Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स समेत 28 स्टॉक्स फोकस में; Tata Steel, JSW Cement और KSB हैं लिस्ट में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 16.00 प्वाइंट्स यानी 0.07% की गिरावट के साथ 22,814.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 29 सितंबर को निफ्टी और बैंक निफ्टी एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 242.65 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 72,529.07 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 64.05 प्वाइंट्स यानी 0.28% की फिसलन के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Avalon Technologies

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोटर ग्रुप भास्कर श्रीनिवासन, BBS फैमिली ट्रस्ट और KBS फैमिली ट्रस्ट ब्लॉक डील के जरिए एवलॉन टेक्नोलॉजीज में 6% तक की हिस्सेदारी बेच सकते हैं। ₹861.9 करोड़ के इस ऑफर के तहत ₹2,150–₹2,302 के भाव में शेयरों की बिक्री हो सकती है।

Power Mech Projects

पावर मेक प्रोजेक्ट्स को अदाणी ग्रुप के 2×600 MW मॉक्सी पावर जेनरेशन तूतीकोरिन TPP में ₹549.37 करोड़ का O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) सर्विस ऑर्डर मिला है।

Ganesh Benzoplast

गणेश बेंजोप्लास्ट ने अपने लिक्विड स्टोरेज टैंक और रेलवे नेटवर्क बिजनेस को सिस्टर्निना लॉजिस्टिक्स को ₹1,154 करोड़ में बेचने के लिए डेफिनिटिव एग्रीमेंट किए हैं।

KSB

केएसबी को डैनगोट प्रोजेक्ट्स फ्री जोन एंटरप्राइज से बॉयलर फीड पंप पैकेज की सप्लाई के लिए ₹118 करोड़ तक का बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इससे इंटरनेशनल फर्टिलाइजर और एनर्जी सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।

ArisInfra Solutions

एरिसइंफ्रा की सब्सिडियरी एरिसयूनिटर्न आरई सॉल्यूशंस को मुंबई के कलिना में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट ट्रांसकॉन यूनो को DaaS सर्विसेज देने का ऑर्डर मिला है। कंपनी की यह ऑर्डर ट्रांसकॉन ग्रुप की एक एसपीवी (स्पेशल पर्पज वेईकल) ट्रांसकॉन बेलावियू प्राइवेट लिमिटेड से मिला है। इसकी अनुमानित ग्रास डेवलपमेंट वैल्यू ₹400 करोड़ है।

Endurance Technologies

एंड्योरेंस टेक की इटैलियन सब्सिडियरी एंड्योरेंस ओवरसीज ने स्टोफर्ले की एंटिटीज स्टोफर्ले ऑटोमोटिव और स्टोफर्ले में बची हुई 32% हिस्सेदारी 1.8 करोड़ यूरो में खरीदने के लिए शेयर पर्चेज एग्रीमेंट में बदलाव किया है।

NLC India

एनएलसी इंडिया ने नालको के साथ-साथ आधी-आधी हिस्सेदारी के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य नालको की कैप्टिव पावर की जरूरतों को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से 270-270 मेगावाट के चार यानी 1080 मेगावाट के थर्मल कैप्टिव पावर प्लांट बनाना है और साथ ही इसकी रिन्यूएबल एनर्जी की जरूरतों के लिए लॉन्ग-टर्म PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट) के विकल्पों पर विचार करना है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टिज एस्टेट प्रोजेक्ट्स ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं और 1,047 घरों की डिलीवरी कर दी है। इनमें प्रेस्टिज क्लेयरमोंट में 928 घर और बेलाजियो में 119 विला शामिल हैं। वहीं कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड (CPP इंवेस्टमेंट्स) ने प्रेस्टिज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स ने ₹3 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया है, जिससे कंपनी में इसकी करीब 27% हिस्सेदारी हो जाएगी।

STL Networks

रेलटेल के ₹249.8 करोड़ के ऑर्डर के लिए एसटीएळ नेटवर्क्स ने सबसे कम बोली लगाई है। इसमें रेलटेल के डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी साइट पर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशन लगाने का काम है।

JSW Cement

बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने शिवा सीमेंट को जेएसडब्ल्यू सीमेंट में मिलाने की योजना को मंज़ूरी दे दी है।

Tata Steel

टाटा स्टील ने टी स्टील होल्डिंग्स के 393.51 करोड़ इक्विटी शेयर $34 करोड़ (₹3,260.32 करोड़) में खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

जून 2026 तक एक्सिसकेड्स में जुपिटर कैपिटल की 58.03% थी। इसमें से 10.69% हिस्सेदारी यानी 45.48 लाख शेयर जुपिटर कैपिटल ने मंगलवार को ₹829.72 करोड़ में चार इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को प्रति शेयर ₹1,824 के भाव पर बेच दिए। इसमें से 12.88 लाख शेयर (3.03% होल्डिंग) एबेकस एसेट मैनेजर ने, 20.83 लाख शेयर (4.89% हिस्सेदारी) कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने ₹380 करोड़ में, 3 लाख शेयर ₹54.72 करोड़ में वनजा सुंदर ने और 8.77 लाख शेयर ₹160 करोड़ में स्वधा इंडिया इमर्जिंग अपॉर्चुनिटीज स्कीम 1 ने खरीदे।

Cube Highways Trust

अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड मुबाडाला इन्वेस्टमेंट कंपनी की मालिकाना हक वाली सेवेंटी सेकंड इन्वेस्टमेंट कंपनी LLC ने क्यूब हाईवेज ट्रस्ट के 4.49 करोड़ यूनिट (3.34% हिस्सेदारी) ₹689.46 करोड़ में बेच दी। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 6% हिस्सेदारी थी। इसने जो यूनिट बेचे हैं, वह नौ निवेशकों को प्रति यूनिट ₹153.30 के भाव पर बेचे गए हैं। एलएंडटी ने ₹150 करोड़ में 97.84 लाख यूनिट और कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट के अलावा बिड़ला म्यूचुअल फंड, HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस में से हर एक ने ₹40 करोड़ में 26.09 लाख यूनिट खरीदी हैं। इसके अलावा HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹104.73 करोड़ में 68.31 लाख यूनिट्स तो व्हाइट ओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ₹130 करोड़ में 84.8 लाख यूनिट्स खरीदी हैं।

