अंडे अच्छी तरह पकाने को कहा था, टेबल पर मिला ऐसा नोट कि परिवार ने खाना ही छोड़ दिया!

इटली के एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे परिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। एक महिला ने बस इतना कहा था कि उसके स्क्रैम्बल्ड एग्स अच्छी तरह पकाए जाएं। लेकिन खाने के ऑर्डर से जुड़ा एक कथित निजी नोट गलती से ग्राहकों की नजर में आ गया। नोट में लिखी आपत्तिजनक बात पढ़कर परिवार ने अंडे खाने से ही इनकार कर दिया। मामला बढ़ा तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सामने आकर माफी मांगनी पड़ी और संबंधित कर्मचारी पर भी कार्रवाई की गई। इसके बाद घटना सोशल मीडिया तक पहुंच गई, जहां लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

दिलचस्प बात यह है कि रेस्टोरेंट ने बाद में इसी विवाद पर एक मजाकिया वीडियो भी पोस्ट कर दिया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया। अब सवाल यह है कि आखिर उस नोट में ऐसा क्या लिखा था और रेस्टोरेंट ने इस पूरे विवाद पर क्या सफाई दी?

रसोई के लिए लिखा संदेश पहुंच गया ग्राहक की टेबल तक

यह मामला 19 अगस्त को इटली के लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर रिक्चोने के Victor Lab रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑर्डर में अंडों को अच्छी तरह पकाने और सलाद न देने की बात लिखी गई थी।लेकिन ऑर्डर के नीचे कथित तौर पर वेटर ने रसोई के लिए एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी लिख दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोट में लिखा था कि “इस महिला ने मुझे परेशान कर दिया है… अंडे जला दो और उनमें थूक दो।” Toxic (3)

नोट पढ़ते ही परिवार ने खाने से किया इनकार

परिवार ने जब कथित संदेश देखा तो उन्होंने अंडे खाने से मना कर दिया। उन्होंने रेस्टोरेंट स्टाफ से इस बारे में सवाल किया। इसके बाद रेस्टोरेंट के डायरेक्टर ने मामले में दखल दिया और परिवार से माफी मांगी। बताया गया कि संबंधित आइटम बिल से हटा दिए गए और अतिरिक्त खाना देने की पेशकश भी की गई, लेकिन परिवार वहां से चला गया।

मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा

परिवार ने कथित ऑर्डर की तस्वीर के साथ रेस्टोरेंट को लेकर नकारात्मक समीक्षा भी पोस्ट की। इसके बाद यह अजीबोगरीब घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर ग्राहक के लिए रसोई में लिखा गया निजी संदेश टेबल तक पहुंचा कैसे।

रेस्टोरेंट ने कर्मचारी को हटाया

रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने संदेश को अनुचित बताते हुए माफी मांगी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित कर्मचारी एक युवा कर्मचारी था, जो वहां कुछ ही हफ्तों से काम कर रहा था। रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि उसे तुरंत सर्विस से हटा दिया गया।

मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि खाने में वास्तव में किसी तरह की गंदगी मिलाने का कोई सबूत नहीं था। रेस्टोरेंट ने अपने ओपन किचन का हवाला देते हुए भी कहा कि ऐसी हरकत वहां आसानी से छिप नहीं सकती थी।

माफी मांगने के लिए बनाई वीडियो, फिर बढ़ा विवाद

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रेस्टोरेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर एक मजाकिया वीडियो शेयर किया, जिसमें अच्छी तरह पके अंडों की मांग को लेकर उसी घटना का मजाकिया अंदाज में जिक्र किया गया। वीडियो में मालिक ग्राहक से मजाक में पूछता नजर आया कि अंडे “उस चीज के साथ या बिना” चाहिए।रेस्टोरेंट ने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि युवा कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहिए या उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए।

ग्राहक ने कहा- मजाक उड़ाया जा रहा है

इस वीडियो से संबंधित महिला नाराज हो गई। एक स्थानीय रिपोर्ट में उसने कहा कि वह घटना से वास्तव में परेशान हुई थी और रेस्टोरेंट की सोशल मीडिया पोस्ट उसे मामले को हल्का बनाती हुई लगी। उसने यह भी बताया कि विवाद वायरल होने के बाद उसे ऑनलाइन आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वहीं, रेस्टोरेंट का कहना था कि वीडियो का मकसद ग्राहक का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि माफी मांगते हुए माहौल को शांत करना था।

