इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। नियम पहले से थे लेकिन पालन नहीं हो रहा था रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन इनका सख्ती से पालन नहीं हो रहा था। लागू नियमों के तहत राजनयिक संबंध न रखने वाले देशों के पायलट और केबिन क्रू इजराइल जाने वाली उड़ानों में ड्यूटी नहीं कर सकेंगे। कुछ मामलों में दूसरी नागरिकता रखने वाले कर्मचारियों पर भी रोक लग सकती है। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इजराइल जाने वाली उड़ानों में अब पाकिस्तान समेत 31 देशों के पायलटों और केबिन क्रू की तैनाती पर रोक लगाई जा रही है। ये नियम उन देशों के पायलटों और क्रू पर लागू होते हैं, जिनके देश के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इनमें पाकिस्तान के अलावा ईरान, ओमान, सऊदी अरब और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। इसके बाद से इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के पायलटों और क्रू की जांच सख्त कर दी। इंडोनेशियाई पायलट के कारण फ्लाइट लौटानी पड़ी थी इजराइल के नियमों का असर मंगलवार को इथियोपियन एयरलाइंस की एक फ्लाइट पर भी पड़ा। द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान इथियोपिया के हवाई क्षेत्र में था, तभी इजराइली अधिकारियों ने उसे वापस लौटने को कहा। अधिकारियों को पता चला था कि विमान में इंडोनेशियाई पायलट मौजूद है। इंडोनेशिया के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बाद विमान इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा लौट गया। वहां पायलट को बदला गया और फिर विमान ने दोबारा उड़ान भरी। इसके बाद वह तेल अवीव पहुंचा। इथियोपियन एयरलाइंस ने इसे गलती बताया। कंपनी का कहना था कि उसे जानकारी नहीं थी कि संबंधित पायलट इजराइल जाने वाली फ्लाइट नहीं उड़ा सकता। एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से दूसरी नागरिकता की जानकारी मांगी फ्रांस की राष्ट्रीय एयरलाइन एयर फ्रांस का कहना है कि उसने अपने कर्मचारियों को नियमों की जानकारी दे दी है। फ्रांस की वेबसाइट मेडियापार्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने कर्मचारियों से यह भी पूछा है कि क्या उनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जानकारी छिपाने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस को नियमों की जानकारी भेजी इजराइल के चैनल N12 की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को इन नियमों की जानकारी दी थी। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से एयरलाइंस पर है। इजराइली अधिकारी हर उड़ान के क्रू की नागरिकता की नियमित जांच नहीं करते थे। इसी वजह से पाकिस्तान, ओमान, ईरान, इराक और लेबनान जैसे मुस्लिम बहुल देशों के पायलट पहले भी तेल अवीव जाने वाली उड़ानें संचालित करते रहे। अब इजराइल इन नियमों का सख्ती से पालन करा रहा है। फिलहाल एयर फ्रांस, यूनाइटेड एयरलाइंस और स्मार्टविंग्स ने नियमों का पालन करने की बात कही है। ऐसे में इन एयरलाइंस को इजराइल जाने वाली उड़ानों के लिए पायलटों और केबिन क्रू की ड्यूटी में बदलाव करना पड़ सकता है। अभी यह साफ नहीं है कि कितनी और एयरलाइंस इन नियमों को लागू करेंगी। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ सकता है जिनके पास किसी प्रतिबंधित देश के साथ-साथ दूसरे देश की नागरिकता भी है। ओमानी को-पायलट विमान को एयरपोर्ट से टकराना चाहता था 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया था। UAE के मुताबिक को-पायलट विमान को हाइजैक करके उसे इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना चाहता था। हमले के दौरान विमान करीब 1 मिनट में करीब15 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल पाए इसके बाद यात्रियों और क्रू ने को-पायलट को काबू कर लिया। विमान में 174 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को इजराइल में उतरने की मंजूरी नहीं मिली। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से आए इस विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। इजराइल ने यह फैसला पायलट के इंडोनेशियाई नागरिक होने के कारण लिया। इजराइल के इंडोनेशिया से राजनयिक संबंध नहीं हैं। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रविवार देर रात हुई। इसके बाद विमान के पायलट को बदलकर दूसरे पायलट को जिम्मेदारी दी गई, जिसे इजराइल में उतरने की मंजूरी थी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में पायलट के हमले के बाद इजराइल ने विदेशी एयरलाइंस के लिए सुरक्षा नियम सख्त किए हैं। नए नियमों के तहत उन देशों के नागरिकों को इजराइल आने वाली उड़ानों में पायलट या क्रू मेंबर के तौर पर सफर करने से रोकने की बात कही गई है, जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। विमान का ईंधन समुद्र के ऊपर गिराना पड़ा इथियोपियन एयरलाइंस की फ्लाइट में सवार क्रू मेंबर्स की लिस्ट विमान के अदीस अबाबा से उड़ान भरने के बाद इजराइल को भेजी गई थी। यानी विमान के रवाना होने से पहले इजराइल को उसके क्रू की पूरी जानकारी नहीं मिली थी। विमान में उड़ान भरते समय काफी ईंधन था। पायलट को वापस अदीस अबाबा लौटना था, इसलिए विमान का वजन कम करने के लिए समुद्र के ऊपर ईंधन गिराया गया। इसके बाद पायलट को बदल दिया गया। नए पायलट को इजराइल में उतरने की मंजूरी मिलने के बाद विमान के दोबारा वहां जाने का रास्ता साफ हुआ। