HDFC Bank की गिरावट पर Sensex-Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण निवेशकों पर बरसे ₹2 लाख करोड़

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चे तेल में और उबला आया तो मार्केट में आज भी इसकी आंच महसूस हुई। घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार दूसरे दिन फिसले। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) जैसे हैवीवेट स्टॉक में गिरावट के चलते इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी कम बढ़त रही तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी अधिक तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज मार्केट में सबसे अच्छी रौनक रियल्टी सेक्टर में दिखी जिसके निफ्टी इंडेक्स में 1% से अधिक बढ़त रही। निफ्टी ऑटो में 1% से थोड़ी कम बढ़त रही। वहीं दूसरी तरफ सरकारी बैंकों में बिकवाली का दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 0.88% कमजोर हुआ तो निफ्टी आईटी भी आधे फीसदी से अधिक कमजोर हुआ। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 238.41 प्वाइंट्स यानी 0.31% की कमजोरी के साथ 77,470.11 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 50.80 प्वाइंट्स यानी 0.21% की गिरावट के साथ 24,187.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 371.19 प्वाइंट्स टूटकर 77,337.33 और निफ्टी 102.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,135.65 तक आ गया था।

₹2.15 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 20 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,19,644.97 करोड़ था। आज यानी 21 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,84,29,159.65 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹2,09,514.68 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है

Sensex के 21 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 21 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज बजाज फिनसर्व, इंडिगो और अल्ट्राटेक सीमेंट में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एचडीएफसी बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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 131 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4399 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2188 शेयर आज मजबूत हुए तो 2021 में गिरावट रही जबकि 190 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 131 शेयर एक साल के हाई और 90 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 15 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 9 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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पश्चिमी एशिया में क्या है स्थिति

अमेरिका ने ईरान पर लगातार 10वीं रात किया ताबड़तोड़ हमला किया तो दूसरी तरफ इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वीकेंड पर अमेरिकी सैनिकों की हुई मौतों और नुकसान से भड़के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भयंकर बदले की कसम खाई है। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सैन्य और व्यापारिक नेटवर्क पर चौतरफा हमला बोल दिया है। ईरानी सेना ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज अमेजन के सेंट्रल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर कई क्रूज मिसाइलों से हमला कर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MP बनेगा निवेश का नया हब, भारत टेक्स-2026 में मिले 20,193 रुपए करोड़ के प्रस्ताव, 27 हजार नौकरियों का रास्ता साफ

'हमारे मध्यप्रदेश में लेबर की कोई प्रॉब्लम नहीं होती। अगर कोई उद्योगपति यहां उद्योग लगाकर 10-20 साल कहीं और कुछ करना चाहे तो उसके उद्योग को कुछ नहीं होगा। प्रदेश की जनता अपने काम को अच्छे से करना और निभाना जानती है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही। सीएम डॉ. यादव 16 जुलाई को नई दिल्ली की होटल द लीला पैलेस में आयोजित 'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्म्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर कई उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश संबंधी एमओयू साझा किए गए।

बता दें, राज्य ने नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स-2026 तथा “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” के माध्यम से निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दोनों आयोजनों में प्रदेश को 20 हजार 193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों से लगभग 27 हजार 592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। दोनों कार्यक्रमों में सीएम डॉ. यादव ने निवेशकों-उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड के प्रतिनिधियों से गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को जनवरी-2027 में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में भाग लेने का आमंत्रण दिया।

 

'इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्म्युनिटीज इन मध्यप्रदेश' में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मैं सभी उद्योगपतियों-निवेशकों का अभिनंदन करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के नक्शे पर अपनी साख और धाक बना रहा है। हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हम देश के बदलते समय को देख पा रहे हैं। आदि काल से सोने की चिड़िया जैसे अलंकरणों से भारत की पहचान होती रही है। 12 साल का समय बहुत छोटा होता है। इस छोटे से समय में भी वो सारी चीजें भी हो गईं, जिसके लिए कभी-कभी कहा जाता था कि ये तो भारत में हो ही नहीं सकता, भारत के लोग ये कैसे कर देंगे, ये तो यहां असंभव है। मुझे इस बात का संतोष है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में वर्तमान के समय में असंभव भी संभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात यह भी है कि वो निर्णय जो राजनेताओं के कदम रोकते थे , उन निर्णयों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने मिथक तोड़े हैं। अब तो लोग यह कहने लगे हैं कि जो सारे जहां में असंभव है, वो भारत में संभव है।  

