Sword Raas Video: एक हाथ से ड्राइव करती जीप, दूसरे हाथ से भांजती तलवार… क्षत्रिय राजपूत महिलाओं का ये तलवार रास हो गया वायरल

नवरात्रि में गरबा और डांडिया की रौनक तो आपने खूब देखी होगी, लेकिन गुजरात में उत्सव का एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। यहां महिलाएं हाथों में तलवार लेकर मैदान में उतरीं और अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। राजकोट और जामनगर में राजपूत समाज की महिलाओं ने तलवार रास के जरिए वीरता और संस्कृति की अनूठी झलक पेश की। पारंपरिक पोशाक, हाथों में चमचमाती तलवारें और आत्मविश्वास से भरी महिलाओं का अंदाज इस आयोजन को खास बनाता है।

यह प्रदर्शन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को सहेजने की कोशिश भी है। खास बात यह है कि इस कला को सीखने के लिए महिलाओं को बाकायदा प्रशिक्षण दिया जाता है और नवरात्रि से पहले लंबे समय तक अभ्यास कराया जाता है।

गरबा के साथ दिखा वीरता और परंपरा का संगम

गुजरात में नवरात्रि का नाम आते ही गरबा और डांडिया की तस्वीर सामने आती है। हालांकि, राजकोट में होने वाला तलवार रास इस उत्सव को एक अलग पहचान देता है। यहां महिलाएं तलवारों के साथ पारंपरिक दांव-पेच और करतब दिखाती हैं। राजकोट पैलेस के ऐतिहासिक मैदान में क्षत्रिय समाज की महिलाएं इस प्रस्तुति के जरिए अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। आयोजकों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम पिछले करीब 18 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन गरबा और रास संस्कृति को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।

तलवार चलाना नहीं जानने वाली महिलाओं को भी मिलती है ट्रेनिंग

इस आयोजन की खास बात यह है कि इसमें भाग लेने के लिए पहले से तलवार चलाना आना जरूरी नहीं है। कार्यक्रम से जुड़ी एक महिला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि संस्था में महिलाओं को बारीकी से प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब दूर-दूर से लोग इस अनोखी प्रस्तुति को देखने पहुंचते हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है। इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं ने काफी मेहनत की है। प्रशिक्षण के दौरान उन महिलाओं को भी सिखाया जाता है, जिन्हें पहले तलवार चलाने का अनुभव नहीं होता।

डेढ़ महीने पहले से शुरू हो जाती है तैयारी

इस कार्यक्रम से करीब 15 वर्षों से जुड़ी एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि तलवार रास में क्षत्रिय समाज की महिलाएं विशेष रूप से हिस्सा लेती हैं। उनके मुताबिक, नवरात्रि शुरू होने से लगभग डेढ़ महीने पहले ही अभ्यास शुरू हो जाता है। पैलेस ग्राउंड में होने वाली इस प्रस्तुति में तलवार के अलग-अलग दांव और स्टंट दिखाए जाते हैं। लगातार अभ्यास के जरिए महिलाएं अपने प्रदर्शन को तैयार करती हैं।

परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश

राजकोट और जामनगर में महिलाओं का यह प्रदर्शन नवरात्रि के पारंपरिक उत्सव में एक अलग रंग जोड़ता है। जहां गरबा और डांडिया भक्ति और सामूहिक उल्लास का प्रतीक हैं, वहीं तलवार रास के जरिए महिलाएं अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक युद्ध-कला से जुड़ी परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास कर रही हैं।

Zoho में इस साल सैलरी हाइक नहीं करने का ऐलान कर इसके फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने मांगी माफी, खस्ता हालत की वजह भी बताई

चंडीगढ़ की तर्ज पर चमकेगी रांची! 30 करोड़ से बनेंगे 3 इको-फ्रेंडली पार्क, जानें क्या होंगी सुविधाएं

झारखंड की राजधानी रांची के दिन अब और भी ज्यादा संवरने वाले हैं। रांची शहर जल्द ही अपनी खूबसूरती के मामले में चंडीगढ़ की तरह चमकता हुआ नजर आएगा। झारखंड सरकार ने राजधानी के स्मार्ट सिटी इलाके में शहरवासियों को विश्वस्तरीय सौगात देने की तैयारी कर ली है। इसके तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तीन नए और भव्य इको-फ्रेंडली पार्क बनाए जाएंगे। इन पार्कों के निर्माण की जिम्मेदारी जुडको (JUDCO) को सौंपी गई है और इसका DPR यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया जा चुका है। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जल्द से जल्द टेंडर निकालने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि काम तेजी से शुरू हो सके।

कहां और कैसे बनेंगे ये नए पार्क?

