UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को तोहफा! बताया कब मिलेगी 50,000 छात्राओं को फ्री स्कूटी

UP News: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अक्टूबर-नवंबर में यूपी की 50,000 महिला अंडरग्रेजुएट छात्राओं को स्कूटी दिए जाएंगे। सीएम योगी शुक्रवार (28 अगस्त) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में यह ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक और आगे भी सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा, “हमने एक और व्यवस्था की है। हमारे लिए पहले ये काम बड़ा था कि रक्षाबंधन पर इस कार्यक्रम को करेंगे, अभी हम अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की 50,000 बेटियों को जो स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। 50,000 बेटियों को हम स्कूटी भी प्रदान करने जा रहे हैं…।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “यूपी में पहले पहचान का संकट था आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न स्वावलंबन था, तो हमारी आर्थिक स्थिति बदहाल होनी ही होनी थी। यूपी उस दौर को जब याद करता है, तो रोंगटे खड़े होते हैं। कहीं दंगे, कहीं कर्फ्यू, कहीं असुरक्षा, कहीं उपद्रव, हर योजना में बेईमानी और भ्रष्टाचार, लेकिन धर्म चक्र बदलता है। अगर उस समय उपद्रव था, तो पीएम मोदी के नेतृत्व में जब डबल इंजन की सरकार यूपी में आई, तो उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया है, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बना दिया गया है।”

‘योजना का केंद्र बिंदु बेटी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है, आधी आबादी है। हमारा पहला संकल्प था उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे। उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे और मुझे खुशी है कि हमने जो कहा था, बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे, यह केवल एक फिजिकल सिक्योरिटी नहीं थी, यह मेंटल सिक्योरिटी भी थी, हेल्थ सिक्योरिटी भी थी। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ महिलाएं हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा में भागीदार है। हमारी नीति है कि हर बेटी, बहन और मां को आत्मनिर्भर महसूस होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने बेटी की यात्रा को जन्म से शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान तक एक इकोसिस्टम से जोड़ा है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी करीब 10 हजार थीं, अब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गई है। 32 हजार पदों पर भर्ती चल रही है, जिसके बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी।”

बुजुर्गों के लिए बस फ्री

सीएम योगीने कहा कि इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के मुफ्त रहने की व्यवस्था रहेगी।

महिला बीट पुलिस की तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो।

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उन्होंने आगे कहा, “हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी। बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना शुरू किया।”

जेई-एईएस को लेकर अलर्ट हुई योगी सरकार, प्रभावित हर गांव तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल

  • तीन शिफ्ट में काम पूरा कर सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के निर्देश, जलजनित बीमारों पर लगेगी रोक
  • जल अर्पण व जल चौपाल से बढ़ेगी जनभागीदारी, गुणवत्ता और समयबद्धता पर सरकार सख्त
  • पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए: मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

 

लखनऊ, 27 जुलाई। उत्तर प्रदेश में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को और गति देते हुए योगी सरकार ने जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) प्रभावित गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में कार्य करने का खाका तैयार किया है। इसी क्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन प्रभावित गांवों में अभी तक नल से जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, वहां 24 घंटे में तीन शिफ्टों में काम पूरा कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित गांव तक सुरक्षित पेयजल पहुंचे, जिससे जलजनित बीमारियों की रोकथाम के साथ ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

 

गुणवत्ता और समयबद्धता पर सरकार का फोकस

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

 

क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश

जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को नियमित रूप से गांवों का भ्रमण कर पेयजल योजनाओं की प्रगति की निगरानी करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सिंगल विलेज योजनाओं के सभी लंबित कार्य तय समय में पूरे किए जाएं। पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तुरंत मरम्मत कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी, सड़क मरम्मत या अन्य कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

*जल जीवन मिशन के प्रभाव का होगा आकलन*

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे गांवों में जाकर जल जीवन मिशन के प्रभाव का आकलन करें। विशेष रूप से यह देखा जाए कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कितनी कमी आई है और ग्रामीणों के जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव हुए हैं। साथ ही लोगों को सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

 

'जल अर्पण' कार्यक्रमों को मिलेगा विस्तार

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जिन गांवों में नल से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में नियमित जल चौपाल आयोजित करने व जनप्रतिनिधियों को ‘जल सारथी’ ऐप और प्रगति पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि जनभागीदारी और पारदर्शिता दोनों को और मजबूत किया जा सके।

AI Data Centre Theme: AI डेटा सेंटर बूम से 45% तक चढ़े वाटर स्टॉक्स, कौन-कौन हैं इस थीम के बड़े खिलाड़ी?

AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार के बीच अब सिर्फ पावर कंपनियां ही नहीं, बल्कि वॉटर सेक्टर की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। इसकी वजह है AI डेटा सेंटर, जिन्हें बिजली के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी की भी जरूरत होती है। पानी का इस्तेमाल सर्वर को ठंडा रखने और दूसरे ऑपरेशनल कामों में किया जाता है।

कुछ वॉटर स्टॉक्स एक महीने में 45% तक चढ़े 

AI थीम और सरकारी योजनाओं की वजह से पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार के कारोबार में इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

VA Tech Wabag का शेयर 0.64% गिरा। वहीं Enviro Infra Engineers 0.69%, Indian Hume Pipe Company 0.37% और Denta Water and Infra Solutions 0.25% चढ़े।

Felix Industries 2.67% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। वहीं Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी और Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वॉटर स्टॉक्स में दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?

Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, इस तेजी की दो बड़ी वजह हैं। पहली, सरकार का पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च। दूसरी, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं AI डेटा सेंटर की थीम ने इस तेजी को और रफ्तार दी है।

सिर्फ AI नहीं, सरकार भी दे रही बड़ा सपोर्ट

Bajaj Finance के मुताबिक, साफ पानी की बढ़ती मांग, शहरीकरण, औद्योगिक इस्तेमाल और सरकारी निवेश की वजह से वॉटर सेक्टर की कंपनियों के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इस सेक्टर को स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं।

भारत में वॉटर स्टॉक्स में कितना बड़ा मौका है ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है। इसमें करीब 40% हिस्सा पानी और 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।

SBI Cap Securities के मुताबिक, अगले 3-4 साल तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार फोकस रख सकती है। वहीं, Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि देश में अभी सिर्फ करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट होता है। कई शहरों में आज भी सीवर नेटवर्क और जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर में आगे भी बड़े निवेश की जरूरत बनी रहेगी।

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