दिल्ली जाने का नया ट्रेंड, लग्जरी बस से रोड ट्रिप पर कम खर्च में पाएं फाइव-स्टार जैसा सफर

बारिश का मौसम रोड ट्रिप का मजा कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में अब कई ट्रैवलर फ्लाइट की बजाय लग्जरी बसों को चुन रहे हैं। आरामदायक सीटें, मॉडर्न सुविधाएं और रास्तेभर दिखने वाले खूबसूरत नज़ारे इस सफर को सिर्फ जर्नी नहीं, बल्कि यादगार एक्सपीरियंस बना देते हैं:

 

सफर की शुरुआत बिना भागदौड़ के

Story pin image

फ्लाइट पकड़ने के लिए घंटों पहले एयरपोर्ट पहुंचने और लंबी सुरक्षा जांच से गुजरने की जरूरत होती है। वहीं लग्ज़री बस में तय समय पर पहुंचकर आसानी से अपनी सीट पर बैठ सकते हैं। इससे जर्नी की शुरुआत ही स्ट्रेस फ्री हो जाती है।

 

 

 

आरामदायक सुविधाएं बनाती हैं लंबा सफर आसान

This may contain: the inside of a train car that is decorated in gold and white with trees on it

आज की प्रीमियम बसों में रिक्लाइनर या स्लीपर सीट, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, एसी, पढ़ने की लाइट और साफ-सुथरा इंटीरियर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे रातभर का सफर भी काफी आरामदायक महसूस होता है।

 

 

 

रास्ते के खूबसूरत नज़ारों का मिलता है आनंद

This may contain: the interior of a bus with red leather seats and windows on both sides is shown

मानसून (monsoon) के दौरान हरे-भरे पहाड़, झरने, जंगल और बादलों से ढकी रोड जर्नी को खास बना देती हैं। बस की खिड़की से इन प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लिया जा सकता है, जो फ्लाइट में पॉसिबल नहीं होता।

 

 

 

जेब पर भी पड़ता है कम असर

This may contain: the inside of a bus with many seats and televisions on each side of it

कई बार अचानक बढ़े हुए फ्लाइट किराए की तुलना में लग्ज़री बसें काफी किफायती ऑप्शन साबित होती हैं। खासकर वीकेंड (weekend) या मानसून ट्रिप के दौरान यह बजट में कम्फर्टेबल ट्रैवल का अच्छा ऑप्शन बन जाती हैं।

 

 

टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक सीधी पहुंच

Story pin image

दिल्ली से मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, धर्मशाला, कसौली और आगरा जैसे कई पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए लग्ज़री बस सेवाएं आसानी से अवेलेबल हैं। इससे बार-बार वाहन बदलने की परेशानी भी कम हो जाती है और सफर ज्यादा सुविधाजनक बनता है।

भारत के इन 3 शहरों ने मारी बाजी, 2026 की वर्ल्ड बेस्ट सिटीज लिस्ट में छाया इनका जलवा!

भारत के तीन खूबसूरत शहरों ने दुनिया के सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन में अपनी जगह बनाई है। ‘ट्रैवल + लेज़र’ के ‘वर्ल्ड्स बेस्ट अवार्ड्स 2026’ में उदयपुर, जयपुर और मुंबई को दुनिया के टॉप 25 शहरों में शामिल किया गया है। यह रैंकिंग दुनियाभर के 6.61 लाख से ज्यादा रीडर्स के वोट और उनके ट्रेवल एक्सपीरियंस के बेस पर तैयार की गई है, आइए जानते हैं आखिर ये तीनों भारतीय शहर दुनिया के बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन की लिस्ट में क्यों शामिल हुए और यहां घूमने की क्या खास वजह है:

दुनिया की टॉप 25 लिस्ट में तीन भारतीय शहर

Must Visit Countries In Southern Europe With A Schengen Visa

‘ट्रैवल + लेजर’ के ‘वर्ल्ड्स बेस्ट अवार्ड्स 2026’ में भारत के उदयपुर, जयपुर और मुंबई ने दुनिया के टॉप 25 शहरों में जगह बनाई। यह लिस्ट लाख से भी ज्यादा लोगों के ग्लोबल रीडर सर्वे के बेस पर तैयार की गई है, जिसमें शहरों को उनके टूरिस्ट एक्सपीरियंस, संस्कृति और मेहमाननवाजी के लिए आंका गया।