योजना के मुताबिक इन पार्कों का निर्माण दो मुख्य हिस्सों में किया जाएगा। पैकेज-दो के तहत मंत्रियों के आवास से आगे करीब 3.98 एकड़ जमीन पर एक शानदार कम्युनिटी पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा सिविक टावर के पास लगभग 3.19 एकड़ जमीन पर एक खूबसूरत इको पार्क तैयार किया जाएगा। इन सभी पार्कों को पूरी तरह इको-फ्रेंडली और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया जा रहा है, जिन पर कुल मिलाकर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

पार्कों में मिलेंगी 25 से अधिक आधुनिक सुविधाएं

जुडको की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इन पार्कों में आने वाले लोगों को घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए 25 से भी ज्यादा आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस पार्क में भव्य प्रवेश द्वार, गाड़ी पार्क करने के लिए बड़ा पार्किंग एरिया, गार्ड रूम, घूमने के लिए खूबसूरत पाथ-वे, पौधे लगाने के लिए प्लांटर बॉक्स, हरा-भरा ग्रीन स्पेस, फ्लोटिंग सॉइल माउंट, स्टेपिंग स्टोन, भूलभुलैया (मेज), गार्डन आर्क, स्कल्पचर प्लेटफॉर्म, आकर्षक ब्रिज और लजीज व्यंजनों के लिए रेस्टोरेंट बनाया जाएगा। इसके साथ ही सेहत का ध्यान रखने के लिए ओपन जिम, बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रेन प्ले एरिया, फाउंटेन, तालाब, स्टेप्ड फाउंटेन, फ्लावर बेड, बैठने की सुंदर व्यवस्था, परगोला, गजीबो, पेबल बेड और सुंदर हेज की बाउंड्री जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

इको पार्क का खास आकर्षण

इको पार्क में भी प्रवेश द्वार, पार्किंग, पाथ-वे, ग्रीन एरिया, गजीबो, पॉली हाउस, स्कल्पचर प्लेटफॉर्म, गार्डन आर्क, परगोला, एनिमल स्कल्पचर, तालाब, सर्कुलर सिटिंग, बैडमिंटन कोर्ट, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, ओपन जिम, स्टेप्ड सिटिंग, रेस्टोरेंट और स्क्वायर पैवेलियन के साथ-साथ कमल के फूलों का एक विशेष तालाब और खूबसूरत फव्वारे बनाए जाएंगे।

समाज के हर वर्ग के लिए होगा कुछ खास

विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने जानकारी दी है कि इन इको पार्कों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें समाज के हर आयु वर्ग और हर शख्स के लिए कुछ न कुछ खास जरूर होगा। युवाओं के लिए पार्क में बने रेस्टोरेंट में क्वालिटी टाइम बिताने का मौका होगा तो वहीं बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरामदायक वॉकिंग स्ट्रीट और बैठने के लिए बेंच की खास व्यवस्था रहेगी। जो लोग अपनी फिटनेस को लेकर जागरूक हैं, उनके लिए आधुनिक उपकरणों से लैस ओपन जिम होगा और छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले व खेलकूद की जगह बनाई जाएगी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की जरूरत को ध्यान में रखकर इन पार्कों का पूरा प्लान तैयार किया गया है।

रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट

हूती विद्रोही सऊदी अरब को यमन में कैसे फंसा गए:UAE ने गलत फैसलों की वजह से साथ छोड़ा; ट्रम्प ने भी मदद नहीं की