एक प्लेट अंडे से शुरू हुआ बड़ा विवाद

जो मामला एक साधारण नाश्ते और अच्छी तरह पके अंडों की मांग से शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते वेटर के नोट, ग्राहक की नाराजगी, कर्मचारी पर कार्रवाई और सोशल मीडिया विवाद में बदल गया। अब इंटरनेट पर यह बहस भी चल रही है कि युवा कर्मचारी को सख्त सजा मिलनी चाहिए या गलती मानकर उसे दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।

“महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं…” रक्षा बंधन ऐड को लेकर ट्रोल हो रही कृति सेनन के सपोर्ट में आए राहुल गांधी

Kriti Sanon Controversy: रक्षाबंधन के एक विज्ञापन में कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना कर रहीं कृति सेनन के सपोर्ट में आए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक बयान शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी महिला के कपड़ों और उसकी जीवनशैली को लेकर सोशल मीडिया पर निगरानी या रोक-टोक नहीं की जानी चाहिए।

राहुल गांधी ने लिखा, “महिलाएं क्या पहनती हैं, क्या करती हैं और कहां जाती हैं – यह उनकी अपनी पसंद है। अपनी आजादी का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं को ट्रोल करना बंद करें।”

आलोचना पर कृति सेनन का जवाब

कृति सेनन ने मंगलवार को ही इस आलोचना का जवाब दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़ों से ही उसकी संस्कृति के प्रति सम्मान को क्यों आंका जाता है।

सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किए गए एक नोट में कहा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं!… और हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए?”

उन्होंने आगे कहा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन जब सांस्कृतिक परंपराओं की बात आती है, तो महिलाओं को अक्सर उनके कपड़ों के आधार पर आंका जाता है।

कृति सेनन की यह प्रतिक्रिया एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर हुई ऑनलाइन आलोचना के एक दिन बाद आई।

कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी

इस विवाद पर एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी और विज्ञापन में सानन की पोशाक की आलोचना की।

विज्ञापन में सानन राखी बांधते हुए आइवरी रंग का ब्रैलेट और स्कर्ट पहने और साथ में केप ओढ़े हुए दिखाई देती हैं। रनौत ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस लुक को “जानबूझकर अजीब” बताया।

कृति सेनन ने उस विज्ञापन के बारे में क्या कहा?

विज्ञापन का बचाव करते हुए सेनन ने कहा कि त्योहारों का महत्व कपड़ों के बजाय परंपराओं से जुड़ी भावनाओं और मूल्यों के जरिए समझा जाना चाहिए।

उन्होंने लिखा, “संस्कृति और परंपराएं दिल में होती हैं, कपड़ों के गले के डिजाइन में नहीं!”

सेनन ने अपने परिवार के लिए रक्षाबंधन के महत्व के बारे में भी बताया और कहा कि यह त्योहार भाई-बहनों के बीच सुरक्षा के बंधन का प्रतीक है।

उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन सुरक्षा का बंधन है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे की सुरक्षा वैसे ही कर सकते हैं जैसे कोई भाई करता।”

उन्होंने आगे कहा कि वह और उनकी बहन एक-दूसरे की सेहत, खुशी और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करते हैं, और यही भावना उनके पालतू जानवरों के लिए भी है।

सेनन ने कहा, “आखिरकार, वे भी परिवार का ही हिस्सा हैं।”

विज्ञापन में सेनन को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए दिखाया गया है, जबकि उनका पालतू कुत्ता उन्हें देख रहा है। बाद में वह कुत्ते के पैर पर भी एक राखी बांधती हैं।

विज्ञापन की आलोचना क्यों हुई?

इस विज्ञापन के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने सेनन के पहनावे की आलोचना करते हुए कहा कि पारंपरिक त्योहार के हिसाब से यह ठीक नहीं था। वहीं, कुछ लोगों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि विज्ञापन में एक्ट्रेस एक कुत्ते को राखी बांध रही थीं।

इस आलोचना के कारण विज्ञापन का फोकस त्योहार के संदेश से हटकर महिलाओं के पहनावे, सांस्कृतिक परंपराओं और निजी पसंद से जुड़ी व्यापक बहस पर केंद्रित हो गया।

यह भी पढ़ें: बिहार से गुजरात के लिए एक और ट्रेन, 26 अगस्त से दौड़ेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, जानिए इसका रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

Viral Video: कानपुर में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड चॉकलेट्स के लिए मची भयंकर लूट, क्या इसे बच्चों को खिलाएंगे?

