Reliance Industries Q1 Results: जून तिमाही के नतीजे 17 जुलाई को, Jio Financial 16 जुलाई को रिलीज करेगी डेटा

RIL June Quarter Result: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) का बोर्ड 17 जुलाई को मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। मीटिंग खत्म होने के बाद रिजल्ट जारी किए जाएंगे। कंपनी ने शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दे दी है। इस अपडेट के बाद 13 जुलाई से शुरू हो रहे सप्ताह में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर ​मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर रहेगी।

17 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ-साथ रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल के तिमाही नतीजे भी सामने आएंगे। RIL इस वक्त देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी है। BSE के मुताबिक, इसका मार्केट कैप 17,71,206.33 करोड़ रुपये या 17.71 लाख करोड़ रुपये है।

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत बढ़कर 298621 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के मालिकों के लिए शुद्ध मुनाफा 12.5 प्रतिशत की कमी के साथ 16971 करोड़ रुपये रहा था।

Jio Financial Services के नतीजे

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के जून तिमाही के नतीजे 16 जुलाई को जारी होने वाले हैं। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत घटकर 272 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले यह 316 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 106 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,019 करोड़ रुपये रहा, जबकि मार्च 2025 तिमाही में यह 493 करोड़ रुपये था।

RIL और Jio Financial के शेयर की चाल

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 1308.85 रुपये पर बंद हुई। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज केा शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई को BSE पर 241.85 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.59 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। कंपनी में 21 अप्रैल 2026 तक प्रमोटर्स के पास 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक साल में 27 प्रतिशत नीचे आया है।

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जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का ड्राफ्ट हो चुका है जमा

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। 19 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 49वीं सालाना आम बैठक में जानकारी दी थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने IPO के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। उसी दिन इसे सेबी के पास जमा कर दिया गया। जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

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नीता अंबानी बनीं Fortune India की मोस्ट पावरफुल वुमन, लिस्ट में मिला पहला स्थान

Nita Ambani: रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ की लिस्ट में पहला स्थान मिला है। उनकी लीडरशिप में, रिलायंस फाउंडेशन ने पूरे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है, जिनमें 2.9 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं।

यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत संस्थानों के निर्माण, सभी के विकास के लिए किए गए लगातार प्रयासों और इस विश्वास को दर्शाता है कि असली सफलता लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने से मिलती है।

RIL ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने नीता अंबानी को यह सम्मान मिलने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की है, और कैप्शन में लिखा, “श्रीमती नीता एम. अंबानी को फॉर्च्यून इंडिया की ‘मोस्ट पावरफुल वुमन’ की लिस्ट में पहला स्थान मिलने पर बधाई। यह सम्मान उनकी दूरदर्शी लीडरशिप, संस्थान निर्माण और समावेशी विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनकी लीडरशिप में, रिलायंस फाउंडेशन ने पूरे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है, जिनमें 2.9 करोड़ बच्चे भी शामिल हैं।”

3 जुलाई को फ्लोरिडा में भी मिला था सम्मान

इससे पहले 3 जुलाई को, फ्लोरिडा के टाम्पा में आयोजित एक समारोह में ‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन’ (AAPI) ने नीता अंबानी को प्रतिष्ठित ‘AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था।

यह अवॉर्ड हेल्थकेयर, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में नीता अंबानी के असाधारण योगदान को मान्यता देता है। साथ ही, यह समाज की सेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को भी सम्मान देता है, जिसे वे करुणा, सम्मान और एक मकसद के साथ निभाती हैं।

उनके मानवीय प्रयासों को और सम्मान देते हुए, टाम्पा की मेयर जेन कैस्टर ने भी नीता अंबानी को ‘Key to the City of Tampa’ सम्मान से नवाजा, जो अमेरिका के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक है। बता दें कि यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने काम से समाज और मानवता पर सकारात्मक और महत्वपूर्ण प्रभाव डाला हो।

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BlackRock ने कहा-इस वजह से जल्द भारतीय बाजार में लौटेंगे विदेशी निवेशक