Honasa Consumer

सिकोइया कैपिटल ग्लोबल ग्रोथ फंड III-US/इंडिया एनेक्स फंड LP ने होनासा कंज्यूमर के 25.02 लाख शेयर (0.76% होल्डिंग) ₹450 के भाव पर ₹112.6 करोड़ तो पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स VI ने ₹1.07 करोड़ शेयर (3.3% हिस्सेदारी) ₹450.22 के भाव पर ₹484.23 करोड़ में बेचे। जून 2026 तक होनासा कंज्यूमर में सिकोइया कैपिटल ग्लोबल फंड की हिस्सेदारी 3.44% और पीक XV पार्टनर्स की 14.8% थी। वहीं दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने ₹80 करोड़ में होनासा कंज्यूमर के अतिरिक्त 17.77 लाख शेयर, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹450 के भाव पर ₹150 करोड़ में अतिरिक्त 33.33 लाख शेयर खरीदे। जून 2026 तक ICICI प्रूडेंशियल लाइफ की कंपनी में 6.26% और फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड की 1.22% हिस्सेदारी थी।

BSE

गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने बीएसई के 23.81 लाख शेयर ₹3,200 के भाव पर ₹762.1 करोड़ में तो बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने 44.51 लाख शेयर ₹3,199.54 के भाव पर ₹1,424.33 करोड़ में बेचे। इन दोनों सौदों से कुल मिलाकर 1.67% हिस्सेदारी ₹2,186.4 करोड़ में बिकी। वहीं दूसरी तरफ यूटीआई म्यूचुअल फंड ने बीएसई के 27.12 लाख शेयर ₹868.14 करोड़ में और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 25.29 लाख अतिरिक्त शेयर ₹809.45 करोड़ में खरीदे। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.28% हिस्सेदारी ₹1,677.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,200 के भाव पर खरीदी।

360 ONE WAM

द रीजेंट्स ऑफ द यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया-स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइजर्स ने 360 वन डब्ल्यूएएम के 36.33 लाख शेयर (0.89% हिस्सेदारी) ₹374.3 करोड़ में प्रति शेयर ₹1030.08 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक कंपनी में इसकी हिस्सेदारी 1.87% थी।

Capital Small Finance Bank

ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड II ने कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक के 11.02 लाख शेयर (2.42% हिस्सेदारी) ₹30.86 करोड़ में बेचे, तो फिडेलिटी इंस्टीट्यूशनल फंड्स ICVC-इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने लगभग इतने ही शेयर खरीद लिए। इनकी खरीद-बिक्री प्रति शेयर ₹280 के भाव पर हुई। जून 2026 तक ओमान इंडिया जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड की इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में 2.52% हिस्सेदारी थी।

Kajaria Ceramics

प्रमोटर एंटिटी चेतन कजारिया फैमिली प्राइवेट ट्रस्ट ने कजारिया सिरेमिक्स के 18 लाख शेयर (1.13% हिस्सेदारी) ₹214.2 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190.01 के भाव पर बेच दिए। वहीं पुणे की सेजवन इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी ने कजारिया सिरेमिक्स के 10.5 लाख शेयर (0.65% हिस्सेदारी) ₹124.95 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,190 के भाव पर खरीदे।

Centum Electronics

मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स के 1.04 लाख शेयर (0.7% हिस्सेदारी) ₹51.52 करोड़ में प्रति शेयर ₹4,928.89 के भाव पर खरीदे।

Elevate Campuses, ArMee Infotech, Swastika Infra, Adroit Industries (India)

आज एलीवेट कैंपसेज, एर्मी इंफोटेक, स्वास्तिक इंफ्रा और एड्रायट इंडस्ट्रीज के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Pooja Logistics, Coreintegra Consulting Services, Liqvd Digital India, S K Offset, Unitec Fibres