 

राज्य कल्याण के लिए उठाए कई कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम तौर पर जब कोई नेता प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठता था, तो वह जिस प्रदेश और शहर का होता था, राजनीति उसके आसपास घूमती थी। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने समान रूप से सभी को अवसर प्रदान किए, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार किया, सभी राज्यों को प्रगति के समान अवसर और प्रमोशन के मौके दिए। हमारी सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें और बाकी राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि मैं अभी से आप सभी को जीआईएस 2027 का निमंत्रण देने आया हूं, यही समय के परिवर्तित होने का प्रमाण है। हमारी सरकार ने व्यवसाय को गंभीरता से लिया है। हमारे अधिकारियों ने प्रजेंटेशन के जरिये सरकार की नीति और नियति बताने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष को छोड़ दिया जाए तो, बाकी के वर्ष में हमने राज्य के कल्याण के लिए कई कदम उठाए। 

 

टेक्सटाइल में अनंत संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे राज्य ने सारे सेक्टर में प्रतिबद्धता सिद्ध की है। कपास और ऑर्गेनिक कपास की खेती के लिए राज्य नंबर-1 है। लेकिन, ब्रिटिश काल की नीतियों और सरकारों की उदासीनता ने वो ताज छीन लिया। हमारे इंडस्ट्रियल पार्क का जिस दिन भूमि-पूजन होता है, उस दिन सारे प्लॉट भी आवंटित हो जाते हैं। जीआईएस 2025 में हमारे पास 32 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे। जीआईएस के प्रस्ताव अगर 10 फीसदी भी धरातल पर उतर जाएं तो बहुत बड़ा आंकड़ा माना जाता है। लेकिन, डेढ़ साल में ही 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव न केवल धरातल पर उतरे, बल्कि काम भी शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बिजली मध्यप्रदेश से मिल रही है। कहीं और उद्योग लगाओ तो जनरेटर का सेट लगाना पड़ता है, लेकिन अगर प्रदेश में उद्योग लगाओ तो बिजली जाती ही नहीं है। हमारे पास बिजली सरप्लस है। मध्यप्रदेश में कुशल और व्यवहारिक कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता भी है। राज्य में एमएसएमई, लघु-कुटीर उद्योग, माइनिंग, फार्मा, टेक्सटाइल प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने की अनंत संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश देश का दूसरा बड़ा खाद्यान्न उत्पादक राज्य है। देश में सर्वाधिक किसानों से गेहूं का उपार्जन मध्यप्रदेश ने किया है। मध्यप्रदेश फूड इंडस्ट्री के लिए अनुकूलता वाला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि अगर एक रुपए निवेश करें तो 75 पैसे सब्सिडी के रूप में वापस मिल जाते हैं। हमारी सरकार रोजगार परक उद्योग स्थापित करने पर श्रमिकों के वेतन के लिए निवेशकों को 5 साल तक 5000 रुपए प्रति श्रमिक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। मध्यप्रदेश में पर्याप्त लैंड बैंक है। बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश में फूड पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टी मॉडल पार्क जैसी अनेकों सौगातें मिली हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर लंबा रोड नेटवर्क है। सुदृढ़ रेलवे कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतरराष्ट्रीय कंटेनर, एक्सप्रेसवे और हाइवे हैं। आइए, मध्यप्रदेश के साथ मिलकर आगे बढ़ें।

 

भारत टेक्स-2026 में क्या हुआ

भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंड टेबल में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, निर्यात संवर्धन, कौशल विकास और निवेश प्रोत्साहन पर विस्तृत चर्चा हुई। इस आयोजन में 1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 15,700 रोजगार सृजित होने की संभावना है। इंटरैक्टिव सेशन के दौरान एमपीआईडीसी ने निर्यात संवर्धन, ई-कॉमर्स, वैश्विक व्यापार, एमएसएमई और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। साथ ही रक्षा, डेटा सेंटर, आईटी, एआई, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और खाद्य प्रसंस्करण सहित अनेक क्षेत्रों में निवेश अवसर प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा दिल्ली निवेश संवाद में रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग और खिलौना उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 हजार 601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 11,892 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों, साझेदारियों और एमओयू के माध्यम से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

 