विदेशी निवेशक जल्द भारतीय बाजार में लौट सकते हैं। यह अनुमान ब्लैकरॉक इनवेस्टमेंट इंस्टीट्यूट ने जताया है। इंस्टीट्यूट के चीफ एपीएसी एंड मिडिल ईस्ट इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट बेन पॉवेल ने कहा कि एनर्जी की कीमतों में नरमी और जियोपॉलिटिकल स्थितियां बेहतर होने से ग्लोबल इनवेस्टर के ऐलोकेशन में बदलाव आ रहा है। भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

जल्द भारत का रुख कर सकते हैं विदेशी निवेश

पॉवेल ने कहा कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया में नया विदेशी निवेश आ सकता है। इसकी वजह यह है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे AI से जुड़े शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी के बाद ग्लोबल इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग कर रहे हैं। आर्टफिशियिल इंटेलिजेंस को लेकर ब्लैकरॉक अभी भी पॉजिटिव है। लेकिन, दूसरी जगह मौके तलाशने में वह वैल्यूएशंस को लेकर वह सेलेक्टिव एप्रोच अपना रही है।

भारत को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा

उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया को इसका फायदा मिलेगा।” उनका मानना है कि बीते कुछ महीनों में इंडिया को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा है। इनमें पहला हाई वैल्यूएशन है। दूसरा, पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से एनर्जी की कीमतों में उछाल है। तीसरा, यह धारणा है कि इंडियन बाजार एआई में निवेश के लिहाज से प्राइमरी मार्केट नहीं है।

ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में जबर्दस्त तेजी

पॉवेल ने कहा कि एआई का सुपर बूम वास्तविक है। यह आगे बढ़ रहा है। लेकिन, हम निवेश के मामले में सेलेक्टिव और केयरफुल रहना चाहते हैं। इस वजह से हमने इमर्जिंग मार्केट के शेयरों को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल रेटिंग दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेयरिश हैं। हमने अपने पूरे पैसे का निवेश किया है। लेकिन, हमारी स्ट्रेटेजी बदलने की वजह बीते कुछ महीनों में ताइवान और कोरिया के बाजारों में आई जबर्दस्त तेजी है।

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भारत में एआई कंपनियां नहीं होने से निवेश पर पड़ा असर

उन्होंने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि क्या हम कुछ पैसा दूसरे बाजारों में लगा सकते हैं। इसका फायदा इंडिया को मिलेगा। अगले कुछ हफ्तों और महीनों में भारत में विदेशी निवेश आ सकता है। भारत से विदेशी निवेशकों के दूरी बनाने की एक बड़ी वजह यहां सीधे एआई से जुड़ी कंपनियों की गैर-मौजूदगी रही है। उधर, ताइवान और दक्षिण कोरिया की एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों को बड़े मौके दिखे हैं।

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को लगे पंख, AI में एंट्री के ऐलान का असर

Reliance Power Share Price: रिलायंस पावर के शेयरों को 1 जुलाई को बाजार खुलते ही पंख लग गए। शुरुआती कारोबार में शेयर 18 फीसदी तक चढ़ गया। 12 बजे शेयर का भाव 15.90 फीसदी उछाल के साथ 28.79 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में उछाल की वजह कंपनी का एक ऐलान है। कंपनी ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और न्यू एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का ऐलान किया है।

बाजार खुलते ही 18 फीसदी चढ़ गया शेयर

1 जुलाई को बाजार खुलते ही Reliance Power का शेयर 18.35 फीसदी चढ़कर 29.40 रुपये पर पहुंच गया। बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है कि उसने तेजी से विकसित हो रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अलॉयड न्यू-एज टेक्नोलॉजीज में उतरने का प्लान बनाया है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज के जरिए कुछ खास कदम उठाए हैं।

एआई में कंपनी की बड़ी एंट्री

रिलायंस पावर के मुताबिक, इस कदम का मकसद अपने बिजनेस फ्रेमवर्क के तहत एआई और इससे संबंधित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना है। इसके लिए कंपनी ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के ऑब्जेक्ट में संशोधन किया है। रिलायंस पावर ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों के नामों में बदलाव के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें Reliance AI Green Power Private Limited, Reliance AI Power Private Limited, Reliance AI Data Control private और Reliance AI Data C Private Limited शामिल हैं।

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तीन महीनों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर 

