अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने 2 अक्तूबर यानी शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आरआईएल आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट्स लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये इनवेस्ट करेगी। इससे 3 लाख से ज्यादा नौकरियों के मौके पैदा होंगे। इससे राज्य को करीब 60,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलेगा।

रिलायंस आईसीए के साथ मिलकर काम करेगी

मदनापल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अंबानी ने कहा कि रिलायंस नए इंस्टीट्यूशन को सपोर्ट करने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा, “आज 40,000 करोड़ के सपोर्ट से रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब से भारत की ग्रोथ स्टोरी में नया मील का पत्थर जुड़ गया है।”

आईसीए का फोकस किसानों की समृद्धि पर होगा

अंबानी ने इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को एक ऐसा नया संस्थान बताया, जिसका फोकस टेक्नोलॉजी और किसानों की समृद्धि पर होगा। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबु नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “25 साल पहले आपने हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस शुरू किया था। आज आप भारीतय किसानों को अपना आईएसबी देने जा रहे हैं।”

आईसीए किसानों को अपने खेता का सीईओ बनाएगा

उन्होंने कहा, “भारत ने दुनिया को की सीईओ दिए हैं। अब आईएसए भारत के किसानों को अपने खेत का सीईओ बनाएगा।” अंबानी ने कहा कि यह स्कूल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ट्रेडिशनल फार्मिंग नॉलेज को एक साथ लाएगा। इनका इस्तेमाल पेस्ट अलर्ट, क्रॉप हेल्थ-मैपिंग में ड्रोन के इस्तेमाल, रोबोटिक्स, मार्केट इंटेलिजेंस और ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी में होगा।

किसान देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे

उन्होंने कहा, “रिलायंस के ग्रीन एनर्जी बिजनेसेज के जरिए मैं हमारे अन्नदाताओं को ऊर्जदाता बनाने में मदद करना चाहता हूं। हमारे किसान दो देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं अब देश की ऊर्जा सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। भारत ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनेगा।”

किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ने का प्लान 

अंबानी ने उन चार क्षेत्रों के बारे में बताया, जिसमें रिलायंस स्कूल के साथ मिलकर काम करेगा। गावों में वर्चुअल क्लासरूम्स के जरिए किसानों को ट्रेनिंग मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा। जियो कृषि के जरिए टेक्नोलॉजी साझा होगी। युवाओं के लिए बतौर प्रोफेशन हाई-टेक एनिमल हस्बेंड्री को विकसित किया जाएगा।

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युवाओं को स्किल और टेक्नोलॉजी उपलब्ध करानी होगी

उन्होंने कहा, “हमें उन्हें अपने गांवों में ही सफल भविष्य बनाने के लिए स्किल, टेक्नोलॉजी और उद्यम देना होगा।” उन्होंने कहा कि रिलायंस इस इंस्टीट्यूशन को स्ट्रेटेजिक इनवेस्टमेंट, डिजिटल कपैबिलिटीज, टेक्निकल एक्सपर्टाइज और इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए मदद करेगी।

किसानों की बेहतर जिंदगी की बुनियाद से शुरुआत

अंबानी ने नायडू को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे आंध्र का बेटा समझिए और मुझे बताइए कि मैं आपके सुंदर राज्य के लिए क्या कर सकता हूं।” उन्होंने कहा कि आज हम सिर्फ शिलान्यास नहीं कर रहे हैं बल्कि हम रूरल एंटरप्राइज, समृद्ध गांव और सस्टेनेबल इंडिया और सबसे जरूरी किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए बुनियाद रख रहे हैं।

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India Growth Forecast: चार बड़ी ग्लोबल एजेंसियों ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, जानिए वजह

India Growth Forecast: भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर अच्छी खबर आई है। चार बड़ी ग्लोबल एजेंसियों ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है। इसकी वजह निवेश, खपत और एक्सपोर्ट का उम्मीद से बेहतर रहना है।

इनमें चारों में एक OECD यानी ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट है। यह दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर नजर रखने वाला आर्थिक संगठन है। साथ ही, दो क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां Fitch Ratings और S&P Global Ratings हैं। वहीं Asian Development Bank (ADB) एशिया के देशों को आर्थिक विकास के लिए मदद और फंडिंग देने वाला संस्थान है।

ग्रोथ का अनुमान कितना बढ़ा?