पूजा लॉजिस्टिक्स और कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग सर्विसेज के शेयर आज एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे तो लिकवीडी डिजिटल इंडिया, एसके ऑफसेट और यूनीटेक फाइबर्स के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ट्रम्प ने AI का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस किया:बड़ी टेक कंपनियों के CEO से बोले- ये आर्टिफिशियल नहीं, इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम बदलकर सुपर इंटेलिजेंस (SI) करने वाले एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं। ट्रम्प ने हाल ही में हुई UN महासभा में AI को सुपर इंटेलिजेंस (SI) कहने की बात कही थी। व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि AI को आर्टिफिशियल (बनावटी) कहना ठीक नहीं है। यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। ट्रम्प ने AI आधारित एक पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसमें एक ही जगह से अमेरिकी सरकार की जानकारी और सरकारी सेवाएं मिलेंगी। ट्रम्प ने कहा कि अब पूरी अमेरिकी सरकार लोगों की हथेली में होगी। ट्रम्प ने बड़ी टेक कंपनियों के CEO के साथ बैठक की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों (CEO) के साथ बैठक की है। इसमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई और जेन्सेन हुआंग समेत कई टेक दिग्गज शामिल हुए। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक नैतिक रूप से बाध्यकारी समझौते पर भी साइन किए हैं। इसका मकसद AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल और विकास को लेकर कुछ नियम और दिशा तय करना है। बैठक के दौरान ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अब सुपर इंटेलिजेंस कहा जाएगा। डेटा सेंटर के लिए स्थानीय लोगों के साथ काम करेंगी कंपनियां बैठक में AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा भी उठा। ट्रम्प ने कहा कि जिन शहरों और कस्बों में डेटा सेंटर बनाए जाएंगे, टेक कंपनियों को वहां की स्थानीय कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनियां इन समुदायों की मदद करेंगी। इसमें स्कूलों, शिक्षकों और दूसरी स्थानीय जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना भी शामिल हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि कंपनियों को डेटा सेंटर बनाने से पहले स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी करनी चाहिए, ताकि वहां रहने वाले लोगों को भी इसका फायदा मिले। टेक कंपनियों ने कहा- सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ना जरूरी बैठक में AI के सुरक्षित इस्तेमाल और इसके गलत इस्तेमाल को रोकने पर भी चर्चा हुई। मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाइट हाउस के साथ हुए समझौते का मकसद लोगों का भरोसा बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों और ग्राहकों को भरोसा होना चाहिए कि यह तकनीक उसी तरह काम करेगी, जिस तरह इसे बनाया गया है। एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने कहा कि सभी कंपनियों को मिलकर काम करना होगा, ताकि इस तकनीक का विकास सुरक्षित तरीके से हो। ट्रम्प बोले- गलत इस्तेमाल हुआ तो कार्रवाई करेंगे ट्रम्प ने AI सिस्टम की जटिलता और संभावित गलत इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन मॉडलों का इस्तेमाल अच्छे कामों के लिए होगा। अगर इनका गलत इस्तेमाल किया गया तो सरकार कार्रवाई कर सकेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा में AI को अहम बताया अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन ने कहा कि AI में अमेरिका का नेतृत्व करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि AI और उससे जुड़ी नई तकनीकों का विकास सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। ट्रम्प ने बैठक को बेहद खास बताते हुए कहा कि अमेरिका AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार तथा टेक कंपनियां मिलकर इस तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करना चाहती हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… यूक्रेन ने जंग में विस्फोटकों से लैस रोबोट सैनिक उतारे: रूस के 3000 सैनिकों को मारने का दावा रूस-यूक्रेन जंग में अब रोबोट सैनिक भी मोर्चा संभाल रहे हैं। यूक्रेन ने पहली बार बड़े पैमाने पर सुसाइड जमीनी रोबोट का इस्तेमाल कर रूसी सेना पर हमला करने का दावा किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Bhopal Master Plan: भोपाल में बनेगा 51 KM का ग्रोथ कॉरिडोर और AI सिटी! जानिए मास्टर प्लान 2047 की सबसे बड़ी बातें

Bhopal 2047 master plan: मध्य प्रदेश सरकार ने दो दशक से अधिक समय के बाद अपने नए भोपाल डेवलपमेंट प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत राज्य सरकार बड़े पैमाने पर भोपाल में विस्तार की योजना बना रही है। यह योजना 2047 तक लगभग 45 लाख की आबादी के लिए तैयार की गई है। इसमें नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र, लंबा मेट्रो नेटवर्क, चौड़ी सड़कें, 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर और अधिक हरित क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव है। भोपाल के लिए पिछला मंजूर मास्टर प्लान 1995 में नोटिफाई किया गया था और इसे 2005 तक लागू रहना था।

60% क्षेत्र में शहरी विकास की योजना

भोपाल निवेश क्षेत्र में लगभग 1,01,690 हेक्टेयर जमीन है। लगभग 61,017 हेक्टेयर, या 60%, शहरी विकास के लिए तय किया गया है। इसमें आवासीय क्षेत्र, कमर्शियल एरिया, इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। बाकी 40,673 हेक्टेयर में वॉटर बॉडी, खेती की ज़मीन और दूसरे इस्तेमाल शामिल होंगे।

इस योजना में हरित क्षेत्र का हिस्सा भी बढ़ाया गया है। योजना के तहत निर्धारित लगभग 27% हिस्सा ग्रीन और इको-सेंसिटिव जोन के तौर पर निर्धारित किया गया है। लगभग 3,289.94 हेक्टेयर में पार्क, स्पोर्ट्स ग्राउंड, बॉटैनिकल और ज्यूलॉजिकल गार्डन, झील के किनारे अर्बन फॉरेस्ट और पेड़ लगाने की योजना शामिल होंगे। लगभग 10% क्षेत्र को मिश्रित उपयोग के लिए विकसित करने का सुझाव दिया गया है।

पांच जोन में बांटा गया है आवासीय क्षेत्र

लगभग 26,240 हेक्टेयर, या योजनाबद्ध शहरी क्षेत्र का 43%, आवासीय इस्तेमाल के लिए निर्धारित किया गया है। इसे पांच जोन में बांटा गया है।

RG-1 मौजूदा आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-2 प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-3 में लिमिटेड-डेंसिटी डेवलपमेंट होगा। इसमें VIP और एनवायरनमेंट के हिसाब से सेंसिटिव एरिया जैसे अरेरा कॉलोनी, चूनाभट्टी, श्यामला हिल्स, विजय नगर, चार इमली और गांधी नगर शामिल हैं।

RG-4 शहर की आने वाली आबादी के लिए नए आवासीय क्षेत्र को कवर करेगा।

RG-5 में पर्यावरण के लिए बहुत ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

एक जोन, कई गतिविधि

नई योजना में ‘एक जोन, कई गतिविधि’ व्यवस्था का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था के तहत, एक ही क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। यह पुरानी व्यवस्था से अलग है, जहां एरिया को एक मेन यूज़ के हिसाब से बांटा जाता था।

नए कमर्शियल एरिया का प्लान

भोपाल के कमर्शियल एरिया एमपी नगर और न्यू मार्केट जैसी जगहों से भी आगे बढ़ेंगे। योजना में व्यावसायिक मिश्रित उपयोग क्षेत्र को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें दुकानें, ऑफिस, कॉर्पोरेट ऑफिस और हाउसिंग की इजाजत होगी।

51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव

लगभग 3,000 हेक्टेयर में 51 km का ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। यह प्रस्तावित EKAI सिटी, भोपाल एयरपोर्ट, कमर्शियल एरिया, लॉजिस्टिक्स और होलसेल हब और सबअर्बन एरिया को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर में होटल, हॉस्पिटल, IT और AI फैसिलिटी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, मॉल, कॉर्पोरेट ऑफिस, एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन और हाउसिंग होंगे।