दुनियाभर के निवेशक हो रहे आकर्षित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश के धार को देश के पहले पीएम मित्र पार्क की सौगात दी थी। गारमेंट सेक्टर के इस पार्क के भूमि-पूजन के साथ ही यहां 90 प्रतिशत भू-खंडों का आवंटन भी पूरा कर लिया गया। यह एक रिकॉर्ड है और काम के प्रति राज्य सरकार की दक्षता प्रकट करती है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्र पार्क के आसपास भी निवेशक अब उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर रहे है।

प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूलता, कच्चे धागे के लिए माल की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश की बढ़ती निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन की शक्ति से दुनिया परिचित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सेक्टर में विशेष पहचान रहा है। राज्य में उद्योगों को आर्थिक सब्सिडी, बिजली आपूर्ति, भूमि आवंटन, स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी नीतियों से निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। राज्य में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कौशल विकास प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है और अपनी विशेषताओं के कारण दुनियाभर के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में मध्यप्रदेश को 33 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। वर्ष 2027 में फिर जीआईएस का आयोजन होगा, उम्मीद है कि इसमें निवेश का रिकॉर्ड टूटेगा।

क्या हैं AI डेटा सेंटर और क्यों हो रहा है इनका विरोध?

AI data center

– विनम्र मिश्रा (डेटा इंजीनियर, मुंबई)

 

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में जितनी चर्चा एआई (AI) यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को लेकर हुई है, शायद ही किसी और तकनीक पर हुई हो। लेकिन बीते कुछ महीनों से डेटा सेंटर का विषय अधिक चर्चा में है, जिस पर आज की यह एआई तकनीक और इसका भविष्य टिका हुआ है। दुनिया भर में एआई डेटा सेंटरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

 

लोगों का दावा है कि ये डेटा सेंटर पर्यावरण के लिए खतरा बनकर उभर रहे हैं। बीते कुछ महीनों में अमेरिका और यूरोप के कई देशों में डेटा सेंटर के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किए हैं। हाल ही में अमेरिकी संसद में सांसद अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ ने जॉर्जिया प्रांत के एक डेटा सेंटर के कारण स्थानीय लोगों को होने वाली समस्याओं को उजागर किया है। आइए, आज इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

 

क्या है डेटा सेंटर?

डेटा सेंटर को आप एक ऐसे विशाल ढांचे या इमारत के रूप में देख सकते हैं, जहाँ हजारों सर्वर या कंप्यूटर रखे होते हैं। आप जिस भी एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं, उसके पीछे का पूरा दिमाग इन्हीं सर्वर्स को समझिए। जाहिर है, दिमाग चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ठीक उसी प्रकार, ये सर्वर भी भारी मात्रा में बिजली की खपत करते हैं। आज तेजी से काम करने वाले आधुनिक सुपरकंप्यूटर, जिन पर एआई काम करता है, वे आपके सामान्य कंप्यूटर से कई गुना अधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। जिस एआई तकनीक का आज हम उपयोग कर रहे हैं या आगे करेंगे, उसके लिए एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों और हजारों सर्वर्स की जरूरत होती है।

 

क्यों बढ़ रही है लोगों की चिंता?

ये कंप्यूटर न केवल अत्यधिक ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं, बल्कि काम करते समय गर्मी (Heat) के रूप में भारी ऊर्जा बाहर भी निकालते हैं। यह बिल्कुल वैसे ही है, जैसे कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद आपका कंप्यूटर या स्मार्टफोन थोड़ा गर्म हो जाता है। इसे आप स्कूल या कॉलेज की कंप्यूटर लैब के उदाहरण से भी समझ सकते हैं।

 

कंप्यूटर लैब में जहाँ कई कंप्यूटर होते हैं, वहाँ उनसे निकलने वाली गर्मी इतनी अधिक हो सकती है कि वह कंप्यूटर के हार्डवेयर को नुकसान पहुँचा दे। इसीलिए कंप्यूटर लैब को हमेशा वातानुकूलित (Air Conditioned) रखा जाता है।

 

इसी प्रकार, बड़े डेटा सेंटरों में इतनी भीषण गर्मी पैदा होती है कि वह सर्वर्स के हार्डवेयर को जलाकर नष्ट कर सकती है। ऐसे में उन्हें ठंडा रखना बेहद जरूरी होता है। डेटा सेंटर के स्तर पर केवल एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल करने से बिजली की खपत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इसी कारण कई डेटा सेंटर कूलिंग (ठंडा करने) के लिए पानी का उपयोग करते हैं। सर्वर्स के रैक (जहाँ कई सारे सर्वर रखे होते हैं) के पास से पानी की पाइपलाइन गुजारी जाती है, जो गर्मी सोखती है और बाद में यह गर्म पानी भाप बनकर उड़ जाता है।