Kanpur expired chocolate dump: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कानपुर के पनकी में कचरे के ढेर पर फेंकी गई एक्सपायर्ड टॉफियों और चॉकलेट्स को उठाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई है। एक फैक्ट्री द्वारा कचरे में फेंकी गई इन मिठाइयों और चॉकलेट्स को इकट्ठा करने के लिए पुरुषों और महिलाएं टूट पड़े हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही फूड सेफ्टी, वेस्ट मैनेजमेंट और गरीबी को लेकर बहस छिड़ गई है कि कोई एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए कैसे क्रेजी हो सकता है और क्या लोग इसे घर ले जाकर अपने बच्चों को खिलाएंगे?

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @Delhiite नाम के यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे अजीब होड़ बताया है। यूजर का कहना है कि एक्सपायर्ड चॉकलेट लूटने के लिए टूट पड़े लोगों में बुनियादी कॉमन सेंस पूरी तरह से गायब नजर आया।

वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर लोगों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने जहां एक्सपायर्ड चीजों को उठाने वालों की आलोचना की और इसके हेल्थ पर पड़ने वाले खराब असर की बात कही, तो दूसरे कुछ लोगों का मानना था कि इस घटना को गरीबी और महंगाई के नजरिए से भी देखा जाना चाहिए।

महंगाई और गरीबी पर छिड़ी तीखी बहस

कचरे के ढेर पर मची इस लूट को लेकर कई यूजर्स ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक तंगी पर चिंता जताई। एक यूजर ने कमेंट करते हुए तंज कसा कि भाई महंगाई इतनी बढ़ गई है कि अब कचरा भी बजट शॉपिंग डेस्टिनेशन बन गया है। वहीं दूसरे यूजर ने सहानुभूति जताते हुए लिखा कि यह सामान्य समझ की कमी से ज्यादा गरीबी और असमर्थता को दर्शाता है। इसी गरीबी ने लोगों को कचरे से खाना उठाने पर मजबूर किया होगा। एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि सोचिए उस स्तर तक पहुंचने के लिए कितनी तंगी रही होगी कि लोग इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार हो गए।

कुछ यूजर्स ने लोगों के पहनावे को लेकर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा कि जिस तरह से लोगों ने कपड़े पहने हैं, उससे लगता है कि वे सभी स्कूल और कॉलेज गए होंगे। समझ नहीं आता कि उन्हें क्या सिखाया गया है कि वे एक्सपायर्ड सामान उठा रहे हैं। दूसरे यूजर ने लिखा कि लोग फ्री की टॉफियों के लिए इंफेक्शन का खतरा मोल ले रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे कॉमन सेंस गायब हो चुका है।

कंपनी और FSSAI पर उठे सवाल, नियमों के उल्लंघन का आरोप

इस पूरी घटना के बाद कंपनियों द्वारा खराब और एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर एफएसएसएआई और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए एक यूजर ने लिखा कि उस फैक्ट्री मालिक को जल्द से जल्द पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए क्योंकि एक्सपायर्ड सामान को नष्ट करने की एक तय प्रक्रिया होती है। एक दूसरे यूजर ने कहा कि एक्सपायर्ड आइटम को निपटाने का यह मानक तरीका नहीं है और इसके लिए दोषी ब्रांड के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यह लेख यूजर-जनरेटेड कंटेंट और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। ओरिजिनल पोस्ट में किए गए दावों की मनीकंट्रोल द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।)

सैलरी से घर चलता है, SIP से भविष्य बनता है… लेकिन इमरजेंसी के वक्त कौन सा पैसा काम आता है? इस कहानी से समझिए

Hindustan Copper OFS: सरकार 6% तक हिस्सेदारी बेचेगी, ₹514 का फ्लोर प्राइस तय; 1 साल 140% चढ़ा स्टॉक

Hindustan Copper OFS: सरकारी कंपनी Hindustan Copper में भारत सरकार ऑफर ऑफर सेल (OFS) के जरिए 6% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए OFS का फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है।