रिलांयस पावर के शेयरों में बीते तीन महीनों में करीब 30 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 5 फीसदी चढ़ा है। 1 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। 12 बजे निफ्टी 0.66 फीसदी यानी 158 अंक चढ़कर 24,022 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.72 फीसदी यानी 552 अंक के उछाल के साथ 77,025 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.73 फीसदी की तेजी दिखी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Anant Ambani visits Tirupati: अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी मंदिर में कराया मुंडन, TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा

Anant Ambani visits Tirupati: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने रविवार (28 जून) को तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार केश दान (मुंडन) भी कराया। तिरुपति यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने पारंपरिक केश दान कर अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की। साथ ही, टीटीडी को 25 इलेक्ट्रिक बसें, ड्राइवरों की सैलरी और EV चार्जिंग सुविधाओं के लिए सहयोग की घोषणा कर उन्होंने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान का भी ऐलान किया।

सुबह की विशेष पूजा में हुए शामिल

अनंत अंबानी ने रविवार तड़के होने वाली सुप्रभात सेवा में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और मंदिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।

केश दान की सदियों पुरानी परंपरा निभाई

दर्शन के बाद अनंत अंबानी ने अपने बाल भगवान को अर्पित किए। तिरुमला में केश दान की परंपरा कई सौ वर्षों से चली आ रही है। श्रद्धालु इसे अहंकार का त्याग, विनम्रता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक मानते हैं। तिरुमला में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने या श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मुंडन कराकर अपने बाल दान करते हैं। अनंत अंबानी के लंबे बाल पिछले कुछ वर्षों से उनकी पहचान बन चुके थे। ऐसे में उनके केश दान ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर प्रशासन ने किया सम्मान

दर्शन और केश दान के बाद मंदिर के वैदिक विद्वानों ने उन्हें वेद आशीर्वचनम् प्रदान किया। इसके बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों ने उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसाद भेंट किया और पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

रिलायंस की ओर से बड़ा दान

मंदिर यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने घोषणा की कि Reliance Industries टीटीडी को लगभग 27.5 करोड़ रुपये की लागत से 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करेगी। इसके अलावा कंपनी इन बसों को चलाने के लिए 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य लाभों का खर्च भी उठाएगी। तिरुमला में EV (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग देने के लिए तैयार है। इस पहल का उद्देश्य तिरुमला में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

पहले भी कई धार्मिक यात्राएं कर चुके हैं अनंत अंबानी

अनंत अंबानी पहले भी कई प्रमुख हिंदू मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण और श्रीनाथजी के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की है। वर्ष 2024 में अपनी शादी से पहले उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर तक पदयात्रा भी की थी। यह यात्रा उन्होंने अपनी धार्मिक श्रद्धा और संकल्प के रूप में की थी।

पशु संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय

धार्मिक गतिविधियों के अलावा अनंत अंबानी वंतारा परियोजना के माध्यम से पशु संरक्षण और वन्यजीवों के बचाव एवं पुनर्वास के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। वे कई अवसरों पर सभी जीवों के प्रति करुणा और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।  जानवरों के कल्याण के लिए किए गए अपने कामों के जरिए उन्होंने बार-बार सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने की बात कही है।

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Renault-Geely joint venture expected to manufacture hybrid powertrains in India

Renault Geely

India is expected to approve an investment of around USD 370 million (approximately Rs 3,500 crore) by Horse Powertrain, a joint venture between Renault and Geely, according to a Bloomberg report. If approved, the investment would rank among the largest manufacturing investments by a Chinese-linked company in India in years and allow Horse to invest in Renault’s manufacturing operations in Chennai.

  1. Hybrid powertrains could be manufactured at Renault’s Chennai plant
  2. Renault Duster Hybrid to use Horse-developed powertrain
  3. Horse also in talks to supply technology to other carmakers

Horse Powertrain was established in 2024 as a joint venture between Renault and Geely. Saudi Aramco later acquired a 10 percent stake, leaving Renault and Geely with 45 percent each. The proposed investment also comes weeks after Renault announced plans to separate its powertrain manufacturing business into a dedicated entity in India as part of a broader restructuring of its local operations. 

Horse Powertrain’s manufacturing investment in India

According to Bloomberg, the investment will be implemented in phases, beginning with Renault’s Chennai plant. Horse plans to manufacture strong-hybrid powertrains and engines locally for future Renault and Nissan models sold in India, increasing localization and reducing reliance on imported components.