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अपने देश को तेल की कमाई से निकालकर दुनिया का बड़ा निवेश और पर्यटन केंद्र बनाना चाहते हैं। लेकिन जिस यमन युद्ध से वे पिछले 11 साल से निकलने की कोशिश कर रहे थे, उसी ने उन्हें फिर घेर लिया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी शहरों, हवाई अड्डों और तेल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई गलत फैसलों के कारण सऊदी अरब की मुश्किलें बढ़ी हैं। पिछले साल यमन को लेकर सऊदी अरब और UAE के बीच पुरानी साझेदारी टूट गई। सऊदी के खिलाफ लड़ाई में ट्रम्प ने भी सलमान का साथ नहीं दिया। अब सऊदी अरब अपने सहयोगी देशों की मदद से हूतियों के खिलाफ नया अभियान चला रहा है, लेकिन युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता साफ नहीं है। UAE के हटते ही कमजोर पड़ी सऊदी की रणनीति सऊदी अरब और UAE पहले यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ साथ मिलकर लड़ रहे थे। लेकिन बाद में दोनों के हित टकराने लगे। सबसे बड़ा झगड़ा इस बात पर हुआ कि युद्ध के बाद यमन पर किसका और किस तरह का शासन होना चाहिए।

सऊदी अरब- यमन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है। UAE- यमन में अलग देश की मांग करने वाले STC के साथ खड़ा है।

2025 के आखिर में STC ने दक्षिणी यमन के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया। सऊदी अरब को लगा कि इससे उसकी सीमा की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके बाद दिसंबर 2025 में सऊदी अरब ने मुकल्ला पोर्ट पर हवाई हमला किया। सऊदी का आरोप था कि वहां UAE से आए हथियार उतारे जा रहे थे। जबकि UAE का कहना था कि जहाजों में हथियार नहीं थे और सामान यमन में तैनात उसके सैनिकों के लिए था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। UAE ने यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ लड़ने वाले अपने सैनिक वापस बुला लिए। इसका असर यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ रहे गुटों पर पड़ा। UAE के समर्थन से तैयार हुए हजारों लड़ाके अचानक अपनी पुरानी कमान से अलग हो गए। सऊदी अरब उनकी जगह वैसी मजबूत व्यवस्था नहीं बना पाया। इससे हूतियों को मजबूत होने का मौका मिल गया। ईरान युद्ध ने सऊदी अरब को फिर घसीटा UAE से साझेदारी टूटने के बाद सऊदी अरब अभी यमन में अपने पैर जमाने की कोशिश कर ही रहा था कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद जुलाई में उनका अंतिम संस्कार हुआ। इसमें शामिल होने के लिए हूती प्रतिनिधिमंडल एक विमान से तेहरान पहुंचा। जब ये लौट रहे थे तो इन्हें कहा गया कि वे यमन की राष्ट्रीय एयरलाइन से ही वापस लौटें। उन्हें ईरान की एयरलाइन में आने नहीं दिया जाएगा। वहीं, हूती अधिकारी ईरानी विमान को सीधे सना में उतारने पर अड़े रहे। इसके बाद सरकार समर्थित फोर्स ने सना एयरपोर्ट के रनवे को बम से उड़ा दिया, ताकि ईरानी विमान वहां उतर न सके। इसके बाद प्लेन को अपना रास्ता बदलकर हूदैदाह एयरपोर्ट उतरना पड़ा। इस घटना से हूती विद्रोही इतने नाराज हो गए कि उन्होंने सऊदी के साथ चल रहा 4 साल पुराना युद्ध विराम तोड़ दिया। ट्रम्प से मदद मांगी, लेकिन अमेरिका ने हाथ खींचे सऊदी अरब को उम्मीद थी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका उसकी सैन्य मदद करेगा। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग भी बढ़ाया था। लेकिन हूतियों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में यह भरोसा कमजोर पड़ता दिखा। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से दो बार बात की और हूतियों पर हमला करने का आग्रह किया। ट्रम्प ने सीधे सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया। इसके बजाय अमेरिका ने ओमान में हूतियों से बातचीत की, ताकि उनके साथ अपना संघर्षविराम बनाए रखा जा सके। सऊदी अरब अब दूसरे देशों से मदद जुटा रहा है। फ्रांस ने रक्षा संसाधन और सैन्यकर्मी भेजने पर सहमति जताई है, जबकि ब्रिटेन ने सऊदी लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने के लिए विमान भेजने की बात कही है। सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने भी रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। जंग का सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर असर मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को तेल पर निर्भरता से बाहर निकालना चाहते हैं। इसके लिए वे देश में घूमने-फिरने की जगहें, खेल, फिल्में और मनोरंजन बढ़ा रहे हैं। बड़े-बड़े प्रोजेक्ट भी शुरू किए जा रहे हैं। लेकिन लगातार हो रहे हमलों से इन योजनाओं पर खतरा बढ़ गया है। इलाके में तनाव के कारण इस साल कई फिल्म समारोह, पुरस्कार कार्यक्रम और संगीत के बड़े आयोजन टालने पड़े हैं। अक्टूबर के आखिर में सऊदी अरब में होने वाली बड़ी निवेश बैठक पर भी असर पड़ने की आशंका है। तेल के ठिकानों पर हमले और तेल की सप्लाई रुकने से देश की कमाई घट सकती है। सऊदी अरब अब हूतियों से लड़ने के लिए यमन के अपने साथी गुटों की मदद ले रहा है। लेकिन जानकारों का कहना है कि सिर्फ हवाई हमले करने और कुछ इलाकों पर कब्जा करने से यह लड़ाई खत्म नहीं होगी। यमन में लड़ने वाले गुटों के बीच ही कई बातों पर सहमति नहीं है। वे इस बात पर भी एकमत नहीं हैं कि आगे यमन की सरकार कैसी होनी चाहिए। हूतियों को रोकना मुश्किल, तेल कारोबार पर खतरा सऊदी अरब के सामने दो बड़ी मुश्किलें हैं। पहली, हूतियों के हमलों को रोकना और अपनी सीमाओं और तेल के ठिकानों को सुरक्षित रखना। दूसरी, यमन में लड़ाई खत्म करने का ऐसा रास्ता निकालना, जिससे उसे बार-बार हमला न करना पड़े। जानकारों का कहना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई जारी रहेगी, ईरान हूतियों की मदद से सऊदी अरब पर दबाव बना सकता है। ऐसे में सिर्फ हथियारों और हवाई हमलों से सऊदी अरब के लिए लंबे समय तक शांति बनाए रखना मुश्किल होगा। सऊदी अरब चाहता था कि यमन की लड़ाई उसकी सीमाओं से दूर रहे, लेकिन अब यही लड़ाई उसके लिए बड़ी परेशानी बन गई है। इससे देश की सुरक्षा, तेल से होने वाली कमाई और विकास की योजनाओं पर असर पड़ रहा है। अब मोहम्मद बिन सलमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि वे देश को फिर से विकास के रास्ते पर कैसे आगे बढ़ाएं, जबकि यमन की लड़ाई कब खत्म होगी, यह अभी साफ नहीं है।