 

डेटा सेंटरों को लगातार ठंडा रखने की इस प्रक्रिया में पानी की भारी बर्बादी होती है। उदाहरण के लिए, गूगल के डेटा सेंटरों द्वारा वर्ष 2022 में उपभोग किया गया 5.6 बिलियन गैलन (लगभग 2,120 करोड़ लीटर) पानी, भारत के किसी मध्यम आकार के शहर के लगभग 4.3 लाख लोगों की पूरे साल की पानी की जरूरत के बराबर है।

 

ध्वनि प्रदूषण भी है एक बड़ी समस्या

डेटा सेंटरों में बिजली और पानी की यह बेलगाम खपत कई जगहों पर स्थानीय लोगों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। लोगों का विरोध है कि उनके हक का पानी और बिजली इन डेटा सेंटरों को दी जा रही है। लेकिन परेशानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती; डेटा सेंटरों से निकलने वाली तेज आवाज (ध्वनि) भी एक बड़ी समस्या है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेटा सेंटरों से लगातार एक कम आवृत्ति वाली (Low-Frequency) भारी आवाज निकलती रहती है, जिससे आसपास के घरों में कंपन महसूस होता है। 'अमेरिकन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन' ने भी माना है कि ऐसी लो-फ्रीक्वेंसी ध्वनि लगातार 24 घंटे सुनने के कारण हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

 

आज दुनिया भर में जहाँ एआई पर लोगों की निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है और टेक कंपनियाँ तथा सरकारें एआई की इस अंधी दौड़ में भाग रही हैं, ऐसे में डेटा सेंटरों को लेकर आम जनता की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। लोगों की शिकायत बिल्कुल जायज है कि सरकारें और बड़ी कंपनियाँ विकास की आड़ में पर्यावरण के नियमों को नजरअंदाज कर रही हैं।

 

AI Data Centre Theme: AI डेटा सेंटर बूम से 45% तक चढ़े वाटर स्टॉक्स, कौन-कौन हैं इस थीम के बड़े खिलाड़ी?

AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार के बीच अब सिर्फ पावर कंपनियां ही नहीं, बल्कि वॉटर सेक्टर की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। इसकी वजह है AI डेटा सेंटर, जिन्हें बिजली के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी की भी जरूरत होती है। पानी का इस्तेमाल सर्वर को ठंडा रखने और दूसरे ऑपरेशनल कामों में किया जाता है।

कुछ वॉटर स्टॉक्स एक महीने में 45% तक चढ़े 

AI थीम और सरकारी योजनाओं की वजह से पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार के कारोबार में इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

VA Tech Wabag का शेयर 0.64% गिरा। वहीं Enviro Infra Engineers 0.69%, Indian Hume Pipe Company 0.37% और Denta Water and Infra Solutions 0.25% चढ़े।

Felix Industries 2.67% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। वहीं Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी और Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वॉटर स्टॉक्स में दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?

Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, इस तेजी की दो बड़ी वजह हैं। पहली, सरकार का पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च। दूसरी, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं AI डेटा सेंटर की थीम ने इस तेजी को और रफ्तार दी है।

सिर्फ AI नहीं, सरकार भी दे रही बड़ा सपोर्ट

Bajaj Finance के मुताबिक, साफ पानी की बढ़ती मांग, शहरीकरण, औद्योगिक इस्तेमाल और सरकारी निवेश की वजह से वॉटर सेक्टर की कंपनियों के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इस सेक्टर को स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं।

भारत में वॉटर स्टॉक्स में कितना बड़ा मौका है ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है। इसमें करीब 40% हिस्सा पानी और 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।

SBI Cap Securities के मुताबिक, अगले 3-4 साल तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार फोकस रख सकती है। वहीं, Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि देश में अभी सिर्फ करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट होता है। कई शहरों में आज भी सीवर नेटवर्क और जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर में आगे भी बड़े निवेश की जरूरत बनी रहेगी।

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कौन हैं एमके दास? जिन्होंने PM मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के लिए झोंक दी अपनी पूरी ताकत