The upcoming Renault Duster Hybrid will use a 1.8-litre strong hybrid powertrain that’s developed by Horse powertrain. The Bridger compact SUV, expected to follow the Duster, is likely to receive a Horse powertrain too.

In a statement to Bloomberg News, Horse Powertrain said: “India is an important market for Horse Powertrain. We can confirm that we have submitted an application to the Indian authorities to have the right to invest in India and are following the official process. We are expecting a formal decision soon.”

The investment also comes as hybrid vehicles gain traction in India, with several manufacturers expanding their electrified SUV line-ups.

Approval would mark a policy shift

The approval would be among the first major Chinese-linked manufacturing investments since India eased foreign investment rules for neighboring countries earlier this year to encourage more local manufacturing. A Chinese automaker has not made a major investment in India since 2017, when state-owned SAIC Motor Corp. acquired a General Motors Co. plant to launch the MG Motor brand. That venture has since been restructured and is now majority-owned by Indian shareholders, led by JSW Group.

Speaking to Autocar India earlier this year, Carolina Mechai, Chief Sales and Business Development Officer at Horse Powertrain said the company was evaluating multiple routes to expand its presence in India beyond Renault. “We are discussing with our key partner and customer here (Renault), but also with other partners. It could be through development or co-development,” she said, adding that local manufacturing could eventually support exports from India.

Isobutanol-diesel blending trial expected to begin in Q2 FY2027

Isobutanol-diesel blending trial expected to begin in Q2 FY2027

A pilot trial for blending 2 percent isobutanol with diesel is expected to begin in the second quarter of FY27, Girish Wagh, MD and CEO of Tata Motors stated during a media roundtable on Thursday. A government-led task force, which includes active participation from original equipment manufacturers (OEMs), oil marketing companies, testing agencies and others, is driving the initiative. Tata Motors is currently coordinating with state-run Hindustan Petroleum to secure the specialised blended fuel for the upcoming tests.

  1. Isobutanol has a lower calorific value (energy content) than diesel
  2. A minimal 2 percent blend may have a negligible effect on the vehicle’s performance

The development should be seen in the context of how ethanol is being blended with petrol, with the base blending level now at 20 percent (also called as E20). Amidst fuel supply challenges emanating from the West Asia war, the government recently notified standards for ethanol blending of E22, E25, E27 and E30. Plans are now being prepared to take blending levels up further, and the government also announced the rollout of E85 and E100.  

ARAI to lead 10-month-long assessment

Our sister publication Autocar Professional had reported earlier about how commercial vehicle manufacturers, Automotive Research Association of India (ARAI), the Council of Scientific and Industrial Research, oil marketing companies and others are moving to break a decades-long deadlock in diesel decarbonisation by launching a nationwide validation program for isobutanol blending.

The ARAI will lead a 10-month technical assessment alongside bioenergy tech supply major Praj Industries to determine if isobutanol can serve as a seamless “drop-in” replacement for standard diesel. With nearly all major OEMs expected to participate, the initiative indicates a shift away from problematic diesel-blending trials, focusing instead on a molecule that promises better stability and safety for the nation’s critical transport fleet.

Oil majors like Bharat Petroleum have been testing isobutanol for two years, recently completing a three-month trial in stationary Cummins engines. They are now committing significant capital to validate data across 33 different vehicle types in India.

Issues in isobutanol-diesel blending

To understand why isobutanol is causing a stir, one must look at the failures of ethanol-diesel blending. For years, engineers tried to force ethanol into diesel tanks, but the chemistry refused to cooperate. Ethanol is a two-carbon alcohol with a “polar” structure, meaning it doesn’t like to mix with the oily consistency of diesel. Without expensive chemical binders, the two fuels simply separate in the tank.

More critically, ethanol is a fire hazard in a diesel ecosystem. Its flashpoint – the temperature at which it catches fire – is a mere 12 to 13deg C. Diesel, by contrast, is regulated to a minimum of 35deg C. This difference puts them in entirely different petroleum safety classes, making shared storage and transport a logistical nightmare. Even with proprietary binders, OEMs were rarely comfortable going beyond a 5 percent blend before combustion issues emerged.

