Stocks to Watch: 9 लिस्टिंग्स, 6 बैंक; PC Jeweller, Ola, MRF समेत 14 अन्य स्टॉक्स भी Sensex की एक्सपायरी को फोकस में

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में हल्की ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 17.00 प्वाइंट्स यानी 0.08% की बढ़त के साथ 22,609.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 429.11 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी (Nifty) भी 173.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% की फिसलन के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

PC Jeweller Q2 (YoY)

हेल्दी कंज्यूमर डिमांड के दम पर सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीसी ज्वैलर का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 28% बढ़ गया। साथ ही आउटस्टैंडिंग एक्सपोर्ट डेटर्स से इसे ₹142 करोड़ का रेमिटेंस मिला। आउटस्टैंडिंग डेट के रीपेमेंट के साथ कंपनी डेट-फ्री हो गई।

Senco Gold Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सेंको गोल्ड का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% और रिटेल रेवेन्यू 29% की रफ्तार से बढ़ा तो सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 19% रही। डायमंड ज्लैवरी सेल्स वैल्यू 40% बढ़ी तो वॉल्यूम 7% बढ़ा। कंपनी ने ने सितंबर तिमाही में 6 नए शोरूम खोले और अब इसके नेटवर्क में 215 स्टोर हो गए हैं।

Jubilant Foodworks Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹2,608.7 और स्टैंडएलोन रेवेन्यू 11.6% उछलकर ₹1,885.8 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फार-लाइक ग्रोथ 4.1% रही तो यूरेशिया की ग्रोथ 2.1% नीचे आई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 108 स्टोर जोड़े और अब इसके कुल 3820 स्टोर हो गए। डोमिनोज इंडिया ने 88 स्टोर जोड़े और अब इसके 2601 स्टोर हो गए।

TD Power Systems

टीडी पावर सिस्टम्स ने 7 अक्टूबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹775.35 तय किया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की कोशिश में है।

Tata Power Company

टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ नई मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी को भारत लाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुल्शी रिजर्वयार में 300-kWp का फ्लोटिंग सोलर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।

Godrej Properties

बीएमसी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज और आरसी ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के बांद्रा बे में एक लैंडस्केप्ड बे-साइड प्रोमेनेड यानी समुद्र किनारे टहलने की जगह के पहले चरण का ऐलान किया है।

HCL Technologies

एचसीएलटेक, जोहान्सबर्ग ने साउथ अफ्रीका में अपना एक नया रीजनल हेडक्वार्टर शुरू किया है।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक ने प्रति शेयर ₹27 के भाव पर ₹999.73 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है। राइट्स एंटाइटेलमेंट पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 13 अक्टूबर तय की गई है। यह राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।

RPP Infra Projects

आरपीपी इंफ्रा ने लीजेंड 96 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में जॉइंट डेवलपर के तौर पर अपनी हिस्सेदारी से पीछे हटने का फैसला किया है। इसकी वजह मंजूरी मिलने में देरी, फाइनेंसिंग की दिक्कतें, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था और रेवेन्यू-शेयरिंग के तय समझौते में प्रस्तावित बदलाव बताई गई है। कंपनी ने विल्स रियल्टर्स को अपना इरादा बता दिया है और डेवलपमेंट और फाइनेंसिंग एग्रीमेंट को खत्म करने और दोनों पक्षों के बीच पेएबल अमाउंट के निपटारे की मांग की है।

ASK Automotive

राजस्थान जीएसटी धिकारियों ने 6 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी में आस्क ऑटोमोटिव की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सर्च ऑपरेशन चलाया।

MRF

एमआरएफ की याचिका पर केरल के स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर ने एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर यानी सुधार आदेश जारी किया है, जिसमें कुल टैक्स डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर ₹36.19 करोड़ कर दिया गया है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए सेल्स टैक्स के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म से जुड़ा है।

Karur Vysya Bank, Indian Overseas Bank, PNB, Indian Bank, Tamilnad Mercantile Bank, BoB

आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस बढ़ाया तो कुछ बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े लेंडिंग रेट को भी बढ़ा दिया है। करूर वैश्य बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो लिंक्ड रेट को 8.55% से 8.80%, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने 8.10% से 8.35%, पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने 8.10% से 8.35, इंडियन बैंक ने 7.95% से 8.20%, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 8.25% से 8.50% और बीओबी (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने 5.25% से 5.50% कर दिया है।

JTL Industries, AceVector

गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के 19.71 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹16.16 करोड़ में प्रति शेयर ₹82.03 के भाव पर खरीदे हैं। वहीं गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ने स्नैपडील की ऐसवेक्टर के 31.17 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹9.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹29.88 के भाव पर बेच दिए। सितंबर 2026 तक गोल्डमैन सैक्स की ऐसवेक्टर में 1.56% हिस्सेदारी थी।

Jeena Sikho Lifecare

ओरेगानो लाइफ ने प्रति शेयर ₹420.28 के भाव पर ₹29.35 करोड़ में जीना सीखो लाइफकेयर के 6.98 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) बेच दी।

Nityas Gems & Jewellery, Vishal Nirmiti

नित्याज जेम्स एंड ज्वैलरी और विशाल निर्मिति के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Omara, Sollfege, SJP Ultrasonics,EverestIMS, Shree TNB, Dove Soft, Eventions