Amazon Sale 2026 में लैपटॉप पर बंपर डील! Lenovo से Apple तक पर ऑफर, कीमत ₹54,990 से शुरू

Amazon Great Indian Festival 2026: फेस्टिव सीजन में अगर आपका पुराना लैपटॉप अब स्लो हो गया है या काम, पढ़ाई और एंटरटेनमेंट के लिए नया लैपटॉप लेने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। Amazon की Great Indian Festival 2026 सेल में कई बड़े ब्रांड्स के लैपटॉप पर शानदार ऑफर्स और डिस्काउंट मिलने वाले हैं। ऐसे में नया लैपटॉप खरीदने के लिए यह समय काफी अच्छा हो सकता है।

इस सेल में HP, Dell, ASUS और Lenovo जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के कई लैपटॉप शामिल हैं। खास बात यह है कि अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से कई मॉडल मिल जाएंगे। चाहे आपको ऑफिस के काम के लिए लैपटॉप चाहिए, पढ़ाई के लिए या फिर मूवी, वेब सीरीज और रोजाना इस्तेमाल के लिए, Amazon की सेल में कई विकल्प मौजूद हैं।

आइए जानते हैं Amazon Great Indian Festival 2026 में मिलने वाली कुछ ऐसी लैपटॉप डील्स के बारे में, जिन पर आपकी नजर जरूर होनी चाहिए।

Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में लैपटॉप पर बेहतरीन डील्स

  1. Lenovo IdeaPad 1 AMD Ryzen 5 5500U

अगर आप रोजाना के काम के लिए हल्का और पतला लैपटॉप खरीदना चाहते हैं, तो Lenovo IdeaPad 1 आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। Amazon Great Indian Festival 2026 सेल में यह लैपटॉप 54,990 रुपये की डिस्काउंट कीमत पर उपलब्ध होगा।

