भारतीय रेलवे का सबसे लग्जरी कोच देखकर फ्लाइट भूल जाओगे! चलता-फिरता 5 स्टार होटल है

आप रातभर ट्रेन में सफर करते हैं और चाहते हैं कि जर्नी आरामदायक होने के साथ लग्जरी भी लगे, तो मुंबई-बेंगलुरु (Mumbai-Bengaluru) वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper train) आपके लिए खास हो सकती है। इसका फर्स्ट AC कोच मॉडर्न डिजाइन, प्राइवेसी और प्रीमियम सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है, जिसकी पहली झलक ने ही ट्रैवलर का ध्यान खींच लिया है:

First AC Cabin (फर्स्ट एसी केबिन)

This may contain: there is a small room with bunk beds and green carpeted flooring on the train

इस ट्रेन का फर्स्ट AC कोच सबसे बड़ा हाईलाइट माना जा रहा है। इसमें प्राइवेट केबिन (private cabin) दिए गए हैं, जिनमें स्लाइडिंग दरवाजे लगाए गए हैं। इससे पैसेंजर को पहले के मुकाबले ज्यादा प्राइवेसी और आराम मिल सकता है। केबिन का डिजाइन ऐसा रखा गया है कि सफर होटल (hotel-like travel) जैसा महसूस हो।

Premium Interior (प्रीमियम इंटीरियर)

Vande Bharat Sleeper: Luxurious Interiors Unveiled in India| sleeper vande bharat features| Vande Bharat trains

कोच के अंदर का इंटीरियर मॉडर्न और अट्रैक्टिव बनाया गया है। लकड़ी जैसी फिनिश, सॉफ्ट LED लाइटिंग और खूबसूरत कलर थीम इसे स्टैंडर्ड ट्रेन कोच से अलग बनाती है। पूरा माहौल शांत और आरामदायक रखने की कोशिश की गई है।

Comfortable Journey (आरामदायक सफर)

ट्रेन में आरामदायक बर्थ, मजबूत सीढ़ियां (sturdy ladder) और हर सीट के पास चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं दी गई हैं। लंबी दूरी (long-distance travel) की पैसेंजर को ध्यान में रखते हुए कोच को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पैसेंजर आसानी से आराम कर सकें।

Smart Facilities (मॉडर्न सुविधाएं)

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इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम, मॉडर्न बायो-वैक्यूम टॉयलेट, बेहतर LED लाइटिंग, CCTV सुरक्षा और अन्य कई स्मार्ट सुविधाएं (smart feature) दी गई हैं। इनका उद्देश्य सफर (journey) को पहले से ज्यादा सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

Better Overnight Travel (बेहतर ओवरनाइट यात्रा)

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मुंबई (Mumbai) और बेंगलुरु (Bengaluru) के बीच रोज बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। यह ट्रेन खासतौर पर रातभर की जर्नी को ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए तैयार की गई है, ताकि पैसेंजर सुबह अपनी मंजिल पर फ्रेश होकर पहुंच सकें।

 

Ticket Booking (टिकट बुकिंग)

Concept train - Vande Bharat (sleeper version) Coming soon ...

फिलहाल मुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की कमर्शियल सेवा शुरू नहीं हुई है और टिकट बुकिंग भी अभी शुरू नहीं हुई है। सोशल मीडिया के वीडियो ने इसकी शानदार झलक दिखाकर पैसेंजर की उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है।

वंदे भारत में सिर्फ रफ्तार नहीं, स्वाद का भी सफर! जानें ऑनबोर्ड फूड मेन्यू ट्रिप का मजा होगा दोगुना

वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ अपनी स्पीड और आरामदायक सफर के लिए ही नहीं, बल्कि ऑनबोर्ड सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है। लॉन्ग जर्नी के दौरान पैसेंजर को खाने-पीने की फैसिलिटी देने के लिए ट्रेन में नाश्ते से लेकर लंच, स्नैक्स और डेजर्ट तक कई तरह के ऑप्शन अवेलेबल कराए जाते हैं। आइए जानते हैं वंदे भारत में सफर के दौरान मिलने वाले फूड मेन्यू की खास बातें:

सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से

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जर्नी की शुरुआत पैसेंजर को चाय या कॉफी जैसे गर्म पेय के साथ कराई जाती है। इसके साथ बिस्किट भी परोसे जाते हैं। खाने को आसान बनाने के लिए सर्विस किट भी दी जाती है, जिसमें चम्मच, टिश्यू पेपर और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें शामिल होती हैं।

 

 

 