ओमारा वेंचर्स इंडिया, सोलफेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, एवरेस्टआईएमएस टेक, , एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स, श्री टीएमबी पॉलीमर्स और डव सॉफ्ट बीएसई एसएमई तो एवेंशंस के शेयर एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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Realty stocks : चुनिंदा रियल्टी शेयरों में आज अच्छी तेजी, जेफरीज के बुलिश नजरिए ने भरा जोश, जानिए क्या कहती है इसकी रिपोर्ट

Realty stocks : चुनिंदा रियल्टी शेयरों में आज अच्छी तेजी है। जेफरीज में रियल एस्टेट पर पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। जेफरीज के मुताबिक Q3 में रियल्टी कंपनियों की मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस रिपोर्ट के बाद आज कुछ रियल्टी शेयरों में अच्छी तेजी आई है। ओबेरॉय रियल्टी 0.71 फीसदी ऊपर कारोबार कर है। वहीं, DLF में 0.4 फीसदी ऊपर ट्रेड हो रहा है। गोदरेज प्रॉपर्टीज़ भी 0.28 फीसदी ऊपर है। वही, फीनिक्स मिल्स में 0.18 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।

वहीं दूसरी ओर, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स 0.56 फीसदी नीचे है। जबकि, शोभा 0.44 फीसदी नीचे दिख रहा है। अनंत राज भी 0.42 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.76 फीसदी बढ़कर 867.95 पर पहुंच गया है। पिछले ट्रेडिंग सेशन में इस इंडेक्स में 1.10 फीसदी की गिरावट आई थी।

रियल एस्टेट पर जेफरीज की राय

जेफरीज ने रियल्टी पर अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि रियल एस्टेट सेक्टर के ट्रेंड में सुधार जारी है। तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट की मजबूत ग्रोथ संभव है। इस अवधि में पहली तिमाही के मुकाबले नए लॉन्च में ज्यादा होंगे। जुलाई-अगस्त में सेल्स ग्रोथ डबल-डिजिट रही है। प्री-सेल्स ग्रोथ 10-15 फीसदी रहने की उम्मीद है। तीसरी तिमाही की लॉन्च पाइपलाइन मजबूत है। फेस्टीव सीजन में देरी से नए लॉन्च में देरी संभव है। ओबेरॉय रियल्टी की दूसरी तिमाही में मजबूत ग्रोथ संभव है। Q2 में लोढ़ा डेवलपर्स के ट्रेंड में सुधार संभव है। गोदरेज प्रॉपर्टीज और DLF के नए लॉन्च बढ़ने की उम्मीद है।

मज़बूत लॉन्च पाइपलाइन

इन कंपनियों का लांच पाइपलाइन पर नजर डालें तो प्रेस्टीज एस्टेट्स के पास FY27 की सबसे बड़ी लॉन्च पाइपलाइन है। 35,000-36,000 करोड़ रुपये के प्री-सेल्स लक्ष्य के मुकाबले लगभग 58,000 करोड़ रुपये की GDV परियोजनाएं लॉन्च की जानी हैं।

गोदरेज प्रॉपर्टीज़ का FY27 का लॉन्च पाइपलाइन लगभग 48,000 करोड़ रुपये के GDV का है, जबकि प्री-सेल्स का लक्ष्य 39,000 करोड़ रुपये है। कंपनी ने Q1 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लॉन्च किए और अब वह मॉनेटाइज़ेशन के लिए सबसे बड़ी इन्वेंट्री में से एक के साथ साल के दूसरे हिस्से में प्रवेश कर रही है।

लोढ़ा डेवलपर्स के पास लगभग 20,000 करोड़ रुपये के लॉन्च की पाइपलाइन है, जबकि FY27 के लिए प्री-सेल्स का लक्ष्य 24,000 करोड़ रुपये है; इनमें से ज़्यादातर लॉन्च वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में होने की उम्मीद है।

DLF का लक्ष्य FY27 में 20,000 करोड़ रुपये की प्री-सेल्स हासिल करना है। कंपनी ने तिमाही के कमज़ोर प्रदर्शन की वजह लॉन्च में देरी को बताया है और गुरुग्राम, मुंबई और गोवा में उसके प्रोजेक्ट्स की योजना है।

ओबेरॉय रियल्टी पर मोतीलाल ओसवाल की राय

ओबेरॉय रियल्टी पर नजर डालें तो फिलहाल यह शेयर 19.70 रुपए यानी 1.07 फीसदी की तेजी के साथ 1855 रुपए पर दिख है। मोतीलाल ओसवाल भी इस शेयर पर बुलिश हैं। मोतीलाल ओसवाल ने 15 सितंबर, 2026 की अपनी रिसर्च रिपोर्ट में ओबेरॉय रियल्टी के शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग और 2,130 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ओबेरॉय रियल्टी (OBER) का ग्रोथ और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने पर बना फ़ोकस उसे विस्तार के अगले चरण के लिए अच्छी स्थिति में लाता है। पिछले एक साल में छह नए प्रोजेक्ट्स हासिल करना बिज़नेस डेवलपमेंट (BD) में अच्छी तेजी दिखाता है।

 

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Property vs REITs: ₹20-30 लाख के बजट में घर खरीदें या REITs में लगाएं पैसा? जानें कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न

REITs vs Rental Flat Investment: प्रॉपर्टी में निवेश करके हर महीने पक्की कमाई पाना हर भारतीय का सपना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना लाखों-करोड़ों की जमीन या फ्लैट खरीदे भी आप रियल एस्टेट से हर महीने रेगुलर इनकम कमा सकते हैं?

