Sterlite Tech के शेयर में सोमवार को दिख सकता है दमदार एक्शन, ₹960 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट देगा बूस्ट

ऑप्टिकल कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली स्टरलाइट टेक्नोलोजिज के शेयरों में सोमवार, 3 अगस्त को तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसी उम्मीद की वजह है कंपनी को 960 करोड़ रुपये का एक कॉन्ट्रैक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसे एक घरेलू टेलिकॉम ऑपरेटर से यह कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ग्राहक की जरूरतों के अनुसार ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए है।

स्टरलाइट टेक्नोलोजिज का कहना है कि यह एक मल्टी ईयर सप्लाई एग्रीमेंट है। इसकी अवधि 2 साल है लेकिन इसे आपसी सहमति से और 2 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। यह डील रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आती है।

स्टरलाइट टेक को ऑप्टिकल कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाने में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी AI रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, FTTx, रूरल कनेक्टिविटी, एंटरप्राइज और डेटा सेंटर नेटवर्क्स के लिए एंड-टू-एंड सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।

Sterlite Tech का शेयर 3 महीनों में 90 प्रतिशत मजबूत

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 556.50 रुपये है। शेयर 2 कारोबारी सत्रों में 7 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 28600 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में लगभग 90 प्रतिशत चढ़ा है। 6 महीनों में यह 420 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देख चुका है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 684.45 रुपये और एडजस्टेड लो 84.65 रुपये है।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, Bajaj Finance को सबसे ज्यादा फायदा

इस साल जून महीने में स्टरलाइट टेक्नोलोजिज क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लाई थी। इसमें कंपनी ने 2.57 करोड़ शेयर अलॉट किए और करीब 1,500 करोड़ रुपये जुटाए। QIP में मोतीलाल ओसवाल, नोमुरा, HSBC, बैंक ऑफ इंडिया, ऑक्सबो, थिंक इनवेस्टमेंट्स समेत कई घरेलू और वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।QIP वह तरीका है, जिसमें कोई लिस्टेड कंपनी पैसे जुटाने के लिए अपने नए शेयर आम जनता को नहीं, बल्कि सिर्फ बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनीज, बैंक और विदेशी संस्थागत निवेशकों को बेचती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 929 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 125 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए स्टरलाइट टेक का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,446 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई:देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत

अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध उन रोबोट पर लागू होगा जो अब तक अमेरिका में नहीं पहुंचे हैं। पहले से इस्तेमाल हो रहे रोबोट इस दायरे में नहीं आएंगे। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाया जा रहा अमेरिका के इस फैसले पर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाकर चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन अपनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा। माओ निंग ने कहा कि ऐसी रोक लगाने से अमेरिका ज्यादा मजबूत नहीं बनेगा और न ही उसकी कंपनियां दूसरे देशों की कंपनियों से बेहतर हो जाएंगी। इसका नुकसान आखिरकार अमेरिकी कंपनियों और वहां के आम लोगों को भी उठाना पड़ेगा। दुनिया के 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता है। AP के मुताबिक दुनिया में तैनात करीब 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं। अमेरिकी निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म ओम्डिया के मुताबिक 2025 में दुनिया भर में करीब 15 हजार ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए। इनमें चीन की दो बड़ी कंपनियां ‘यूनिट्री’ और ‘एजीआईबॉट’ ने अकेले पांच-पांच हजार से ज्यादा रोबोट की सप्लाई की। दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनियां ‘टेस्ला’ और ‘फिगर एआई’ कुछ 100 या उससे भी कम रोबोट भेज सकीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी कंपनियों ने कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता बहुत तेजी से विकसित की है। ऐसे में अमेरिकी बाजार बंद होने से उन्हें एक बड़े खरीदार का नुकसान जरूर होगा। हालांकि, चीन अब यूरोप जैसे बाजारों पर भी तेजी से फोकस कर रहा है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो सके। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।

IT Stocks: दो दिन में आईटी इंडेक्स 6% चढ़ा, क्या TCS, इंफोसिस जैसी कंपनियों का बुरा दौर खत्म? जानिए एक्सपर्ट्स से

