दुनिया के सबसे जगमग नाइट व्यू वाले शहर, जहां शाम के बाद बढ़ जाती है रौनक!

आजकल ट्रैवलर सिर्फ दिन में नहीं घूमना चाहते, बल्कि रात को भी अपनी खास ट्रिप कर रहे हैं। जिसे नाइट टूरिज्म कहते है इसमें लोग लोकल फूड, नाइट मार्केट, लाइव म्यूजिक, थिएटर, स्पोर्ट्स और शहर की नाइट लाइफ का मजा लेते हैं। कई शहर है जो इस ट्रेंड के लिए दुनिया भर में मशहूर हो रहे हैं। आप भी ऐसे ही नाईट ट्रिप को मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इन शहरों की नाइट लाइफ का एक्सपीरियंस जरूर करें।

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मैड्रिड – देर रात तक रहती है चहल-पहल

यहां देर रात तक चहल-पहल रहती है जो बाकी शहरों से काफी अलग है। यहां लोग देर से डिनर करते हैं और देर रात तक दोस्तों और परिवार के साथ घूमते हैं। शाम के समय प्लाजा में टहलना, तपस बार में लोकल डिश खाना और फ्लेमेंको डांस शो देखना यहां की पहचान है। रात में शहर की गलियां, कैफे और टेरेस लोगों से भर जाती हैं। आप स्पेन कल्चर को देखना चाहते हैं, तो मैड्रिड में रात में में जरूर घूमने निकले।

न्यू ऑरलियन्स – संगीत से भरी रातें

न्यू ऑरलियन्स अपनी म्यूजिक कल्चर के लिए दुनिया भर में पॉपुलर है। यहां पर जब शाम होती है तो रोड पर लाइव जैज म्यूजिक की धुनें सुनाई देने लगती हैं। फ्रेंचमेन स्ट्रीट और फ्रेंच क्वार्टर जैसी जगहों में कई छोटे-बड़े म्यूजिक क्लब और बार हैं, जहां हर रात शानदार परफॉर्मेंस होती है। यहां घूमते समय ऐसा लगता है जैसे शहर में कोई म्यूजिक फेस्टिवल हो। इसके साथ ही खाने का टेस्ट और पुराने बाजारों की शॉपिंग इस शहर की रात को और भी शानदार बना देती है।

बैंकॉक – रात में खाने का असली स्वाद

बैंकॉक में घूमने का असली मजा सूरज ढलने के बाद ही आता है। यहां के नाइट मार्केट रंग-बिरंगी दुकानों और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड से भरे रहते हैं। आप यहां थाई खाने का स्वाद ले सकते है। कपड़े, हैंडीक्राफ्ट और कई यादगार चीजों की खरीदारी कर सकते हैं। चाओ फ्राया नदी के किनारे बैठकर डिनर करना और रूफटॉप बार से पूरे शहर की चमक देखना एक बहुत ही यादगार पल होता है। आपको खाने पीने और घूमने का शौक है, तो बैंकॉक की रातें आपको जरूर पसंद आएंगी।

टोक्यो – रात में भी रहती है रौनक

टोक्यो को उन शहरों में गिना जाता है, जो रात में भी पूरी रफ्तार से चलते हैं। यहां शिंजुकु और शिबुया जैसे इलाके रंग-बिरंगी नियॉन लाइट्स से जगमगा उठते हैं। देर रात तक खुले रहने वाले रामेन रेस्टोरेंट, जापानी पब, कराओके और गेमिंग सेंटर लोगों को खूब पसंद आते हैं। अगर आपको शॉपिंग का शौक है, तो कई मार्केट और स्टोर देर रात तक खुले रहते हैं। यहां के रूफटॉप कैफे और बार से रात में चमकते शहर का नजारा देखने का अपना अलग ही मजा है। टोक्यो की रातें हर उम्र के ट्रैवलर के लिए कुछ न कुछ खास जरूर लेकर आती हैं।

फिलाडेल्फिया – खेल और मस्ती से भरी शाम

फिलाडेल्फिया उन शहरों में से है, जहां शाम होते ही माहौल पूरी तरह बदल जाता है। अगर आपको खेल पसंद हैं, तो यहां प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैच का रोमांच देखने को मिलेगा। मैच का टिकट न होने पर भी आप स्पोर्ट्स बार में बैठकर टीवी पर इसे लाइव देख सकते हैं। इसके अलावा यहां लाइव म्यूजिक, थिएटर शो, बॉलिंग, गेमिंग और मिनी गोल्फ जैसी कई एक्टिविटीज रात को और मजेदार बना देती हैं। खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी यह शहर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां के लोकल कैफे, फूड टूर और खास रेस्टोरेंट आपको शहर के असली स्वाद चखाते हैं। आपको एक ही शाम में मनोरंजन, स्वाद और लोकल कल्चर का एक्सपीरियंस लेना हैं, तो फिलाडेल्फिया परफेक्ट जगह है।