रियल एस्टेट में निवेश के दो बड़े रास्ते हैं- पहला, खुद का एक छोटा रेंटल फ्लैट खरीदना और दूसरा, रीट्स (REITs – Real Estate Investment Trusts) के जरिए कमर्शियल प्रॉपर्टीज में पैसे लगाना। अगर आपके पास ₹20 से ₹30 लाख रुपये का बजट है, तो आपके लिए कौन सा जरिया सही रहेगा?

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कमाई, जोखिम और सहूलियत के मामले में दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे बेस्ट है।

REITs: कम बजट में बड़े कमर्शियल प्रॉपर्टी का मालिकाना हक

अगर आपके पास ₹20-30 लाख का बजट है, तो कई बड़े शहरों में स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और ब्रोकरेज मिलाकर एक अच्छा रेंटल फ्लैट खरीदना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में REITs एक शानदार विकल्प है।

क्या है REIT? जैसे म्यूचुअल फंड में कई लोगों से पैसा जुटाकर शेयर बाजार में लगाया जाता है, वैसे ही रीट के जरिए पैसे जुटाकर बड़े-बड़े आईटी पार्क्स, मॉल और ऑफिस कॉम्प्लेक्स जैसी कमर्शियल प्रॉपर्टीज में निवेश किया जाता है।

कमाई का नियम: सेबी के नियमों के मुताबिक, रीट्स को अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा अपने निवेशकों को डिविडेंड या ब्याज के रूप में बांटना अनिवार्य है।

रेंटल फ्लैट: कंट्रोल पूरा, लेकिन सिरदर्दी भी कम नहीं

एक छोटा रेंटल फ्लैट आपको एक ‘भौतिक संपत्ति’ देता है, जो आंखों के सामने होती है।

फायदे: किराएदार कौन होगा, कितना किराया बढ़ाना है और प्रॉपर्टी कब बेचनी है इन सब पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है। अगर इलाका तेजी से विकसित होता है, तो प्रॉपर्टी के दाम भी जबरदस्त बढ़ते हैं।

कमियां और मेहनत: भारत में आवासीय संपत्तियों का सालाना रेंटल यील्ड महज 1.5% से 4% के आसपास ही रहता है। इसके अलावा मेंटेनेंस, प्रॉपर्टी टैक्स, मरम्मत, ब्रोकरेज और किराएदार न मिलने पर खाली पड़े रहने का घाटा अलग से सहना पड़ता है।

लिक्विडिटी और डाइवर्सिफिकेशन: REITs क्यों मारता है बाजी?

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आपके लिए कौन सा विकल्प है बेहतर?

REITs आपके लिए सही हैं अगर: आप बिना मकान मालिक बने और बिना किसी सिरदर्दी के रियल एस्टेट से कमाई करना चाहते हैं। अगर आपको लिक्विडिटी पसंद है और आप बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं।

रेंटल फ्लैट आपके लिए सही है अगर: आपके पास पर्याप्त पूंजी है, आपको स्थानीय रियल एस्टेट मार्केट की अच्छी समझ है, और आप लंबे समय तक किरायेदारों व मेंटेनेंस को संभालने के लिए तैयार हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या रीट्स (REITs) में रेंटल इनकम की गारंटी होती है?

उत्तर: नहीं, रीट्स में कमाई की कोई फिक्स्ड गारंटी नहीं होती। हालांकि, नियम के तहत इन्हें अपनी 90% कमाई बांटनी होती है, लेकिन यह बिजनेस के प्रदर्शन और ऑक्यूपेंसी रेट पर निर्भर करता है।

Q2: क्या रीट्स रेंटल फ्लैट से ज्यादा सुरक्षित हैं?

उत्तर: दोनों में अलग-अलग तरह का रिस्क है। रीट्स शेयर बाजार से जुड़े होने के कारण उतार-चढ़ाव वाले होते हैं, जबकि एक अकेले फ्लैट में लोकेशन, किराएदार न मिलने और पूरे पैसे एक जगह फंसने का रिस्क होता है।

Q3: क्या मैं दोनों में एक साथ निवेश कर सकता हूं?