ब्रेकफास्ट में मिलते हैं कई ऑप्शन

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सुबह के नाश्ते में रूट के अनुसार अलग-अलग व्यंजन शामिल हो सकते हैं। इसमें इडली, मेदू वड़ा, उपमा, पोंगल, स्टफ्ड ब्रेड, सांभर और चटनी जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं। इसके साथ फल, एगलेस केक और हॉट ड्रिंग भी दिए जा सकते हैं, जिससे नाश्ता पूरा और स्वादिष्ट बनता है।

 

 

 

लंच में इंडियन फ्लेवर का कॉम्बिनेशन

From Rasgulla To Joha Rice: Inside Vande Bharat SleeperTrain's Food Menu

दोपहर के खाने में पैसेंजर को चावल, रोटी, दाल, सब्जी, दही, अचार और डेजर्ट जैसे ऑप्शन मिलते हैं। कुछ रूट पर रीजनल फ्लेवर को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में बदलाव किया जाता है। पैसेंजर की पसंद के अनुसार शाकाहारी और मांसाहारी ऑप्शन भी अवेलेबल हो सकते हैं।

 

 

 

शाम के स्नैक्स और हाइजीनिक सर्विस

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शाम के समय स्नैक बॉक्स में नमकीन, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, फ्रूट जूस और गर्म पेय जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं। सभी भोजन को साफ-सुथरी सीलबंद पैकिंग में परोसा जाता है, जिसमें कटलरी, टिश्यू, नमक, काली मिर्च और सैनिटाइजर जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

 

नोट: वंदे भारत का फूड मेन्यू ट्रेन के रूट, ट्रैवल क्लास और कैटरिंग सर्विस के अनुसार बदल सकता है।

Bullet Train: जेवर से लखनऊ सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट में! बुलेट ट्रेन के इस प्लान से यूपी से दिल्ली का डिस्टेंस गजब रफ्तार में होगा तय

Bullet Train: उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के बीच का सफर आने वाले समय में गजब की रफ्तार से तय होने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जेवर में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बेहद अहम और बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में यात्रा का समय बेहद कम हो जाएगा।

केवल 1 घंटे 40 मिनट में जेवर से लखनऊ का सफर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया कि इस प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से लखनऊ का सफर महज 2 घंटे 10 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसी तरह जेवर से लखनऊ का सफर पैसेंजर्स सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट में तय कर सकेंगे। परियोजना की रफ्तार और महत्व पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जैसे गंगा बहती है, ठीक उसी तरह बुलेट ट्रेन भी दौड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी की पूरी तस्वीर बदल देगा और राज्य के औद्योगिक व आर्थिक विकास को एक बहुत बड़ा बूस्ट देगा।

जेवर बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली और सेमीकंडक्टर हब

आपको बता दें कि जेवर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी, जेवर में 6750 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाले दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स का संयुक्त रूप से शिलान्यास किया। इन प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र में करीब 3000 नौकरियां पैदा होंगी।

इन दो बड़ी परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

ASCENT-K Circuit (3250 करोड़ रुपये का निवेश): यह दक्षिण कोरिया की केसीसी (KCC) के साथ एक जॉइंट वेंचर है। यहां आधुनिक हाई-डेंसिटी और मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स का निर्माण किया जाएगा। Amber Enterprises (3500 करोड़ रुपये की फैसिलिटी): इस प्लांट में HVAC कंपोनेंट्स और पीसीबी असेंबली का निर्माण किया जाएगा।

पीसीबी आयात पर घटेगी निर्भरता, मजबूत होगा रुपया

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने भारत की बढ़ती घरेलू विनिर्माण क्षमताओं की तारीफ करते हुए कहा कि देश अब इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की केवल असेम्बलिंग करने से आगे बढ़कर उनके कोर कंपोनेंट्स बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत हर साल लगभग 40000 करोड़ रुपये के पीसीबी का आयात करता रहा है। अब घरेलू उत्पादन से इस आयात पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी। यहां बनाए जाने वाले एडवांस्ड मल्टी-लेयर पीसीबी (कुछ 20 से 22 लेयर वाले) आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। जिसे हम कभी आयात करते थे, अब उसे दुनिया के लिए मेक इन इंडिया करेंगे।

जेवर में बनने वाला हर एक पीसीबी विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के भुगतान संतुलन में सुधार लाएगा। हजारों करोड़ रुपये के इस निवेश के चलते जेवर क्षेत्र उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरने के लिए तैयार है। अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनके विजन के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने का सपना उत्तर प्रदेश में साकार हो रहा है।