Who is Manoj Kumar Das

Manoj Kumar Das (MK Das) : यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की परीक्षा पास करने वाला हर सिविल सर्वेंट ऊंचे पदों पर पहुंचकर देश सेवा करने का सपना देखता है। बिहार के दरभंगा के मूल निवासी और 1990 बैच के IAS अधिकारी मनोज कुमार दास (एमके दास) की कहानी भी कुछ ऐसी ही प्रेरणादायी है। दरभंगा में अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने प्रतिष्ठित IIT खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की और इसके बाद वे भारतीय सिविल सेवा में शामिल हो गए।

 

2. गुजरात सरकार के नए 'श्री विश्वसनीय'

नवंबर 2025 में गुजरात के मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद एमके दास प्रशासनिक गलियारों में सरकार के नए 'श्री विश्वसनीय' (Mr. Dependable) बनकर उभरे हैं। पहले ऐसा माना जा रहा था कि लंबे समय तक आर्थिक और नीतिगत विभाग संभालने वाले दास के लिए सामाजिक क्षेत्र एक बड़ी चुनौती साबित होगा। हालांकि शासन की गहरी समझ और सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताओं को सही ढंग से पहचानकर उन्होंने प्रशासनिक तंत्र पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है।

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3. आलोचकों को जवाब और सामाजिक सुधार

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार में मुख्य प्रशासनिक प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे एमके दास ने पिछले 9 महीनों में अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण (Vision) के अनुरूप वे न केवल नीतिगत ढांचे को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक क्षेत्र के कल्याणकारी कार्यक्रमों को भी नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। विशेष रूप से गुजरात में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (Dropouts) की दर को कम करने और बाल कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए उन्होंने एक निर्णायक अभियान शुरू किया है।

 

4. एमके दास का प्रगतिशील '3E' फॉर्मूला

एमके दास का मानना है कि आज के बच्चे वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे राज्य के श्रमिकों के बच्चों तक भी 'शाला प्रवेशोत्सव' जैसे प्रगतिशील कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पहुंचाने में कामयाब रहे हैं। वे शासन चलाने के लिए खास '3E' फॉर्मूले पर भरोसा करते हैं, जिसका अर्थ है Effective (असरदार), Efficient (कुशल) और Easy (आसान)।

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5. फील्ड ऑफिसर से कलेक्टर तक का सफर

उन्होंने अपने सिविल सर्विस करियर की शुरुआत गुजरात के डभोई में SDM के रूप में की थी। इसके बाद, जब 2 अक्टूबर 1997 को जूनागढ़ से पोरबंदर जिला अलग हुआ, तो वे वहां के पहले जिला कलेक्टर बने। इसके अलावा, उन्होंने बनासकांठा और सूरत जैसे महत्वपूर्ण जिलों में कलेक्टर के रूप में और सूरत व वडोदरा नगर निगम में म्यूनिसिपल कमिश्नर के रूप में यादगार सेवाएं दी हैं। वडोदरा में कमिश्नर के तौर पर उनका 5 साल का कार्यकाल आज भी लोग बड़े आदर के साथ याद करते हैं।

 

6. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति और CMO में दोहरी सेवा

राज्य स्तर के अलावा एमके दास ने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें गृह मंत्रालय के तहत जम्मू-कश्मीर मामलों के निदेशक (Director) के रूप में उनकी भूमिका प्रमुख है। गुजरात में उन्होंने उद्योग, राजस्व, बंदरगाह, परिवहन, पंचायत और गृह जैसे कई संवेदनशील विभागों में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के रूप में कार्य किया है।

इसके अलावा, उन्हें दो बार मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में सेवा करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने 2017-2021 और 2024-2025 के दौरान मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

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7. एमके दास की व्यक्तिगत प्रोफाइल और तकनीक का उपयोग

जन्म तिथि : 20 दिसंबर, 1966

सेवा प्रवेश वर्ष : 20 अगस्त, 1990

मुख्य सचिव के रूप में पदभार ग्रहण : 1 नवंबर, 2025

 

वे प्रशासनिक कार्यों में टेक्नोलॉजी के व्यापक उपयोग के हिमायती हैं। उनके मार्गदर्शन में गुजरात में अधिकांश सरकारी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाकर पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है और आवश्यक दस्तावेजों की संख्या में भी भारी कटौती की गई है।

 

