दुबई में HR ने ऑफिस में भारतीय और पाकिस्तानी कर्मचारियों के साथ एक ही दिन मनाया स्वतंत्रता दिवस, वायरल हुई पोस्ट

दुबई के एक ऑफिस में भारतीय और पाकिस्तानी कर्मचारियों के लिए स्वतंत्रता दिवस का संयुक्त जश्न मनाने के बारे में एक भारतीय व्यक्ति का मज़ेदार किस्सा वायरल हो गया है। अब वायरल हो चुके इस वीडियो में, उस व्यक्ति ने बताया कि उन्हें कंपनी के HR विभाग से एक ईमेल मिला था, जिसमें कर्मचारियों को भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस का संयुक्त जश्न मनाने के लिए पैंट्री में इकट्ठा होने के लिए बुलाया गया था। चूंकि दोनों देश अपनी आज़ादी का जश्न लगातार दो दिनों—14 अगस्त और 15 अगस्त—को मनाते हैं, इसलिए कंपनी को लगा कि यह सभी को एक साथ लाने का एक अच्छा मौका होगा।

कॉमेडियन ने मजाक में कहा कि यह विचार ऐसा लगा जैसे “दो तलाकशुदा लोगों को उनके अलग होने का जश्न मनाने के लिए एक साथ लाया जा रहा हो।” उन्होंने बताया कि भारतीय और पाकिस्तानी कर्मचारी पैंट्री की ओर गए, जबकि कुछ बांग्लादेशी सहकर्मी भी उनके पीछे-पीछे चल दिए, जिससे एक और मज़ाकिया टिप्पणी सामने आई कि वे किसी काल्पनिक “CSR बचाव अभियान” का हिस्सा थे।

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कहानी सुनाने वाले के मुताबिक, पैंट्री को एक बड़े केक से सजाया गया था, जिसके आमने-सामने के कोनों पर भारत और पाकिस्तान के झंडे लगे थे। उन्होंने मज़ाक में सोचा कि क्या केक का भूरा रंग इस कार्यक्रम में इकट्ठा हुए सभी दक्षिण एशियाई लोगों को दिखाने के लिए था।

उन्होंने बताया कि सबसे अजीब पल तब आया जब ब्रिटिश HR मैनेजर ने उन्हें और उनके पाकिस्तानी साथी का हाथ पकड़ा, उन्हें एक साथ खड़ा किया, उनके हाथ में चाकू थमाया और केक को ठीक बीच से काटने के लिए कहा। इस अप्रत्याशित संकेत ने सभी को उलझन में डाल दिया।

मज़ाक को और बढ़ाते हुए, उन्होंने कहा कि कर्मचारी चुपचाप सोच रहे थे कि ब्रिटिश शासन से आज़ादी के जश्न को एक ब्रिटिश व्यक्ति क्यों लीड कर रहा है। वीडियो में उन्होंने लोगों के मन में चल रही बातों का अंदाज़ा लगाते हुए कहा, “तुमने ही तो हमारे साथ ऐसा किया था। अब तुम हमारे साथ जश्न क्यों मना रहे हो?”

उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक उलझन में पड़े नेपाली साथी, जिन्हें शायद इस मौके के बारे में पता नहीं था, ने केक देखा और “हैप्पी बर्थडे” गाना शुरू कर दिया, जिससे एक और मज़ेदार पल बन गया। यह मज़ाक पूरी कहानी में बार-बार आता रहा। उन्होंने बताया कि जब बाकी सब लोग इस कार्यक्रम का मतलब समझने की कोशिश कर रहे थे, तब भी वह साथी गाना गाता रहा।

वीडियो में केक के लिए पेपर प्लेट लेकर लाइन में खड़े कर्मचारियों का मज़ाक भी उड़ाया गया। बनाने वाले ने इस नज़ारे की तुलना आज़ादी की लड़ाई के समय राशन की लाइन से की। उन्होंने HR मैनेजर के बार-बार यह याद दिलाने पर भी मज़ाक किया कि वे “एक परिवार” हैं और उन्हें लड़ना नहीं चाहिए। साथ ही, उन्होंने भारत के बंटवारे से जुड़े लोगों का मज़ाकिया अंदाज़ में ज़िक्र भी किया।

यह इंस्टाग्राम क्लिप दर्शकों के बीच वायरल हो गई है और इसे हज़ारों रिएक्शन और कमेंट्स मिले हैं। कई यूज़र्स ने कॉमेडियन के कहानी कहने के अंदाज़ की तारीफ़ की, जबकि दूसरों को सांस्कृतिक गलतफहमियां और ऐतिहासिक संदर्भ खास तौर पर मज़ेदार लगे।

एक लोकेशन ने खड़ा कर दिया विवाद! गुरुग्राम में Rapido राइड का वीडियो वायरल

गुरुग्राम में Rapido राइड के बाद यात्री और बाइक राइडर के बीच हुआ विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वायरल वीडियो में महिला यात्री और राइडर के बीच ड्रॉप लोकेशन को लेकर बहस होती दिखाई दे रही है। महिला का आरोप है कि उसे तय जगह पर नहीं छोड़ा गया, जबकि राइडर का कहना है कि उसने ऐप में दिख रही लोकेशन के अनुसार ही ट्रिप पूरी की। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में सही लोकेशन पिन, यात्री की सुविधा और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस मामले पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं और यह बहस तेज हो गई है कि ऐसी स्थिति में गलती आखिर किसकी मानी जाए।

ड्रॉप पॉइंट को लेकर शुरू हुआ विवाद

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला यात्री राइडर पर आरोप लगाती है कि उसे गलत जगह उतारा गया। महिला का कहना था कि उसकी असली मंजिल परिसर के अंदर थी, लेकिन राइडर उसे बेसमेंट के रास्ते ले जाकर किसी दूसरी जगह छोड़ गया। गुस्से में महिला ने सवाल किया कि जब उसे सही जगह जाना था तो राइडर वहां तक क्यों नहीं पहुंचा।

राइडर ने दी अपनी सफाई

वहीं Rapido राइडर ने अपनी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसने वही किया जो ऐप में लोकेशन दिखाई गई थी। उसका कहना था कि उसने स्क्रीन पर दिख रहे डेस्टिनेशन के हिसाब से ही यात्री को वहां छोड़ा। राइडर ने सफाई देते हुए कहा कि वह ऐप की बताई हुई लोकेशन को फॉलो कर रहा था और उसी के आधार पर ट्रिप पूरी की।

वीडियो बनाने वाला शख्स भी बहस में कूदा

इस दौरान एक अन्य व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ नजर आया, जिसने बीच में आकर महिला से किराया देने के लिए कहा। उसकी बार-बार दखलअंदाजी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। महिला ने उसे बीच में बोलने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बहस लगातार बढ़ती चली गई।

आखिर में महिला ने किया पेमेंट

काफी देर तक चली बहस के बाद महिला ने अपना फोन निकाला और Rapido राइडर के QR कोड को स्कैन कर किराया चुका दिया। हालांकि, पेमेंट करने के बाद भी उसने राइडर और वीडियो बना रहे व्यक्ति से अपनी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद महिला वहां से चली गई, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर ऐप की लोकेशन और राइडर की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ गया है।

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे अलग-अलग राय

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग राइडर के पक्ष में नजर आए और बोले कि अगर ऐप में गलत लोकेशन पिन थी तो पूरी जिम्मेदारी राइडर की नहीं हो सकती। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि राइडर को यात्री से पुष्टि करके ही अंतिम ड्रॉप करना चाहिए था।

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