IT Stocks: मंगलवार, 28 जुलाई को एशियाई टेक शेयरों में भारी बिकवाली के बीच निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3% चढ़ गया। ग्लोबल मार्केट में AI पर होने वाले भारी निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। इसका असर दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की टेक कंपनियों पर दिखा। हालांकि, भारतीय IT कंपनियां इस दबाव से काफी हद तक बची रहीं, क्योंकि यहां AI पर फोकस करने वाली कंपनियां बहुत कम हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्रों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 6% चढ़ चुका है। इसकी एक बड़ी वजह Jefferies की रिपोर्ट रही, जिसमें ब्रोकरेज ने सेक्टर की रेटिंग ‘Underweight’ से बढ़ाकर ‘Neutral’ कर दी। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले आई है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

भारतीय IT सेक्टर कैसे बचा?

Nexedge Capital के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर गौरव कुलश्रेष्ठ का कहना है कि दुनियाभर में AI को लेकर जो उत्साह ठंडा पड़ा है, उससे भारतीय IT सेक्टर को संभलने का मौका मिला है। हालांकि, उनका मानना है कि बड़ी IT कंपनियों के लिए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी पर खर्च नहीं बढ़ता, तब तक सेक्टर में लंबी तेजी आना मुश्किल है।

Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, भारतीय IT कंपनियों का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। इन्हें AI डेटा सेंटर या चिप बनाने वाली कंपनियों की तरह अरबों डॉलर का पूंजीगत निवेश नहीं करना पड़ता। यही वजह है कि AI निवेश को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय IT कंपनियों पर कम पड़ा।

उनका कहना है कि पिछले कई महीनों की गिरावट के बाद IT शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। ऐसे में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एशियाई हार्डवेयर कंपनियों से पैसा निकालकर भारतीय IT शेयरों में लगाया।

निफ्टी IT इंडेक्स का टेक्निकल आउटलुक

मयंक जैन के मुताबिक, निफ्टी IT इंडेक्स हालिया कारोबारी सत्र में 3.5% से ज्यादा चढ़कर 30,500 के करीब बंद हुआ। कई महीनों की गिरावट के बाद इसमें मजबूत रिकवरी देखने को मिली। इस तेजी के दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर अच्छी खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग हुई।

टेक्निकल चार्ट पर इंडेक्स ने अपने 20-डे और 50-डे EMA के ऊपर वापसी कर ली है। 28,600-28,700 का स्तर अब मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। हालांकि, इंडेक्स अभी भी 200-डे EMA यानी करीब 31,800 के नीचे कारोबार कर रहा है। मयंक जैन का कहना है कि 31,800-32,000 का दायरा सबसे बड़ा रेजिस्टेंस है। इस स्तर के ऊपर टिकने पर ही लंबी अवधि की तेजी की पुष्टि होगी। फिलहाल रिकवरी के संकेत मजबूत हैं, लेकिन उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

TCS

जैन के मुताबिक, TCS का शेयर फिलहाल अपने 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शॉर्ट टर्म में मजबूती के संकेत मिलते हैं। हालांकि, शेयर अभी भी 200 DMA से नीचे है। उनका कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत डिविडेंड और बेहतर वैल्यूएशन इसे आकर्षक बनाते हैं। वहीं, ट्रेडर्स को 200 DMA के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए।

Infosys

मयंक जैन का कहना है कि Infosys का शेयर 20 DMA के ऊपर लौट आया है, लेकिन अभी भी 50 DMA और 200 DMA से नीचे है। कंपनी की मजबूत कैश फ्लो, 4.3% डिविडेंड यील्ड और आकर्षक वैल्यूएशन इसे डिफेंसिव स्टॉक बनाते हैं। हालांकि, शेयर में बड़ी तेजी तभी आ सकती है, जब कंपनी की ग्रोथ गाइडेंस और बिजनेस आउटलुक बेहतर हो।

HCL Technologies

जैन के हिसाब से बड़े IT शेयरों में HCL Technologies का टेक्निकल सेटअप सबसे मजबूत दिख रहा है। शेयर 20 DMA और 50 DMA के ऊपर बना हुआ है और अब 200 DMA के पास अहम रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। अगर शेयर अच्छे वॉल्यूम के साथ इस स्तर को पार कर लेता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।