उत्तर: बिल्कुल! बेहतर पोर्टफोलियो बनाने के लिए आप अपने पैसों को रीट्स और फिजिकल प्रॉपर्टी दोनों में बांटकर लगा सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट, जानिए स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

PVR Inox Share Price: PVR के शेयर में आज तेज गिरावट है। आज यह शेयर करीब 8 फीसदी तक फिसला है। फिलहाल यह शेयर 68.30 रुपए यानी 5.57 फीसदी की कमजोरी के साथ 1157 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 1,199.10 रुपए और दिन का लो 1,125.70 रुपए है। इसका 52 वीक लो 907.40 रुपए और 52 वीक हाई 1,284.50 रुपए है।

PVR INOX में तेज गिरावट की वजह

इस स्टॉक में बायबैक की रिकॉर्ड डेट के बाद तेज गिरावट आई है। शेयर की बायबैक की रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर थी। कंपनी के बोर्ड ने 300 करोड़ रुपए के बायबैक मंजूर कर लिया है। बायबैक की प्राइस 1450 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। कुल पेड-अप इक्विटी का 4.09% बायबैक होगा।

PVR INOX: 200 Cr फ्रॉड का मामला

कंपनी ने अप्रैल में एक सीनियर एग्जीक्यूटिव को हटाया है। इंटरनल जांच में रिश्वत लेने का आरोप सामने आया था। सिनेमा प्रॉपर्टीज बना रहे डेवलपर्स से रिश्वत का आरोप है। कथित तौर पर यह मामला कई सालों से चल रहा था। ये एक-दो पेमेंट का मामला नहीं। इस घोटाले की कुल रकम 200 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है।

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मल्टीप्लेक्स चलाने वाली PVR INOX ने अप्रैल में एक वरिष्ठ कार्यकारी को अपने सिनेमा भवनों का निर्माण कर रहे डेवलपर्स से कथित रिश्वतखोरी की आंतरिक जांच के बाद पद छोड़ने के लिए कहा था। इस जांच से पता चला है कि कंपनी के ग्रोथ और इन्वेस्टमेंट के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रमोद अरोड़ा ने सिनेमा प्रॉपर्टीज़ के डेवलपर्स से रिश्वत ली थी।

अरोड़ा टियर II और टियर III शहरों में PVR के विस्तार में शामिल थे। इनमें फ्रेंचाइजी-ओन्ड,कंपनी-ऑपरेटेड (FOCO) सिनेमा और SMART/स्मार्ट स्क्रीन पहल शामिल हैं। इन फ़ॉर्मेट्स को कम लागत वाले,डिजिटल-फ़र्स्ट मल्टीप्लेक्स के तौर पर डिज़ाइन किया गया है इसका लक्ष्य छोटे शहरों और कस्बों में विस्तार है।

कंपनी को अप्रैल में इन आरोपों के बारे में पता चला, जिसके बाद अरोड़ा और कुछ अन्य कर्मचारियों को तुरंत नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया। अरोड़ा के साइन किए हुए एक डिक्लेरेशन में उन्हें दूसरी सिनेमा चेन में शामिल होने और PVR Inox के मौजूदा वेंडर्स से संपर्क करने से भी रोका गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है,तो इस डॉक्यूमेंट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

JM Financial ने इस स्टॉक पर अपनी ‘ADD’ रेटिंग बनाए रखते हुए, 12 महीने के प्राइस टारगेट को ₹1,130 से बढ़ाकर ₹1,270 कर दिया है। ब्रोकरेज ने अपने टारगेट EV/EBITDA मल्टीपल को 8x से बढ़ाकर 9x कर दिया है। इसके पीछे कंपनी के पास मौजूद अच्छे कंटेंट पाइपलाइन और बेहतर नेट कैश पोज़िशन का हवाला दिया गयाहै। जून 2026 के आखिर में कंपनी के पास ₹81 करोड़ का नेट कैश था,जबकि मार्च 2026 के आखिर में ₹162 करोड़ का नेट डेट (कर्ज़) था।

PVR INOX: हनुमान अंश का दम

सिर्फ 2 करोड़ रुपए में बनी फिल्म की कमाई 145 करोड़ रुपए के पार चली गई है। कम बजट में हनुमान अंश का जबरदस्त कलेक्शन देखने को मिला है।

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PVR INOX की चाल

शेयर ने इस साल अब तक 13 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 5 साल में इसने 21 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 4.06 फीसदी की गिरावट आई है। 1 महीने में इसमें 0.23 फीसदी की तेजी आई है। 1 साल में यह शेयर 1.08 फीसदी बढ़ा है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 24 स्टॉक्स; चार लिस्टिंग और RVNL, Lupin, Lemon Tree, Tata Motors CV समेत इन शेयरों पर फोकस

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 48.50 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 23,961.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 4 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 362.57 प्वाइंट्स यानी 0.48% की बढ़त के साथ 76,515.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.25 प्वाइंट्स यानी 0.10% की मजबूती के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Molbio Diagnostics Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स ₹23.7 करोड़ के घाटे से ₹58.7 करोड़ के कंसालिडेटेड प्रॉफिट में आ गई तो रेवेन्यू 4 गुना बढ़कर ₹99.7 करोड़ से ₹408.4 करोड़ पर पहुंच गया।

Cohance Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने 27 अगस्त से 4 सितंबर के बीच तेलंगाना के शमशाबाद में स्थित कोहेंस लाइफसाइंसेज के फॉर्मूलेशन प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद चार ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ।

Tata Motors Commercial Vehicles

टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी टीएमएल होल्डिंग्स बीवी ने इवेको ग्रुप के सभी मौजूदा कॉमन शेयरों को खरीदने के लिए वालंटरी टेंडर ऑफर दिया है। इसके लिए कंपनी हर शेयर पर 14.10 यूरो ऑफर कर रही है और इस भाव पर इवेको ग्रुप की वैल्यू 382 करोड़ यूरो है। इस खरीदारी के लिए टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी ने मॉर्गन स्टैनले और एमयूएफजी बैंक से फंडिंग का इंतजाम किया है। टेंडर ऑफर 7 सितंबर को खुलेगा और 26 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा।