इसमें 15.6 इंच का बड़ा HD डिस्प्ले, 8GB RAM और 512GB SSD स्टोरेज मिलता है। इसके अलावा, यह लैपटॉप AMD Ryzen 5 प्रोसेसर से लैस है। इन स्पेसिफिकेशन्स के साथ इसका इस्तेमाल इंटरनेट ब्राउजिंग, ऑफिस के काम, ऑनलाइन क्लास, मूवी-वेब सीरीज देखने और हल्की गेमिंग के लिए आसानी से किया जा सकता है।

  1. Asus Vivobook 16

Asus Vivobook, जो ₹1,26,990 की MRP के बजाय ₹68,990 की खास कीमत पर मिल रहा है। इस डिवाइस में Snapdragon X प्रोसेसर, 16GB RAM और 512GB SSD है। इसमें 16-इंच की बड़ी डिस्प्ले है और यह ज्यादा से ज्यादा 300 निट्स की ब्राइटनेस देता है। Vivobook 16 का वजन लगभग 1.88 kg है, इसमें 180-डिग्री ले-फ्लैट हिंज है और साथ ही वेबकैम के लिए एक फिजिकल प्राइवेसी शील्ड भी दी गई है।

  1. HP OmniBook 5

HP OmniBook 5 में 16GB LPDDR5X RAM और 512GB SSD है। इसमें AMD Ryzen AI 5 340 प्रोसेसर लगा है, जिसमें 12 कोर और 16MB L3 कैश है। गेमिंग या ग्राफिक्स से जुड़े दूसरे कामों के लिए, इस लैपटॉप में AMD Radeon 840M ग्राफिक्स और Copilot+ PC के जरिए 50 TOPS AI क्षमता भी मिलती है। इसके 16-इंच के 2K WUXGA डिस्प्ले की ब्राइटनेस 300-निट्स है और इसमें कई कनेक्टिविटी ऑप्शन दिए गए हैं। यह लैपटॉप अब 56,490 रुपये की प्रभावी कीमत पर उपलब्ध है।

  1. Lenovo IdeaPad Slim 3X

Lenovo IdeaPad Slim 3X एक और लैपटॉप है जो उन स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए है, जो स्क्रीन साइज और आसानी से कहीं भी ले जाने की सुविधा (पोर्टेबिलिटी) के बीच सही तालमेल चाहते हैं। इसमें Snapdragon X प्रोसेसर, 16GB RAM और 512GB SSD है। इस वजह से यह AI से जुड़े कामों के लिए बहुत अच्छा है। साथ ही, इस लैपटॉप में 15.3-इंच का WUXGA डिस्प्ले है और इसका वजन लगभग 1.55kg है। सेल के दौरान, यह 62,990 रुपये की खास कीमत पर मिलेगा, जबकि इसकी MRP 99,990 रुपये है।

  1. Apple MacBook Neo

Apple MacBook Neo रोजाना के काम, प्रोडक्टिविटी और मनोरंजन के लिए एक बेहतरीन एंट्री-लेवल लैपटॉप है। इसमें 13-इंच का Liquid Retina डिस्प्ले है और यह A18 Pro चिप पर चलता है। इस लैपटॉप में 8GB यूनिफाइड मेमोरी और 256GB SSD स्टोरेज है, जो ब्राउजिंग और कंटेंट देखने के लिए एक अच्छा सेटअप देता है। इसका हल्का डिजाइन और macOS का अनुभव इसे स्टूडेंट्स और ऑफिस में काम करने वालों के लिए सही बनाता है। MacBook Neo इस सेल के दौरान 75,000 रुपये से कम कीमत में उपलब्ध होगा।

  1. Lenovo ThinkBook 16

Lenovo ThinkBook 16, जिसमें AMD Ryzen 5 7535HS प्रोसेसर, 8GB DDR5 RAM और 512GB SSD स्टोरेज है, अब 63,200 रुपये की कम कीमत पर उपलब्ध है। इसमें 16-इंच का WUXGA IPS डिस्प्ले, बैकलिट कीबोर्ड और फिंगरप्रिंट रीडर भी है। साथ ही, मजबूती के मामले में, इस लैपटॉप में हल्के वजन वाला एल्युमीनियम चेसिस है जो MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी देता है। कनेक्टिविटी के लिए, लैपटॉप में कई पोर्ट्स हैं और यह एक दिन की बैटरी लाइफ देता है।