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में पायलट ने किया था हमला यह घटना उस हमले के दो हफ्ते बाद हुई है, जिसमें दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के एक पायलट ने अपने सह-पायलट पर चाकू से हमला कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर विमान को इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर गिराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, कई यात्रियों ने बीच में आकर उसे रोक दिया और विमान की सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। फ्लाइदुबई की फ्लाइट का रूट देखें… ईरान-पाकिस्तान के नागरिक भी आसानी से इजराइल आ रहे थे फ्लाईदुबई की घटना के बाद जांच में पता चला था कि दुश्मन देशों के सैकड़ों क्रू मेंबर पहले भी इजराइल आ चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना था। इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने विदेशी एयरलाइंस के लिए नियम सख्त कर दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, इराक, लेबनान और पाकिस्तान जैसे देशों की नागरिकता रखने वाले पायलट और दूसरे विमान कर्मचारी पिछले कुछ सालों में आसानी से इजराइल आ रहे थे। इजराइली मीडिया के मुताबिक, देश की सुरक्षा एजेंसियां कई सालों से विदेशी एयरलाइंस के कर्मचारियों की जांच में कमियों को लेकर चेतावनी दे रही थीं। उनका कहना था कि परिवहन मंत्रालय इजराइल आने वाली विदेशी एयरलाइंस और उनके क्रू मेंबर्स की पर्याप्त सुरक्षा जांच नहीं कर रहा था। इसके अलावा, विदेशी एयरलाइंस की ओर से संचालित इजराइली उड़ानों की जांच में भी कमियां थीं। इस पर परिवहन मंत्रालय ने कहा था कि उसके पास खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जरूरी तंत्र नहीं है। हमले के बाद इजराइल ने फ्लाईदुबई को पत्र भेजा था इजराइली न्यूज चैनल 12 के मुताबिक, फ्लाईदुबई हमले के अगले दिन इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को एक पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि विमान संचालक दुश्मन देशों के नागरिकों को इजराइल जाने वाली उड़ानों में पायलट, क्रू मेंबर या यात्री के तौर पर सफर करने की अनुमति न दें। पत्र में कहा गया था कि मंत्रालय समय-समय पर जांच करेगा कि एयरलाइंस सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए जरूरी योजनाओं, उपायों और प्रक्रियाओं को लागू कर रही हैं या नहीं। इसके लिए मंत्रालय मौके पर जाकर भी जांच करेगा। दोहरी नागरिकता वाले क्रू मेंबर्स पर भी लागू नियम पत्र में विमान संचालकों को यह भी कहा गया था कि इजराइल के फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में आने वाली उड़ानों में ऐसे पायलट या कॉकपिट क्रू मेंबर नहीं होने चाहिए, जो उन देशों के नागरिक हों जिनके इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। यह नियम उन लोगों पर भी लागू है जिनके पास ऐसे किसी देश की दोहरी नागरिकता है। यानी किसी व्यक्ति के पास दो देशों की नागरिकता होने पर भी यह नियम लागू होगा, अगर उनमें से एक देश के इजराइल से राजनयिक संबंध नहीं हैं। परिवहन मंत्रालय ने एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि वह इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार जांच करे। ————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। इससे प्लेन में मौजूद बाकी दो पायलटों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिल गया और उन्होंने इसे संभाल लिया। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। प्रस्ताव में इस घटना को आतंकी हमला बताया गया है। हमलावर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को पकड़ने में मदद करने वाले यात्रियों की भी सराहना की गई है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छर पर हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को पकड़ लिया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक ले जाया गया, जहां कैप्टन मच्छर का इलाज किया गया। कैप्टन मच्छर को बचाने 45 मिनट तक जुटा रहा डेंटिस्ट हमले के बाद फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव ने कैप्टन स्मित मच्छर को करीब 45 मिनट तक संभाला। चीखने की आवाज सुनकर मुसेव कॉकपिट पहुंचे थे। वहां कैप्टन फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। उन्होंने तुरंत खून रोकने की कोशिश शुरू की और कैप्टन को होश में रखने के लिए लगातार उनसे बात करते रहे। मुसेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ पर गहरे घाव थे। उन्होंने टी-शर्ट से घाव दबाए, लेकिन खून नहीं रुका। इसके बाद उन्होंने क्रू से बर्फ मंगाई। करीब 45 मिनट तक वह घावों पर दबाव बनाते रहे और बर्फ लगाते रहे। उनका कहना है कि जब भी वह टी-शर्ट हटाकर घाव देखते, खून फिर तेज बहने लगता था। होश में रखने के लिए पूछा- कितने बच्चे हैं कैप्टन को होश में रखने के लिए मुसेव उनसे लगातार बात करते रहे। उन्होंने पूछा, “आपके कितने बच्चे हैं, उनके नाम क्या हैं?” वह कैप्टन को भरोसा दिलाते रहे कि जल्द परिवार के पास पहुंच जाएंगे। कैप्टन ने अपना नाम और उम्र बताई। उन्होंने कहा कि वह दुबई में रहते हैं और भारत से हैं। दर्द में उन्होंने कहा, “मेरी मदद कीजिए। मैं जीना चाहता हूं, यहां मरना नहीं चाहता।” मुसेव के मुताबिक, एक समय कैप्टन की नब्ज बहुत धीमी हो गई। उन्होंने उनके पैर ऊपर किए तो नब्ज फिर चलने लगी। जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ गए, तो मुसेव ने क्रू से कहा कि विमान को जल्द उतारना होगा। कैप्टन ने दर्द की दवा मांगी, लेकिन मुसेव ने देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि कैप्टन का काफी खून बह रहा था, इसलिए उन्हें हिलाने या दवा देने से खून और बह सकता था। को-पायलट ने इमरजेंसी के लिए रखे कुल्हाड़ी को हथियार बनाया UAE सरकार ने 3 अक्टूबर को बताया कि को-पायलट हमामी ने कैप्टन मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। इससे पहले विमान में मौजूद यात्रियों की शुरुआती जानकारी में चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। विमान में इमरजेंसी के लिए एक खास कुल्हाड़ी रखी जाती है, जिसे ‘क्रैश एक्स’ कहते हैं। इसका इस्तेमाल आग लगने पर किसी पैनल को काटकर अंदर तक पहुंचने, फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाने या जरूरत पड़ने पर विमान के किसी हिस्से को काटने या खोलने के लिए किया जाता है। यात्रियों ने हेडफोन की तार से हमलावर को बांधा मुसेव ने कैप्टन को संभालने के साथ यात्रियों की हमलावर को पकड़ने में भी मदद की। यात्रियों ने हेडफोन की तार से उसके हाथ-पैर बांध दिए। वह छूटने की कोशिश करता रहा, तो यात्रियों ने उसे और कसकर बांध दिया। इसके बाद वह शांत हो गया। हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया। वहां कैप्टन मच्छर का इलाज हुआ। बाद में उन्हें UAE ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं
दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि फ्लाईदुबई का को-पायलट हमाम अल-हमामी पहले से मुसीबत था। ये अमेरिकी इंटेलिजेंस नहीं बोल रहा, उसका इतिहास खुद गवाह है। इसके बावजूद उसे पैसेंजर विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल उठता है। हमामी पर 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने और विमान को क्रैश कराने का आरोप है। वहीं, ओमान ने कहा कि किसी दूसरे देश ने हमामी की बैकग्राउंड जांच के लिए जानकारी नहीं मांगी थी। ओमान के मुताबिक अगर किसी देश ने मांगी होती तो वह हमामी के कट्टरपंथी होने से जुड़ी उपलब्ध जानकारी जरूर साझा करता। ओमान ने हमामी पर पहले ही जांच की थी जेडी वेंस के मुताबिक ओमान के अधिकारियों ने पहले हमामी के व्यवहार को लेकर चिंता जताई थी। उसे उड़ान ड्यूटी से भी हटाया गया था, लेकिन बाद में फ्लाईदुबई ने उसे यात्री उड़ानों की जिम्मेदारी दे दी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ओमान ने 29 साल के हमामी की ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी। उसकी कट्टरपंथी विचारधारा में रुचि को लेकर चिंता जताई गई थी। 2024 में उसे इसी वजह से ओमान की सरकारी एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे दूसरी जिम्मेदारी दे दी गई। करीब 8 महीने पहले वह फ्लाईदुबई से जुड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक ओमान ने अपनी जांच की जानकारी दूसरी एजेंसियों या एयरलाइंस को नहीं दी। फरवरी में जब फ्लाईदुबई ने हमामी को नौकरी दी, तब उसने उसकी पिछली नौकरी और रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए ओमान से संपर्क नहीं किया। वेंस बोले- ईरान कनेक्शन का सबूत नहीं फ्लाईदुबई की घटना में ईरान की भूमिका के सवाल पर वेंस ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला, जिससे ईरान का कनेक्शन साबित हो। उन्होंने कहा- ईरान की भूमिका को लेकर मैं अमेरिकी खुफिया अधिकारियों की बात पर भरोसा करूंगा। किसी आधिकारिक ऐलान से पहले मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता। इसकी जांच चल रही है, लेकिन अभी तक मुझे ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच जारी ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में जांच का एक अहम सवाल यह है कि हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट (जांच एजेंसी), मोसाद (खुफिया एजेंसी), सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इस पहलू की जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि पहले उठी चिंताओं के बावजूद हमामी फ्लाइट क्रू का हिस्सा कैसे बना। घटना के बाद हमामी को सऊदी अरब से UAE भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच चल रही है। रिपोर्ट- हमामी को मौत की सजा दी जा सकती है आरोपी ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को UAE में मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। एक सीनियर अमीराती अधिकारी के मुताबिक, हमामी को कट्टरपंथी विचारधारा की ट्रेनिंग मिली थी। जांच में उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री और सोशल मीडिया पर लंबे समय से कट्टर विचारों से जुड़ी गतिविधियां भी मिली हैं। UAE की एजेंसियां इस घटना को सिर्फ कॉकपिट में हुई झड़प नहीं, बल्कि आतंकवादी घटना के तौर पर देख रही हैं। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। हमामी ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रची थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमामी का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि हमामी ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी। विमान एक मिनट में 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था, देखें GFX… विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला हिस्सा भी टूट गया। को-पायलट हमामी ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान कैप्टन ने विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे। इसी दौरान पेशे से प्लंबर यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। वहीं, यात्रियों और क्रू की मदद से आरोपी को-पायलट को कंट्रोल किया गया। सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। ———————- यह खबर भी पढ़ें… तीन देशों की लापरवाही से प्लेन में पहुंचा हमलावर पायलट फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर ओमान, UAE और इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) फ्लाईदुबई फ्लाइट के कॉकपिट पर हमला करने वाले ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकती है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने के आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। हमाम अल-हमामी ने इजराइल जा रहे यात्रियों से भरे विमान को तेल अवीव के बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश कराने की कोशिश की थी। इसी बीच आरोपी ने पुछताछ में कई खुलासे किए हैं। अल-हम्मामी ने जांच के दौरान कथित तौर पर बताया कि उसने इजराइल के एक एयरपोर्ट से विमान को टकराने का सपना देखा था।
कर चुका है इजराइल की यात्रा
जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, ओमान के 29 वर्षीय नागरिक हमाम अल-हम्मामी ने इजराइल जाने वाली एयरलाइनों के बारे में पहले से जानकारी जुटाई थी। जांच में ये भी सामने आया कि कॉकपिट पर हमला करने से कुछ महीने पहले वह इजराइल की यात्रा कर चुका था। कथित तौर पर हमाम अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं से कहा, “मैंने कई एयरलाइनों में नौकरी पाने की कोशिश की थी। मैंने यह भी पता लगाया कि कौन-कौन सी एयरलाइंस तेल अवीव के लिए उड़ान भरती हैं। इसी वजह से मैंने फ्लाईदुबई को चुना। नौकरी मिलने से पहले ही मैंने इस पूरी योजना के बारे में सोच लिया था।”
जुलाई में बनाई थी योजना
जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी ने फ्लाईदुबई में करीब आठ महीने तक काम किया था। बताया जा रहा कि उसने जुलाई में विमान को क्रैश कराने की योजना बनाई थी, लेकिन उस समय एक क्रू मेंबर के पास होने के कारण उसने अपना इरादा बदल दिया। इसके बाद भी इजराइल की जमीन पर विमान गिराने की कथित योजना उसने नहीं छोड़ी। जांच के दौरान उसने कथित तौर पर कहा, “सपना था बेन-गुरियन (तेल अवीव) एयरपोर्ट से टकराना।”
क्या थी योजना
रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी की कथित योजना थी कि हमला इतनी तेजी से किया जाए कि इजराइली सेना को लड़ाकू विमान भेजकर कार्रवाई करने का पर्याप्त समय न मिल सके। पोस्ट के एक सूत्र के मुताबिक, जांचकर्ताओं को फिलहाल आशंका है कि उसने किसी आतंकी संगठन के निर्देश पर नहीं, बल्कि अपने स्तर पर अकेले यह योजना बनाई थी। उसे ‘लोन वुल्फ’ के तौर पर देखा जा रहा है और UAE में उससे पूछताछ अभी जारी है।
फ्लाइट को क्रैश कराने की थी साजिश
एक वरिष्ठ अमीराती अधिकारी के हवाले से Ynet ने बताया कि फ्लाईदुबई के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को इस मामले में मौत की सजा मिल सकती है। आरोप है कि उसने विमान के कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स से हमला किया था। इसके बाद सरकारी वकील आरोपी के खिलाफ सबसे सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। फ्लाईदुबई फ्लाइट को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के बाद विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने मिलकर हमलावर को काबू में करने में मदद की।
