Tukaram Mundhe: ‘सिर्फ टी-शर्ट पहनना काफी नहीं’, प्रीति जिंटा की ‘टीम तुकाराम मुंढे’ वाली टी-शर्ट पर FDA चीफ ने किया रिएक्ट

Tukaram Mundhe: हाल ही में प्रीति जिंटा ने महाराष्ट्र के फूड-सेफ्टी अभियान की तारीफ करते हुए “टीम तुकाराम मुंढे” लिखी टी-शर्ट पहनी थी। अब FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने खुद प्रीति जिंटा के समर्थन पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि न तो उन्होंने प्रीति से बात की है और न ही वे उनसे मिले हैं, लेकिन वे आभारी हैं कि उन्होंने उनका जिक्र किया।

PTI से बात करते हुए अपने काम के लिए प्रीति जिंटा के समर्थन को स्वीकार करते हुए मुंढे ने कहा- “मैंने उनसे व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है और न ही हमारी फोन पर कोई बातचीत हुई है। लेकिन मैं आभारी हूं कि उन्होंने ‘टीम तुकाराम मुंढे’ का जिक्र किया।”उन्होंने आगे कहा- “मुझे लगता है कि समाज के हर स्तर और हर क्षेत्र में अच्छे इरादों वाले लोग मौजूद हैं। इन अच्छे कामों के लिए एक टीम बनाई जानी चाहिए। अच्छे विचारों, सोच और कार्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।”

हालांकि वे प्रीति के इस कदम की सराहना करते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा, “सिर्फ ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखी टी-शर्ट पहनना ही काफी नहीं है। केवल नाम दिखाने से काम नहीं चलेगा। असल काम करना होगा और सही सोच अपनानी होगी।”

‘टीम तुकाराम मुंढे’ टी-शर्ट

इस महीने की शुरुआत में प्रीति ने नीली जींस और सफेद स्पोर्ट्स शूज के साथ ‘टीम मुंढे’ टी-शर्ट पहनी थी। उन्होंने एक स्लीक घड़ी के साथ अपना लुक पूरा किया और अपने बाल खुले रखे थे। उनका मेकअप मिनिमल था। लेकिन सादगी भरी स्टाइलिंग के बावजूद उनकी टी-शर्ट पर लिखा संदेश सबसे अलग और आकर्षक था।

कौन हैं तुकाराम मुंडे?

तुकाराम मुंढे अभी महाराष्ट्र के फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे हैं। यह विभाग राज्य में खाने-पीने की चीजों, दवाओं और कॉस्मेटिक्स को रेगुलेट करने और यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि सभी संस्थान सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का पालन करें। हाल ही में रेस्तरां और खाने-पीने के अन्य व्यवसायों के निरीक्षण के बाद मुंढे मुंबई में फ़ूड-सेफ्टी से जुड़ी चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं।

अब मिलेगी शुद्ध पनीर! FSSAI की एनालॉग प्रोडक्ट को ‘पनीर’ नाम से बेचने पर रोक लगाने की तैयारी

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने पनीर को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत दूध से नहीं बने एनालॉग प्रोडक्ट को ‘पनीर’ नाम से बनाने और बेचने पर रोक लग सकती है। इसका मकसद है कि ग्राहक को प्रोडक्ट की असली सामग्री को लेकर भ्रम न हो।

क्या है एनालॉग पनीर?

डेयरी के मामले में एनालॉग ऐसे फूड प्रोडक्ट होते हैं, जो दूध या दूध से बने सामान जैसे दिखते हैं। उनका स्वाद या इस्तेमाल भी वैसा ही हो सकता है। लेकिन इनमें दूध काफी कम या बिल्कुल नहीं होता। इसकी जगह गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल होता है।

FSSAI ने क्या प्रस्ताव दिया?