मेट्रो नेटवर्क बढ़ेगा

भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो नेटवर्क को मौजूदा 27.8 km से बढ़ाकर 95.82 km किया जाएगा। मेट्रो लाइन के दोनों तरफ 500 मीटर तक एक ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ज़ोन बनाया जाएगा। यही नियम भविष्य की मेट्रो लाइनों पर भी लागू होंगे।

झीलों, पहाड़ियों और पुराने भोपाल को बचाया जाएगा

नए प्लान में भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और पुरानी इमारतों को बचाने के लिए खास नियम हैं। अपर लेक, जिसे भोजताल भी कहा जाता है, के आसपास के इलाके को तीन ज़ोन – BIZ-0, BIZ-1 और BIZ-2 में बांटा गया है। इस प्लान में रातापानी सैंक्चुअरी के आसपास का 1,791.84 हेक्टेयर का इको-सेंसिटिव ज़ोन भी शामिल है। पुराने भोपाल के दीवारों वाले शहर को उसकी पुरानी और ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए हेरिटेज जोन के तौर पर प्रपोज किया गया है।

शिक्षा और AI के लिए EKAI सिटी

भौरी में एजुकेशन हब को एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI) सिटी के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इस योजना में डेवलपमेंट प्लान को लागू करने की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल ट्विन सिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का भी प्रस्ताव है।

₹6 करोड़ बना ₹433 करोड़! इस IPO ने आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को किया मालामाल

ESDS Software Solution Multibagger Returns: शेयर बाजार में 4 सितंबर को ESDS Software Solution के शेयरों की लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद इसमें आई आतिशी तेजी ने दलाल स्ट्रीट में तहलका मचा दिया है। ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और रिकॉर्ड रैली से बाजार के दो सबसे दिग्गज बिग-बुल निवेशकों आशीष कचोलिया और मुकुल अग्रवाल को मल्टीबैगर रिटर्न मिला है।

अक्टूबर 2024 में कंपनी में बेहद मामूली रकम लगाने वाले आशीष कचोलिया का निवेश महज दो साल से भी कम समय में 70 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है, जबकि मुकुल अग्रवाल के होल्डिंग की वैल्यू भी ₹1,100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।

आशीष कचोलिया का ₹6.14 करोड़ का निवेश बना ₹433 करोड़

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के पारखी माने जाने वाले दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया ने ESDS Software Solution में प्री-आईपीओ चरण के दौरान ही दांव लगा लिया था। कचोलिया ने अक्टूबर 2024 में इस कंपनी में ₹164 प्रति शेयर के भाव पर ₹6.14 करोड़ का शुरुआती निवेश किया था। कंपनी के आईपीओ तक उनके पास करीब 24.6 लाख शेयर थे। ₹429 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर उनकी इस हिस्सेदारी की वैल्यू करीब ₹103 करोड़ तय हुई थी।

लिस्टिंग के बाद शेयर में आई तूफानी तेजी के चलते कछोलिया के इसी पोर्टफोलियो की वैल्यू अब बढ़कर ₹433 करोड़ हो चुकी है। यानी उन्हें अपने मूल निवेश पर 70 गुना से अधिक का रिटर्न मिला है।

मुकुल अग्रवाल का ₹302 करोड़ का दांव अब ₹1,176 करोड़ के पार

बाजार के एक और दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की होल्डिंग में भी इस आईपीओ की लिस्टिंग के बाद जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। ESDS के ऑफर डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, आईपीओ से पहले मुकुल अग्रवाल के पास कंपनी के 70.3 लाख शेयर थे, जो कुल इक्विटी का लगभग 7% हिस्सा था।

आईपीओ के ₹429 के अपर प्राइस बैंड पर उनके इस 7% शेयर की कुल वैल्यू करीब ₹302 करोड़ थी। शेयर में लिस्टिंग के बाद आए 240% के उछाल के बाद, मुकुल अग्रवाल के इस स्टेक की वैल्यू बढ़कर ₹1,176 करोड़ के स्तर पर पहुंच चुकी है।

136 गुना सब्सक्रिप्शन और 240% की गदर रैली

ESDS Software Solution का ₹720 करोड़ का आईपीओ प्राइमरी मार्केट में 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच खुला था। कंपनी ने इसके लिए ₹408 से ₹429 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।

प्राइमरी मार्केट में बंपर मांग: निवेशकों की भारी मांग के चलते यह इश्यू ओवरऑल 136 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

240% का रिटर्न: 4 सितंबर को धमाकेदार डेब्यू करने के बाद से यह शेयर अपने इश्यू प्राइस ₹429 से करीब 240% चढ़ चुका है।

₹20,000 करोड़ का मार्केट कैप: शेयर में आई इस ऐतिहासिक तेजी से कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (M-Cap) ₹20,000 करोड़ के बेहद करीब पहुंच गया है।

टाटा और केपीआईटी को पछाड़ा: बाजार पूंजीकरण के इस आंकड़े के साथ ESDS Software ने अपनी सेक्टर की कई बड़ी लिस्टेड कंपनियों जैसे- Tata Elxsi, Firstsource Solutions और KPIT Technologies को पीछे छोड़ दिया है।

क्या करती है ESDS Software Solution?

ESDS Software Solution देश की अग्रणी एआई-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रोवाइडर कंपनी है। भारत में डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड अडॉप्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के बीच कंपनी का बिजनेस मॉडल बेहद मजबूत स्थिति में माना जा रहा है, यही वजह है कि दलाल स्ट्रीट के दिग्गज निवेशकों ने इसमें भारी दांव लगाया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Sons ने नोएल टाटा की आपत्ति खारिज की, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को वैध बताया

टाटा ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Tata Sons ने चेयरमैन पद पर एन चंद्रशेखरन की तीसरी बार नियुक्ति का विरोध करने वाले नोएल टाटा की आपत्ति खारिज कर दी है। कंपनी ने कहा है कि 17 सितंबर को बोर्ड ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का जो फैसला लिया था, वह वैध है।

Tata Sons ने इसके लिए दो नई कानूनी राय का हवाला दिया है। ये राय पूर्व चीफ जस्टिस उदय यू ललित और रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज बीएन श्रीकृष्ण ने दी हैं।

24 सितंबर को भेजा जवाब

Tata Sons ने 24 सितंबर को नोएल टाटा और Tata Trusts को जवाब भेजा। यह जवाब 20 सितंबर को भेजी गई उनकी चिट्ठी के बाद आया है। उस चिट्ठी में नोएल टाटा और Tata Trusts ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को कानूनी तौर पर गलत बताया था।

Tata Sons के कंपनी सेक्रेटरी सुप्रकाश मुखोपाध्याय ने यह पत्र जारी किया। इसके साथ दोनों कानूनी राय भी भेजी गईं। इसकी कॉपी Tata Sons के सभी डायरेक्टर्स को भी दी गई।

पूरा विवाद किस बात पर है?