Flydubai incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना में इजरायली खुफिया रिपोर्ट के हवाले से एक बेहद गंभीर दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी कट्टरपंथी को-पायलट अब्दुल्ला अल-हम्मामी ने कथित तौर पर पहले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मारने और फिर विमान को इजरायल की राजधानी तेल अवीव ले जाकर एक गगनचुंबी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि उसने नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और इसके बाद कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर पीछे से हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने पैसेंजर जेट को नीचे गिराने की अपनी कोशिश नाकाम होने के बाद प्लेन के इंजन बंद कर दिए थे।
क्या हुआ था कॉकपिट में?
रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने पहले नमाज करने का दिखावा किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर क्रैश ऐक्स उठाई और पीछे से कैप्टन स्मित मच्छार के सिर पर हमला कर दिया। शुरुआत में मच्छार को लगा कि विमान का कोई टूटा हुआ हिस्सा उनसे टकराया है। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि उन पर जानबूझकर हमला किया जा रहा है।
हमले में कैप्टन को सिर पर गंभीर चोट लगी। उनका एक हाथ भी बुरी तरह घायल हो गया और काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद प्लेन में मौजूद यात्रियों और ड्यूटी से बाहर मौजूद दो पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की।
30 सेकंड में 16 हजार फीट नीचे आया विमान
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमले के बाद अल-हम्मामी ने विमान का ऑटो पायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक को आगे की ओर धकेल दिया। इससे विमान अचानक तेज गति से नीचे जाने लगा। बताया गया है कि विमान महज 30 सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया। इस दौरान इसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा हो गई। इतनी तेज और अचानक हुई गिरावट के कारण विमान के टेल रडर को भी नुकसान पहुंचने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
कैप्टन की सूझबूझ से टली बड़ी तबाही
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान पर कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की। कॉकपिट का गेट खोलने और दूसरे लोगों के अंदर पहुंचने के बाद स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर विमान को इसी तरह नीचे जाने दिया जाता तो इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।
इस पूरे मामले को लेकर इजरायली खुफिया रिपोर्ट में किए गए दावों ने घटना को और गंभीर बना दिया है। मुंबई स्थित इजरायली महावाणिज्य दूतावास ने इजरायल जाने वाले एक विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की को-पायलट की साजिश को नाकाम करने वाले स्मित मच्छार के सम्मान में शहर में एक होर्डिंग प्रदर्शित किया। उन्होंने होर्डिंग की एक तस्वीर भी शेयर की, जिस पर लिखा था, “लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद कैप्टन स्मित। हम आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में, उसे सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

दुबई। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बात की और फ्लाईदुबई के विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित साजिश नाकाम करने के लिए उन्हें इजराइल, भारत और पूरी दुनिया का ‘नायक’ बताया। उन्होंने मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित भी किया।
कैप्टन मच्छार पर बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था।
नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में उपचार करा रहे 38 वर्षीय भारतीय पायलट से बात कर उनका हालचाल जाना। ‘लाउडस्पीकर मोड’ पर हुई इस बातचीत की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी साझा की गई।
कैप्टन मच्छार से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा, ‘यह हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है, जो हम अपने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदान करते हैं। आमतौर पर यह केवल इजराइल के नागरिकों के लिए है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजराइल का हर नागरिक आपका सम्मान करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही इजराइल आएंगे।’
इजराइल के स्वतंत्रता दिवस को ‘योम हाअत्जमाउत’ कहा जाता है। यह हिब्रू कैलेंडर के इयार महीने की पांचवीं तारीख को मनाया जाता है, जो अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में पड़ती है।
इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘आप इजराइल, भारत और पूरी दुनिया के नायक हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं आपको इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित करता हूं।’