8. पॉलिसी फ्रेमवर्क और भविष्य का प्रशासनिक नेतृत्व

गुजरात को देश का अग्रणी डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब बनाने के लिए हाल ही में 'विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29' घोषित की गई है। इसके अतिरिक्त उनके नेतृत्व में पिछले 9 महीनों में 4 अन्य महत्वपूर्ण नीतियां भी लागू की गई हैं:

 

गुजरात ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति 2025-30

गुजरात एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025

विकसित गुजरात औद्योगिक नीति 2026

गुजरात निर्यात नीति 2025

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सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि एमके दास ने प्रशासन पर इस कदर पकड़ बनाई है कि उन्होंने लंबे समय तक सुपर-ब्यूरोक्रेट रहे के. कैलाशनाथन की कमी महसूस नहीं होने दी। उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 के अंत में समाप्त होने जा रहा है और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 से ठीक पहले उनकी सेवानिवृत्ति नजदीक होने के कारण 1991 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी जयंती एस. रवि को उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है।


Manoj Kumar Das

Stocks to Watch: 15 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 15 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। वहीं कुछ को बड़े ऑर्डर, नई मंजूरी और अहम कॉरपोरेट अपडेट मिले हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों से आए संकेत भी कुछ सेक्टरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। बाजार खुलने से पहले जानिए किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियों Infosys और Wipro के ADR में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी टेक कंपनी IBM के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इसका असर बुधवार को घरेलू बाजार में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Elxsi का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतर ग्रोथ दर्ज की थी।

L&T Technology Services

आईटी कंपनी L&T Technology Services (LTTS) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू, मार्जिन और कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। वहीं, मुनाफा अनुमान के लगभग बराबर रहा।

Anand Rathi Shares & Stock Brokers

ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Shares & Stock Brokers ने FY27 की शुरुआत अच्छी की है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.2% बढ़ा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम, मार्जिन फंडिंग और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने कहा है कि 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। इसके तहत बैंक बॉन्ड, नोट्स और ऑफशोर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी कर पूंजी जुटा सकेगा।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank ने कहा है कि वह Fairfax Financial की संशोधित बोली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। बैंक ने कहा कि रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की प्रक्रिया गोपनीय है। यह सफाई शेयर कीमत में हलचल के बाद NSE की ओर से मांगे गए जवाब के बाद दी गई।

Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने बताया कि उसकी सब्सिडियरी Axis Finance में प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा हो गया है। इसके बाद बैंक की हिस्सेदारी घटकर 94.92% रह गई है। हालांकि, हिस्सेदारी कम होने के बावजूद Axis Bank कंपनी की होल्डिंग कंपनी बना रहेगा।

Capacit’e Infraprojects

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Capacit’e Infraprojects को मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में सुपर हाई-राइज टावर T5 के निर्माण का ₹482 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट में बेसमेंट, पोडियम, क्लबहाउस, सर्विस फ्लोर, पेंटहाउस और टेरेस समेत सिविल निर्माण का काम शामिल है।

DEN Networks

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी DEN Networks ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹54 करोड़ से घटकर ₹37 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली बढ़त रही और यह ₹241.3 करोड़ से बढ़कर ₹242.8 करोड़ हो गया।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery को बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने उसकी सब्सिडियरी Delhivery Financial Services को NBFC-ND (Type II) के तौर पर काम करने की अनुमति दे दी है। इससे कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को आगे बढ़ा सकेगी।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी Kirloskar Brothers की ब्रिटेन स्थित सब्सिडियरी SPP Pumps को बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। कंपनी को Saipem Offshore Construction से 11.67 मिलियन पाउंड (करीब ₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है। इसके तहत वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाएगी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals को चीन से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के Clopidogrel Bisulfate API को चीन की National Medical Products Administration (NMPA) से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के निर्यात कारोबार को मजबूती मिल सकती है।

Easy Trip Planners

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत डिजिटल कैंपेन के जरिए राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही देशभर के यात्रियों के बीच झारखंड की पहचान मजबूत करने पर काम होगा।

Jain Resource Recycling

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Jain Resource Recycling के तमिलनाडु प्लांट में भट्टी में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्लांट के प्रभावित हिस्से का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) के बोर्ड ने उसकी सब्सिडियरी HSCC (India) के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय ‘गोइंग कंसर्न’ आधार पर किया जाएगा।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tata Elxsi Q1 Results: टाटा की कंपनी का मुनाफा 18% बढ़ा, पहली बार रेवेन्यू ₹1000 करोड़ के पार पहुंचा