विवाद Tata Sons के Article 121 को लेकर है। इसमें बोर्ड के फैसले के लिए डायरेक्टर्स के बहुमत की जरूरत बताई गई है। साथ ही Tata Trusts की ओर से नियुक्त डायरेक्टर्स के बहुमत का समर्थन भी जरूरी है।

इस आर्टिकल में चेयरमैन को कास्टिंग वोट देने का अधिकार भी है। कास्टिंग वोट का मतलब है… जब किसी फैसले पर वोट बराबर-बराबर बंट जाएं, तब मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे व्यक्ति को एक अतिरिक्त निर्णायक वोट देने का अधिकार।

अब विवाद यह है कि अगर Tata Trusts के दोनों नॉमिनी डायरेक्टर्स के वोट अलग-अलग हो जाएं, तो क्या चेयरमैन कास्टिंग वोट दे सकता है? पूरे बोर्ड के वोट बराबर नहीं होने पर भी इस अधिकार का इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं, यही मुख्य सवाल है।

चंद्रशेखरन ने खुद वोट नहीं दिया

चंद्रशेखरन ने अपनी दोबारा नियुक्ति के प्रस्ताव पर खुद वोट नहीं किया। कुल पांच डायरेक्टर्स ने वोट किया था। इनमें से चार ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया। इनमें Tata Trusts के नॉमिनी डायरेक्टर वेणु श्रीनिवासन भी शामिल थे। वहीं, दूसरे Trust नॉमिनी डायरेक्टर नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे हरीश मनवानी ने इसके बाद कास्टिंग वोट का इस्तेमाल किया। यह वोट दोनों Trust नॉमिनी डायरेक्टर्स के बीच 1-1 की स्थिति बनने के बाद दिया गया।

उदय ललित ने क्या कहा?

पूर्व चीफ जस्टिस उदय यू ललित ने Tata Sons के पक्ष में राय दी है। उनका कहना है कि Article 104B के तहत नियुक्त डायरेक्टर्स के बीच वोट बराबर होने पर चेयरमैन कास्टिंग वोट दे सकता था।

उनके मुताबिक, इस स्थिति में चेयरमैन के पास कास्टिंग वोट इस्तेमाल करने का आधार था। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का प्रस्ताव वैध तरीके से पास हुआ।

बीएन श्रीकृष्ण की राय क्या है?

रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज बीएन श्रीकृष्ण ने भी बैठक में अपनाई गई प्रक्रिया को सही माना। उनका कहना है कि Article 121 को जिस तरह लागू किया गया, वह उसके नियमों और भावना के मुताबिक है।

उन्होंने कहा कि Trust के नॉमिनी डायरेक्टर्स के बीच मतभेद होने पर बोर्ड का काम रुकना नहीं चाहिए। नियम की ऐसी व्याख्या होनी चाहिए, जिससे बोर्ड अपना काम पूरा कर सके।

वेणु श्रीनिवासन के वोट पर भी सवाल

नोएल टाटा के विरोध के बावजूद वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन के पक्ष में वोट किया। इस पर भी सवाल उठाए गए।

बीएन श्रीकृष्ण ने कहा कि किसी डायरेक्टर की कंपनी के प्रति कानूनी जिम्मेदारी उस संस्था के प्रति जिम्मेदारी से ऊपर होती है, जिसने उसे नॉमिनेट किया है। अगर दोनों के बीच टकराव हो, तो कंपनी के प्रति कानूनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता मिलेगी। उनके मुताबिक, इस मामले में वेणु श्रीनिवासन ने अपनी कानूनी जिम्मेदारी के तहत सही तरीके से काम किया।

पहले भी आ चुकी है कानूनी राय

Tata Sons के पास वरिष्ठ वकील सुदीप्तो सरकार की कानूनी राय भी पहले से थी। यह राय 17 सितंबर की बोर्ड बैठक वाले दिन ही बोर्ड के साथ साझा की गई थी।

सुदीप्तो सरकार की राय में Article 121 की ऐसी व्याख्या की गई थी, जिसके तहत दो स्थितियों में कास्टिंग इस्तेमाल किया जा सकता है। पहली स्थिति तब, जब Trust के नॉमिनी डायरेक्टर्स के वोट बराबर हो जाएं। दूसरी स्थिति तब, जब पूरे बोर्ड के वोट बराबर हों। उन्होंने Article 118 पर भी राय दी थी। यह प्रावधान नए चेयरमैन के चयन के लिए सेलेक्शन कमेटी की बात करता है।

सरकार के मुताबिक, Article 118 चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर लागू नहीं होगा। चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होगा। हालांकि, इससे पहले उन्होंने एक और कार्यकाल लेने की इच्छा नहीं जताई थी।

Tata Trusts की राय अलग

दूसरी तरफ, Tata Trusts इस मामले में अलग राय रखता है। 20 सितंबर को Trusts ने कहा था कि दो Trust नॉमिनी डायरेक्टर्स का बहुमत तभी माना जाएगा, जब दोनों चंद्रशेखरन के पक्ष में वोट करें।

Trusts का कहना है कि Article 121 में कास्टिंग वोट का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब पूरे बोर्ड के वोट बराबर हों। नोएल टाटा ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया था। इसलिए Trusts के मुताबिक, यह प्रस्ताव शुरुआत से ही अमान्य था।

Tata Trusts ने अपने पक्ष में पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की कानूनी राय का भी हवाला दिया है। इस तरह चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर Tata Sons और Tata Trusts की कानूनी व्याख्या अलग-अलग है।