DIPAM के सचिव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। सरकार पहले कंपनी की 3% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर इश्यू को ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलता है, तो अतिरिक्त 3% हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन के तहत बेची जा सकती है।

सरकार जुटा सकती है ₹3,000 करोड़

अगर ग्रीन-शू ऑप्शन समेत पूरी 6% हिस्सेदारी बिक जाती है, तो ₹514 के फ्लोर प्राइस पर सरकार को करीब ₹3,000 करोड़ मिल सकते हैं। फिलहाल Hindustan Copper में सरकार की हिस्सेदारी करीब 66% है। पूरी 6% हिस्सेदारी बेचने के बाद यह घटकर करीब 60% रह जाएगी।

OFS में 10% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होगा। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग रखे गए हैं।

मजबूत नतीजों के बाद हिस्सेदारी बिक्री

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब जून तिमाही में Hindustan Copper का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹353 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹134 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 81.4% बढ़कर ₹936.5 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹516.4 करोड़ था।

कॉपर की कीमतों में तेजी का फायदा

ग्लोबल मार्केट में कॉपर की कीमत पिछले हफ्ते 14,000 डॉलर प्रति टन के पार पहुंच गई थी। यह जनवरी के अंत के बाद का सबसे ऊंचा इंट्राडे स्तर था।

कॉपर की कीमतों में लगातार छह हफ्तों तक तेजी रही। सप्लाई की कमी और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की चिंता कम होने से कॉपर को सहारा मिला।

शेयर भाव से कितना नीचे है फ्लोर प्राइस?

Hindustan Copper के शेयर सोमवार को 0.25% की बढ़त के साथ ₹574.15 पर बंद हुए। इस हिसाब से OFS का ₹514 का फ्लोर प्राइस सोमवार के बंद भाव से करीब 10.5% नीचे है।

पिछले 1 महीने में स्टॉक 17.54% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 140% का रिटर्न दिया है।

Tata Group Stock: टाटा ग्रुप के स्टॉक में 42% कमाई का मौका! मोतीलाल ओसवाल ने ₹1500 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

School Holiday Tomorrow: क्या कल बंद रहेंगे स्कूल? जानें यूपी, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर पर क्या है ताजा अपडेट

School Holiday Tomorrow: देश के कई हिस्सों में मॉनसून के एक बार फिर तेज होने की खबरें आ रही हैं। कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से, अभिभावक और छात्र दुविधा में हैं कि मंगलवार, 25 अगस्त, 2026 को स्कूल बंद रहेंगे या नियमित क्लास चलती रहेंगी।

क्या 25 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे?

अभी 25 अगस्त को स्कूल बंद करने का कोई एक देशव्यापी ऑर्डर नहीं है। खराब मौसम की वजह से स्कूल की छुट्टियां आम तौर पर स्थानीय स्तर पर तय की जाती हैं। अगर भारी बारिश, बाढ़ या पानी भरने से खतरनाक हालात बनते हैं, तो जिलाधिकारी या स्थानीय प्रशासन छुट्टी का ऐलान कर सकता है। इसलिए अभिभावकों को ताजा जानकारी के लिए अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस, वेबसाइट या डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से मिली जानकारी देखनी चाहिए।

25 अगस्त मौसम का अनुमान

मौसम के ताजा अनुमान के मुताबिक, 25 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली-एनसीआर : आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है, सुबह से शाम तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली के लिए अभी कोई बड़ा रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश : पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 25 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

बिहार और झारखंड : 25 और 26 अगस्त को बड़े पैमाने पर बारिश होने की उम्मीद है, कुछ इलाकों में भारी बौछारें और गरज के साथ बारिश हो सकती है।

बारिश और पानी भरने से कई शहरों में ट्रैफिक पर भी असर पड़ सकता है।

अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए?