उदयपुर बना सबसे ऊंची रैंक वाला भारतीय शहर

शीश महल के बारे में जानकारी – Swan Tours – Blogs

उदयपुर दुनिया में 12वें और एशिया में 8वें स्थान पर रहा। इसे ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है। यहां की पिछोला झील, सिटी पैलेस, फतेह सागर झील, हेरिटेज होटल और राजस्थानी संस्कृति पर्यटकों को बेहद पसंद आती है।

अगर आप शाही माहौल, शांत झीलों में बोट राइड और खूबसूरत सूर्यास्त का आनंद लेना चाहते हैं, तो उदयपुर जरूर जाएं। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च है।

जयपुर ने भी बनाई खास पहचान

जयपुर में आपका स्वागत है: भारत का गुलाबी शहर » अगोडा: कम खर्च में दुनिया देखें

जयपुर ने दुनिया में 16वीं और एशिया में 10वीं रैंक हासिल की। ‘पिंक सिटी’ अपने ऐतिहासिक किलों, हवेलियों, महलों और रंग-बिरंगे बाजारों के लिए मशहूर है।

यहां आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस और लोकल मार्केट घूमने लायक हैं। हिस्ट्री, आर्किटेक्टर, शॉपिंग और राजस्थानी खाने का मजा लेना चाहते हैं, तो जयपुर एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है।

मुंबई की संस्कृति और लाइफस्टाइल को मिली पहचान

मुंबई महाराष्ट्र के गेटवे ऑफ इंडिया का इतिहास तथा महत्वपूर्ण जानकारी | SamanyaGyan

मुंबई दुनिया में 21वें और एशिया में 12वें स्थान पर रही। यह शहर मॉडर्न लाइफस्टाइल और ट्रेडिशन का शानदार ब्लेंड है। यहां गेटवे ऑफ इंडिया, मरीन ड्राइव, जुहू चौपाटी, बॉलीवुड, स्ट्रीट फूड और नाइटलाइफ टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं।

अगर आप समुद्र किनारे घूमना, अलग-अलग तरह का खाना चखना और शहर की तेज रफ्तार जिंदगी का एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं, तो मुंबई जरूर जाएं। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी है।

दुनिया के टॉप 5 शहर कौन-से हैं?

Kyoto japan 1080P, 2K, 4K, 5K HD wallpapers free download | WallpaperFlare

इस साल की ग्लोबल रैंकिंग में सैन मिगुएल डी एलेंडे (मेक्सिको) पहले स्थान पर रहा। इसके बाद क्योटो (जापान), चियांग माई (थाईलैंड), होई आन (वियतनाम) और ओआक्साका (मेक्सिको) ने टॉप 5 में जगह बनाई।

भारत के तीन शहरों का इस लिस्ट में शामिल होना देश के टूरिस्म के लिए बड़ा अचीवमेंट माना जा रहा है।

शाही सफर करें सिर्फ ₹1 लाख में, जानिए रेलवे के VIP सलून कोच की बुकिंग का पूरा प्रोसेस

रेलवे के सलून कोच का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों में इसे लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। इस वीडियो ने कई पैसेंजर के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर सलून कोच क्या होता है और क्या आम लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। दरअसल, रेलवे का यह खास कोच लग्जरी सुविधाओं के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं सलून कोच की बुकिंग, खर्च और इसमें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में:

क्या होता है रेलवे का सलून कोच

Golden chariot luxury train to operate two itineraries this month, ETTravelWorld

रेलवे सलून कोच एक खास और लग्जरी कोच होता है, जिसमें पैसेंजर को आरामदायक सफर के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। इसमें दो बेडरूम, एक हॉल, किचन और बाथरूम जैसी सुविधाएं होती हैं। शुरुआत में इन कोचों का इस्तेमाल ब्रिटिश काल से ही सीनियर रेलवे ऑफिसर की ट्रैवल के लिए किया जाता था। रेलवे अधिकारी दूर-दराज के इलाकों में इंस्पेक्शन, इंवेस्टिगेशन या इमरजेंसी में इन सलून कोचों का यूज करते हैं। देशभर के अलग-अलग रेलवे जोन में कुल 336 सलून कोच हैं, जिनमें से कई एयर कंडीशन्ड भी हैं।

राष्ट्रपति से भी जुड़ी है सलून कोच की हिस्ट्री

This may contain: the inside of a train car with couches, tables and windows on each side

रेलवे सलून कोच का इस्तेमाल देश के बड़े नेताओं और राष्ट्रपतियों की ट्रैवल के लिए भी किया गया है। साल 1956 से राष्ट्रपति के लिए सलून कोच की सुविधा शुरू हुई थी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस. राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन और अन्य राष्ट्रपतियों ने इससे ट्रैवल की थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में इस कोच से आखिरी जर्नी की थी। बाद में पुराने होने के कारण इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, लेकिन 2018 में इसे फिर से शुरू किया गया और आम पैसेंजर के लिए भी बुकिंग की फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई।

आम पैसेंजर ऐसे करें सलून कोच की बुकिंग

Golden Chariot History, Introduction of Golden Chariot

अब आम पैसेंजर भी रेलवे के सलून कोच में सफर कर सकते हैं। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट के जरिए बुकिंग करनी होती है। यात्री को IRCTC FTR (Full Tariff Rate) पोर्टल पर जाकर ट्रेन और रूट की जानकारी देनी होती है। अगर चुने गए रूट पर सलून कोच अवेलेबल है, तो इसे बुक किया जा सकता है। इस कोच में लगभग 8 लोग आराम से ट्रैवल कर सकते हैं और सफर के दौरान एक अटेंडेंट भी साथ रहता है।

सलून कोच बुक करने का खर्च

This may contain: the inside of a train car with lots of wood and glass on the windows,

सलून कोच की बुकिंग के लिए पैसेंजर को एक तय राशि जमा करनी होती है। इसके अलावा ज्यादा दिनों के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। अगर पैसेंजर को खाना बनाने के लिए कुक की जरूरत हो तो इसकी फैसिलिटी भी दी जा सकती है। आमतौर पर रूट और ट्रैवल टाइम के हिसाब से इसका खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकता है। बुकिंग के लिए पहले से प्लानिंग बनाना जरूरी होता है, क्योंकि इसे लगभग 6 महीने पहले तक बुक किया जा सकता है।

सलून कोच बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Railways' make in India: A look at 24 coach train features - BusinessToday

सलून कोच की सुविधा लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। यह फैसिलिटी कम से कम 500 किलोमीटर की जर्नी के लिए अवेलेबल होती है। बुकिंग के समय सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है और रूट पर कोच की अवेलेबिलिटी भी जरूरी है। यह सामान्य ट्रेन टिकट की तरह नहीं होता, बल्कि एक प्रीमियम और प्राइवेट ट्रैवल एक्सपीरियंस देता है, जिसमें पैसेंजर को ट्रेन के अंदर घर जैसी फैसिलिटी मिलती हैं।

वेकेशन में घूमना सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि एक रॉयल एक्सपीरियंस हो, तो भारत में इन 6 पैलेस होटल्स को करें एक्सप्लोर!