Stock in Focus: 1 साल में 568% का मल्टीबैगर रिटर्न, अब डेटा सेंटर के लिए पेश की केबल की नई रेंज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 25 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, PB फिनटेक से वारी एनर्जीज तक शामिल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 25 सितंबर को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। PB Fintech के शेयर 36% तक टूटने के बाद IRDAI के प्रस्ताव पर नजर है। वहीं Waaree Energies, Sterlite Technologies और Wheels India से भी अहम अपडेट आए हैं।

PB Fintech

फिनटेक कंपनी PB Fintech के शेयर गुरुवार को 36% तक टूट गए। इसकी वजह IRDAI के इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े बड़े बदलावों का प्रस्ताव है। कंपनी ने एनालिस्ट कॉल में कहा कि नए नियमों का जनरल इंश्योरेंस बिजनेस के रेवेन्यू पर गंभीर असर पड़ सकता है। एजेंट कमीशन और नई भर्तियों की रफ्तार को लेकर भी चिंता जताई गई।

Waaree Energies

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Energies की सब्सिडियरी Waaree Clean Energy Solutions ने स्पेशलिटी गैस बिजनेस में एंट्री की है। कंपनी भारत में सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों को अल्ट्रा-हाई प्योरिटी गैस और केमिकल्स सप्लाई करेगी।

Interarch Building Solutions

प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग सॉल्यूशन कंपनी Interarch Building Solutions ने आंध्र प्रदेश के अट्टीवरम में नई हेवी स्ट्रक्चरल स्टील मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की है। इसकी शुरुआती क्षमता 24,000 मीट्रिक टन सालाना है। इससे कंपनी की कॉम्प्लेक्स और हेवी स्टील स्ट्रक्चर बनाने की क्षमता बढ़ेगी।

Dr Lal PathLabs

डायग्नोस्टिक सर्विस कंपनी Dr Lal PathLabs ने SN Genelab में 70% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह सौदा कैश में अधिकतम ₹168 करोड़ का है। इसके अलावा कंपनी को प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम ₹31.5 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

JSW Cement

सीमेंट कंपनी JSW Cement को सेंट्रल टैक्स विभाग की ओर से ₹229.85 करोड़ की GST डिमांड का शो-कॉज नोटिस मिला है। बेलगावी ऑडिट कमिश्नरेट ने यह नोटिस जारी किया है। इसमें लागू ब्याज और 10% पेनल्टी का भी प्रस्ताव है।

Inox Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Inox Green Energy का QIP गुरुवार को खुल गया है। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस फ्लोर प्राइस पर 5% तक की छूट भी दे सकती है।

Sterlite Technologies

टेलीकॉम और ऑप्टिकल फाइबर कंपनी Sterlite Technologies ने अपने Neuralis डेटा सेंटर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में रेडीमेड फाइबर ऑप्टिक केबल की नई रेंज जोड़ी है। इन केबल्स में 48 से लेकर 6,912 तक ऑप्टिकल फाइबर हो सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, ये प्रोडक्ट डेटा सेंटर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

Inox Green Energy Services

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Inox Green Energy Services का QIP खुल गया है। कंपनी ने इसके लिए ₹174.36 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। QIP के जरिए कंपनी संस्थागत निवेशकों से फंड जुटाएगी।

Wheels India

ऑटोमोबाइल कंपोनेंट कंपनी Wheels India Ltd ने गुरुवार, 24 सितंबर को ₹250 करोड़ का QIP लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका इंडिकेटिव इश्यू प्राइस ₹2,088 प्रति शेयर रखा है। इस पर निवेशकों को अधिकतम 4.3% तक की छूट मिल सकती है।

M&M Financial Services

NBFC कंपनी M&M Financial Services प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹2,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने की तैयारी में है। इससे कंपनी को फंड जुटाने में मदद मिलेगी।

LCC

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी LCC राजस्थान में ₹653.34 करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए L-1 बिडर बनी है। यानी टेंडर में कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है। अब प्रोजेक्ट से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर बाजार की नजर रहेगी।

Transport Corporation of India

लॉजिस्टिक्स कंपनी Transport Corporation of India का बोर्ड 29 सितंबर को शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार करेगा। बोर्ड बैठक में बायबैक से जुड़े प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है।

Stock in Focus: 1 साल में 568% का मल्टीबैगर रिटर्न, अब डेटा सेंटर के लिए पेश की केबल की नई रेंज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: 1 साल में 568% का मल्टीबैगर रिटर्न, अब डेटा सेंटर के लिए पेश की केबल की नई रेंज

Stock in Focus: टेलीकॉम और ऑप्टिकल फाइबर कंपनी Sterlite Technologies Limited (STL) ने डेटा सेंटर के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल की नई रेंज पेश की है। ये केबल कंपनी की Neuralis डेटा सेंटर प्रोडक्ट रेंज का हिस्सा हैं।

कंपनी के मुताबिक, नई रेंज में 48 से लेकर 6,912 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल शामिल हैं। इन्हें खासतौर पर बड़े डेटा सेंटरों के लिए तैयार किया गया है। इन डेटा सेंटरों में लगातार ज्यादा मात्रा में डेटा ट्रांसफर की जरूरत बढ़ रही है।

साइट पर कनेक्टर लगाने की जरूरत नहीं

इन केबल्स की खास बात यह है कि इनके सिरों पर कनेक्टर फैक्ट्री से ही लगे होते हैं। यानी साइट पर पहुंचने के बाद इंजीनियरों को इन्हें हाथ से लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे इंस्टॉलेशन का काम आसान और तेज हो सकता है।

पहली रेंज में 576 तक फाइबर

STL ने इस प्रोडक्ट रेंज को दो हिस्सों में बांटा है। पहली रेंज में 48 से 576 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल हैं। इनका इस्तेमाल एक ही डेटा हॉल के अंदर कनेक्शन के लिए किया जाएगा।

