Urban Company Share Price: केंट RO हटाएगी Native वॉटर प्योरिफायर की बुराई वाले विज्ञापन, शेयर 7% तक उछला

होम सर्विसेज देने वाली अर्बन कंपनी के शेयरों में 24 अगस्त को अच्छी तेजी है। BSE पर शेयर की कीमत शुरुआती कारोबार में पिछले बंद भाव से 6.8 प्रतिशत तक उछलकर 169.45 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 25900 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इस उछाल की अहम वजह है- कंपनी और केंट RO सिस्टम के बीच हुए विवाद का नतीजा और UBS की ओर से ‘बाय’ रेटिंग के साथ शुरू किया गया कवरेज। दरअसल अर्बन कंपनी ने केंट RO सिस्टम के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और अपमानजनक प्रचार का केस दायर किया था।

कंपनी का आरोप था कि Kent RO के विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट में उसके ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर्स के बारे में गलत और गुमराह करने वाले दावे किए गए। मुकदमेबाजी के बाद केंट ने कहा है कि वह ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर के बारे में अपमानजनक विज्ञापन हटा लेगी।

Urban Company ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने 11 अगस्त को यह केस दायर किया था। आरोप लगाया कि Kent RO का विज्ञापन कैंपेन उसके ‘Native’ M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्योरिफायर की दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल की सर्विस लाइफ वाली खूबियों को निशाना बना रहा है। Kent RO के विज्ञापनों में इन खूबियों को “मार्केटिंग का हथकंडा” बताया गया और दावा किया गया कि ग्राहकों के लिए ‘Native’ वॉटर प्योरिफायर का इस्तेमाल असुरक्षित और जोखिम भरा है।

12 अगस्त को हुई हाई कोर्ट में सुनवाई

इस मामले की सुनवाई 12 अगस्त को हाई कोर्ट में हुई। Kent RO से कहा गया कि वह 15 दिनों के अंदर विवादास्पद विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट हटा ले। इसके बाद Kent RO ने कहा कि वह केस से जुड़े विज्ञापनों को हटा लेगी और ऐसे ही या मिलते-जुलते दावे करने वाले दूसरे विज्ञापन या प्रमोशनल कंटेंट नहीं चलाएगी।

अर्बन कंपनी भारत, UAE, सिंगापुर और सऊदी अरब में एक मल्टी कैटेगरी होम सर्विस प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। इसके प्लेटफॉर्म पर क्लीनिंग, प्लंबिंग, इलेक्ट्रिक वर्क, अप्लायंसेज रिपेयर, ब्यूटी ट्रीटमेंट और मसाज थेरेपी जैसी सर्विसेज मिलती हैं। इसका InstaHelp वर्टिकल बुकिंग के 10-15 मिनट के अंदर सफाई, बर्तन धोने, कपड़े धोने और खाना बनाने के लिए लोग मुहैया कराने जैसी सर्विसेज देता है।

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UBS ने Urban Company पर दी ‘बाय’ रेटिंग

अर्बन कंपनी 17 सितंबर 2025 को ​लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,900.24 करोड़ रुपये का था। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 19.02 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ब्रोकरेज फर्म UBS ने इस शेयर पर कवरेज शुरू किया है और इसे “बाय” रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस 180 रुपये प्रति शेयर रखा है। मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक की रेटिंग को “अंडरवेट” से डबल अपग्रेड कर सीधा “ओवरवेट” कर दिया है। टारगेट प्राइस 128 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी को कंसोलिडेटेड बेसिस पर 92.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 6.94 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। जून 2026 तिमाही में ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.85 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 528.34 करोड़ रुपये रहा।

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Urban Company का Kent RO पर मानहानि केस, हाई कोर्ट में विज्ञापन हटाने पर बनी बात

Urban Company ने Kent RO Systems के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि और ब्रांड को बदनाम करने का मुकदमा दायर किया है। कंपनी का आरोप है कि Kent RO ने अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया पोस्ट में उसके Native वॉटर प्यूरीफायर को लेकर गलत और भ्रामक दावे किए।

कंपनी ने रविवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि यह मुकदमा 11 अगस्त 2026 को दायर किया गया था।

किस बात पर हुआ विवाद?

Urban Company का कहना है कि Kent RO की विज्ञापन मुहिम में उसके Native M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro वॉटर प्यूरीफायर के दो साल की फिल्टर लाइफ और दो साल तक सर्विसिंग की जरूरत नहीं वाले फीचर को निशाना बनाया गया।

कंपनी के मुताबिक Kent RO ने इन दावों को ‘मार्केटिंग गिमिक’ बताया और कहा कि Native वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ और ‘जोखिम भरा’ है।

Kent RO ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई 12 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान Kent RO ने अदालत से कहा कि वह विवादित विज्ञापन हटा देगा। साथ ही भविष्य में ऐसे विज्ञापन या प्रचार सामग्री भी नहीं चलाएगा, जिसमें दो साल की फिल्टर लाइफ या दो साल तक बिना सर्विसिंग वाले फीचर को लेकर Urban Company के खिलाफ इसी तरह के दावे किए जाएं।

Urban Company के मुताबिक अदालत ने Kent RO को 12 अगस्त से 15 दिनों के भीतर विवादित विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का निर्देश दिया। अदालत का आदेश 12 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि इसे 22 अगस्त को हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

दोनों कंपनियों के बीच और भी कानूनी मामले

Urban Company ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच अन्य कानूनी मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं। इनमें Kent RO की ओर से दायर पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा, उस पेटेंट को चुनौती देने वाला Urban Company का जवाबी दावा और Kent RO के खिलाफ दायर टॉर्टियस इंटरफेरेंस का मामला शामिल है।

शेयरों में कैसी रही चाल?

Urban Company का शेयर शुक्रवार को 8.19% चढ़कर ₹157.41 पर बंद हुआ था। इस साल अब तक शेयर करीब 20% चढ़ चुका है। वहीं पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 6% की गिरावट रही है।

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