अक्सर बारिश की वजह से स्कूल खुले या बंद होने को लेकर भ्रम हो सकता है। खासकर जब सोशल मीडिया पर जानकारी तेजी से फैलती है। अभिभावकों और छात्रों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए : असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज के आधार पर फैसला लेने से बचें। माता-पिता को अपने बच्चे के स्कूल के WhatsApp ग्रुप, ऑफिशियल नोटिस और डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के अनाउंसमेंट को फॉलो करना चाहिए।

अगर आपके इलाके में भारी बारिश हो रही है या पानी भर गया है, तो स्कूल जाने से पहले मौसम और सड़क की हालत देख लें। जब तक स्कूल या लोकल एडमिनिस्ट्रेशन छुट्टी का ऐलान न करे, स्टूडेंट्स को स्कूल के रेगुलर इंस्ट्रक्शन्स मानने चाहिए।

GATE 2027 Registration: 27 अगस्त से शुरू होगा गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, इस बार से डिजीलॉकर पर अकाउंट होगा अनिवार्य

Urban Company का Kent RO पर मानहानि केस, हाई कोर्ट में विज्ञापन हटाने पर बनी बात

Urban Company ने Kent RO Systems के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और ब्रांड को बदनाम करने का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि Kent RO ने अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट में उसके Native वॉटर प्यूरीफायर को लेकर गलत और भ्रामक दावे किए।

कंपनी ने रविवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मुकदमा 11 अगस्त 2026 को दायर किया गया था।

किस बात पर हुआ विवाद?

Urban Company का कहना है कि Kent RO की विज्ञापन मुहिम में उसके Native M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्यूरीफायर के दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल तक सर्विसिंग की जरूरत नहीं वाले फीचर को निशाना बनाया गया।

कंपनी के मुताबिक Kent RO ने इन दावों को ‘मार्केटिंग गिमिक’ बताया और कहा कि Native वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ और ‘जोखिम भरा’ है।

Kent RO ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई 12 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान Kent RO ने अदालत से कहा कि वह विवादित विज्ञापन हटा देगा। साथ ही भविष्य में ऐसे विज्ञापन या प्रचार सामग्री भी नहीं चलाएगा, जिसमें दो साल की फिल्टर लाइफ या दो साल तक बिना सर्विसिंग वाले फीचर को लेकर Urban Company के खिलाफ इसी तरह के दावे किए जाएं।

Urban Company के मुताबिक अदालत ने Kent RO को 12 अगस्त से 15 दिनों के भीतर विवादित विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। अदालत का आदेश 12 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि इसे 22 अगस्त को हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

दोनों कंपनियों के बीच और भी कानूनी मामले

Urban Company ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच अन्य कानूनी मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इनमें Kent RO की ओर से दायर पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा, उस पेटेंट को चुनौती देने वाला Urban Company का जवाबी दावा और Kent RO के खिलाफ दायर टॉर्टियस इंटरफेरेंस का मामला शामिल है।

शेयरों में कैसी रही चाल?

Urban Company का शेयर शुक्रवार को 8.19% चढ़कर ₹157.41 पर बंद हुआ था। इस साल अब तक शेयर करीब 20% चढ़ चुका है। वहीं पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 6% की गिरावट रही है।

FSSAI का बड़ा एक्शन: दिल्ली की कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड, दमन की कंपनी के सभी घी की बिक्री पर रोक

FSSAI का बड़ा एक्शन: दिल्ली की कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड, दमन की कंपनी के सभी घी की बिक्री पर रोक

खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के चलते Marche Retail Pvt Ltd का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। वहीं दमन की SDP Industries Pvt Ltd को अपने सभी तरह के घी की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश दिया है।

FSSAI ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

30 दिन के लिए लाइसेंस सस्पेंड

नई दिल्ली की Marche Retail Pvt Ltd के परिसर में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां मिलीं। जांच में डिजाइन, ऑपरेशनल कंट्रोल, साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, फूड हैंडलर ट्रेनिंग और जरूरी रिकॉर्ड रखने में खामियां पाई गईं।

इसके बाद FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस 30 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। कंपनी को इस दौरान सभी खाद्य कारोबार रोकने और कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है।

SDP Industries के सभी घी पर रोक

दमन की SDP Industries Pvt Ltd के खिलाफ FSSAI ने घी में मिलावट की आशंका के चलते प्रतिबंध आदेश जारी किया है।

जांच में कंपनी के Shraddha, Shree Saras और Gokul ब्रांड के कई घी उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। लैब जांच में घी के नमूनों में A-sitosterol मिला, जो घी में नहीं होना चाहिए। साथ ही फैटी एसिड की संरचना भी तय मानकों से अलग पाई गई।

