Property vs REITs: ₹20-30 लाख के बजट में घर खरीदें या REITs में लगाएं पैसा? जानें कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न

REITs vs Rental Flat Investment: प्रॉपर्टी में निवेश करके हर महीने पक्की कमाई पाना हर भारतीय का सपना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना लाखों-करोड़ों की जमीन या फ्लैट खरीदे भी आप रियल एस्टेट से हर महीने रेगुलर इनकम कमा सकते हैं?

रियल एस्टेट में निवेश के दो बड़े रास्ते हैं- पहला, खुद का एक छोटा रेंटल फ्लैट खरीदना और दूसरा, रीट्स (REITs – Real Estate Investment Trusts) के जरिए कमर्शियल प्रॉपर्टीज में पैसे लगाना। अगर आपके पास ₹20 से ₹30 लाख रुपये का बजट है, तो आपके लिए कौन सा जरिया सही रहेगा?

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कमाई, जोखिम और सहूलियत के मामले में दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे बेस्ट है।

REITs: कम बजट में बड़े कमर्शियल प्रॉपर्टी का मालिकाना हक

अगर आपके पास ₹20-30 लाख का बजट है, तो कई बड़े शहरों में स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री और ब्रोकरेज मिलाकर एक अच्छा रेंटल फ्लैट खरीदना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में REITs एक शानदार विकल्प है।

क्या है REIT? जैसे म्यूचुअल फंड में कई लोगों से पैसा जुटाकर शेयर बाजार में लगाया जाता है, वैसे ही रीट के जरिए पैसे जुटाकर बड़े-बड़े आईटी पार्क्स, मॉल और ऑफिस कॉम्प्लेक्स जैसी कमर्शियल प्रॉपर्टीज में निवेश किया जाता है।

कमाई का नियम: सेबी के नियमों के मुताबिक, रीट्स को अपनी कमाई का कम से कम 90% हिस्सा अपने निवेशकों को डिविडेंड या ब्याज के रूप में बांटना अनिवार्य है।

रेंटल फ्लैट: कंट्रोल पूरा, लेकिन सिरदर्दी भी कम नहीं

एक छोटा रेंटल फ्लैट आपको एक ‘भौतिक संपत्ति’ देता है, जो आंखों के सामने होती है।

फायदे: किराएदार कौन होगा, कितना किराया बढ़ाना है और प्रॉपर्टी कब बेचनी है इन सब पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है। अगर इलाका तेजी से विकसित होता है, तो प्रॉपर्टी के दाम भी जबरदस्त बढ़ते हैं।

कमियां और मेहनत: भारत में आवासीय संपत्तियों का सालाना रेंटल यील्ड महज 1.5% से 4% के आसपास ही रहता है। इसके अलावा मेंटेनेंस, प्रॉपर्टी टैक्स, मरम्मत, ब्रोकरेज और किराएदार न मिलने पर खाली पड़े रहने का घाटा अलग से सहना पड़ता है।

लिक्विडिटी और डाइवर्सिफिकेशन: REITs क्यों मारता है बाजी?

Property vs REITs: ₹20-30 लाख का बजट में घर खरीदें या REITs में लगाएं पैसा? जानें कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न

आपके लिए कौन सा विकल्प है बेहतर?

REITs आपके लिए सही हैं अगर: आप बिना मकान मालिक बने और बिना किसी सिरदर्दी के रियल एस्टेट से कमाई करना चाहते हैं। अगर आपको लिक्विडिटी पसंद है और आप बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव को झेल सकते हैं।

रेंटल फ्लैट आपके लिए सही है अगर: आपके पास पर्याप्त पूंजी है, आपको स्थानीय रियल एस्टेट मार्केट की अच्छी समझ है, और आप लंबे समय तक किरायेदारों व मेंटेनेंस को संभालने के लिए तैयार हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या रीट्स (REITs) में रेंटल इनकम की गारंटी होती है?