Mazagon Dock Shipbuilders

महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (MSETCL) ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को ₹118 करोड़ का परचेज ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर पांच सब-स्टेशनों के लिए AI-बेस्ड कॉम्प्रिहेंसिव इन्फ्रा-सिक्योर प्रोजेक्ट की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग के लिए है।

Rail Vikas Nigam Ltd (RVNL)

रेल विकास को SJVN थर्मल से ₹903 करोड़ का एक ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 1,320 MW बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (BTPP) के फेज III के तहत है। इसमें प्लांट की बाउंड्री से लेकर बिहार के बक्सर में चौसा और पावनी कामरपुर तक ट्रैक के जरिए एरियल कनेक्शन के साथ एक परमानेंट साइडिंग बनाना है यानी कि पावर प्लांट तक कोयला या सामान की आवाजाही के लिए रेलवे कनेक्टिविटी तैयार करनी है।

Prime Focus

प्राइम फोकस के बोर्ड ने इक्विटी शेयर या डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹3,000 करोड़ तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

Lemon Tree Hotels

लेमन ट्री होटल्स ने लेमन ट्री होटल, बोधगया और कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया को लेकर दो लाइसेंस एग्रीमेंट किए हैं। दोनों प्रॉपर्टीज का मैनेजमेंट कंपनी की सब्सिडियरी कार्नेशन होटल्स संभालेगी। लेमन ट्री होटल, बोधगया में 75 कमरे होंगे, तो कीज सेलेक्ट बाय लेमन ट्री होटल्स, बोधगया में 70 कमरे होंगे।

Lupin

अमेरिका दवा नियामक एफडीए से लुपिन को मोडाफिनिल टैबलेट यूएसपी (100 एमजी और 200 एमजी) के लिए मंजूरी मिल गई है। ये टैबलेट नुवो फार्मा (आयरलैंड) डीएसी की RLD (रेफरेंस लिस्टेड ड्र) प्रोविजिल (Provigil) के बायो-इक्विवेलेंट हैं। यह दवा वयस्कों में नार्कोलेप्सी, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) या शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर (SWD) के कारण बहुत अधिक नींद के इलाज के लिए है। IQVIA MAT के जुलाई 2026 डेटा के अनुसार अमेरिका में मोडाफिनिल टैबलेट की अनुमानित सालाना बिक्री $7.07 करोड़ थी।

Brigade Enterprises

ब्रिगेड ग्रुप ने हैदराबाद के नियोपोलिस में ब्रिगेड बार्सिलोना लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट कुल 4.04 एकड़ जमीन पर फैला है और इससे ₹2,700 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू मिलने का अनुमान है।

Nava

नावा ने रूटीन इंस्पेक्शन, मेंटेनेंस और ओवरहॉलिंग के काम के लिए अपनी दो 60 MW IPP यूनिट्स में से एक को 6 सितंबर से कुछ समय के लिए बंद करने की योजना बनाई है। यह शटडाउन लगभग 55-60 दिनों तक चल सकता है और कंपनी को उम्मीद है कि इस शटडाउन से उसके कारोबार को खास झटका नहीं लगेगा।

Urban Enviro Waste Management

अर्बन एनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट को अकोला म्युनिसिपल कॉरपोरेशन से ₹219 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर पांच साल के लिए म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट को घर-घर से इकट्ठा करने और उसे भोड (Bhod) में तय प्रोसेसिंग/डिस्पोडजल साइट तक ले जाने के लिए है। इसे दो साल तक और बढ़ाया जा सकता है।

Swiggy

बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स ने ₹491.99 करोड़ में स्विगी के 1.78 करोड़ शेयर खरीदे तो गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने ₹549.01 करोड़ में 1.98 करोड़ शेयर खरीदे। इन दोनों ट्रांजैक्शन से कुल 1.36% हिस्सेदारी का लेन-देन प्रति शेयर ₹276.10 के भाव पर हुआ।

Shankara Buildpro

ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने दो ट्रांजैक्शंस के जरिए शंकर बिल्डप्रो में ₹51.88 करोड़ में अतिरिक्त 1.64% हिस्सेदारी खरीदी है। कैपिटलके (CapitalK) के मालिकाना हक वाले कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) ओहाना इंडिया ग्रोथ फंड ने शंकर बिल्डप्रो के 2 लाख शेयर ₹1,296.99 के भाव पर और 2 लाख शेयर ₹1,297 के भाव पर खरीदे हैं। जून 2026 तक शंकर बिल्डप्रो में इस फंड की 1.6% हिस्सेदारी थी।

Unified Data Tech Solutions

कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स के फाउंडर विकास विजयकुमार खेमानी ने यूनिफाइड डेटा टेक सॉल्यूशंस में अपनी पर्सनल होल्डिंग से 1.07 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹4.17 करोड़ में प्रति शेयर ₹387.61 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में उनकी 1.05% हिस्सेदारी थी।

CARE Ratings

टेनकोर पार्टनर्स मास्टर ने प्रति शेयर ₹1,725 के भाव पर ₹73.57 करोड़ में केयर रेटिंग्स के 4.26 लाख शेयर (1.41% हिस्सेदारी) बेच दिए। जून 2026 तक इसकी कंपनी में 1.56% हिस्सेदारी थी।