भारत के कई ऐतिहासिक महल और किले अब लग्जरी होटलों में बदल चुके हैं, जहां ठहरना सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि “रॉयल एक्सपीरियंस” बन जाता है। यहां आपको राजाओं जैसी लाइफस्टाइल, शाही कमरे, शानदार सर्विस और ऐतिहासिक माहौल एक साथ देखने को मिलता है। आइये जानते है इन महलों की और भी खास बातें:

1. रामबाग पैलेस, जयपुर

 

रामबाग पैलेस: इन 12 तस्वीरों के ज़रिये कीजिए 'जयपुर के गहने' और दुनिया के सबसे अच्छे होटल की सैर

रामबाग पैलेस कभी जयपुर के महाराजा का शाही निवास था, जिसे आज एक अल्ट्रा-लक्जरी हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है। यहां के कमरे बेहद भव्य हैं, जिनमें राजस्थानी आर्किटेक्चर और मॉडर्न सुविधाओं का शानदार मेल मिलता है। गार्डन, रॉयल डाइनिंग और स्पा जैसी सुविधाएं इसे और खास बनाती हैं। यहां ठहरना किसी राजा के जीवन को जीने जैसा एक्सपीरियंस देता है।

 

2. उम्मेद भवन पैलेस, जोधपुर

Tour of India Umaid Bhawan Palace

उम्मेद भवन पैलेस दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट रेजिडेंस में से एक है। इसका एक हिस्सा अभी भी शाही परिवार के पास है और बाकी हिस्सा ताज होटल ग्रुप द्वारा चलाया जाता है। यहां की रॉयल आर्ट डेको स्टाइल, संगमरमर के हॉल और रॉयल कमरे इसे बेहद खास बनाते हैं। यह पैलेस आज भी शाही ठाठ-बाट की असली झलक दिखाता है।

 

3. नीमराना फोर्ट पैलेस, राजस्थान

Neemrana Fort Palace| Heritage Resort near Jaipur | Stay near Jaipur

नीमराना फोर्ट दिल्ली के पास स्थित एक ऐतिहासिक किला होटल है। यह 15वीं शताब्दी का किला अब एक हेरिटेज रिसॉर्ट बन चुका है। यहां ज़िपलाइनिंग, रॉयल पूल, और हिल व्यू रूम्स जैसी सुविधाएं मिलती हैं। यह जगह खासकर वीकेंड ट्रिप और कपल्स के बीच बहुत पॉपुलर है।

 

4. फलकनुमा पैलेस, हैदराबाद

ताज फलकनुमा पैलेस | प्रवेश समय | हैदराबाद पर्यटन

फलकनुमा पैलेस आसमान से हैदराबाद को देखने जैसा एक्सपीरियंस देता है क्योंकि यह ऊंचाई पर है। यहां की इटैलियन संगमरमर की सीढ़ियां, पुरानी लाइब्रेरी और शाही डाइनिंग हॉल बहुत पॉपुलर हैं। नवाबों की शान को आज भी यहां महसूस किया जा सकता है। यह भारत के सबसे लक्जरी होटलों में गिना जाता है।

 

5. ताज लेक पैलेस, उदयपुर

Taj Lake Palace Udaipur, Udaipur (अपडेट की गई कीमतें 2026)

झील के बीच बना यह सफेद संगमरमर का पैलेस किसी सपने जैसा लगता है। यहां पहुंचने के लिए नाव का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसे और भी खास बनाता है। रात में झील की रोशनी में यह पैलेस बेहद खूबसूरत दिखता है। यह रोमांटिक और रॉयल एक्सपीरियंस के लिए दुनिया भर में मशहूर है।

 

6. सिटी पैलेस, उदयपुर

Udaipur city palace Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

उदयपुर का सिटी पैलेस राजस्थान की सबसे रॉयल और ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यह पैलेस पिछोला झील के किनारे है और अपनी बड़ा स्ट्रक्चर, सुंदर नक्काशी और राजसी आंगनों के लिए जाना जाता है। इसका निर्माण मेवाड़ राजवंश ने कई सदियों में अलग-अलग लेवल में किया था। यहां के अंदर म्यूजियम, शाही दरबार हॉल, क्रिस्टल गैलरी और पुरानी रॉयल चीजें आज भी सेफ रखी गई हैं।ये सभी महल सिर्फ रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि भारत की शाही विरासत और इतिहास को जीने का मौका देते हैं। यहां ठहरना एक ऐसा एक्सपीरियंस है जिसे शब्दों में पूरी तरह नहीं बताया जा सकता। हर पैलेस अपनी अलग कहानी और रॉयल पहचान के लिए जाना जाता है।