS ने डील की है।

अब बाजार यह देखेगा कि कंपनियों का खर्च कब बढ़ना शुरू होता है। खासकर डिस्क्रिशनरी यानी कम जरूरी खर्च में रिकवरी कब आती है। फैसले लेने में हो रही देरी और दूसरी छमाही की डिमांड पर भी मैनेजमेंट का रुख अहम होगा।

3. M&A से कितनी ग्रोथ मिलेगी?

TCS लगातार दूसरी कंपनियों को खरीदकर अपना कारोबार बढ़ा रही है। इस तिमाही में भी दो बड़े अधिग्रहण हुए हैं। TCS ने पोर्शे की IT इकाई MHP को करीब 373 मिलियन डॉलर में खरीदा है। इससे कंपनी को ऑटोमोटिव कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में नई क्षमताएं मिलेंगी।

कंपनी ने बेंगलुरु में Best Buy की GCC यूनिट भी खरीदी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TCS को Best Buy से 5 साल का करीब 2,000 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है। अब निवेशक जानना चाहेंगे कि इन अधिग्रहणों से ग्रोथ कितनी बढ़ेगी। साथ ही इनका मार्जिन पर कितना असर पड़ेगा।

4. AI से कितनी कमाई बढ़ेगी?

TCS अपने कारोबार में बड़ा AI बदलाव कर रही है। कंपनी AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी सर्विसेज पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके लिए कारोबार की प्राथमिकताएं भी बदली जा रही हैं। इसी रणनीति के तहत TCS ने हैदराबाद में 1GW डेटा सेंटर लगाने के लिए 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है।

जून में कंपनी ने बताया था कि उसकी सालाना AI रेवेन्यू करीब 2.6 अरब डॉलर पहुंच गई है। इसमें तिमाही आधार पर 13.6% की ग्रोथ हुई थी। अब सवाल यह है कि इतने बड़े निवेश से TCS कमाई कैसे बढ़ाएगी। AI कारोबार आगे कितनी तेजी से बढ़ेगा, इस पर मैनेजमेंट की टिप्पणी अहम होगी।

5. दूसरी छमाही में कितनी हायरिंग होगी?

पहली तिमाही तक TCS करीब 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दे चुकी थी। पहले कंपनी ने संकेत दिया था कि FY27 में भी FY26 की तरह 40,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती हो सकती है। हालांकि, बाद में कंपनी ने कहा कि FY27 की हायरिंग आने वाली तिमाहियों की डिमांड पर निर्भर करेगी।

TCS करीब 8,900 फॉरवर्ड-डिप्लॉय्ड इंजीनियर्स यानी FDEs भी जोड़ने की योजना बना रही है। इनकी मदद से AI पर फोकस करने वाली सेल्स और कंसल्टिंग को मजबूत किया जाएगा।

अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि दूसरी छमाही में कंपनी कितनी भर्ती करती है। साथ ही AI की वजह से नौकरियों और कर्मचारियों की जरूरत में क्या बदलाव आता है, यह भी अहम रहेगा।

इन 5 स्टॉक्स पर दांव लगाने से हो सकती है मोटी कमाई, एक्सपर्ट ने बताया कब करना है निवेश

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

AI का जोश, एशियाई कंपनियो ने जुटाया 6 साल का रिकॉर्ड फंड, लिस्टिंग के बाद मार्केट में फिर जल्द एंट्री की होड़

AI Boom in Stock Market: हॉन्ग कॉन्ग में एआई से जुड़ी कंपनियों ने इस बार रिकॉर्डतोड़ पैसे जुटाए। यह तेजी ऐसे समय में आई, जब हॉन्ग कॉन्ग के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनियों ने आईपीओ, प्लेसमेंट्स और ब्लॉक ट्रेड्स के जरिए जुलाई-सितंबर में $47.5 अरब जुटाए, जोकि ब्लूमबर्ग के मुताबिक किसी साल की तीसरी तिमाही में अब तक की सबसे बड़ी रकम है।

इसके साथ ही इस साल अब तक हॉन्ग कॉन्ग में कुल $92 अरब से अधिक फंड जुटाए गए जोकि साल 2021 में $112.5 अरब के रिकॉर्ड के काफी करीब है। यह ऐसे समय में हुआ, जब बॉन्ड यील्ड में तेजी और कई नए शेयरों के खराब परफॉरमेंस के कारण निवेशक और कंपनियां अब पहले की तुलना में अधिक सतर्कता बरत रही हैं।

AI ने भरा जोश

हॉन्ग कॉन्ग में रौनक के पीछे एआई रही है लेकिन इस गर्मी तो इसने तगड़ा जोश दिखा दिया। चीन की कंपनियों ने तेजी से बढ़ रही एआई इंडस्ट्री में विस्तार के लिए ताबड़तोड़ पैसे जुटाए और पहले की तुलना में मार्केट में बहुत जल्द दोबारा एंट्री की। सबसे तगड़ा सौदा तो अलीबाबा ग्रुप की $10.2 अरब का फॉलो-ऑन ऑफर रहा तो Zhongji Innolight ने करीब $8 अरब जुटाए जोकि लगभग सात वर्षों में हॉन्ग कॉन्ग की सबसे बड़ी लिस्टिंग रही। अन्य कंपनियों ने भी बार-बार निवेशकों से पैसे जुटाए। एआई मॉडल बनाने वाली Z.AI ने इस साल IPO, प्लेसमेंट और कन्वर्टिबल बॉन्ड के जरिए कुल $9.6 अरब जुटाए।

