Coforge Share Price: ओपी भट्ट के इस्तीफे के बाद भी ब्रोकरेज बुलिश, शेयर में 27% तक उछाल की जताई उम्मीद

IT कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड में हाल ही में ओम प्रकाश भट्ट (ओपी भट्ट) ने नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और चेयरमैन के पद से तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। विवेक शर्मा को 31 जनवरी 2027 तक के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह इस्तीफा बोर्ड के मूल्यांकन की प्रक्रिया के इंटरनल ऑडिट से मिली जानकारी के बाद हुआ है। ऑडिट में मूल्यांकन प्रक्रिया और कुछ जरूरी जानकारियों के खुलासे में कमियां पाई गई थीं, जिनमें चेयरमैन के कामकाज से जुड़े पहलू भी शामिल थे।

इसके बाद कंपनी के बोर्ड ने भट्ट से स्पष्टीकरण मांगा और उनके जवाब का रिव्यू कर रहा था। बोर्ड के किसी फैसले पर पहुंचने से पहले ही भट्टी ने इस्तीफा दे दिया। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेजेस का कहना है कि ओपी भट्ट के इस्तीफे का कोफोर्ज के फाइनेंशियल्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का कहना है कि कंपनी के बोर्ड के कामकाज को लेकर जताई जा रही चिंताएं बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही हैं।

नुवामा ने Coforge के स्टॉक पर ‘बाय’ की सलाह बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 2,350 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह शेयर की BSE पर वर्तमान कीमत 1847.40 रुपये से 27 प्रतिशत ज्यादा है। मोतीलाल ओसवाल ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। टारगेट प्राइस 2200 रुपये प्रति शेयर रखा है, जो कि वर्तमान कीमत से 19 प्रतिशत ज्यादा है। कोफोर्ज का शेयर 3 महीनों में 32 प्रतिशत और 6 महीनों में 66 प्रतिशत मजबूत हुआ है।

इस्तीफे पर ब्रोकरेज की राय

नुवामा के मुताबिक, इस घटनाक्रम को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं दिखती। ओम प्रकाश भट्ट का कार्यकाल वैसे भी खत्म होने वाला था। उनकी उम्र को देखते हुए, बोर्ड मेंबर और चेयरमैन के तौर पर उनके कार्यकाल का आगे न बढ़ना कोई बड़ी हैरानी की बात नहीं थी। बता दें कि हाल ही में हुई सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने को मंजूरी नहीं दी थी।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि इससे कंपनी के बिजनेस या फाइनेंशियल्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नुवामा का यह भी कहना है कि बोर्ड के कामकाज को लेकर भी कोई चिंता नहीं दिख रही है, क्योंकि यह मामला जानकारी देने (डिस्क्लोजर) और प्रोसेस से जुड़ा है, न कि बोर्ड की तरफ से हुई किसी गड़बड़ी से।

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मोतीलाल ओसवाल का क्या है मानना

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का भी यही कहना है कि भट्ट का कार्यकाल वैसे भी खत्म हो रहा था, और ऐसा लगता है कि उनका इस्तीफा उनकी अपनी मर्जी से और कार्यकाल खत्म होने के करीब होने की वजह से है। फिलहाल मुख्य कारोबार पर इसका बहुत कम असर दिख रहा है और हम नए चेयरमैन की स्थायी नियुक्ति पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। कोफोर्ज, मोतीलाल ओसवाल के लिए अभी भी टॉप पिक बना हुआ है।

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Coforge Share Price: कोफोर्ज का शेयर बना रॉकेट, जून तिमाही के नतीजों का असर

कोफोर्ज का शेयर 28 जुलाई को रॉकेट बन गया। सुबह में शेयर मजबूत खुले। कुछ ही देर बाद शेयर में जबर्दस्त उछाल दिखा। 1:18 बजे शेयर का प्राइस 10.15 फीसदी के उछाल के साथ 1,683.90 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह कंपनी के जून तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने 27 जुलाई की देर रात नतीजों का ऐलान किया। इसका असर 28 जुलाई को शेयरों पर दिखा।

Coforge के जून तिमाही के नतीजों में पहली बार Encore Holdings का भी प्रदर्शन शामिल रहा। इसलिए यह ध्यान में रखना जरूरी है कि जून तिमाही के नतीजों की तुलना मार्च तिमाही के नतीजों और एक साल पहले के जून तिमाही के नतीजों से नहीं की जा सकती। कोफोर्ज आईटी सॉल्यूशंस ऑफर करती है।

जून तिमाही में कोफोर्ज का रेवेन्यू डॉलर में 21.1 फीसदी बढ़कर 59.2 करोड़ डॉलर रहा। मार्च तिमाही में रेवेन्यू 48.91 करोड़ डॉलर था। जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 15.3 फीसदी गिरकर 518.6 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के प्रॉफिट पर कुछ खास खर्चों का असर पड़ा। इसमें Encora के अधिग्रहण और इंटिग्रेशन पर 61.3 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है। कंपनी का लीगल खर्च 5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कस्टमर रिसीवएबल्स के लिए 10.8 करोड़ का प्रोविजन किया। इन वजहों से 22.1 करोड़ रुपये के फॉरेंस गेंस का फायदा नहीं मिला।

जून तिमाही में रुपये में कंपनी का रेवेन्यू मार्च तिमाही के मुकाबले 24.2 फीसदी बढ़कर 5,527.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का मार्जिन 16 फीसदी रहा। मार्च तिमाही में यह 16.5 फीसदी था। अगर अधिग्रहण पर हुआ खर्च हटा दिया जाए तो कंपनी की ऑर्गेनिक कॉन्स्टैंट करेंसी ग्रोथ 1.1 फीसदी रही। एग्जिटेड बिजनेसेज को छोड़ दिया जाए तो यह 5.2 फीसदी रहता।

कोफोर्ज ने नतीजों के बाद अपनी रिलीज में बताया कि कम मार्जिन वाले 1.5 करोड़ डॉलर के इंडियन गवर्नमेंट पोर्टफोलियो का एग्जिट प्लान के मुताबिक था। इसके अलावा जून तिमाही के प्रदर्शन पर डेटा सेंटर के 40 लाख डॉलर के डिसइनवेस्टमेंट का असर पड़ा। कंबाइंड EBIT मार्जिन 16 फीसदी रहा, जो कंपनी के 15.5 फीसदी के पूरे साल के गाइडेंस से ज्यादा है।

कोफोर्ज ने जून तिमाही में 69.1 करोड़ डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए। इससे कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 222.8 करोड़ डॉलर तक पहुंच गई। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। इसकी रिकॉर्ड डेट 2 अगस्त होगी। इस साल कोफोर्ज का शेयर 3 फीसदी गिरा है। यह 52 हफ्तों के अपने 1,938 रुपये के हाई से करीब 20 फीसदी नीचे है।