Flydubai विमान हादसे में बड़ा खुलासा: कट्टरपंथी को-पायलट का था इजरायल में प्लेन क्रैश कराने का प्लान! इंजन कर दिया था बंद

Flydubai incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना में इजरायली खुफिया रिपोर्ट के हवाले से एक बेहद गंभीर दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी कट्टरपंथी को-पायलट अब्दुल्ला अल-हम्मामी ने कथित तौर पर पहले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मारने और फिर विमान को इजरायल की राजधानी तेल अवीव ले जाकर एक गगनचुंबी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि उसने नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और इसके बाद कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर पीछे से हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने पैसेंजर जेट को नीचे गिराने की अपनी कोशिश नाकाम होने के बाद प्लेन के इंजन बंद कर दिए थे।

क्या हुआ था कॉकपिट में?

रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने पहले नमाज करने का दिखावा किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर क्रैश ऐक्स उठाई और पीछे से कैप्टन स्मित मच्छार के सिर पर हमला कर दिया। शुरुआत में मच्छार को लगा कि विमान का कोई टूटा हुआ हिस्सा उनसे टकराया है। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि उन पर जानबूझकर हमला किया जा रहा है।

हमले में कैप्टन को सिर पर गंभीर चोट लगी। उनका एक हाथ भी बुरी तरह घायल हो गया और काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद प्लेन में मौजूद यात्रियों और ड्यूटी से बाहर मौजूद दो पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की।

30 सेकंड में 16 हजार फीट नीचे आया विमान

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमले के बाद अल-हम्मामी ने विमान का ऑटो पायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक को आगे की ओर धकेल दिया। इससे विमान अचानक तेज गति से नीचे जाने लगा। बताया गया है कि विमान महज 30 सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया। इस दौरान इसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा हो गई। इतनी तेज और अचानक हुई गिरावट के कारण विमान के टेल रडर को भी नुकसान पहुंचने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

कैप्टन की सूझबूझ से टली बड़ी तबाही

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान पर कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की। कॉकपिट का गेट खोलने और दूसरे लोगों के अंदर पहुंचने के बाद स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर विमान को इसी तरह नीचे जाने दिया जाता तो इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।

इस पूरे मामले को लेकर इजरायली खुफिया रिपोर्ट में किए गए दावों ने घटना को और गंभीर बना दिया है। मुंबई स्थित इजरायली महावाणिज्य दूतावास ने इजरायल जाने वाले एक विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की को-पायलट की साजिश को नाकाम करने वाले स्मित मच्छार के सम्मान में शहर में एक होर्डिंग प्रदर्शित किया। उन्होंने होर्डिंग की एक तस्वीर भी शेयर की, जिस पर लिखा था, “लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद कैप्टन स्मित। हम आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में, उसे सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

UAE ने इजराइल के साथ शेयर की थी Flydubai क्रू लिस्ट, फिर ओमानी को-पायलट को कैसे मिला क्लियरेंस?

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बीच हवा में कॉकपिट के अंदर हुए हमले की जांच अभी जारी है। इस मामले में अब सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान से पहले यूएई ने फ्लाइट के पायलट और अन्य क्रू मेंबर्स की पूरी सूची इजरायल के साथ शेयर की थी। इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहा कि ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। कॉकपिट में हुए हमले की जांच संयुक्त अरब अमीरात कर रहा है।

आतंकी हमले की थी साजिश

अधिकारियों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट को कथित तौर पर उसके चरमपंथी विचारों से जुड़ी चिंताओं के चलते ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। ओमान के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं। इसके बावजूद उसे इजराइली यात्रियों को तेल अवीव ले जाने वाली फ्लाइट को उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।

यूएई के अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के बाद विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। अधिकारियों ने इस घटना को संभावित आतंकी हमला बताया। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। कैप्टन मच्छार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने मिलकर हमलावर को काबू में करने में मदद की।

इजरायल ने क्या कहा

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, उड़ान रवाना होने से पहले यूएई ने इजरायल के साथ विमान में सवार यात्रियों और क्रू से जुड़ी जानकारी शेयर की थी। इसमें उनके देश और राष्ट्रीयता जैसी जानकारियां भी शामिल थीं। वहीं इजरायली अधिकारियों का कहना है कि उन्हें विमान में मौजूद किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को लेकर सुरक्षा संबंधी कोई आपत्ति या चेतावनी नहीं मिली थी। इजराइल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने कहा कि, यात्रियों की सूची की जांच परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी है।

वहीं, परिवहन मंत्रालय ने कहा कि, उसे न तो यात्रियों की सूची मिली और न ही किसी तरह की सुरक्षा चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, उड़ान से पहले यात्रियों और क्रू की जानकारी शेयर करना नॉर्मल प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अलग-अलग देशों के बीच सुरक्षा जांच में कुछ सीमाएं भी होती हैं।

नेतन्याहू ने क्या कहा

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि विदेशी एयरलाइंस के साथ ऐसे समझौते हैं, जिनके तहत उन देशों के पायलटों को इजराइल में उड़ान भरने से रोका जा सकता है, जिनके साथ उसके डिप्लोमैटिक रिलेशन नहीं हैं। फ्लाईदुबई की घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच की जा रही है। जांच में ये भी देखा जा रहा है कि को-पायलट ने विमान में सवार होने से पहले किन-किन सुरक्षा जांचों को पास किया था और इसके बावजूद उसे उड़ान की अनुमति कैसे मिली।

ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी! फिर हमला हुआ तो पहले से ज्यादा मजबूत जवाब देंगे, बातचीत का रास्ता भी खुला