FSSAI ने Food Safety and Standards (Prohibition and Restrictions on Sales) Amendment Regulations, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इससे 2011 के नियमों में बदलाव किया जाएगा।

ड्राफ्ट में Regulation 2.1.1 के तहत एक नया क्लॉज जोड़ने का प्रस्ताव है। इसमें दूध से नहीं बनी सामग्री वाले पनीर को शामिल किया गया है।

60 दिन में मांगे सुझाव

FSSAI ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। आधिकारिक राजपत्र में नोटिफिकेशन की कॉपी सार्वजनिक होने के 60 दिन बाद इस प्रस्ताव पर आगे विचार किया जाएगा।

कई राज्यों में पहले से कार्रवाई

FSSAI के मुताबिक, कई राज्यों ने पहले ही एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर रोक लगा रखी है। अब केंद्रीय स्तर पर भी इसके नाम और लेबलिंग को लेकर नियम सख्त करने का प्रस्ताव आया है।

ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी कार्रवाई

पिछले छह महीनों में FSSAI ने फूड बिजनेस ऑपरेटरों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। इसमें भ्रामक दावे, गलत लेबलिंग, हाइजीन से जुड़ी कमियां और दूसरे खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन शामिल है।

बुधवार को FSSAI ने Amazon, Swiggy Instamart, BigBasket, Flipkart India और Zepto के खिलाफ भी पेनल कार्रवाई शुरू की। इन पर भ्रामक दावों और प्रतिबंधित प्रोडक्ट की बिक्री समेत नियमों के पालन में कमी के मामले सामने आए हैं। एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों और अल्कोहलिक बेवरेज कंपनियों पर भी कार्रवाई की गई है।

दिल्ली में 4,100 किलो मिलावटी सामान जब्त

त्योहारों से पहले दिल्ली सरकार के फूड सेफ्टी विभाग ने एक महीने तक अभियान चलाया। इस दौरान 4,100 किलो से ज्यादा मिलावटी खोया, छेना और एनालॉग पनीर जब्त कर नष्ट किया गया।

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मोरी गेट खोया मंडी से 30 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 22 इंसानों के खाने के लिए असुरक्षित पाए गए। इसके अलावा खोया और छेना के 19 सैंपल में से 12 घटिया गुणवत्ता वाले मिले। ये दोनों चीजें मिठाई बनाने में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती हैं।

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‘क्या आपको लगता है आप भगवान हैं?’ MCA परिसर में 5 रेस्टोरेंट पर कार्रवाई को लेकर बॉम्बे HC ने FDA को लगाई फटकार

Bombay High Court: बॉम्बे हाई कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को जमकर फटकार लगाई और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के BKC परिसर में मौजूद पांच आउटलेट्स के फूड लाइसेंस सस्पेंड करने के उसके आदेशों को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि FDA ने इस मामले में बहुत जल्दबाजी में कार्रवाई की और व्यावहारिक तरीके से फैसला नहीं लिया।

इस दौरान हाई कोर्ट ने FDA के अधिकारियों के खिलाफ ‘अदालत की अवमानना’ की कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यह कार्रवाई तब की गई जब एक नए निरीक्षण में पाया गया कि पांचों रेस्टोरेंट फूड सेफ्टी नियमों का 88% पालन कर रहे थे, फिर भी विभाग ने उनके फूड लाइसेंस का सस्पेंशन हटाने से इनकार कर दिया था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने फूड लाइसेंस पर लगी रोक हटा दी, जिससे इन रेस्टोरेंट को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई, जबकि FDA अलग से किसी तीसरे पक्ष द्वारा उनके संचालन से जुड़े मुद्दों की जांच कर रहा है।

पीठ ने कहा कि मामले पर पुनर्विचार करने के अदालत के पिछले निर्देश के बावजूद FDA ने “व्यावहारिक दृष्टिकोण के बजाय किताबी दृष्टिकोण” अपनाया।

‘बहुत जल्दबाजी में की गई कार्रवाई’

बता दें कि MCA ने FDA के उस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसमें साफ-सफाई के नियमों के उल्लंघन और थर्ड-पार्टी ऑपरेशन से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप में पांच रेस्टोरेंट का कामकाज रोक दिया गया था। वहीं, दोबारा जांच के बावजूद, FDA ने सस्पेंशन जारी रखा। उनका तर्क था कि रेस्टोरेंट M/s शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर चला रहा था, जबकि लाइसेंस MCA के नाम पर थे।