गोल्डमैन में एशिया (एक्स-जापान) इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख जेम्स वांग का कहना है कि पहले कंपनियां एक बार पैसे जुटाने के बाद फिर एक-दो साल बाद ही दोबारा ऐसी कोशिश करती थी लेकिन अब लॉकअप पीरियड समाप्त होते ही पूंजी जुटाने लगी हैं। उनका कहना है कि AI की वजह से यह सिलसिला अगले कुछ वर्षों तक जारी रहेगा और इसकी रफ्तार जल्द धीमे होने के कोई संकेत नहीं हैं।

Z.AI के अलावा एक और एआई मॉडल कंपनी मिनीमैक्स ग्रुप, चिप बनाने वाली कंपनी शंघाई एलुवेटर कोरएक्स सेमीकंडक्टर और शंघाई बिरेन टेक्नोलॉजी भी अपने IPO लॉकअप की अवधि खत्म होने के तुरंत बाद जुलाई में दोबारा बाजार में लौट आईं।

यह तेजी सिर्फ चीन या हॉन्ग कॉन्ग तक ही नहीं रही, पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में देखने को मिली। तीसरी तिमाही में इस क्षेत्र में शेयर बिक्री के जरिए रिकॉर्ड $120 अरब से अधिक जुटाए गए, जो छह वर्षों में इस अवधि के लिए सबसे अधिक है। चीन में भी इस दौरान मेमोरी चिप बनाने वाली Corp का 66.6 अरब युआन (लगभग $9.9 अरब) का IPO आया, जो चीन में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा IPO रहा।

भारत में भी दिखी रौनक

साल की शुरुआत में अमेरिका-ईरान युद्ध, शेयर बाजार में हाहाकार और विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय बाजार ने भी जोरदार वापसी की। जुलाई से अब तक यहां शेयरों की बिक्री के जरिए कंपनियों ने रिकॉर्ड $26 अरब जुटाए, जिसके साथ भारतीय मार्केट के लिए यह अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हुई।

इस दौरान सबसे बड़े डील्स की बात करें तो एलआईसी में $3.2 अरब की सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री शामिल थी तो एनएसई ने $2.4 अरब का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया। यह ऐसे समय में हुआ जब निफ्टी 50 अगस्त की शुरुआत के अपने हाई लेवल से लगभग 9.5% नीचे आ गया था। घरेलू बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी ने नए शेयर ऑफरिंग की मांग को मजबूत बनाए रखा।

आगे भी आईपीओ का पाइपलाइन काफी मजबूत है। मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स नवंबर में संभावित लिस्टिंग से पहले निवेशकों से मुलाकात कर रही है। ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है। सिटीग्रुप में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख हरीश रमन का कहना है कि इस साल अभी और आईपीओ आ सकते हैं और वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है।

आगे कैसा है रुझान

एआई पर होने वाले भारी खर्च भविष्य में पर्याप्त रिटर्न दे पाएगा या नहीं, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं लेकिन इसके बावजूद एआई से जुड़ी कंपनियां ताबड़तोड़ पैसा जुटा रही हैं और निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है। हालांकि HSBC के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी कैपिटल मार्केट्स मार्टिन जोल (Martin Zoll) का कहना है कि कई कंपनियों के शेयर आईपीओ प्राइस से नीचे आ गए हैं, जिसके चलते निवेशक सावधानी भी बरतने लगे हैं। बता दें कि जुलाई की शुरुआत से हांगकांग में हुए 10 सबसे बड़े सौदों में से केवल दो ही अपने ऑफर प्राइस से ऊपर हैं। फास्ट-फैशन रिटेलर शेन ग्लोबल होल्डिंग्स (Shein Global Holdings) और चिपमेकर लॉन्गसिस इलेक्ट्रॉनिक्स (chipmaker Longsys Electronics) के शेयर तो पहले ही दिन इश्यू प्राइस के नीचे आ गए।

आगे की बात करें तो आईपीओ और अन्य सौदों की पाइपलाइन काफी बड़ी है। फिलीपींस के सबसे लोकप्रिय मोबाइल पेमेंट ऐप GCash की पैरेंट कंपनी Mynt Inc ने आईपीओ का भाव फिक्स कर दिया है और यह फिलीपींस का सबसे बड़ा आईपीओ बनने वाला है। ऑस्ट्रेलिया भी एआई से जुड़ी इस तेजी का एक हिस्सा बनने वाला है। वहां डेटा सेंटर ऑपरेटर Firmus Grid $5 अरब का IPO देश में अब तक के सबसे बड़े लिस्टिंग में से एक होगा।

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103 गुना भरा IPO, अब धांसू लिस्टिंग को तैयार यह SME, आपको मिला शेयर?