Tata Elxsi Q1 Results: डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विसेज देने वाली कंपनी Tata Elxsi ने जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹144.3 करोड़ था।

रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़त

जून तिमाही में Tata Elxsi का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹1,021.1 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी इसमें 2.8% की बढ़ोतरी हुई। यह पहली बार है जब Tata Elxsi का तिमाही ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।

वहीं, EBITDA 15.7% बढ़कर ₹216 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 21.2% दर्ज किया गया।

किन कारोबारों ने बढ़ाई रफ्तार?

Tata Elxsi की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्टेशन और मीडिया कारोबार का रहा।

ट्रांसपोर्टेशन सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13.3% बढ़ा। वहीं, मीडिया और कम्युनिकेशन कारोबार में 22.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% घटकर ₹170.6 करोड़ रह गया। पिछली तिमाही में यह ₹220 करोड़ था। इसी तरह, EBIT भी 12.5% घटकर ₹193.7 करोड़ रहा। EBIT मार्जिन 22.27% से घटकर 18.97% पर आ गया।

AI और ऑटोमोबाइल कारोबार पर फोकस

Tata Elxsi के CEO और MD मनोज राघवन ने कहा कि तिमाही के दौरान बड़े ऑर्डर और मजबूत डील एग्जीक्यूशन की वजह से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ऑटोमोबाइल कारोबार में OEM ग्राहकों से मजबूत मांग बनी रही।

उन्होंने बताया कि कंपनी AI पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। इसी तिमाही में उसने ViTEL नाम का Gen AI बेस्ड प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह अलग-अलग मटेरियल का बेहतर एनालिसिस करने में मदद करेगा। इसके अलावा AnaTEL नाम का AI प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है। इसे हेल्थकेयर और मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए तैयार किया गया है।

Tata Elxsi का शेयर मंगलवार को 2.97% की गिरावट के साथ ₹3,710 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 39.96% टूट चुका है।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Netweb Share Price: विदेशी ब्रोकरेज BofA Securities ने पहली बार डेटा सेंटर कंपनी Netweb Technologies पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज ने शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। साथ ही ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 14% की संभावित तेजी दिखाता है।

AI से मिल सकता है बड़ा फायदा

BofA का मानना है कि भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इसका फायदा Netweb Technologies को मिल सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी इस मौके का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, Netweb की सबसे बड़ी ताकत NVIDIA के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी है। कंपनी की सुपरकंप्यूटिंग में अच्छी पकड़ है। सरकारी ग्राहकों के साथ भी उसके लंबे समय से मजबूत रिश्ते हैं। यही बातें उसे दूसरी कंपनियों से अलग बनाती हैं।

आगे भी तेज ग्रोथ की उम्मीद

Netweb ने पिछले कुछ सालों में सुपरकंप्यूटिंग बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। FY20 में उसका मार्केट शेयर सिर्फ 2% था। FY26 तक यह बढ़कर 9% हो गया।

BofA का कहना है कि जैसे-जैसे कंपनी का कारोबार बढ़ेगा, उसकी कमाई भी तेजी से बढ़ सकती है। ज्यादा बिक्री होने से लागत पर बेहतर नियंत्रण रहेगा। इससे कंपनी ऊंची महंगाई के दौर में भी अपनी मुनाफेदारी बनाए रख सकती है। ब्रोकरेज ने FY26 से FY29 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में 40% CAGR की उम्मीद जताई है।

Netweb Technologies का शेयर मंगलवार को 0.11% की गिरावट के साथ 4,395.10 पर बंद हुआ। इस साल अब तक यह शेयर 40% से ज्यादा चढ़ चुका है।

Netweb का बिजनेस क्या है?

Netweb Technologies हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC), AI सर्वर, सुपरकंप्यूटर, डेटा सेंटर और डेटा स्टोरेज सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी है। कंपनी सरकार, रक्षा क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, IIT-IISc जैसे शैक्षणिक संस्थानों और बड़ी कंपनियों को एडवांस कंप्यूटिंग सिस्टम उपलब्ध कराती है।

यह ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से सर्वर, स्टोरेज, क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है। कंपनी का फोकस भारत में तेजी से बढ़ रहे AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर बाजार का फायदा उठाने पर है।

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