अनंत अंबानी ने कहा-रिलायंस जामनगर को दुनिया की पहली ऑटोनोमस रिफाइनरी बना रही

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 19 जून को गुजरात के जामनगर स्थितअपनी रिफाइनरी के लिए बड़े प्लान का ऐलान किया। आरआईएल की 49वीं एजीएम में कंपनी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस जामनगर की रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी बनाने की तरफ बढ़ रही है।

एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अनंत ने शेयरहोल्डर्स को बताया कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस की ऑपरेशनल एफिशियंसी बढ़ाने के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन, इन-हाउस डिजटिल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म्स और स्मॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स पर है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से स्पीड और एक्युरेसी बढ़ी है

उन्होंने कहा, “हमारा प्रॉपरायटरी एआई-आधारित फीडस्टॉक ऑप्टिमाइजेशन टूल अब हमें सबसे एफिशियंट क्रूड ब्लेंड का चुनाव करने में मदद करता है।” उन्होंने कहा कि रिलायंस का डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म सप्लाई चेन ऑपरेशन में मदद कर रहा है, जबकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एग्जिक्यूशन टूल्स से कस्टमर ट्रांजेक्शन में स्पीड और एक्युरेसी बढ़ाने में मदद मिली है।

ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू 6,62,401 करोड़ रुपये

उन्होंने कहा कि इन डिजिटल फाउंडेशंस के आधार पर हम जामगर रिफाइनरी को दुनिया की पहली एंड-टू-एंड ऑटोनोमस रिफाइनरी के रूप में ऑपरेट करने की तरफ बढ़ रहे हैं। रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू FY26 में 6,62,401 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 5.7 फीसदी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस बिजनेस का EBITDA 10.1 फीसदी बढ़कर 60,546 करोड़ रुपये रहा।

चुनौतियों के बीच भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा 

अनंत अंबानी ने कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे साल में रहा है, जब क्रूड और प्रोडक्ट मार्केट्स को होर्मुज बंद होने की वजह से काफी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। लेकिन, रिलायंस की डायवर्सिफायड सोर्सिंग और स्मार्ट लॉजिस्टिक्स से चौथी तिमाही में ऑपरेशन को जारी रखने में मदद मिली। हालांकि, मध्यपूर्व में तनाव का असर मार्जिन पर पड़ा, क्योंकि फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ गई।

कंपनी ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना किया

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में तनाव की वजह से सप्लाई में बाधा आने पर रिलायंस ने एलपीजी की सप्लाई बढ़ाकर चार गुना कर दिया। इससे रिलायंस के इंटिग्रेटेड और फ्लेक्सिबल रिफाइनिंग एंड केमिकल कॉम्पलेक्स के फायदों का पता चलता है।

आकाश अंबानी ने रखा Jio का AI रोडमैप : कॉल, कारोबार और खेती तक पहुंचेगा एआई

Akash Ambani outlines Jio's AI roadmap

– जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू औरजियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं 

– भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा जियो, 22 भारतीय भाषाओं में सेवाओं की तैयारी

– रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है

जियो (Jio) की अगली बड़ी छलांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भारत को बाहर बने एआई (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है।

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जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआई उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता दो लाख से अधिक एच100-इक्विवेलेंट जीपीयू तक बढ़ सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है। भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।”

 

रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।

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जियो अपने नेटवर्क में भी एआई को सीधे जोड़ रहा है। कंपनी जियो कॉल एजेंट पर काम कर रही है। इसके जरिए हर जियो कॉल में, ग्राहक की अनुमति से, एआई एजेंट जुड़ सकेगा। यह कॉल को ट्रांसक्राइब कर सकेगा, उसका सार बना सकेगा और जरूरत पड़ने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, टेबल रिजर्व करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी कर सकेगा।

 

आकाश अंबानी ने जियो की पांचवीं प्रतिबद्धता को भारत की तकनीक को दुनिया तक ले जाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 5जी, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और एआई सेवाओं के लिए जियो में बनाया गया अपना डीप-टेक स्टैक अब चुनिंदा देशों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार है।

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रिलायंस ने गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ साझेदारियों का भी उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि इन साझेदारियों के जरिए वैश्विक तकनीक को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस के साथ जोड़ा जाएगा।

 

जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया था, रिलायंस इंटेलिजेंस अब एआई को आसान, भरोसेमंद और किफायती बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का दावा है कि जब एआई सुलभ होगा, तब भारत केवल एआई युग में भागीदार नहीं रहेगा, बल्कि उसका नेतृत्व करेगा।

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– भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा जियो, 22 भारतीय भाषाओं में सेवाओं की तैयारी

– रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है

जियो (Jio) की अगली बड़ी छलांग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की 49वीं वार्षिक आम बैठक में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने कहा कि भारत को बाहर बने एआई (AI) का केवल उपभोक्ता नहीं बने रहना चाहिए। भारत को एआई का निर्माता और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।

