इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही फ्लाइट को बम की धमकी:फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिंग; 6 क्रू मेंबर समेत 57 लोग सवार थे

इजराइल से ऑस्ट्रिया जा रही ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी के बाद बुल्गारिया में उतारा गया। एयरबस A320 रविवार रात तेल अवीव से वियना जा रहा था। खतरे की सूचना के बाद बुल्गारिया की वायुसेना ने विमान को एस्कॉर्ट करने के लिए MiG-29 लड़ाकू विमान भेजा। विमान में 51 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। किसी के घायल होने की खबर नहीं है। फ्लाइट तीन घंटे बाद बुल्गारिया में लैंड हुई फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट रविवार शाम 6:46 बजे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट से रवाना हुई थी। विमान जब रोमानिया के ऊपर था तब इसे बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ा गया। करीब तीन घंटे बाद 9:10 बजे यह सोफिया के वासिल लेव्स्की एयरपोर्ट पर उतरा। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, अलर्ट मिलने के करीब 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षा जांच शुरू हुई। बुल्गारिया और इजराइली मीडिया ने बताया कि विमान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने भी खतरे की पुष्टि की है, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। 6 दिन पहले भी इजराइल जा रही फ्लाइट को बम की धमकी मिली थी अमेरिका के न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को भी 13 अक्टूबर को बम की धमकी मिली। विमान खाली कराकर तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। इससे एक दिन पहले इंडोनेशियाई पायलट के कारण इजराइल ने इथियोपियन एयरलाइंस के कार्गो विमान को उतरने की मंजूरी नहीं दी थी। पायलट बदलने के बाद विमान को अनुमति मिली। दरअसल सितंबर में फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हादसे के बाद इजराइल ने सुरक्षा नियम सख्त कर 11 देशों के पायलटों और क्रू पर रोक लगा दी है। इनमें अफगानिस्तान, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, नाइजर, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया और वेनेजुएला शामिल हैं। इन देशों के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। पिछले महीने फ्लाईदुबई की फ्लाइट हाईजैक हुई थी 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के पायलट ने विमान को हाईजैक कर लिया था। उसने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और फाइटर जैट्स की निगरानी में विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई पर हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दी जाए। ——————- यह खबर भी पढ़ें… कनाडा में सैन्य अड्डे पर धमाका, 4 सैनिकों की मौत:रक्षा मंत्री बोले- ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा; यहां 1300 कर्मचारी तैनात थे कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में सैन्य अड्डे पर शनिवार को जोरदार धमाके के बाद आग लग गई। हादसे में 4 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों गंभीर रूप से घायल हैं। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने रविवार को इसकी पुष्टि की। पूरी खबर पढ़ें…

इजराइल में पाकिस्तानी पायलटों की नो-एंट्री:नेतन्याहू सरकार ने बैन लगाया; राजनयिक संबंध नहीं रखने वाले देशों के क्रू पर सख्ती की

इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। नियम पहले से थे लेकिन पालन नहीं हो रहा था रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। लागू नियमों के तहत राजनयिक संबंध न रखने वाले देशों के पायलट और केबिन क्रू इजराइल जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। कुछ मामलों में दूसरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी रोक लग सकती है। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

इजराइल में पाकिस्तानी पायलटों की नो-एंट्री:नेतन्याहू सरकार ने बैन लगाया; राजनयिक संबंध नहीं रखने वाले देशों के क्रू पर सख्ती की

इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे मुस्लिम बहुल देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में करीब15 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

इंडोनेशियाई पायलट के कारण विमान इजराइल में नहीं उतरा:फ्लाइट लौटी, पायलट बदलने पर मंजूरी मिली; फ्लाईदुबई हमले के बाद दुश्मन देशों के क्रू पर रोक

इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। इजराइल के इंडोनेशिया से राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रविवार देर रात हुई। इसके बाद विमान के पायलट को बदलकर दूसरे पायलट को जिम्मेदारी दी गई, जिसे इजराइल में उतरने की मंजूरी थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में पायलट के हमले के बाद इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के लिए सुरक्षा नियम सख्त किए हैं। नए नियमों के तहत उन देशों के नागरिकों को इजराइल आने वाली उड़ानों में पायलट या क्रू मेंबर के तौर पर सफर करने से रोकने की बात कही गई है, जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। विमान का ईंधन समुद्र के ऊपर गिराना पड़ा इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार क्रू मेंबर्स की लिस्ट विमान के अदीस अबाबा से उड़ान भरने के बाद इजराइल को भेजी गई थी। यानी विमान के रवाना होने से पहले इजराइल को उसके क्रू की पूरी जानकारी नहीं मिली थी। विमान में उड़ान भरते समय काफी ईंधन था। पायलट को वापस अदीस अबाबा लौटना था, इसलिए विमान का वजन कम करने के लिए समुद्र के ऊपर ईंधन गिराया गया। इसके बाद पायलट को बदल दिया गया। नए पायलट को इजराइल में उतरने की मंजूरी मिलने के बाद विमान के दोबारा वहां जाने का रास्ता साफ हुआ। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट ने किया था हमला यह घटना उस हमले के दो हफ्ते बाद हुई है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के एक पायलट ने अपने सह-पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… ईरान-पाकिस्तान के नागरिक भी आसानी से इजराइल आ रहे थे फ्लाईदुबई की घटना के बाद जांच में पता चला था कि दुश्मन देशों के सैकड़ों क्रू मेंबर पहले भी इजराइल आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना था। इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने विदेशी एयरलाइंस के लिए नियम सख्त कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, इराक, लेबनान और पाकिस्तान जैसे देशों की नागरिकता रखने वाले पायलट और दूसरे विमान कर्मचारी पिछले कुछ सालों में आसानी से इजराइल आ रहे थे। इजराइली मीडिया के मुताबिक, देश की सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से विदेशी एयरलाइंस के कर्मचारियों की जांच में कमियों को लेकर चेतावनी दे रही थीं। उनका कहना था कि परिवहन मंत्रालय इजराइल आने वाली विदेशी एयरलाइंस और उनके क्रू मेंबर्स की पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं कर रहा था। इसके अलावा, विदेशी एयरलाइंस की ओर से संचालित इजराइली उड़ानों की जांच में भी कमियां थीं। इस पर परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि उसके पास खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जरूरी तंत्र नहीं है। हमले के बाद इजराइल ने फ्लाईदुबई को पत्र भेजा था इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को एक पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विमान संचालक दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दें। पत्र में कहा गया था कि मंत्रालय समय-समय पर जांच करेगा कि एयरलाइंस सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए जरूरी योजनाओं, उपायों और प्रक्रियाओं को लागू कर रही हैं या नहीं। इसके लिए मंत्रालय मौके पर जाकर भी जांच करेगा। दोहरी नागरिकता वाले क्रू मेंबर्स पर भी लागू नियम पत्र में विमान संचालकों को यह भी कहा गया था कि इजराइल के फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में आने वाली उड़ानों में ऐसे पायलट या कॉकपिट क्रू मेंबर नहीं होने चाहिए, जो उन देशों के नागरिक हों जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह नियम उन लोगों पर भी लागू है जिनके पास ऐसे किसी देश की दोहरी नागरिकता है। यानी किसी व्यक्ति के पास दो देशों की नागरिकता होने पर भी यह नियम लागू होगा, अगर उनमें से एक देश के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि वह इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच करे। ————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। इससे प्लेन में मौजूद बाकी दो पायलटों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिल गया और उन्होंने इसे संभाल लिया। पूरी खबर पढ़ें…

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। कंपनी ने 5 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि यह बदलाव कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास दिग्गज एयरलाइन बनाना है।

बोर्ड ने किया व्यापक चयन

एयर इंडिया के बोर्ड ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। दुनिया भर के आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से टेवोल्डे गेबरमरियम के नाम पर मुहर लगाई।

कंपनी के अनुसार, उनके पास मजबूत नेतृत्व क्षमता है। साथ ही ऑपरेशनल मैनेजमेंट और स्ट्रैटजी को लागू करने का लंबा तजुर्बा भी है। यही वजह है कि उन्हें एयर इंडिया के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार माना गया।

कौन हैं एयर इंडिया के नए CEO टेवोल्डे गेबरमरियम?

इथियोपिया के टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) एविएशन इंडस्ट्री के सबसे काबिल वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। टेवोल्डे ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में स्नातक और ब्रिटेन की ओपन यूनिवर्सिटी से MBA किया है। वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स समेत कई वैश्विक एविएशन संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी।

टेवोल्डे ने इथियोपियन एयरलाइंस में ट्रैफिक ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद कार्गो, मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2006 में उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया। 2011 में वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO बने।

उनके कार्यकाल में चार गुना बढ़ी रेवेन्यू

CEO के रूप में टेवोल्डे गेबरमरियम के नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने रिकॉर्ड विस्तार किया। कंपनी की रेवेन्यू 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई। एयरलाइन का फ्लीट 33 विमानों से बढ़कर करीब 130 विमान हो गया। वहीं, यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई।

एयर इंडिया मैनेजमेंट ने क्या कहा

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने बदलाव के शुरुआती दौर का बड़ा काम पूरा कर लिया है। अब कंपनी तेजी से विस्तार और योजनाओं को जमीन पर उतारने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेबरमरियम ने दुनिया की सबसे सफल और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन कंपनियों में से एक को आगे बढ़ाया है। उनके अनुभव और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है कि वह एयर इंडिया को विकास की अगली ऊंचाई तक ले जाएंगे।

शेयर मार्केट में आनी वाली है बहुत बड़ी गिरावट, दिग्गज फंड मैनेजर माइकल बरी ने किया आगाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।