FSSAI के मुताबिक इससे वनस्पति या दूसरे बाहरी फैट की मिलावट का संकेत मिला। कंपनी को अपने अधिकृत परिसर से बने, स्टोर किए गए या बेचे जाने वाले सभी घी की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश दिया गया है।

हाल में कई बड़ी कंपनियों पर भी कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब FSSAI ने हाल के महीनों में 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। इनमें Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India, Abbott India, Red Bull India, Danone India, Mondelez India, Ferrero India समेत कई बड़े ब्रांड शामिल हैं।

ये नोटिस भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में जारी किए गए हैं।

Amazon, Flipkart और Domino’s भी कार्रवाई की जद में

FSSAI ने बताया कि Amazon और Flipkart को भी कुल 12 नोटिस जारी किए गए हैं। Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किया गया है।

इसके अलावा KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee समेत 30 से ज्यादा फूड सर्विस कंपनियों को भी नोटिस मिले हैं। नियामक ने Domino’s के पांच लाइसेंस भी सस्पेंड किए हैं। FSSAI का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद कई कंपनियों ने सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

₹5000 की सेविंग्स और पत्नी से लिया एक लाख रुपये उधार फिर खड़ी की ₹10800 करोड़ की कंपनी, Aavishkaar के फाउंडर विनीत राय की कहानी

Ranveer Singh: ‘करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं’, रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ से पहले के मुश्किल दौर को किया याद

Ranveer Singh: रणवीर सिंह अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद कर रहे हैं, जो ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता से पहले आया था। एक्टर ने बताया है कि जब उनकी कुछ फ़िल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं, तब उन्हें जो सपोर्ट मिला, उसी की वजह से इस बड़े एक्शन फ़्रैंचाइजी के लिए उन पर जताया गया भरोसा और भी अहम हो गया।

खबरों के मुताबिक, दो हिस्सों वाली ‘धुरंधर’ फ़िल्म सीरीज ने दुनिया भर में थिएटर्स में रिलीज के दौरान 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की है। इस सफर के बारे में बात करते हुए, रणवीर ने जियो टीम और अंबानी परिवार को इस प्रोजेक्ट को पूरे भरोसे के साथ सपोर्ट करने का श्रेय दिया, जबकि इसमें बड़े पैमाने पर काम और कई जोखिम शामिल थे।

‘धुरंधर’ से पहले के मुश्किल दौर को याद करते हुए रणवीर सिंह

रणवीर ने रिलायंस की डॉक्यूमेंट्री ‘परवाह है तो परिवार है’ में इस फिल्म के बारे में बात की और माना कि ‘धुरंधर’ को बनाना बिल्कुल भी आसान काम नहीं था। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर ने कहा, “‘धुरंधर’ को शुरू करना या उसे बनाना आसान नहीं था। इसमें कई चुनौतियां थीं।”एक्टर ने याद किया कि इस प्रोजेक्ट के लिए इसमें शामिल लोगों को मजबूत सपोर्ट की जरूरत थी, क्योंकि टीम कुछ बहुत ही बड़े और महत्वाकांक्षी स्तर पर करने की कोशिश कर रही थी।

उन्होंने कहा कि “डंके के चोट पर अपने विश्वास के साथ वापस आना कि अगर यह सफल हुआ तो हम नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे,”। हालांकि, रणवीर के लिए यह समर्थन एक और कारण से महत्वपूर्ण था। यह ऐसे समय में मिला जब उनकी अपनी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मुश्किल दौर से गुजर रही थी।

‘मेरी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं’

किसी फिल्म का नाम लिए बिना रणवीर ने स्वीकार किया कि धुरंधर से पहले उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए थे। मुझे यह कहना होगा कि मुझे उस समय भी पूरा प्यार, समर्थन और प्रोत्साहन मिला जब मेरी फिल्में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही थीं,”।

रणवीर ने आगे कहा कि एक अभिनेता के करियर में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और उन्होंने उन सभी के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस कठिन दौर में उनका साथ दिया। एक्टर ने कहा कि लेकिन इस तरह का समर्थन मिलना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

इस जुड़ाव को एक सौभाग्य बताते हुए रणवीर ने कहा, “इससे जुड़ना किसी आशीर्वाद, सम्मान और सौभाग्य से कम नहीं है।” यह बात तब सामने आई है जब ‘धुरंधर’ ने रणवीर के बॉक्स-ऑफिस करियर की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। खबरों के मुताबिक, दो फिल्मों वाली इस एक्शन फ़्रैंचाइज़ी ने कुल मिलाकर 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की है और यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी थिएटर हिट फ़िल्मों में से एक बन गई है।