यह भी पढ़ें: Amazon Sale में Smart TV पर तगड़ा डिस्काउंट! Samsung से Sony तक के ब्रांड्स पर मिल रही शानदार डील्स

जेलर 2 को मिला यू/ए 16 प्रमाणपत्र

दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर अपने लोकप्रिय किरदार मुथुवेल पांडियन उर्फ टाइगर के रूप में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से यू/ए 16 प्रमाणपत्र मिल गया है। फिल्म 15 अक्टूबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘जेलर 2’ की अवधि 165 मिनट यानी करीब पौने तीन घंटे है। फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर भी जारी कर दिया गया है, जिसमें मुथुवेल पांडियन के नए मिशन और जबरदस्त एक्शन की झलक देखने को मिली है।

Also Read : नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर

फिल्म में रजनीकांत के साथ राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी। इसके अलावा एस.जे. सूर्या, विद्या बालन, सूरज वेंजारामूडु, मिथुन चक्रवर्ती, अन्ना राजन और जतिन सरना भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। मोहनलाल और शिवा राजकुमार विशेष भूमिका में दिखाई देंगे, जबकि विजय सेतुपति भी फिल्म में खास अंदाज में नजर आएंगे।

वर्ष 2023 में प्रदर्शित ‘जेलर’ की सफलता के बाद इसके दूसरे भाग को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। अनिरुद्ध रविचंदर फिल्म का संगीत दे रहे हैं। विजय कार्तिक कन्नन ने छायांकन, जबकि आर. निर्मल ने संपादन का जिम्मा संभाला है।

कलानिधि मारन के निर्माण में सन पिक्चर्स के बैनर तले बनी ‘जेलर 2’ 15 अक्टूबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज से पहले ‘जेलर 2 सुपर शो’ नौ अक्टूबर से सन नेक्स्ट पर प्रसारित किया जाएगा।

Pic Credit : UNI

Nana Patekar Death: कौन थे नाना पाटेकर? हिंदी-मराठी सिनेमा से थिएटर तक, जानें कैसा रहा उनका फिल्मी सफर

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट आयाा और वह बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नाना पाटेकर के अचानक निधन से हर कोई हैरान है। न्यूज एंजेंसी एएनआई के मुताबिक, मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि एक्टर ने सुबह करीब 5:20 बजे अंतिम सांस ली। उनकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

नाना पाटेकर के निधन के साथ ही भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने अपने एक दिग्गज अभिनेता को खो दिया। पांच दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने अपने दमदार अभिनय से सिनेमा में अलग पहचान बनाई। नाना पाटेकर ने अपने करियर के दौरान हिंदी और मराठी फिल्मों अपनी खास पहचान बनाई है। आइए जानते हैं कौन थे नाना पाटेकर

इन फिल्मों में किया है दमदार एक्टिंग

नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से लंबे समय तक दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। उन्होंने परिंदा, प्रहार: द फाइनल अटैक, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, खामोशी: द म्यूजिकल, अब तक छप्पन और वेलकम जैसी कई चर्चित फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। अभिनय के साथ उन्होंने प्रहार: द फाइनल अटैक के निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली। सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया था।

पद्म श्री से किया गया सम्मानित

नाना पाटेकर को उनके शानदार अभिनय के लिए कई बड़े सम्मान मिले। फिल्म ‘क्रांतिवीर’ में बेहतरीन एक्टिंग के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। वहीं, ‘परिंदा’ और ‘अग्निसाक्षी’ में दमदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया था।

बनाई अपनी अलग पहचान

नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और खासकर गंभीर व दमदार भूमिकाओं के लिए दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों के अलावा थिएटर में भी लगातार काम किया। पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में पाटेकर ने अभिनय के साथ निर्देशन के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई और भारतीय मनोरंजन जगत में अपनी खास जगह बनाई।

Mithun Chakraborty: मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती बंगाल सरकार के सलाहकार नियुक्त! कैबिनेट मंत्री का मिला दर्जा, सैलरी और अन्य सुविधाएं