Tech Mahindra

मयंक जैन के मुताबिक, Tech Mahindra भी 20 DMA और 50 DMA के ऊपर कारोबार कर रहा है। इससे शेयर में रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, 1,700 रुपये के आसपास मौजूद 200 DMA अभी बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। उनका मानना है कि इस स्तर तक आने वाली छोटी गिरावटें, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छा खरीदारी का मौका हो सकती हैं।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

मयंक जैन का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय IT सेक्टर की चाल काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका में ब्याज दरें कम होती हैं, तो बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनियां टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इससे भारतीय IT कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

L&T Q1 Results: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹4123 करोड़ मुनाफा, ऑर्डर बुक ₹7.79 लाख करोड़ तक पहुंची

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Coforge Share Price: कोफोर्ज का शेयर बना रॉकेट, जून तिमाही के नतीजों का असर

कोफोर्ज का शेयर 28 जुलाई को रॉकेट बन गया। सुबह में शेयर मजबूत खुले। कुछ ही देर बाद शेयर में जबर्दस्त उछाल दिखा। 1:18 बजे शेयर का प्राइस 10.15 फीसदी के उछाल के साथ 1,683.90 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने 27 जुलाई की देर रात नतीजों का ऐलान किया। इसका असर 28 जुलाई को शेयरों पर दिखा।

Coforge के जून तिमाही के नतीजों में पहली बार Encore Holdings का भी प्रदर्शन शामिल रहा। इसलिए यह ध्यान में रखना जरूरी है कि जून तिमाही के नतीजों की तुलना मार्च तिमाही के नतीजों और एक साल पहले के जून तिमाही के नतीजों से नहीं की जा सकती। कोफोर्ज आईटी सॉल्यूशंस ऑफर करती है।

जून तिमाही में कोफोर्ज का रेवेन्यू डॉलर में 21.1 फीसदी बढ़कर 59.2 करोड़ डॉलर रहा। मार्च तिमाही में रेवेन्यू 48.91 करोड़ डॉलर था। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 15.3 फीसदी गिरकर 518.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर कुछ खास खर्चों का असर पड़ा। इसमें Encora के अधिग्रहण और इंटिग्रेशन पर 61.3 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है। कंपनी का लीगल खर्च 5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कस्टमर रिसीवएबल्स के लिए 10.8 करोड़ का प्रोविजन किया। इन वजहों से 22.1 करोड़ रुपये के फॉरेंस गेंस का फायदा नहीं मिला।

जून तिमाही में रुपये में कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही के मुकाबले 24.2 फीसदी बढ़कर 5,527.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का मार्जिन 16 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 16.5 फीसदी था। अगर अधिग्रहण पर हुआ खर्च हटा दिया जाए तो कंपनी की ऑर्गेनिक कॉन्स्टैंट करेंसी ग्रोथ 1.1 फीसदी रही। एग्जिटेड बिजनेसेज को छोड़ दिया जाए तो यह 5.2 फीसदी रहता।

कोफोर्ज ने नतीजों के बाद अपनी रिलीज में बताया कि कम मार्जिन वाले 1.5 करोड़ डॉलर के इंडियन गवर्नमेंट पोर्टफोलियो का एग्जिट प्लान के मुताबिक था। इसके अलावा जून तिमाही के प्रदर्शन पर डेटा सेंटर के 40 लाख डॉलर के डिसइनवेस्टमेंट का असर पड़ा। कंबाइंड EBIT मार्जिन 16 फीसदी रहा, जो कंपनी के 15.5 फीसदी के पूरे साल के गाइडेंस से ज्यादा है।

कोफोर्ज ने जून तिमाही में 69.1 करोड़ डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 222.8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। इसकी रिकॉर्ड डेट 2 अगस्त होगी। इस साल कोफोर्ज का शेयर 3 फीसदी गिरा है। यह 52 हफ्तों के अपने 1,938 रुपये के हाई से करीब 20 फीसदी नीचे है।