OECD ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। चारों एजेंसियों में यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।

Fitch ने अपना अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 6.9% किया है। S&P Global Ratings और ADB ने भी अपना अनुमान 40-40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया है। दोनों ने अब भारत की ग्रोथ 7% रहने का अनुमान लगाया है। अब चारों एजेंसियों का अनुमान 6.9% से 7.1% के बीच है। इससे पहले यह 6.3% से 6.6% के बीच था।

पिछले हफ्ते Moody’s Ratings ने भी भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया था। उसने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इसे 6% से बढ़ाकर 7% किया था।

जून तिमाही में 7.8% की ग्रोथ

ग्रोथ अनुमान बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह जून तिमाही के आंकड़े हैं। अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP 7.8% बढ़ी। यह ज्यादातर एजेंसियों के पुराने अनुमान से काफी ज्यादा थी। S&P के मुताबिक, फैक्ट्री और इंडस्ट्री से जुड़ी गतिविधियां मजबूत रहीं। लोगों ने भी खर्च किया। गुड्स एक्सपोर्ट बढ़ा। सरकारी निवेश भी तेज रहा।

Fitch ने कहा कि ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रही। पहली तिमाही की 7.8% ग्रोथ का असर पूरे साल के अनुमान पर भी पड़ा है। बाकी महीनों में ग्रोथ कुछ धीमी हो सकती है। फिर भी पूरे साल का आंकड़ा पहले के अनुमान से बेहतर रह सकता है।

निवेश से मिल रहा बड़ा सहारा

निवेश भारत की ग्रोथ का बड़ा सहारा बन रहा है। पहली तिमाही में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 11.9% बढ़ा। ADB के मुताबिक, कम ब्याज दर और सरकारी खर्च से निवेश को मदद मिल रही है। कंपनियों की बैलेंस शीट भी मजबूत है।

Fitch को प्राइवेट निवेश में भी तेजी की उम्मीद है। उसे इस साल निवेश में 10% से ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। जुलाई में नॉन-फूड क्रेडिट 19% बढ़ा। इससे कंपनियों की कर्ज की मांग मजबूत रहने का संकेत मिलता है।

घरेलू मांग भी मजबूत

महंगी ऊर्जा के बावजूद देश में मांग बनी हुई है। S&P के मुताबिक, लोगों की खपत अच्छी रही। इंडस्ट्री और सरकारी खर्च से भी ग्रोथ को सहारा मिला। Moody’s ने भी मजबूत घरेलू मांग और निजी खपत को अहम बताया है। भारत के पास कच्चे तेल की सप्लाई के कई विकल्प हैं। विदेशी मुद्रा भंडार भी पर्याप्त है।

ADB ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान 5.2% से घटाकर 5% कर दिया है। इसका मतलब है कि महंगी ऊर्जा का असर उम्मीद से कम पड़ा है।

एक्सपोर्ट भी दे रहा सहारा

S&P ने मजबूत गुड्स एक्सपोर्ट को भी ग्रोथ की वजह बताया है। ADB के मुताबिक, सर्विसेज एक्सपोर्ट भी अच्छा बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में मजबूती जारी रहने की उम्मीद है। AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी सर्विसेज की मांग से भी भारत को फायदा मिल सकता है।

सितंबर के शुरुआती आंकड़े भी अच्छे संकेत दे रहे हैं। HSBC Flash Composite PMI अगस्त के 54.3 से बढ़कर सितंबर में 56.5 हो गया। मैन्युफैक्चरिंग PMI भी बढ़कर 55.7 पर पहुंच गया।

फिर भी जोखिम खत्म नहीं हुए

करीब 7% का ग्रोथ अनुमान आने का मतलब यह नहीं है कि 7.8% की रफ्तार आगे भी बनी रहेगी। Fitch को बाकी वित्त वर्ष में ग्रोथ कुछ धीमी पड़ने की आशंका है। कमजोर मानसून का असर खेती और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है। महंगाई बढ़ने से लोगों की खरीदारी क्षमता भी घट सकती है।

Fitch को दिसंबर तक महंगाई 5.5% पहुंचने की उम्मीद है। उसे RBI की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की भी आशंका है। OECD ने भी कहा है कि हाल की तेज ग्रोथ के बावजूद साल की दूसरी छमाही में लोगों की खरीदारी क्षमता पर दबाव पड़ सकता है। इससे ग्रोथ की रफ्तार कुछ कम हो सकती है।

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