वंदे भारत में सिर्फ रफ्तार नहीं, स्वाद का भी सफर! जानें ऑनबोर्ड फूड मेन्यू ट्रिप का मजा होगा दोगुना

वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ अपनी स्पीड और आरामदायक सफर के लिए ही नहीं, बल्कि ऑनबोर्ड सुविधाओं के लिए भी जानी जाती है। लॉन्ग जर्नी के दौरान पैसेंजर को खाने-पीने की फैसिलिटी देने के लिए ट्रेन में नाश्ते से लेकर लंच, स्नैक्स और डेजर्ट तक कई तरह के ऑप्शन अवेलेबल कराए जाते हैं। आइए जानते हैं वंदे भारत में सफर के दौरान मिलने वाले फूड मेन्यू की खास बातें:

सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से

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जर्नी की शुरुआत पैसेंजर को चाय या कॉफी जैसे गर्म पेय के साथ कराई जाती है। इसके साथ बिस्किट भी परोसे जाते हैं। खाने को आसान बनाने के लिए सर्विस किट भी दी जाती है, जिसमें चम्मच, टिश्यू पेपर और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें शामिल होती हैं।

 

 

 

ब्रेकफास्ट में मिलते हैं कई ऑप्शन

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सुबह के नाश्ते में रूट के अनुसार अलग-अलग व्यंजन शामिल हो सकते हैं। इसमें इडली, मेदू वड़ा, उपमा, पोंगल, स्टफ्ड ब्रेड, सांभर और चटनी जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं। इसके साथ फल, एगलेस केक और हॉट ड्रिंग भी दिए जा सकते हैं, जिससे नाश्ता पूरा और स्वादिष्ट बनता है।

 

 

 

लंच में इंडियन फ्लेवर का कॉम्बिनेशन

From Rasgulla To Joha Rice: Inside Vande Bharat SleeperTrain's Food Menu

दोपहर के खाने में पैसेंजर को चावल, रोटी, दाल, सब्जी, दही, अचार और डेजर्ट जैसे ऑप्शन मिलते हैं। कुछ रूट पर रीजनल फ्लेवर को ध्यान में रखते हुए मेन्यू में बदलाव किया जाता है। पैसेंजर की पसंद के अनुसार शाकाहारी और मांसाहारी ऑप्शन भी अवेलेबल हो सकते हैं।

 

 

 

शाम के स्नैक्स और हाइजीनिक सर्विस

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शाम के समय स्नैक बॉक्स में नमकीन, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, फ्रूट जूस और गर्म पेय जैसे ऑप्शन मिल सकते हैं। सभी भोजन को साफ-सुथरी सीलबंद पैकिंग में परोसा जाता है, जिसमें कटलरी, टिश्यू, नमक, काली मिर्च और सैनिटाइजर जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं।

 

नोट: वंदे भारत का फूड मेन्यू ट्रेन के रूट, ट्रैवल क्लास और कैटरिंग सर्विस के अनुसार बदल सकता है।

शाही सफर करें सिर्फ ₹1 लाख में, जानिए रेलवे के VIP सलून कोच की बुकिंग का पूरा प्रोसेस

रेलवे के सलून कोच का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों में इसे लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। इस वीडियो ने कई पैसेंजर के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर सलून कोच क्या होता है और क्या आम लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। दरअसल, रेलवे का यह खास कोच लग्जरी सुविधाओं के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं सलून कोच की बुकिंग, खर्च और इसमें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में:

क्या होता है रेलवे का सलून कोच

Golden chariot luxury train to operate two itineraries this month, ETTravelWorld

रेलवे सलून कोच एक खास और लग्जरी कोच होता है, जिसमें पैसेंजर को आरामदायक सफर के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। इसमें दो बेडरूम, एक हॉल, किचन और बाथरूम जैसी सुविधाएं होती हैं। शुरुआत में इन कोचों का इस्तेमाल ब्रिटिश काल से ही सीनियर रेलवे ऑफिसर की ट्रैवल के लिए किया जाता था। रेलवे अधिकारी दूर-दराज के इलाकों में इंस्पेक्शन, इंवेस्टिगेशन या इमरजेंसी में इन सलून कोचों का यूज करते हैं। देशभर के अलग-अलग रेलवे जोन में कुल 336 सलून कोच हैं, जिनमें से कई एयर कंडीशन्ड भी हैं।

राष्ट्रपति से भी जुड़ी है सलून कोच की हिस्ट्री

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रेलवे सलून कोच का इस्तेमाल देश के बड़े नेताओं और राष्ट्रपतियों की ट्रैवल के लिए भी किया गया है। साल 1956 से राष्ट्रपति के लिए सलून कोच की सुविधा शुरू हुई थी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस. राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन और अन्य राष्ट्रपतियों ने इससे ट्रैवल की थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में इस कोच से आखिरी जर्नी की थी। बाद में पुराने होने के कारण इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, लेकिन 2018 में इसे फिर से शुरू किया गया और आम पैसेंजर के लिए भी बुकिंग की फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई।

आम पैसेंजर ऐसे करें सलून कोच की बुकिंग

Golden Chariot History, Introduction of Golden Chariot

अब आम पैसेंजर भी रेलवे के सलून कोच में सफर कर सकते हैं। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट के जरिए बुकिंग करनी होती है। यात्री को IRCTC FTR (Full Tariff Rate) पोर्टल पर जाकर ट्रेन और रूट की जानकारी देनी होती है। अगर चुने गए रूट पर सलून कोच अवेलेबल है, तो इसे बुक किया जा सकता है। इस कोच में लगभग 8 लोग आराम से ट्रैवल कर सकते हैं और सफर के दौरान एक अटेंडेंट भी साथ रहता है।

सलून कोच बुक करने का खर्च

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सलून कोच की बुकिंग के लिए पैसेंजर को एक तय राशि जमा करनी होती है। इसके अलावा ज्यादा दिनों के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। अगर पैसेंजर को खाना बनाने के लिए कुक की जरूरत हो तो इसकी फैसिलिटी भी दी जा सकती है। आमतौर पर रूट और ट्रैवल टाइम के हिसाब से इसका खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकता है। बुकिंग के लिए पहले से प्लानिंग बनाना जरूरी होता है, क्योंकि इसे लगभग 6 महीने पहले तक बुक किया जा सकता है।

सलून कोच बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Railways' make in India: A look at 24 coach train features - BusinessToday

सलून कोच की सुविधा लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। यह फैसिलिटी कम से कम 500 किलोमीटर की जर्नी के लिए अवेलेबल होती है। बुकिंग के समय सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है और रूट पर कोच की अवेलेबिलिटी भी जरूरी है। यह सामान्य ट्रेन टिकट की तरह नहीं होता, बल्कि एक प्रीमियम और प्राइवेट ट्रैवल एक्सपीरियंस देता है, जिसमें पैसेंजर को ट्रेन के अंदर घर जैसी फैसिलिटी मिलती हैं।