जालौन के पिछड़ेपन के जिम्मेदार अब घड़ियाली आंसू बहाकर युवाओं को गुमराह कर रहे

CM Yogi Adityanath Jalaun

CM Yogi Adityanath Jalaun: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालौन में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बुंदेलखंड के पिछड़ेपन, सूखे और पलायन के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लोगों को यह याद रखना चाहिए कि आखिर वे कौन लोग थे, जिन्होंने जालौन और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन का आधार तैयार किया। जिन लोगों के काले कारनामों के कारण जालौन दस्यु प्रभावित क्षेत्र घोषित हो गया था, उन्हें भी याद करने की जरूरत है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड को अभाव और सूखे के कारण पलायन के लिए मजबूर करने वाले भी वे ही लोग थे। आज वही लोग घड़ियाली आंसू बहाकर नौजवानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 

 

उन्होंने सवाल किया कि यमुना, बेतवा और पहूज जैसी पावन नदियों की त्रिवेणी वाले क्षेत्र को आखिर क्यों पिछड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और हर योजना में यह क्षेत्र पीछे क्यों दिखाई देता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में शनिवार को जालौन के उरई, माधौगढ़ व कालपी विधानसभा क्षेत्रों में 1275 करोड़ रुपए की 375 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उरई के स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किट/चेक/स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जालौन और पूरा बुंदेलखंड अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। आज बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ से बड़े क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीडा के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी का आधार जालौन बन रहा है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और फोरलेन कनेक्टिविटी ने जालौन की तस्वीर बदलने का काम किया है। अब यह क्षेत्र बीहड़ और दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विकास और नई संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

कालपी का कागज बना ग्लोबल ब्रांड

सीएम योगी ने कहाकि जालौन के कालपी में तैयार होने वाला हस्तशिल्प कागज अब स्थानीय पहचान से निकलकर वैश्विक ब्रांड बन रहा है। कालपी के इस पारंपरिक कागज को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और बाजार दोनों का विस्तार हुआ है। आज कालपी का कागज देश की सीमाओं को पार कर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देशों तक पहुंच रहा है। कालपी के कागज की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़ी पहचान है। जीआई टैग मिलने से इस उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है और इससे स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।

कोंच की रामलीला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

सीएम योगी ने कहा कि इतिहास हमें इस बात का आगाह करता है। महर्षि वेदव्यास ने यहां जन्म लिया इस पावन धारा में और कहते हैं भगवान कृष्ण के पौत्र सांब ने प्राचीन सूर्य मंदिर का निर्माण भी यहीं पर करवाया था। याद करिए कोंच की रामलीला ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यानी रामलीला का इतिहास कैसे होना चाहिए। ऐसी उरई, माधवगढ़ और कालपी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी धरा पर आज 1275 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास के लिए मुझे आने का अवसर प्राप्त हुआ।

 

सीएम योगी ने आदिशक्ति मां भगवती जालौन माता और बैरागढ़ की शारदा माता के श्रीचरणों में नमन करते हुए महर्षि वेदव्यास की पावन जन्मभूमि और इसी जालौन की तपोभूमि को कोटि-कोटि नमन किया। जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहेब पेशवा की समर भूमि के रूप में जो धरती जानी जाती हो, कालपी का हैंडमेड कागज और यहां की विश्व विख्यात मटर इस जनपद को एक नई पहचान दिलाते हैं।

अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं

मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का नौजवान देश-दुनिया में सीना चौड़ा कर चल रहा है और उसके सामने पहचान का संकट नहीं है। योगी ने कहा कि सपा शासन में बुंदेलखंड के संसाधनों का माफिया ने जमकर दोहन किया और विकास के नाम पर वसूली होती थी। बुंदेलखंड के विकास के लिए आने वाला पैसा सैफई में फिल्मी कार्यक्रमों पर खर्च किया जाता था। आज यही धन फोरलेन कनेक्टिविटी, युवाओं के रोजगार और किसानों के हित में खर्च हो रहा है।

 

गरीबों को राशन, पेंशन, आयुष्मान भारत और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रहीं हैं। किसी बेटी से छेड़छाड़ या व्यापारी का उत्पीड़न करने वाले अपराधी के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा कोई जगह नहीं है। आज व्यापारी निर्भय होकर कारोबार और बेटियां स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जालौन में सड़क-पेयजल परियोजनाओं को रफ्तार