ESDS Software Solution

एंकरेज कैपिटल फंड की एंकरेज कैपिटल स्कीम I ने ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के 10.03 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹76.01 करोड़ में ₹757.44 के भाव पर बेच दिए। शुक्रवार को कंपनी के शेयर लिस्ट होने से पहले एंकरेज कैपिटल के पास ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन में 1.13% हिस्सेदारी थी।

Priority Jewels

केआईएफएस एंटरप्राइज ने प्रायोरिटी ज्वेल्स के 1.25 लाख शेयर ₹2.90 करोड़ में ₹232.30 के भाव पर तो मुंबई की एनबीएफसी आगम कैपिटल की सहयोगी कंपनी आगम इन्वेस्टमेंट्स ने 1.98 लाख शेयर ₹4.67 करोड़ में ₹235.92 के भाव पर खरीदे हैं। इन दोनों ने कुल मिलाकर 1.79% हिस्सेदारी के बराबर शेयर खरीदे हैं।

Gland Pharma

शंघाई फोसुन फार्मा की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी प्रमोटर फोसुन फार्मा इंडस्ट्रियल ने ग्लैंड फार्मा के 75.05 लाख शेयर (4.5% हिस्सेदारी) ₹2,121.5 करोड़ में बेच दिए। हर शेयर ₹2,826.6 के भाव पर 11 इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स – कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, HDFC स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, सोसिएट जेनरल, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस, सुंदरम म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। जून 2026 तक इस फार्मा कंपनी में मिरे एसेट की 5.69%, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी की हिस्सेदारी 1.79% थी तो फोसुन फार्मा की हिस्सेदारी 51.77% थी।

Tata Technologies

टाटा टेक्नोलॉजीज के पूर्व सीईओ और एमडी पैट्रिक रेमन मैकगोल्ड्रिक ने 0.51% हिस्सेदारी के बराबर 21 लाख शेयर ₹164.85 करोड़ में प्रति शेयर ₹785 के भाव पर बेच दिए। ये शेयर ICICI प्रूडेंशियल एएमसी, कोटक महिंद्रा एएमसी, 360 ONE एसेट मैनेजमेंट और कार्नेलियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स ने खरीदे हैं।

Nexus Select Trust

प्रशांत खेमका के व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड ने ब्लैकस्टोन की कंपनी बीआरईपी एशिया एसजी फोरम होल्डिंग (NQ) से नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट के 74.95 लाख यूनिट ₹122.92 करोड़ में प्रति यूनिट ₹164 के भाव पर खरीदे हैं।

Purple Style Labs

आज पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Ashutosh Fibre, Shanti Inorganics, Phychem Technologies

आशुषोष फाइबर और शांति इनऑर्गेनिक्स के शेयरों की एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी तो फिकेम टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: शिपरॉकेट, बिहारी लाल इंजीनियरिंग, कोट्यार्क इंडस्ट्रीज, एसएसपीएन फाइनेंस

एक्स-डिविडेंड: गीसी वेंचर्स, टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स, ट्रांसपेक इंडस्ट्री

एक्स-स्पिन ऑफ: एचईजी

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुभाष चंद्रा की मुश्किल बढ़ी, अब CBI ने लोन फ्रॉड मामले में केस दर्ज किया

एस्सेल ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन सुभाष चंद्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब सीबीआई ने एक लोन फ्रॉड मामले में उनके और दूसरे लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला 1,322 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। 31 अगस्त को फाइल एफआईआर के मुताबिक, यह लोन एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने दिया था।

पहले LIC HF ने मामले में की थी शिकायत

इस मामले में पहले LIC Housing Finance ने शिकायत की थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि चंद्रा, लोन लेने वाली कंपनियों और उनके डायरेक्टर्स ने लोन लेने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स इस्तेमाल किए। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसे डॉक्युमेंट्स पेश किए जिनमें चंद्रा का नेटवर्थ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए थे। अब CBI ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट सहित दूसरे आरोपों में मामला दर्ज किया है।

LIC HF ने चंद्रा की गारंटी पर दिए थे लोन

LIC Housing Finance ने मार्च 2018 में वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और पैन इंडिया इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को बिजनेस के विस्तार से लिए 500 करोड़ रुपये का लोन दिया था। इस लोन के लिए चंद्रा ने पर्सनल गारंटी दी थी। अगस्त 2018 में LICHF ने और 480 करोड़ रुपये का लोन Digital Subscriber Management and Consultancy Services और Spririt Infrapower and Multiventures को एक रेंटल डिस्काउंटिंग फैसिलिटी के तहत दिया। इस लोन के लिए भी चंद्रा ने अपनी पर्सनल गारंटी दी थी।

नेटवर्थ बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स का इस्तेमाल

शिकायत में यह कहा गया है कि पहला लोन आंशिक रूप से नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर मंजूर किया गया था। चंद्रा ने यह सर्टिफिकेट पेश किया था, जिसमें उनका नेटवर्थ 31 मार्च, 2017 को 59,113 करोड़ रुपये बताया गया था। दूसरा लोन आंशिक रूप से दूसरे सर्टिफिकेट के आधार पर मंजूर किया गया था। इस सर्टिफिकेट में नेटवर्थ 40,562 करोड़ रुपये बताया गया था।