‘प्रलय’ के साथ प्रोड्यूसर बने रणवीर सिंह

‘धुरंधर’ की सफलता के बाद रणवीर अब एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुके हैं। यह एक्टर अभी ‘प्रलय’ पर काम कर रहे हैं, जो जय मेहता के निर्देशन में बन रही एक सर्वाइवल ड्रामा फ़िल्म है। खबरों के अनुसार, फ़िल्म की कहानी भविष्य के मुंबई पर आधारित है, जहां एक जानलेवा महामारी के बाद ज़ॉम्बी का प्रकोप फैल जाता है। ‘प्रलय’ रणवीर के करियर का एक अहम पड़ाव भी है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के साथ वे प्रोडक्शन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। वह कल्याणी प्रियदर्शन के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे, जिन्हें 2025 में ‘लोकाह चैप्टर 1 चंद्र’ के बाद काफी पहचान मिली थी। ‘प्रलय’ के बारे में और जानकारी अभी सामने नहीं आई है क्योंकि इसकी शूटिंग चल रही है।

रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरे बच्चे के माता-पिता बनने वाले हैं

यह एक्टर अपनी पर्सनल लाइफ में भी एक नए दौर में कदम रख रहा है। रणवीर और दीपिका पादुकोण फिर से माता-पिता बनने की तैयारी कर रहे हैं। दीपिका ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए यह खबर शेयर की, जिसमें उनकी बेटी दुआ भी नज़र आई। इस कपल ने 2024 में दुआ का स्वागत किया था।

Elon Musk Starlink Update: क्या भारत के गांवों में पहुंचेगा एलन मस्क का सुपरफास्ट इंटरनेट? अरबपति कारोबारी ने नए लाइसेंस आवेदन के साथ किया बड़ा ऐलान

Elon Musk Starlink Update: स्पेस एक्सप्लोरेशन और सैटेलाइट कनेक्टिविटी क्षेत्र की ग्लोबल कंपनी स्पेसएक्स के संस्थापक अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। एलन मस्क ने कहा है कि स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा भारत के उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बूस्ट कर सकती है जहां इंटरनेट की पहुंच लिमिटेड है। मस्क यहां पर खासकर भारत के गांवों तक सुपरफास्ट इंटरनेट पहुंचाने की बात करते नजर आ रहे हैं।

मस्क का ये कमेंट ऐसे समय में आया है जब तमाम रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि स्टारलिंक ने भारत में सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सर्विस देने के लिए एक रीअप्लाई किया है।

एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा कि स्टारलिंक भारत में सबसे कम सेवा पाने वाले लोगों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की मदद करेगा। असल में मस्क एक्स हैंडल DogeDesigner की एक पोस्ट पर अपना रिएक्शन दे रहे थे। इस पोस्ट में भारत के दूरदराज के गांवों को जोड़ने के लिए स्टारलिंक की सर्विस की मदद लेने की वकालत की गई थी।

इस सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर भारत के टेलीकॉम और इंटरनेट कनेक्टिविटी के आंकड़ों का हवाला देते हुए ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच भारी अंतर को दिखाया गया है। पोस्ट के आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 तक भारत के 11256 गांवों में अब भी 4G नेटवर्क की कवरेज नहीं थी। इसी तरह मार्च 2026 तक भारत में कुल 1.093 अरब इंटरनेट सब्सक्रिप्शन थे लेकिन इनमें से सिर्फ 44.087 करोड़ सब्सक्रिप्शन ही ग्रामीण इलाकों के थे। ग्रामीण भारत में इंटरनेट सब्सक्रिप्शन डेंसिटी प्रति 100 लोगों पर सिर्फ 48.31 थी, जबकि शहरी भारत में यह आंकड़ा प्रति 100 लोगों पर 126.80 था।