दूसरी रेंज में 144 से 6,912 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग बिल्डिंग के बीच या किसी बड़े कैंपस में लंबी दूरी के कनेक्शन के लिए बनाया गया है। ये केबल लंबे समय तक धूप और दूसरी बाहरी परिस्थितियों को झेलने के लिए भी तैयार की गई है।

फाइबर की पहचान करना होगा आसान

STL ने इन केबल्स में एक पेटेंटेड तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। इसमें अलग-अलग फाइबर को रंगों के जरिए आसानी से पहचाना जा सकता है। इससे इंस्टॉलेशन के दौरान फाइबर की पहचान करना और उन्हें आपस में स्प्लाइस करना आसान होगा।

शेयर में 5% की गिरावट

शेयर बाजार की बात करें तो Sterlite Technologies का शेयर गुरुवार के कारोबार में करीब 5% गिरकर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर करीब 8 गुना बढ़ चुका है। वहीं 6 महीने में इसने 357.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 568.25% का रिटर्न दिया है।

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अदाणी ग्रुप का पश्चिम बंगाल के लिए मास्टरप्लान! 2035 तक ₹1 लाख करोड़ के निवेश का ऐलान, पोर्ट से डेटा सेंटर तक क्या-क्या बनेगा?

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार, 24 सितंबर को कहा कि अदाणी ग्रुप 2035 तक पश्चिम बंगाल में पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कों और पुलों, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश करेगा। ₹1 लाख करोड़ के निवेश के इस रोडमैप में 2035 तक पूरे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे।

यह घोषणा गौतम अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा कोलकाता के न्यू टाउन में ग्रुप के प्रस्तावित 2,000-बेड वाले ‘अदाणी आरोग्य मंदिर’ की आधारशिला रखने के मौके पर की गई। अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किए जाने वाले इस हॉस्पिटल प्रोजेक्ट में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का निवेश होगा।

अपनी निवेश योजना के बारे में बात करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, “हम पश्चिम बंगाल को पूर्व में अपनी कर्मभूमि मानते हैं।” उन्होंने ग्रुप के पूर्वी क्षेत्र के कामकाज में राज्य की भूमिका की तुलना गुजरात के मुंद्रा से की, जिसे उन्होंने ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव बताया।

अस्पताल में कैंसर के इलाज की होगी सुविधा

अदाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ में फैला होगा और इसमें 2,000 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज और सहयोगी हेल्थकेयर व पैरामेडिकल शिक्षा के संस्थान शामिल होंगे।

इस हेल्थकेयर प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए गौत अदाणी ने कहा, “अडानी आरोग्य मंदिर एक नॉन-प्रॉफिट मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा जिसमें 2,000 बिस्तर होंगे। इनमें से 1,000 बिस्तर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत पात्र हैं।”

अस्पताल के पहले चरण में कैंसर के इलाज पर फोकस किया जाएगा और टर्शियरी और स्पेशलाइज़्ड हेल्थकेयर सर्विस दी जाएंगी। कैंपस में स्टेप-डाउन और ट्रांज़िशनल केयर की सुविधाएं, मरीज़ों के रिश्तेदारों के लिए रहने की जगह और हेल्थकेयर प्रोफ़ेशनल्स के लिए रिहायशी सुविधाएं भी होंगी।

मेडिकल कॉलेज में हर साल 150 अंडरग्रेजुएट छात्र, 100 से ज़्यादा पोस्टग्रेजुएट छात्र और 40 से ज़्यादा सुपर-स्पेशलिस्ट दाखिला ले सकेंगे। ग्रुप ने कहा कि बड़े हेल्थकेयर इकोसिस्टम से लगभग 10,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इस प्रोजेक्ट में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल और बायोमेडिकल साइंस के दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

ग्रुप की योजनाओं में राज्य की भूमिका के बारे में बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “हम बंगाल को पुनर्निमित करने में आपकी मौजूदगी की उम्मीद करते हैं। इसका अंतिम विज़न सिर्फ़ एक हॉस्पिटल कैंपस नहीं, बल्कि एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर सिटी बनाना है।”

राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार और दुर्गा पूजा के लिए हुए करार

हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के साथ-साथ, अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो और समझौते (MoU) किए। एक समझौता राइटर्स बिल्डिंग के जीर्णोद्धार से जुड़ा है, जबकि दूसरा ग्रुप की ‘अदाणी पूजा प्रीव्यू’ पहल के ज़रिए कोलकाता के दुर्गा पूजा इकोसिस्टम को सहयोग देने से संबंधित है। अदाणी ग्रुप ने कुमारतुली घाट के कायाकल्प में सहयोग की भी घोषणा की।

 

 

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UP-EDGE Project: योगी सरकार का पूर्वांचल पर मेगा प्लान! 28 जिलों की बदलने वाली है किस्मत, ₹2,500 करोड़ से होगा ये बदलाव

UP-EDGE Project: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। विश्व बैंक (World Bank) के सहयोग से ₹2,500 करोड़ की UP-EDGE प्रोजेक्ट प्रस्तावित की गई है। पांच साल तक चलने वाली इस परियोजना का मकसद पूर्वांचल के जिलों में स्थानीय क्षमता के आधार पर रोजगार, आय और निवेश के नए अवसर तैयार करना है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार (22 सितंबर) को कहा कि वह पूर्वांचल क्षेत्र के 28 जिलों को समर्पित एक परियोजना शुरू करेगी।

इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों को निवेश, रोजगार, उद्यमिता और निर्यात के अवसरों में बदलना है। विश्व बैंक के सहयोग से शुरू की जाने वाली उत्तर प्रदेश सक्षम जिला-आधारित आर्थिक विकास (UP-EDGE) परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को भी मजबूत करेगी।

28 जिलों को मिलेगा फायदा

UP-EDGE यानी UP Enabling District-Led Economic Growth Project के तहत फिलहाल पूर्वांचल के 28 जिलों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बुंदेलखंड के सात जिलों को भी परियोजना में शामिल किए जाने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को विश्व बैंक के सहयोग से लागू किया जाना प्रस्तावित है।