उत्तर: नहीं, रीट्स में कमाई की कोई फिक्स्ड गारंटी नहीं होती। हालांकि, नियम के तहत इन्हें अपनी 90% कमाई बांटनी होती है, लेकिन यह बिजनेस के प्रदर्शन और ऑक्यूपेंसी रेट पर निर्भर करता है।

Q2: क्या रीट्स रेंटल फ्लैट से ज्यादा सुरक्षित हैं?

उत्तर: दोनों में अलग-अलग तरह का रिस्क है। रीट्स शेयर बाजार से जुड़े होने के कारण उतार-चढ़ाव वाले होते हैं, जबकि एक अकेले फ्लैट में लोकेशन, किराएदार न मिलने और पूरे पैसे एक जगह फंसने का रिस्क होता है।

Q3: क्या मैं दोनों में एक साथ निवेश कर सकता हूं?

उत्तर: बिल्कुल! बेहतर पोर्टफोलियो बनाने के लिए आप अपने पैसों को रीट्स और फिजिकल प्रॉपर्टी दोनों में बांटकर लगा सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Viral Video: ‘तुम्हारा न्यूमरोलॉजी नंबर क्या है?’ जवाब सुनते ही ओनर ने किराए पर घर देने से किया इनकार

Viral Video: मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में बजट में हर खोजना काफी मुश्किल होता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर मुंबई में किराए पर घर लेने से जुड़ा एक अनोखा मामला चर्चा में है। एक आर्टिस्ट और इन्फ्लुएंसर ने बताया कि, उनकी एक दोस्त को मुंबई में सिर्फ उसके न्यूमरोलॉजी नंबर की वजह से किराए पर घर नहीं मिला। उनकी दोस्त ने एक मकान देखने के लिए मकान मालकिन से मुलाकात की थी, लेकिन बाद में उसे फ्लैट देने से इनकार कर दिया गया। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

फ्लैट देने से किया इनकार

एक आर्टिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वाग्मिता सिंह का इंस्टाग्राम पर ये वीडियो शेयर किया है। वीडियो में वाग्मिता सिंह ने बताया कि मकान मालकिन ने उनकी दोस्त से पूछा, “तुम्हारा नंबर क्या है?” पहले उनकी दोस्त को लगा कि वह मोबाइल नंबर पूछ रही हैं। लेकिन बाद में मकान मालकिन ने साफ किया कि वह जन्मतिथि के आधार पर निकलने वाले न्यूमरोलॉजी नंबर के बारे में पूछ रही थीं। वाग्मिता सिंह के अनुसार, मकान मालकिन ने फ्लैट और उनकी दोस्त के न्यूमरोलॉजी नंबर की तुलना की।

न्यूमरोलॉजी नंबर अलग थी

उन्होंने कहा कि, फ्लैट का नंबर 4 से जुड़ा है, जबकि उनकी दोस्त का नंबर 7 है। मकान मालकिन का कहना था कि दोनों नंबर एक-दूसरे के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए उन्होंने फ्लैट किराए पर देने से इनकार कर दिया। इस घटना पर रिएक्शन देते हुए वाग्मिता सिंह ने कहा कि “मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि इस स्थिति को क्या कहूं।” इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में गुनगुनाया, “इस मेंटल इलनेस को मैं क्या नाम दूँ,” और अपनी हैरानी जाहिर की। इस वीडियो पर लोगों ने कई मजेदार रिएक्शन दिए है।

 

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर रिएक्शन दिया है। एक यूजर ने मजाक में लिखा, “लेकिन 4-7 तो बहुत अच्छा कॉम्बो है। आंटी ने एक अच्छा मौका गंवा दिया।” वहीं, दूसरे यूजर ने कहा, “अच्छा लगा कि कुछ लड़कियां सच में न्यूमरोलॉजी समझती हैं। 4 और 7 सबसे मजबूत जोड़ियों में से एक हैं।” वहीं एक और यूजर ने टिप्पणी की, “इंडिया इवॉल्व हो रहा है, लेकिन पीछे की ओर।”