 

मुकेश अंबानी ने कहा कि इसी सोच के साथ रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) को कंपनी के नए ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिलायंस इंटेलिजेंस का उद्देश्य उपभोक्ताओं, उद्यमों और सरकारों के लिए बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्लेटफॉर्म और सेवाओं का लाभकारी बिजनेस तैयार करना है।

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जियो के चेयरमैन आकाश एम. अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की सेवाओं और एआई उत्पादों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में भारत का सॉवरेन एआई बैकबोन बना रहा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर रिलायंस की अपनी सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसकी पहली 120 मेगावाट क्षमता 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरी तरह चालू होने पर यह क्षमता दो लाख से अधिक एच100-इक्विवेलेंट जीपीयू तक बढ़ सकती है।

 

आकाश अंबानी ने कहा, “दुनिया के एआई प्लेटफॉर्म पहले अंग्रेजी में बनते हैं और बाद में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके विपरीत, जियो भारतीय भाषाओं में नेटिव एआई बना रहा है। भारत का एआई भारतीय भाषा में बोलेगा। भारत के दिलों को जोड़ेगा। भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगा।”

 

रिलायंस इंटेलिजेंस 22 भारतीय भाषाओं में भरोसेमंद, किफायती और बहुभाषी एआई सेवाएं देने की तैयारी कर रहा है। इनमें जियोभारतआईक्यू, एआई व्यापार, जियोहेल्थआईक्यू, जियोलर्नआईक्यू और जियोकृषिआईक्यू जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इन सेवाओं का उद्देश्य किसानों, छात्रों, दुकानदारों, परिवारों और छोटे कारोबारियों तक एआई की उपयोगिता पहुंचाना है।

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जियो अपने नेटवर्क में भी एआई को सीधे जोड़ रहा है। कंपनी जियो कॉल एजेंट पर काम कर रही है। इसके जरिए हर जियो कॉल में, ग्राहक की अनुमति से, एआई एजेंट जुड़ सकेगा। यह कॉल को ट्रांसक्राइब कर सकेगा, उसका सार बना सकेगा और जरूरत पड़ने पर खाना ऑर्डर करने, कैब बुक करने, टेबल रिजर्व करने या मीटिंग तय करने जैसे काम भी कर सकेगा।

 

आकाश अंबानी ने जियो की पांचवीं प्रतिबद्धता को भारत की तकनीक को दुनिया तक ले जाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 5जी, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस और एआई सेवाओं के लिए जियो में बनाया गया अपना डीप-टेक स्टैक अब चुनिंदा देशों में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार है।

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रिलायंस ने गूगल, मेटा और एनवीडिया के साथ साझेदारियों का भी उल्लेख किया। कंपनी का कहना है कि इन साझेदारियों के जरिए वैश्विक तकनीक को भारतीय क्रियान्वयन, भारतीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और भारत-प्रथम गवर्नेंस के साथ जोड़ा जाएगा।

 

जियो ने जिस तरह डेटा को हर भारतीय के लिए किफायती बनाया था, रिलायंस इंटेलिजेंस अब एआई को आसान, भरोसेमंद और किफायती बनाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का दावा है कि जब एआई सुलभ होगा, तब भारत केवल एआई युग में भागीदार नहीं रहेगा, बल्कि उसका नेतृत्व करेगा।

Reliance AGM 2026 Live Updates: मुकेश अंबानी ने RIL AGM को किया संबोधित, सभी की निगाहें Jio IPO, AI प्लान्स पर

Reliance AGM 2026 live: रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) जल्द ही होने वाली है, जिसमें इन्वेस्टर कंपनी के कुछ खास ग्रोथ बिज़नेस के अपडेट्स पर करीब से नज़र रखेंगे।उम्मीद है कि इसका फोकस Jio IPO, नए एनर्जी सेगमेंट में प्रोग्रेस और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एम्बिशन पर रहेगा।

मार्केट रिलायंस की AI स्ट्रैटेजी पर भी करीब से नज़र रखेगा। कंपनी डेटा सेंटर इन्वेस्टमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ज़रिए अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फुटप्रिंट को बढ़ा रही है, जिसमें हाल ही में मेटा के साथ जामनगर में घोषित 168 MW का AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।

एक और जिस एरिया पर करीब से नज़र रखी जाएगी, वह है रिलायंस का नया एनर्जी बिज़नेस। इन्वेस्टर कंपनी के सोलर मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइज़र प्रोडक्शन के प्लान्स के साथ-साथ उसके कच्छ एनर्जी कॉम्प्लेक्स में डेवलपमेंट्स पर अपडेट्स मांगेंगे।