Technical bridge in the making

Praj Industries, the Pune-based bioenergy giant, has spent the last two years building the technical bridge that ethanol couldn’t cross. As a four-carbon alcohol, isobutanol behaves much more like diesel. Its flashpoint sits between 27 and 30deg C, which allows it to stay within the same Class B petroleum category as diesel. This means the existing network of tankers and pumps doesn’t need a multi-billion-dollar overhaul. Initial investigation found that isobutanol remained stable at 10 percent blends for over 40 days without any separation. Early dynamometer trials on standard Indian driving cycles showed that a 5 percent blend slashed emissions with a negligible 1 to 2 percent impact on fuel mileage, a trade-off most fleet operators would take in a heartbeat.

Shift to blended fuels essential for national energy security: Girish

According to Wagh, isobutanol is a key lever for reducing reliance on imported fuels. While isobutanol has a lower calorific value (energy content) than traditional diesel, the minimal 2 percent blend is expected to have a negligible effect on vehicle performance.

“We do expect that isobutanol, because the calorific value is lower than that of diesel, there would be some impact,” said Girish. “But 2 percent is hardly anything to have an impact. But we will start these trials”. Wagh emphasised that the shift is essential for national energy security, noting that “energy independence is so important that I am sure… everybody will fall in line and do this”.

With inputs from Uday Singh and Shahkar Abidi.

Blue Cloud Softech share: एलॉन मस्क की स्पेसएक्स से संभावित एग्रीमेंट की बातचीत से ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक के शेयर बने रॉकेट

Blue Cloud Softech share: ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस के शेयरों में 22 जून को तूफानी तेजी दिखी। 20 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। इसकी वजह कंपनी का एक बड़ा ऐलान है। कंपनी ने कहा है कि वह स्पेसएक्स इंटरनेशनल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शुरुआती कारोबारी मौकों का पता लगा रही है। स्पेसएक्स इंटरनेशनल अमेरिकी बिजनेसमैन एलॉन मस्क की स्पेसएक्स ईकोसिस्टम का हिस्सा है।

इंफॉर्मेशन एक्सचेंज के लिए बनाया फ्रेमवर्क

Blue Cloud Softech ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है। उसने कहा है कि वह स्पेशएक्स इंटरनेशनल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नॉन-बाइंडिंग अपॉर्चुनिटीज का पता लगा रही है। उसने कहा है कि दोनों पक्षों ने इस बारे में जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया है। दोनों कंपनियां बातचीत के जरिए एआई से जुड़े ,संभावित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाएंगी।

AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में कंपनी की दिलचस्पी

कंपनी ने कहा है कि उसका यह कदम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में मौकों की तलाश करने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में मौकों का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि, उसने यह स्पष्ट किया है कि अभी बातचीत शुरुआती अवस्था में है और नॉन-बाइंडिंग है। बातचीत की वजह से किसी पक्ष पर ट्रांजेक्शन, ज्वाइंट वेंचर, इनवेस्टमेंट, पार्टनरशिप या किसी तरह का निश्चित एग्रीमेंट करने का दबाव नहीं होगा।

इस साल की शुरुआत में इम्पैक्स के अधिग्रहण को मंजूरी

ब्लू क्लाउड ने कहा है कि दोनों कंपनियों के बीच किसी तरह के सहयोग से पहले ड्यू डिलिजेंस, म्यूचुअल एग्रीमेंट, रेगुलेटरी एप्रूवल्स जरूरी होंगे। इस साल की शुरुआत में ब्लू क्लाउड ने अमेरिकी एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म ग्लोबल इमपैक्स इंक के अधिग्रहण को मजूरी दी थी। इस ट्रांजेक्शन की वैल्यू करीब 372.8 करोड़ रुपये थी।

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बीते एक साल में 26 फीसदी गिरा है शेयर 

Global Impx के अधिग्रहण के जरिए ब्लू क्लाउड का मकसद एनर्जी-बैक्ड डेटा सेंटर्स और एआई कंप्यूट ईकोसिस्टम्स में क्षमता विकसित करना है। इस ट्रांजेक्शन में एक 197 एकड़ का डेटा सेंटर ओडिशा में बनाने का भी प्लान है। कई चरणों में इसकी कपैसिटी बढ़ाकर 5 मेगावॉट से 100 मेगावॉट की जा सकती है। ब्लू क्लाउड का शेयर बीते एक साल में 26 फीसदी गिरा है।

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Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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