हालांकि, कोर्ट ने कहा कि उसने FDA अधिकारियों से साफ तौर पर व्यावहारिक नजरिया अपनाने को कहा था। कोर्ट ने कहा, “साफ तौर पर कहने के बावजूद, FDA ने हमारे आदेश को नहीं माना और व्यावहारिक नजरिए के बजाय लकीर का फकीर बनने वाला नजरिया अपनाया। हम हर समय विभाग और अधिकारियों को डांट-फटकार कर थक चुके हैं। अब सख्त आदेश देने का समय आ गया है। हम संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना ​​की कार्रवाई करेंगे। वे हमें समझा लें या जेल जाएं।”

बेंच ने यह भी सवाल किया कि FDA ने कानूनी स्थिति का पूरी तरह से विश्लेषण किए बिना “बेवजह जल्दबाजी” में कदम क्यों उठाया। बेंच ने पूछा, “हम कितनी बार समझाने और संतुलन बनाने की कोशिश करें ताकि विभाग का मनोबल न गिरे? हम क्यों कहते हैं कि मच्छर को मारने के लिए तलवार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए? क्या आपको लगता है कि आप कोई भगवान हैं और कुछ भी कर सकते हैं?”

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की कार्रवाई जारी है। पिछले कुछ हफ्तों में कई खाद्य कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। अधिकारी खाद्य पदार्थों में मिलावट, एक्सपायर्ड सामान की बिक्री और नियमों से जुड़ी दूसरी गड़बड़ियों को लेकर लगातार जांच कर रहे हैं।

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FSSAI का बड़ा एक्शन: दिल्ली की कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड, दमन की कंपनी के सभी घी की बिक्री पर रोक

खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने गंभीर खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के चलते Marche Retail Pvt Ltd का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। वहीं दमन की SDP Industries Pvt Ltd को अपने सभी तरह के घी की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश दिया है।

FSSAI ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

30 दिन के लिए लाइसेंस सस्पेंड

नई दिल्ली की Marche Retail Pvt Ltd के परिसर में निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां मिलीं। जांच में डिजाइन, ऑपरेशनल कंट्रोल, साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, फूड हैंडलर ट्रेनिंग और जरूरी रिकॉर्ड रखने में खामियां पाई गईं।

इसके बाद FSSAI ने कंपनी का लाइसेंस 30 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। कंपनी को इस दौरान सभी खाद्य कारोबार रोकने और कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है।

SDP Industries के सभी घी पर रोक

दमन की SDP Industries Pvt Ltd के खिलाफ FSSAI ने घी में मिलावट की आशंका के चलते प्रतिबंध आदेश जारी किया है।

जांच में कंपनी के Shraddha, Shree Saras और Gokul ब्रांड के कई घी उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। लैब जांच में घी के नमूनों में A-sitosterol मिला, जो घी में नहीं होना चाहिए। साथ ही फैटी एसिड की संरचना भी तय मानकों से अलग पाई गई।

FSSAI के मुताबिक इससे वनस्पति या दूसरे बाहरी फैट की मिलावट का संकेत मिला। कंपनी को अपने अधिकृत परिसर से बने, स्टोर किए गए या बेचे जाने वाले सभी घी की बिक्री तुरंत रोकने का आदेश दिया गया है।

हाल में कई बड़ी कंपनियों पर भी कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब FSSAI ने हाल के महीनों में 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। इनमें Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India, Abbott India, Red Bull India, Danone India, Mondelez India, Ferrero India समेत कई बड़े ब्रांड शामिल हैं।

ये नोटिस भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में जारी किए गए हैं।

Amazon, Flipkart और Domino’s भी कार्रवाई की जद में

FSSAI ने बताया कि Amazon और Flipkart को भी कुल 12 नोटिस जारी किए गए हैं। Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किया गया है।

इसके अलावा KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee समेत 30 से ज्यादा फूड सर्विस कंपनियों को भी नोटिस मिले हैं। नियामक ने Domino’s के पांच लाइसेंस भी सस्पेंड किए हैं। FSSAI का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद कई कंपनियों ने सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

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