सीएम योगी ने कहा कि जालौन जिले में सड़क, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी कई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। गोहन-माधौगढ़ से मध्य प्रदेश सीमा तक जिला मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं बंगरा-जगम्मनपुर मार्ग पर रामपुरा, निनावली, नारोल, राठौर और अनपुरा होते हुए मध्य प्रदेश सीमा तक टू-लेन सड़क का निर्माण भी पूरा होने की जानकारी दी गई। 

 

एट-बंगरा-बीकेपुर तथा कालपी-मदारीपुर संपर्क मार्ग भी तैयार हो चुके हैं। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की नगरपालिका परिषद उरई, कोटा-मस्तकिल ग्राम पेयजल परियोजना और सलाघाट वाटर सप्लाई ग्रामीण पेयजल योजना पर काम जारी है। सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था नीति का जिक्र करते हुए कहा कि संगठित अपराध में शामिल माफिया की 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। नकल माफिया के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही। परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

जालौन में आएंगे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी और चित्रकूट में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का लाभ जालौन को भी मिलेगा। जालौन से होकर कनेक्टिविटी विकसित होने के साथ यहां 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जालौन में डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत आधुनिक तकनीक के विकास के लिए डेटा सेंटर महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का काम तेजी से चल रहा है। बुंदेलखंड के सभी सात जिलों को यूपी एग्रीज योजना में शामिल किया गया है। महिला शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बैलैनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाओं की क्षमता की सराहना की।

CM Yogi Adityanath Jalaun

सीएम योगी ने लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, चेक वितरित किया 

  • गीता, रेनू, शकीला खातून और ममता (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13,14,30000 का चेक)
  • उमेदा (मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पत्र)
  • आस्था ( कन्या सुमंगला योजना के तहत चेक)
  • शैलेंद्र सिंह सेंगर (कृषि यंत्र)
  • शिवा त्रिपाठी (प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलार रूफ टॉप यंत्र, पत्र) 
  • विनय राजपूत (प्रधानमंत्री स्वनिध योजना के तहत पत्र)
  • रानी देवी (प्रधानमंत्री शहरीय आवास योजना के तहत पत्र)
  • समर सिंह (कुक्कुट योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण पत्र)
  • कुशाग्र गुप्ता (एआईएफ के तहत 4 करोड़ रुपए का चेक)
  • अंबदा रहमान (आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड)।

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर मंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विनोद कुमार चतुर्वेदी, विधायक गौरी शंकर वर्मा, विधायक मूलचंद निरंजन, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबू लाल तिवारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बाबा बालक दास, कोऑपरेटिव बैंक के सभापति बृजभूषण सिंह मुन्नू, अपना दल के अध्यक्ष अनिल कोदारी, राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष रविंद्र श्रीवास्तव, नगर पालिका परिषद उरई की अध्यक्ष गिरिजा चौधरी, नगर पालिका परिषद कोंच के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष नेहा पुनीत आदि मौजूद रहे।

 

Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Realty Stocks : निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने लगाई जबरदस्त छलांग, एनालिस्ट्स को इन चुनिंदा शेयरों में अभी नजर आ रहा दम

Real Estate Stocks : पिछले महीने निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टोरल इंडेक्स रहा है। इसमें 10.8% की बढ़त हुई और इसने बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत बिक्री,नए प्रोजेक्ट्स की अच्छी पाइपलाइन और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट साइकल के बने रहने की उम्मीदों के चलते इन्वेस्टर्स लिस्टेड डेवलपर्स में रुचि ले रहे हैं। इसके चलते इस सेक्टर में अच्छी तेजी आई है।

निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने इस अवधि में दूसरे सेक्टर इंडेक्सों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी दौरान,निफ्टी IT इंडेक्स में 3.6% की बढ़त हुई,जबकि बैंकिंग,फाइनेंशियल सर्विस और अधिकांश दूसरे सेक्टर में मामूली बढ़त हुई या फिर उनमें सुस्ती रही। निफ्टी रियल्टी की यह बढ़त व्यापक रही जिसमें लोढ़ा डेवलपर्स,गोदरेज प्रॉपर्टीज़,प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स,ब्रिगेड एंटरप्राइजेज,ओबेरॉय रियल्टी,फीनिक्स मिल्स और अनंत राज जैसे शेयरों की अहम भूमिका रही।