Mithun Chakraborty: मशहूर अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मिथुन चक्रवर्ती को बुधवार (7 अक्टूबर) को पश्चिम बंगाल सरकार का सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किए जाने के साथ ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया। एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, मिथुन को सूचना और सांस्कृतिक मामलों के विभाग में तत्काल प्रभाव से सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल में घोषणा की थी कि मिथुन को पश्चिम बंगाल सरकार का सांस्कृतिक सलाहकार बनाया जाएगा। ताजा आदेश तुरंत लागू हो गया है। यह अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

इस नियुक्ति की औपचारिक सूचना कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग (IAS सेल) द्वारा 6 अक्टूबर, 2026 को जारी की गई थी। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, सरकार की मंजूरी के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के आदेश से जारी की गई थी। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि यह रणनीतिक फैसला पूरी तरह से जनसेवा के हित में लिया गया है, जो सांस्कृतिक नीति और क्षेत्रीय मनोरंजन पहलों को सुव्यवस्थित करने के राज्य के बड़े प्रयासों को दर्शाता है।

सुविधा और सैलरी

मिथुन चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल सरकार में सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है। इसके तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री के समकक्ष सुविधाएं मिलेंगी। इनमें सरकारी बंगला, आधिकारिक कार, सुरक्षा, स्टाफ, मेडिकल और यात्रा की सुविधाएं शामिल हैं। मूल सैलरी पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री का ₹51,000 प्रति माह है। साथ में सत्कार भत्ता और क्षतिपूर्ति भत्ता आदि शामिल है। हालांकि, सलाहकार पद का सटीक पैकेज अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुआ है। इसलिए अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

मुख्य सचिवालय से मंजूरी

इस प्रशासनिक आदेश पर पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह निर्देश चक्रवर्ती को सांस्कृतिक पहलों, सिनेमा के बुनियादी ढांचे के विस्तार और राज्य समर्थित कला कार्यक्रमों की देखरेख के लिए एक पूर्ण कैबिनेट मंत्री के समान कानूनी अधिकार और संस्थागत विशेषाधिकार देता है। यह हाई-प्रोफाइल नियुक्ति राज्य के प्रशासनिक तंत्र और सांस्कृतिक क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण संस्थागत कड़ी का काम करती है, जिससे यह मशहूर अभिनेता पश्चिम बंगाल की रणनीतिक सांस्कृतिक पहलों की कमान संभालेंगे।

ये भी पढ़ें- 8 से 13 अक्टूबर तक इन राज्यों में बरसात-आंधी का अलर्ट, यूपी-बिहार से लेकर दक्षिण भारत तक भारी बारिश की चेतावनी

‘बंगाल का गौरव’ माने जाने वाले मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं, जिन्होंने दशकों से राष्ट्रीय मंच पर पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक समुदाय का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने मृणाल सेन की 1976 की प्रशंसित आर्ट-हाउस फिल्म ‘मृगया’ से अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने अपने पहले ही फिल्मी प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। इस बड़ी सफलता के बाद, चक्रवर्ती हिंदी और बंगाली दोनों तरह के सिनेमा में स्टार बन गए। और देखते ही देखते उन्होंने देश के सबसे मशहूर जन-नायकों और लंबे समय तक सांस्कृतिक राजदूतों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई।

Mithun Chakraborty अब पश्चिम बंगाल की शुभेंदू सरकार में सलाहकार का रोल निभाएंगे, मिलेगा कैबिनेट मंत्री का दर्जा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। ऐसे ही एक अहम फैसले के बारे में उन्होंने उत्तम कुमार शताब्दि समारोह में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाने-माने फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को राज्य सरकार का सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय में अपनी सेवाएं देंगे। इस पद के तहत उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। बता दें, सांस्कृतिक मंत्रालय सुवेंदु अधिकारी के पास है।

यह कार्यकारी आदेश तुरंत लागू होगा और अगली सूचना तक वैध रहेगा। पश्चिम बंगाल में इस साल हुए विधान सभा चुनाव के बाद सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार ने सत्ता संभाली है। अब राज्य में सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने और फिल्म इंडस्ट्री को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का मकसद बंगाल की समृद्ध फिल्म विरासत को बढ़ावा देना और राज्य को एक बड़े सांस्कृतिक व सिनेमाई केंद्र के तौर पर स्थापित करना है। इसी कड़ी में अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को सरकार में एक अहम जिम्मेदारी दी गई है।