BenchMark Infotech Listing: इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी बेंचमार्क इंफोटेक के शेयर अब NSE SME पर लिस्ट होने वाले हैं। इसके आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 103 गुना से अधिक भरा था। अब ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर धमाकेदार संकेत मिल रहे हैं। इश्यू प्राइस के मुकाबले इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) ₹25 यानी 22.73% है। इस प्रकार ग्रे मार्केट से बेंचमार्क इंफोटेक के शेयरों की मजबूत लिस्टिंद के संकेत हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर 5 अक्टूबर को एनएसई एसएसई पर लिस्ट होंगे। आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹110 के भाव पर जारी हुआ है और डीमैट खाते में 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो चुका है।

BenchMark Infotech IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

बेंचमार्क इंफोटेक का ₹42 करोड़ का आईपीओ 25-29 सितंबर तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 103.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 88.62 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 136.92 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 96.90 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹37 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 4.58 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹4.59 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.18 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

BenchMark Infotech के बारे में

बेंचमार्क इंफोटेक सर्विसेज एक इंटीग्रेटेड आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस कंपनी है। यह सरकारी विभागों, PSUs, इंस्टीट्यूशंस और प्राइवेट सेक्टर के क्लाइंट्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। यह नेटवर्किंग, कम्युनिकेशन सिस्टम्स, स्ट्रक्चर्ड केबलिंग, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विलांस सिस्टम्स, ऑडियो-विजुअल सॉल्यूशंस, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड सॉल्यूशंस और एनुअल मेटेनेंस सर्विसेज पर काम करती है। इसके अलावा कंपनी ने एआई लैब सॉल्यूशंस को लेकर भी काम शुरू किया है, जिसके तहत यह एआई लैब के सेटअप का काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 163% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹10.22 करोड़ और टोटल इनकम करीब 36% के सीएजीआर से ₹63.99 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹2.71 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹26.44 करोड़ पड़े थे।

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Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

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नो मोर ट्रैफिक जाम! दिल्ली में आ रहा है AI सिस्टम, करोड़ों का बजट पास

नई दिल्ली। दिल्ली अब रोज सड़क पर लगने वाले जाम और बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने राजधानी के लिए 1,789.52 करोड़ रुपये के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मंजूरी दी है। इस सिस्टम में AI और रियल टाइम ट्रैफिक डेटा की मदद से सड़कों पर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश होगी।

यह प्रोजेक्ट दिल्ली पुलिस लागू करेगी। इसके तहत 42 बड़े ट्रैफिक कॉरिडोर को शामिल किया गया है। काम तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

ट्रैफिक के हिसाब से खुद बदलेंगे सिग्नल

ITMS में ट्रैफिक सिग्नल सड़क पर गाड़ियों की संख्या के हिसाब से खुद बदलेंगे। ज्यादा ट्रैफिक होने पर सिग्नल की टाइमिंग अपने आप एडजस्ट होगी। बड़े रास्तों के सिग्नल आपस में जुड़े रहेंगे, जिससे बार-बार रुकने और देरी को कम किया जा सकेगा। सिस्टम जाम, धीमी रफ्तार और हादसों का भी तुरंत पता लगाएगा। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस जरूरत के अनुसार डायवर्जन कर सकेगी। एंबुलेंस और दूसरी इमरजेंसी गाड़ियों के लिए जरूरत के समय ग्रीन कॉरिडोर बनाने में ITMS मदद करेगा।

स्मार्ट सिस्टम से ट्रैफिक पर रहेगी नजर

  • AI कैमरों से रेड लाइट तोड़ने, तेज रफ्तार और गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों की पहचान होगी।
  • बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
  • ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल और गलत पार्किंग का भी पता चलेगा।
  • सिस्टम चोरी और ब्लैकलिस्टेड वाहनों की पहचान करने में मदद करेगा।
  • लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सड़कों पर लगे वेरिएबल मैसेज साइन से जाम, डायवर्जन और पार्किंग की जानकारी मिलेगी।
  • ट्रैफिक से जुड़ी ताजा जानकारी नेविगेशन सर्विस के साथ भी शेयर की जाएगी, जिससे लोग बेहतर रास्ता चुन सकेंगे।

1,092 सिग्नल और 1,029 एनफोर्समेंट लोकेशन

इस प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली में 1,092 जगहों पर स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और 1,029 जगहों पर ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए सिस्टम लगाया जाएगा। इसके साथ ट्रैफिक कमांड और कंट्रोल सेंटर भी बनाया जाएगा। डेटा सिक्योरिटी के लिए डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी सिस्टम होगा। जरूरत के हिसाब से आगे इसमें नई टेक्नोलॉजी और फीचर भी जोड़े जा सकेंगे।

ITMS को पूरी दिल्ली में एक साथ लागू नहीं किया जाएगा। इसे तीन चरणों में शुरू किया जाएगा। हर चरण में टेस्टिंग और जांच के बाद ही आगे का काम किया जाएगा। इसका मकसद ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना, जाम कम करना और सड़क सुरक्षा बढ़ाना है।