नए सिरे से लाइसेंस के लिए आवेदन

मस्क का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब रिपोर्टों के अनुसार स्टारलिंक ने भारत में सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सेवाएं प्रदान करने के लिए एक नया आवेदन जमा किया है। इससे पहले कंपनी को इस मामले में झटका भी लग चुका है। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र ने इससे पहले स्टारलिंक के जेन 2 सैटेलाइट नेटवर्क के आवेदन को खारिज कर दिया था। रेग्युलेटरी अथॉरिटी ने पाया था कि इसके कुछ फीचर्स और जिन रेडियो फ्रीक्वेंसी का यह इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे भारत की जरूरतों के हिसाब से नहीं हैं। आपको बता दें कि स्टारलिंक के इस जेन 2 सिस्टम में डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी की क्षमता भी होती है।

भारत में मंजूरी की कोशिशें जारी

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा संचालित स्टारलिंक पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद सैटेलाइट्स के ग्रुप्स की मदद से इंटरनेट सर्विस देती है। कंपनी भारत में अपना कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए लंबे समय से जरूरी रेग्युलेटरी क्लियरेंस लेने के लिए कोशिश कर रही है।

मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट! आज यूपी समेत 20 से ज्यादा राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, इन इलाकों में बवंडर और बिजली गिरने का खतरा

PM-YASASVI Scholarship: पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्र कर सकते हैं आवेदन, जानें आवेदन का तरीका और लास्ट डेट

PM-YASASVI Scholarship: कक्षा 9 से 12 तक के बहुत छात्रों के लिए अपनी पढ़ाई पैसों की कमी के चलते जारी रखना मुश्किल होता है। इस वजह से असंख्य छात्र हर साल 10वीं या 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने से वंचित रह जाते हैं। पीएम यशस्वी छात्रवृत्ति ऐसे छात्रों को शिक्षा की उनकी मंजिल तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है। यह स्कॉलरशिप केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दी जाती है। यह छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC), और विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के योग्य छात्रों को आर्थिक मदद देती है। इस स्कीम का मकसद इन समुदायों के छात्रों को बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। पात्र छात्र 31 अगस्त 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कक्षा 9 से 12 के लिए स्कॉलरशिप सपोर्ट

पीएम यशस्वी स्कीम कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले योग्य छात्रों को सहयोग प्रदान करती है। इस स्कॉलरशिप का मकसद पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने और छात्रों को उनकी सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी पढ़ाई के दौरान मदद करना है। इस आर्थिक मदद का इस्तेमाल लागू गाइडलाइन के अनुसार, ट्यूशन फीस, हॉस्टल चार्ज और दूसरी पढ़ाई की जरूरतों सहित पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि इस स्कीम का मकसद पिछड़े बैकग्राउंड के मेधावी छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपने पढ़ाई के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ऑनलाइन योग्यता चेक करें छात्र

पीएम यशस्वी योजना के तहत चयन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इस प्रक्रियाका मकसद पारदर्शिता पक्का करना और योग्य छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने का बराबर मौका देना है। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में डिटेल्स शेयर कीं और छात्रों और अभिभावकों से गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ने को कहा। उन्हें और जानकारी पाने में मदद के लिए एक QR कोड भी दिया गया।

नोट करें आवेदन और वेरिफिकेशन की तारीख

इस स्कॉलरशिप के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर नए और नवीनीकरण (रिन्यूअल) दोनों श्रेणी के छात्र 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे। मंत्रालय स्तर पर अंतिम सत्यापन 30 नवंबर 2026 तक इस काम को पूरा किया जाएगा।

पीएम यशस्वी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • नेशनल स्कॉलरशिप की वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं।
  • New Registration पर क्लिक करें, दिशानिर्देश पढ़ें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद User ID और Password मिल जाएगा।
  • एनएसपी पोर्टल पर आईडी और पासवर्ड से Log-in करें।
  • स्कॉलरशिप चुनें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और सबमिट करें।
  • इसके बाद स्कूल के नोडल अधिकारी ऑनलाइन वेरिफिकेशन करेंगे।
  • बाद में राज्य सरकार भी इसकी ऑनलाइन पुष्टि कर देगी।

पीएम यशस्वी योजना के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • एजुकेशन सर्टिफिकेट
  • इनकम सर्टिफिकेट
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति/समुदाय प्रमाण पत्र
  • विकलांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • बैंक खाता विवरण

UP Board Exam 2027: नए पैटर्न का होगा यूपी बोर्ड 12वीं के छात्र का प्रश्न पत्र, 80 नंबर की लिखित परीक्षा में हर यूनिट से आएंगे सवाल