सियोल – कैफे और नाइट मार्केट का मजा

सियोल की रातें काफी शांत, खूबसूरत और रंगीन होती हैं। यहां के नाइट मार्केट में घूमने के साथ आप लोकल स्ट्रीट फूड का स्वाद ले सकते हैं और आसपास की दुकानों से खरीदारी भी कर सकते हैं। हान नदी के किनारे शाम बिताना और शहर की रोशनी देखना यहां आने वाले टूरिस्ट का पसंदीदा एक्सपीरियंस होता है। इसके अलावा थीम कैफे, देर रात तक खुले शॉपिंग एरिया और खूबसूरत गलियां इस शहर को खास बनाती हैं। यहां घूमने के लिए बिकुल भी जल्दबाजी न करें आपम से समय निकालकर सियोल नाईट के मजे ले।

बढ़ रहा है नाइट टूरिज्म

आज के समय में लोग सिर्फ फोटो खींचने के लिए ट्रैवल नहीं करते, बल्कि उन शहरों की असली जिंदगी को भी जीना चाहते हैं। यही कारण है कि नाइट टूरिज्म तेजी से पॉपुलर हो रहा है। रात के समय लोग लोकल फूड का मजा लेते हैं, लाइव म्यूजिक सुनते हैं, नाइट मार्केट में शॉपिंग करते हैं और शहर कल्चर को जानते हैं। इससे ट्रैवलर को एक अलग एक्सपीरियंस मिलता है और दुकानों, रेस्टोरेंट, होटल और मनोरंजन से जुड़े कारोबार को भी फायदा होता है। आप भी इन शहरो को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जोड़कर ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

नौकरी के बीच भी जिंदगी और घूमने का मजा! यही है नई जनरेशन का लाइफ फॉर्मूला

आज के यंग प्रोफेशनल्स सिर्फ पैसे कमाने पर ही नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल और मानसिक सुकून पर भी ध्यान दे रहे हैं। यही वजह है कि ‘माइक्रो-रिटायरमेंट’ तेजी से पॉपुलर हो रहा है। इसमें लोग नौकरी छोड़े बिना कुछ महीनों या एक साल का प्लान करके ब्रेक लेकर घूमते हैं, नई स्किल्स सीखते हैं या अपने शौक पूरे करते हैं।

 

माइक्रो-रिटायरमेंट

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माइक्रो-रिटायरमेंट का मतलब नौकरी छोड़ देना नहीं, बल्कि कुछ समय के लिए अपनी मर्जी से काम से ब्रेक लेना है। यह ब्रेक कुछ महीनों से लेकर एक साल तक का हो सकता है। इस दौरान लोग घूमने-फिरने, नई चीजें सीखने, परिवार के साथ समय बिताने या अपने अधूरे सपने पूरे करने पर ध्यान देते हैं। जब उन्हें लगता है कि वे फिर से तैयार हैं, तो वे अपने करियर में वापसी कर लेते हैं।

 

 

बढ़ता ट्रेंड

आज के युवाओं के लिए सिर्फ अच्छी सैलरी ही सब कुछ नहीं है। वे अपनी मानसिक शांति, अच्छी हेल्थ और जिंदगी के एक्सपीरियंस को भी उतना ही इम्पोर्टेंस देते हैं। लगातार काम करने से होने वाली थकान और स्ट्रेस से बचने के लिए कई लोग माइक्रो-रिटायरमेंट का रास्ता चुन रहे हैं। उनका मानना है कि जिंदगी का आनंद लेने के लिए रिटायरमेंट तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

 

 

 

फाइनेंशियल प्लान

अगर आप माइक्रो-रिटायरमेंट लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले पैसों की अच्छी प्लानिंग करना जरूरी है। ब्रेक के दौरान नौकरी से इनकम नहीं होगी, इसलिए पहले से सेविंग होना, इमरजेंसी फंड तैयार रखना और बिना कारण के कर्ज से बचना जरूरी है। अच्छी तैयारी होने पर आप बिना पैसों की चिंता के अपने ब्रेक का मजा ले सकते हैं।

 

 

ब्रेक आइडियाज

माइक्रो-रिटायरमेंट के समय का सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। इस दौरान आप नई जगहों की ट्रिप कर सकते हैं, कोई नई भाषा या स्किल सीख सकते हैं, फिटनेस पर ध्यान दे सकते हैं, अपना छोटा बिजनेस आइडिया आजमा सकते हैं या परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिता सकते हैं।

 

बेनिफिट्स ऑफ माइक्रो-रिटायरमेंट

कुछ समय तक काम से दूर रहने से मन और शरीर दोनों को आराम मिलता है। इस ब्रेक में लोग नई जगहों पर घूमते हैं, नई स्किल्स सीखते हैं और खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। कई लोगों का कहना है कि इस तरह का ब्रेक लेने के बाद वे अपने काम पर और बेहतर तरीके से फोकस के साथ वापस लौटते हैं।

 

 

माइक्रो-रिटायरमेंट से पहले ध्यान रखें

माइक्रो-रिटायरमेंट सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन यह हर किसी के लिए आसान नहीं होता। अगर परिवार की जिम्मेदारियां ज्यादा हैं या फाइनेंशियल कंडीशन मजबूत नहीं है, तो लंबा ब्रेक लेना मुश्किल हो सकता है। इसलिए ऐसा फैसला करने से पहले अपनी सेविंग, जिम्मेदारियों और आगे की करियर प्लानिंग को ध्यान में रखना जरूरी है। सही तैयारी के साथ लिया गया माइक्रो-रिटायरमेंट ही परफेक्ट हो सकता है।