LIC HF के दोनों लोन पर कंपनियों ने किए डिफॉल्ट

बाद में दोनों ही लोन पर कंपनियों ने डिफॉल्ट किया। वसंत सागर के लोन में 570.50 करोड़ रुपये आउटस्टैंडिंग अमाउंट (बकाया पैसा) है, जबकि दूसरे लोन में आउटस्टैंडिंग अमाउंट 507.25 करोड़ रुपये है। LIC Housing Finance ने अपनी शिकायत में यह कहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चंद्रा ने बाद में पर्सनल इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स के दौरान सर्टिफिकेट में बताए गए अपने नेटवर्थ को मानने से इनकार कर दिया।

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चंद्रा ने खुद अपने नेटवर्थ को मानने से इनकार कर दिया

शिकायत के मुताबिक, चंद्रा ने कहा कि 2024 में उनका नेटवर्थ 31.79 करो़ड़ रुपये था और यहां तक कि 2017-18 में भी यह 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं था। LICHF ने कहा है कि चंद्रा ने लोन लेने वाली कंपनियों, उनके डायरेक्टर्स और अधिकारियों के साथ मिलकर यह फ्रॉड किया। नेटवर्थ बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी डॉक्युमेंट्स इस्तेमाल किए गए। बाद में लोन लेने वाली कंपनियों ने लोन के पैसे का दुरुपयोग किया।

अमीर बनने का फॉर्मूला बताते-बताते खुद ₹10000 करोड़ के कर्ज में डूबे रिच डैड पुअर डैड वाले रॉबर्ट कियोसाकी! रिपोर्ट ने किया ये दावा

Robert Kiyosaki Debt News: पूरी दुनिया को गरीबी के दुचक्र से निकलने, नौकरी छोड़कर बिजनेस करने और रातों-रात अमीर बनने का ‘फॉर्मूला’ बताने वाले रॉबर्ट कियोसाकी आज खुद $1.2 बिलियन यानी करीब ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के भारी-भरकम कर्ज के पहाड़ तले दबे हुए हैं।

‘रिच डैड पुअर डैड’ (Rich Dad Poor Dad) बेस्ट-सेलिंग किताब लिखकर दुनिया भर के करोड़ों युवाओं को फाइनेंशियल फ्रीडम की पाठ पढ़ाने वाले इस सेल्फ-हेल्प गुरु का खुद का क्या हाल हो गया है, इसका खुलासा न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में हुआ है। दुनिया को यह सिखाने वाले कि ‘पैसा कैसे काम करता है’, खुद कर्ज के खेल में इस कदर उलझे हुए हैं कि आंकड़े देखकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए।

‘हां, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं!’- कियोसाकी का बेबाक कुबूलनामा

79 वर्षीय कियोसाकी को इस 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज पर न तो कोई शर्मिंदगी है और न ही कोई मलाल। उल्टा, वह खुलेआम पॉडकास्ट में अपनी इस ‘कर्जदार शख्सियत’ का ढोल पीट रहे हैं। ‘गेट रिच एजुकेशन’ पॉडकास्ट में उन्होंने बड़े गर्व से कहा, ‘तो क्या हुआ, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने तंजिया लहजे में यह भी जोड़ दिया, ‘लोगों को वो नहीं करना चाहिए जो मैं करता हूं, समझे? अगर आप कर्ज का इस्तेमाल करना सीखना चाहते हैं, तो पहले आपको पढ़ाई करनी होगी।’ यानी गुरुजी खुद अरबों के कर्ज में डूबकर भी ज्ञान बांटने की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

क्या है कियोसाकी का ‘अमीर बनने और टैक्स बचाने’ का खेल?

न्यूयॉर्क पोस्ट ने वैनिटी फेयर की रिपोर्ट के हवाले से कियोस्की के इस ‘कर्ज साम्राज्य’ की परतें खोली हैं। कियोसाकी रियल एस्टेट में भारी कर्ज लेकर अपार्टमेंट और संपत्तियां खरीदते हैं। जब इन प्रॉपर्टीज की कीमतें बढ़ती हैं, तो वे बढ़े हुए मूल्य के बदले बैंकों से और नया कर्ज ले लेते हैं। चूंकि बैंक से लिया गया लोन कानूनी रूप से ‘इनकम’ नहीं माना जाता, इसलिए कियोसाकी इस कर्ज के पैसे को टैक्स-फ्री कैश की तरह खर्च करते हैं।

कियोसाकी अपनी हर प्रॉपर्टी को अलग-अलग लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) के तहत रखते हैं। वैनिटी फेयर के मुताबिक, अगर उनकी कोई एक प्रॉपर्टी डूब भी जाए, तो वे बाकी संपत्तियों को कानूनी फायरवॉल से बचा लेते हैं। कियोसाकी कहते हैं, ‘अगर सब कुछ बर्बाद हो जाए, तो जाकर मेरे वकील से बात करो। अमीर लोग ऐसे ही गेम खेलते हैं।’