बैठक में परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट यानी PPR को भारत सरकार को भेजने समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्व बैंक के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में परियोजना के विभिन्न प्रस्तावित घटकों पर चर्चा की गई। इनमें प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (PPR) को भारत सरकार को भेजना भी शामिल है।

बुंदेलखंड के सात जिले शामिल

विश्व बैंक के प्रैक्टिस मैनेजर हून सोह, लीड इकोनॉमिस्ट ऑरेलियन क्रॉस, सीनियर इकोनॉमिस्ट विंसेंट बेलिंगा और सीनियर स्पेशलिस्ट नेहा गुप्ता के साथ हुई बैठक में बताया गया कि यूपी-एज प्रोजेक्ट पूर्वांचल के 28 जिलों के लिए तैयार की गई है। बयान के मुताबिक, बुंदेलखंड के सात जिलों को भी इस परियोजना में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की अवधि पांच साल होगी।

पूर्वांचल में उत्तर प्रदेश की करीब 40% आबादी

बैठक में बताया गया कि पूर्वांचल में यूपी की करीब 40 प्रतिशत आबादी रहती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इस क्षेत्र का योगदान लगभग 27.6 प्रतिशत है। क्षेत्र की प्रति व्यक्ति आय राज्य के औसत से करीब 45 फीसदी कम है। लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल कृषि क्षेत्र से जुड़ा है। ऐसे में यह परियोजना जिलों की जरूरतों और स्थानीय संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करेगी।

कृषि के साथ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल में विकास की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने जिलेवार बड़े निवेश प्रोजेक्ट के लिए स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। सरकार के मुताबिक, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। सीएम योगी ने कृषि के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की भूमिका बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर भी जोर दिया।

इस प्रोजेक्ट के तहत करीब एक लाख नए उद्यम विकसित करने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल जिलों जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर विकसित किए जाएंगे। वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में कौशल विकास और ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और स्वास्थ्य पर्यटन की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।

ODOP को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)’ समेत अन्य स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बेहतर बाजार व्यवस्था और वैश्विक पहुंच के जरिए इन उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। UP-EDGE प्रोजेक्ट के जरिए सरकार का फोकस सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित रखने के बजाय जिले की स्थानीय आर्थिक क्षमता के हिसाब से विकास मॉडल तैयार करने पर है। प्रोजेक्ट के अगले चरण में प्रस्तावित PPR को केंद्र सरकार के समक्ष भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पूर्वांचल में विकास की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और आर्थिक अवसरों को ध्यान में रखते हुए जिलेवार बड़े निवेश परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”

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उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के विकास में कृषि के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र की भूमिका भी बढ़ानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और वैश्विक बाजारों से जोड़कर निर्यात के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। आदित्यनाथ ने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और अन्य स्थानीय उत्पादों को नए बाजार तंत्र से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

L&T Target Price: मैनेजमेंट से मुलाकात के बाद JPMorgan ने सबसे बड़ा टारगेट दिया, 30% चढ़ सकता है स्टॉक

L&T Target Price: ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen and Toubro यानी L&T के शेयर पर ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,060 रखा है। इस टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 30% की तेजी की गुंजाइश है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.7% गिरकर ₹3,877 पर बंद हुआ। इस साल अब तक शेयर करीब 6% नीचे है। JPMorgan का ₹5,060 का टारगेट L&T के लिए सबसे ऊंचे टारगेट में शामिल है।

पश्चिम एशिया में प्रोजेक्ट्स पर बड़ा अपडेट

JPMorgan ने L&T के मैनेजमेंट से मुलाकात की। इसके बाद ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट जारी की। मैनेजमेंट के मुताबिक पश्चिम एशिया में कंपनी के प्रोजेक्ट्स का काम अभी भी बिना किसी बड़ी रुकावट के चल रहा है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण लागत बढ़ी है। हालांकि, कंपनी के ग्राहकों ने बड़े स्तर पर इस बढ़ी हुई लागत को स्वीकार किया है। L&T ने इस मुश्किल दौर में ग्राहकों के साथ अपने मजबूत रिश्ते बनाए रखने पर फोकस जारी रखने की बात कही है।

भारत में सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद

L&T के मुताबिक भारत में सरकारी कैपेक्स कुछ समय तक सुस्त रहने के बाद फिर बढ़ सकता है। वहीं, निजी कंपनियों का कैपेक्स भी अब रफ्तार पकड़ रहा है। इसमें थर्मल पावर सेक्टर में मिले बड़े ऑर्डर की अहम भूमिका है।

कंपनी ने आगे के लिए कई नए क्षेत्रों पर भी फोकस किया है। इनमें डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।

इसके अलावा L&T ने 2031 तक अपने डिफेंस कारोबार से होने वाले रेवेन्यू को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का फोकस रिटर्न ऑन इक्विटी, कैश फ्लो और शेयरधारकों को मिलने वाले रिटर्न पर भी बना रहेगा।

मिड-टीन्स ग्रोथ की उम्मीद

JPMorgan के मुताबिक पश्चिम एशिया का संघर्ष L&T के शेयर के लिए एक जोखिम बना हुआ है। इसके बावजूद कंपनी के कारोबार को पारंपरिक और नए क्षेत्रों में मिड-टीन्स यानी सालाना करीब 13-16% की ग्रोथ के लिए तैयार किया जा रहा है।

ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी के रिटर्न ऑन इक्विटी में भी मजबूती बनी हुई है। JPMorgan ने यह भी कहा कि L&T का वैल्यूएशन 25 गुना से कम P/E पर है। ब्रोकरेज ने इसे आकर्षक बताया है।

₹5,000 के ऊपर टारगेट देने वाले ब्रोकरेज

JPMorgan के अलावा दो और ब्रोकरेज ने L&T के लिए ₹5,000 या उससे ज्यादा का टारगेट दिया है। Jefferies और ICICI Direct दोनों ने शेयर का टारगेट ₹5,000 रखा है।

L&T को कुल 32 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें 26 ने शेयर पर ‘Buy’, 5 ने ‘Hold’ और 1 एनालिस्ट ने ‘Sell’ रेटिंग दी है।

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