मिरे एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अक्षय शेट्टी का कहना है कि यह तेजी किसी एक वजह से नहीं,बल्कि बेहतर मैक्रो स्थितियों और कंपनियों के मज़बूत होते फंडामेंटल्स के मिले-जुले असर से आ रही है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में सुधार से जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है। साथ ही,बड़े लिस्टेड डेवलपर्स लगातार अच्छी प्री-सेल्स,मजबूत बिज़नेस डेवलपमेंट और लॉन्च की मजबूत पाइपलाइन की जानकारी दे रहे हैं,जिससे यह भरोसा मजबूत होता है कि रेजिडेंशियल रियल एस्टेट का साइकिल कायम है।

उन्होंने बताया कि 2026 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेशकों ने लगभग 4.3-4.4 अरब डॉलर निवेश किया जो सालाना आधार पर 23-25% की बढ़ोतरी दिखाता है। कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ लगभग 18% रही,जबकि हाउसिंग लोन में सालाना आधार पर लगभग 11% की बढ़ोतरी देखने को मिली जिससे मांग में तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

ब्याज दरों के कम रहने की उम्मीद से भी लोगों का भरोसा बढ़ा है। RBI का रेपो रेट 5.25% है और होम लोन की दरें लगभग 7.1% से शुरू हो रही हैं, जिससे घर खरीदना आसान हो गया है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की AVP और रिसर्च एनालिस्ट स्नेहा पोद्दार ने कहा कि यह तेजी रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में आए स्ट्रक्चरल सुधारों को दिखाती है। हाउसिंग सेक्टर की स्थिति अच्छी बनी हुई है। डिमांड अपने पीक लेवल से थोड़ी कम हुई है,लेकिन सप्लाई पर कंट्रोल रहा है,जिससे इन्वेंट्री का बहुत ज्यादा स्टॉक जमा नहीं हुआ है। लिस्टेड डेवलपर्स ने पिछले चार-पांच सालों में अपना कर्ज काफी कम किया है,जिससे कैश जेनरेशन बेहतर हुआ है और उनकी बैलेंस शीट मज़बूत हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन की वजह से बड़े ब्रांडेड डेवलपर्स लगातार मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं। साथ ही,प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में मजबूत डिमांड और बेहतर बैलेंस शीट की वजह से डेवलपर्स जमीन के बड़े सौदे कर रहे हैं और नए इलाकों में अपना कारोबार फैला रहे हैं।

कहां करें निवेश?

पिछले महीने में हुई जबरदस्त बढ़त के बावजूद,एनालिस्ट्स का कहना है कि निवेशकों को इस सेक्टर में अच्छे रिटर्न के लिए अब चुनिंदा क्विलिटी शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। लिस्टेड कंपनियों में एनालिस्ट्स अब मजबूत बैलेंस शीट और समय पर काम पूरा करने की क्षमता वाले बड़े डेवलपर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अक्षय शेट्टी को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में काम करने के तरीके,अच्छे कलेक्शन,प्रीमियम लॉन्च और सोच-समझकर होने वाले कैपिटल एलोकेशन के कारण लोढ़ा डेवलपर्स सबसे ज्यादा पसंद है। इसके अलावी उनको गोदरेज प्रॉपर्टीज भी पसंद है। उनका मानना है कि कंपनी को मज़बूत बिज़नेस डेवलपमेंट पाइपलाइन और एसेट-लाइट विस्तार की रणनीति क फायदा मिलेगा। अनंत राज भी उनकी फेवरिट लिस्ट में शामिल है। उनका कहना है कि इस कंपनी को रियल एस्टेट बिजनेस के साथ-साथ बढ़ते डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म का भी फायदा मिलेगा।

स्नेहा पोद्दार ने कहा कि ने कहा कि मोतीलाल ओसवाल की पसंदीदा कंपनियों में लोढ़ा डेवलपर्स,DLF और गोदरेज प्रॉपर्टीज शामिल हैं,क्योंकि इनके पास अच्छा फ्री कैश फ्लो,प्रीमियम प्रोजेक्ट पाइपलाइन और काम करने की मजबूत क्षमता है।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।