पूर्व पत्नी ने ही खोल दिया धागा

कियोसाकी की पूर्व पत्नी और बिजनेस पार्टनर किम कियोसाकी ने वैनिटी फेयर को बताया कि लोग 1.2 बिलियन डॉलर के इस आंकड़े को गलत समझ रहे हैं। किम के अनुसार, यह $1.2 बिलियन का कुल कर्ज उनकी पार्टनरशिप वाली 1,500 से अधिक अपार्टमेंट यूनिट्स से जुड़ा है। इसमें कियोसाकी का व्यक्तिगत हिस्सा मात्र 30 मिलियन से 60 मिलियन डॉलर के बीच ही है।

किम ने खुलासा किया, ‘रॉबर्ट को ऐसी बातें कहना पसंद है जिससे लोग हैरान रह जाएं। वे लोगों का ध्यान खींचने के लिए 1 बिलियन डॉलर के कर्ज की बात करते हैं ताकि बाद में समझा सकें कि गुड डेट क्या होता है।’

‘रिच डैड’ का खेल, आम निवेशक को बना देगा ‘पुअर डैड’!

फाइनेंशियल कंसल्टेंसी JPTD पार्टनर्स के संस्थापक जॉन पूले (John Poole) ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कियोसाकी की इस खतरनाक रणनीति को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, ‘बाजार में तेजी रहने तक लेवरेज बहुत खूबसूरती से काम करता है। लेकिन जैसे ही बाजार नीचे आता है, यही कर्ज आपकी गर्दन पर चलती हुई आरी बन जाता है। कियोसाकी भले ही इसे ‘रिच डैड का कर्ज’ कहें, लेकिन अगर किसी आम निवेशक ने उनकी नकल करने की कोशिश की, तो वह बहुत जल्द ‘पुअर डैड’ बनकर कंगाल हो जाएगा।’

4.4 करोड़ किताबें बेचीं, पर खुद बने कर्ज के बादशाह!

1997 में खुद प्रकाशित की गई किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ की अब तक दुनिया भर में 4.4 करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इस किताब में कियोसाकी ने अपने असली पिता सरकारी नौकरी वाले ‘पुअर डैड’ और अपने दोस्त के बिजनेसमैन पिता ‘रिच डैड’ के विचारों की तुलना करके दुनिया को संपत्ति और देनदारी का अंतर सिखाया हुआ है।

लेकिन आज विडंबना देखिए जिस इंसान ने पूरी दुनिया को ‘लायबिलिटी से दूर रहने और एसेट बनाने’ की सीख दी, वह खुद 1.2 बिलियन डॉलर की भयंकर लायबिलिटी के ऊपर बैठा हुआ है। अब इसे कियोसाकी की मास्टरमाइंड फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी कहें या दुनिया को ज्ञान बांटने वाले गुरु का सबसे बड़ा विरोधाभास।

नवी एएमसी ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, REITs और रियल्टी शेयरों में करेगा इनवेस्ट

नवी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (नवी एएमसी) ने एक नया इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका नाम नवी निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्टॉक्स है, जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह फंड निवेश के लिए 1 सितंबर को खुल गया है।

कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है

Navi Nifty REITs & Realty Index Fund में कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन सिक्योरिटीज में निवेश करेगा, जो Nifty REITs & Realty Index में शामिल हैं। जो इनवेस्टर्स लिस्टेड रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।

Nifty REITs & Realty Index में 15 तक सिक्योरिटीज शामिल

Nifty REITs & Realty Index एक फ्री-फ्लोच मार्केट-कैपिटलाइजेशन वेटेड इंडेक्स है, जिसमें 15 तक सिक्योरिटीज शामिल हैं। इस इंडेक्स में REITs का कम से कम 60 फीसदी वेट होना जरूरी है, जबकि एक इंडिविजुअल सिक्योरिटी का वेट 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। NSE Indices की तरफ से हर तिमाही इस इंडेक्स का रिव्यू किया जाता है।

रियल एस्टेट्स में निवेश से कमाई करने का मौका 

नवी एएमसी के मुताबिक, इस फंड का मकसद निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स के जितना रिटर्न जेनरेट करना है। इस फंड के पोर्टफोलियो में लिस्टेड रीट्स होंगे। इससे इनवेस्टर्स को इनकम देने वाले रियल एस्टेट्स में निवेश करने का मौका मिलेगा। साथ ही पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल होंगे।

क्या होता है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट?

REITs का मतलब रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह ट्रस्ट इनकम के लिए रियल एस्टेट खरीदता है और ऑपरेट करता है। इसमें हाई-वैल्यू रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज और मॉर्टगेजेज शामिल होते हैं। यह प्रॉपर्टीज लीज पर देते हैं और उससे किराया लेते हैं। इस तरह वसूला गया पूरा रेंट पहले इकट्ठा किया जाता है। फिर उसे शेयरहोल्डर्स के बीच बतौर इनकम या डिविडेंड बांट दिया जाता है।

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आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ रहा किराया

नवी एएमसी का यह नया इंडेक्स फंड उन इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है, जो रीट्स में निवेश करना चाहते हैं और रियल एस्टेट्स के तेजी से बढ़ते किराए का फायदा उठाना चाहते हैं। भारत जैसे देश में रीट्स के अच्छे रिटर्न कमाने की काफी गुंजाइश है, क्योंकि इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए।

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।

10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।

बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।

इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

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