FY26 में देखे गए मार्जिन प्रेशर के बीच ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिज़नेस पर मैनेजमेंट कमेंट्री भी फोकस में रहेगी। इसके अलावा, मार्केट डिविडेंड, टेलीकॉम टैरिफ और ग्रुप की बैलेंस शीट पर किसी भी कमेंट पर नज़र रखेगा क्योंकि रिलायंस अपने कंज्यूमर और टेक्नोलॉजी-लेड बिजनेस को बढ़ाना जारी रखे हुए है।

आखिर में, इन्वेस्टर संभावित रिलायंस रिटेल IPO पर सिग्नल देखेंगे। रिटेल ब्रांच कंपनी के लिए एक बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभरी है, और लिस्टिंग प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट पर किसी भी कमेंट पर स्ट्रीट की करीबी नज़र रहेगी।

आकाश अंबानी का बड़ा बयान, AI युग का डिजिटल गेटवे बनेगा JiO

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ताज़ा नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ रही है, जहां जियो सिर्फ टेलीकॉम नहीं बल्कि भारत का डिजिटल और AI गेटवे बनने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, जियो अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां उसकी मजबूत कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित सेवाओं के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।

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रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने कहा, “जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब 52 करोड़ 40 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ यह ‘इंटेलिजेंस एरा’ का डिजिटल गेटवे बनने की स्थिति में है। जियो की एडवांस कनेक्टिविटी और कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए AI सेवाएं देश के उपभोक्ताओं, घरों और व्यवसायों तक पहुंचेंगी।” 

 

देश का सबसे बड़ा यूजर बेस और तेजी से बढ़ते 5G नेटवर्क के साथ, जियो का फोकस अब कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को और गहराई तक ले जाने पर है। जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर को केवल ब्रॉडबैंड सेवा नहीं, बल्कि एक ऐसे कनेक्टिविटी टूल के रूप में देखा जा रहा है, जो घरों और छोटे व्यवसायों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाकर डिजिटल और AI सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ाएगा।

 

मार्च 2026 तक जियो का फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यूजर बेस 2 करोड़ 71 लाख तक पहुंच गया है और इसका मार्केट शेयर करीब 43% हो चुका है। जियोएयरफाइबर का सब्सक्राइबर बेस 1 करोड़ 30 लाख है, जो इस विस्तार का बड़ा आधार बनकर उभरा है।

 

डेटा खपत में तेज बढ़ोतरी भी इस बदलाव की अहम कड़ी है। जियो नेटवर्क पर कुल डेटा ट्रैफिक में करीब 35% की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति डेटा खपत 42.3 GB प्रति माह तक पहुंच गई है। यह बढ़ता डेटा उपयोग आने वाले समय में AI आधारित सेवाओं के लिए मजबूत फाउंडेशन तैयार करेगा। 

 

फाइनेंशियल प्रदर्शन भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करता है। Q4 FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू  44,928 करोड़ रुपय रहा, जो 12.7% बढ़ा, जबकि EBITDA 20,060 करोड़ रुपय रहा और मार्जिन 52% से ऊपर पहुंच गया। पूरे साल में भी डिजिटल सर्विसेज कंपनी की ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनी रहीं। 

 

इस तरह जियो का मॉडल मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड विस्तार और बढ़ती डेटा खपत मिलकर एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में AI इकोनॉमी के लिए बुनियादी ढांचा बन सकता है।

ईशा अंबानी Isha Ambani

AI और प्राइसिंग पर फोकस, स्केल को वैल्यू में बदलेगा रिलायंस रिटेल : ईशा अंबानी

 

रिलायंस रिटेल अब अपने अगले ग्रोथ फेज में AI आधारित मर्चेंडाइजिंग और बेहतर प्राइसिंग पर फोकस रखेगा, ताकि अपने बड़े नेटवर्क से ग्राहकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। कंपनी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, “FY27 में हमारा ध्यान इस बड़े नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने पर रहेगा – AI आधारित मर्चेंडाइजिंग, बेहतर प्राइसिंग और मजबूत निष्पादन के जरिए हम ये करने की कोशिश करेंगे।”

 

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹3.70 लाख करोड़ के पार रहा और EBITDA ₹27,000 करोड़ से अधिक रहा। रिलायंस रिटेल ने 38.7 करोड़ ग्राहकों को 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस के जरिए सेवा दी। कंपनी का स्टोर नेटवर्क 20,000 के पार पहुंच गया है, जबकि जियोमार्ट जैसे प्लेटफॉर्म इस नेटवर्क को डिजिटल और हाइपरलोकल डिलीवरी से जोड़ रहे हैं।

 

जियोमार्ट के हाइपरलोकल कॉमर्स में तेज बढ़त दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर तिमाही आधार पर 29% और सालाना आधार पर 300% से ज्यादा बढ़े। जियोमार्ट अब 5,100+ पिन कोड और 1,200+ शहरों में सेवाएं दे रहा है, जिसे 3,100 से ज्यादा स्टोर्स का नेटवर्क सपोर्ट कर रहा है। Edited by: Sudhir Sharma