Axis Mutual Fund का नया फंड लॉन्च, EV और ऑटो सेक्टर की कंपनियों पर लगेगा पैसा; ₹100 से कर सकेंगे निवेश

Axis Mutual Fund ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों और नई ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में निवेश का नया विकल्प पेश किया है। कंपनी ने Axis Nifty EV & New Age Automotive Index Fund लॉन्च किया है। यह एक इंडेक्स फंड है, जो इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नए जमाने की ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों में निवेश करेगा।

इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 अक्टूबर को खुल गया है। इसमें 30 अक्टूबर 2026 तक निवेश किया जा सकता है। निवेश की शुरुआत सिर्फ ₹100 से होगी। इसके बाद ₹1 के गुणक में रकम बढ़ाई जा सकती है।

फंड की खास बातें

फंड को नंदिक मलिक और रोहित गौतम मैनेज करेंगे। यह एक ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड है। इसका मतलब है कि निवेशक तय नियमों के मुताबिक इसमें निवेश कर सकते हैं और यूनिट बेचकर पैसा निकाल भी सकते हैं। हालांकि, जल्दी पैसा निकालने पर एग्जिट लोड देना पड़ सकता है।

अगर निवेशक यूनिट खरीदने के 15 दिन के भीतर पैसा निकालते हैं, तो 0.25% एग्जिट लोड लगेगा। 15 दिन के बाद पैसा निकालने पर

एग्जिट लोड नहीं लगेगा।

फंड का बेंचमार्क Nifty EV & New Age Automotive TRI होगा। इसका मकसद इस इंडेक्स के प्रदर्शन के मुताबिक रिटर्न देना है। हालांकि, इंडेक्स के रिटर्न और फंड के रिटर्न में थोड़ा अंतर हो सकता है।

किन कंपनियों में लगेगा पैसा?

यह फंड इलेक्ट्रिक गाड़ियों और नई ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में निवेश करेगा। इसमें गाड़ी बनाने वाली कंपनियों के साथ बैटरी, ऑटो पार्ट्स, कच्चे माल और आधुनिक ऑटो टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं।

इसका आधार Nifty EV & New Age Automotive Index होगा। इस इंडेक्स में Nifty 500 से तय शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियों को चुना जाता है। इनमें कारोबार और शेयरों में खरीद-बिक्री से जुड़ी शर्तें भी शामिल हैं।

30 सितंबर 2026 तक इस इंडेक्स में बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी 44% थी। मिडकैप कंपनियों की हिस्सेदारी 29% और स्मॉलकैप कंपनियों की 27% थी। इंडेक्स की समीक्षा और बदलाव साल में दो बार, मार्च और सितंबर में किए जाते हैं।

EV बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी पर नजर

Axis Mutual Fund के मुताबिक, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी FY21 में 1% से भी कम थी। FY26 में यह बढ़कर 9.4% हो गई।

कंपनी का मानना है कि बैटरी की लागत, टेक्नोलॉजी और चार्जिंग की सुविधा में सुधार से इस सेक्टर को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों का असर सिर्फ ऑटो कंपनियों तक सीमित नहीं है। इससे बैटरी, ऑटो पार्ट्स और दूसरे संबंधित कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।

Axis AMC के MD और CEO बी. गोपकुमार ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ता रुझान ऑटो इंडस्ट्री को बदल रहा है। कंपनी का कहना है कि यह फंड निवेशकों को इस बदलाव से जुड़ी अलग-अलग तरह की कंपनियों में एक साथ निवेश का मौका देगा।

निवेश से पहले इन बातों को समझें

इस फंड के जरिए निवेशकों को अलग-अलग कंपनियों के शेयर खुद चुनने की जरूरत नहीं होगी। फंड इंडेक्स में शामिल कंपनियों के मुताबिक निवेश करेगा। हालांकि, यह थीमैटिक इक्विटी फंड है। इसलिए इसका प्रदर्शन EV और ऑटो सेक्टर की स्थिति से प्रभावित हो सकता है।

अगर इस सेक्टर की कंपनियों के शेयर गिरते हैं, तो फंड की वैल्यू भी घट सकती है। इंडेक्स को ट्रैक करने के बावजूद फंड का रिटर्न बिल्कुल उसके बराबर रहने की गारंटी नहीं है। कंपनी ने भी साफ किया है कि निवेश का उद्देश्य पूरा होने की कोई गारंटी नहीं है।

इसलिए अपनी जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश की अवधि और वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही फैसला लें। जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से भी बात कर सकते हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नवी एएमसी ने लॉन्च किया नया इंडेक्स फंड, REITs और रियल्टी शेयरों में करेगा इनवेस्ट

नवी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (नवी एएमसी) ने एक नया इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। इसका नाम नवी निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स फंड है। यह एक ओपन-एंडेड स्टॉक्स है, जो निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगा। यह फंड निवेश के लिए 1 सितंबर को खुल गया है।

कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है

Navi Nifty REITs & Realty Index Fund में कम से कम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। यह फंड उन सिक्योरिटीज में निवेश करेगा, जो Nifty REITs & Realty Index में शामिल हैं। जो इनवेस्टर्स लिस्टेड रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहते हैं, वे इस फंड में निवेश कर सकते हैं।

Nifty REITs & Realty Index में 15 तक सिक्योरिटीज शामिल

Nifty REITs & Realty Index एक फ्री-फ्लोच मार्केट-कैपिटलाइजेशन वेटेड इंडेक्स है, जिसमें 15 तक सिक्योरिटीज शामिल हैं। इस इंडेक्स में REITs का कम से कम 60 फीसदी वेट होना जरूरी है, जबकि एक इंडिविजुअल सिक्योरिटी का वेट 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। NSE Indices की तरफ से हर तिमाही इस इंडेक्स का रिव्यू किया जाता है।

रियल एस्टेट्स में निवेश से कमाई करने का मौका 

नवी एएमसी के मुताबिक, इस फंड का मकसद निफ्टी रीट्स एंड रियल्टी इंडेक्स के जितना रिटर्न जेनरेट करना है। इस फंड के पोर्टफोलियो में लिस्टेड रीट्स होंगे। इससे इनवेस्टर्स को इनकम देने वाले रियल एस्टेट्स में निवेश करने का मौका मिलेगा। साथ ही पोर्टफोलियो में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयर भी शामिल होंगे।

क्या होता है रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट?

REITs का मतलब रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट है। यह ट्रस्ट इनकम के लिए रियल एस्टेट खरीदता है और ऑपरेट करता है। इसमें हाई-वैल्यू रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज और मॉर्टगेजेज शामिल होते हैं। यह प्रॉपर्टीज लीज पर देते हैं और उससे किराया लेते हैं। इस तरह वसूला गया पूरा रेंट पहले इकट्ठा किया जाता है। फिर उसे शेयरहोल्डर्स के बीच बतौर इनकम या डिविडेंड बांट दिया जाता है।

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आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ रहा किराया

नवी एएमसी का यह नया इंडेक्स फंड उन इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है, जो रीट्स में निवेश करना चाहते हैं और रियल एस्टेट्स के तेजी से बढ़ते किराए का फायदा उठाना चाहते हैं। भारत जैसे देश में रीट्स के अच्छे रिटर्न कमाने की काफी गुंजाइश है, क्योंकि इकोनॉमी में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को किसी फंड में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लेनी चाहिए।