चक्रवर्ती की नियुक्ति का आदेश हो चुका है जारी

इस रणनीतिक नियुक्ति को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग ने (IAS सेल) ने 6 अक्टूबर, 2026 को औपचारिक तौर पर नोटिफाई किया था। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, यह नोटिफिकेशन पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के आदेश से, काबिल अथॉरिटी से साफ अप्रूवल के बाद जारी किया गया था। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि यह रणनीतिक फैसला पूरी तरह से “आम जनता के हित में” लागू किया गया था, जो सांस्कृति नीति और क्षेत्रीय मनोरंजन पहल को स्ट्रीमलाइन करने के लिए राज्य की बढ़ी हुई कोशिश को दिखाता है।

फिल्म इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में कोलकाता के न्यू टाउन में उत्तम कुमार फिल्म सेंटर की आधारशिला रखी। इसका उद्देश्य फिल्म निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार ने अत्याधुनिक थिएटर कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना भी सामने रखी है। मुख्यमंत्री ने बंगाल के सांस्कृतिक माहौल को मजबूत करने और फिल्म उद्योग को ज्यादा सहयोग देने की जरूरत पर जोर दिया है। ऐसे में मिथुन चक्रवर्ती की नियुक्ति को सरकार की व्यापक सांस्कृतिक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है।

मृणाल सेन की फिल्म से 1976 में किया था डेब्यू

बड़े पैमाने पर ‘बंगाल के गौरव’ के तौर पर मशहूर, मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा के एक ऐसे दिग्गज हैं जिन्होंने दशकों तक राष्ट्रीय मंच पर पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक बिरादरी को दिखाया है। उन्होंने मृणाल सेन की मशहूर 1976 की आर्ट-हाउस ड्रामा ‘मृगया’ से एक्टिंग में डेब्यू किया, और अपनी पहली ही सिनेमाई परफॉर्मेंस के लिए बेस्ट एक्टर का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। इस सफलता के बाद, चक्रवर्ती हिंदी और बंगाली दोनों सिनेमा में स्टार बन गए, और खुद को देश के सबसे मशहूर जन-आंदोलनों में से एक और हमेशा रहने वाले सांस्कृतिक राजदूत के रूप में स्थापित किया।

‘नई नवेली’ का दूसरा गाना ‘फटा पटाखा’ रिलीज

अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और कलर येलो की फैंटेसी फैमिली एंटरटेनर फिल्म ‘नई नवेली’ का दूसरा गाना ‘फटा पटाखा’ रिलीज हो गया है। जी म्यूजिक कंपनी द्वारा प्रस्तुत इस गाने को जी.वी. प्रकाश कुमार ने संगीतबद्ध और प्रोड्यूस किया है, जबकि इसके बोल वायु ने लिखे हैं और मधुबंती बागची ने अपनी आवाज दी है। विजय गांगुली ने गाने की कोरियोग्राफी की है।

गाने में यामी गौतम धर जॉम्बीज के साथ अनोखी डांस पार्टी करती नजर आ रही हैं। हाई-एनर्जी बीट्स, कैची हुक स्टेप और भव्य कोरियोग्राफी से सजा यह गाना फिल्म की फैंटेसी दुनिया में मनोरंजन का नया रंग जोड़ता है।

Also Read : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ममता की पार्टी की तुरंत धन जारी करने की अर्जी ठुकरायी

जी.वी. प्रकाश कुमार ने कहा कि ‘फटा पटाखा’ के जरिए ‘नई नवेली’ की दुनिया के लिए ऐसा ट्रैक तैयार करने की कोशिश की गई है, जो शुरू से ही जश्न और ऊर्जा का अहसास कराए। वायु के बोल, मधुबंती की आवाज और यामी की प्रस्तुति ने गाने की ऊर्जा को और बढ़ाया है।

मधुबंती बागची ने कहा कि ‘फटा पटाखा’ हास्य और जबरदस्त ऊर्जा से भरपूर है और इसे रिकॉर्ड करना उनके लिए बेहद मजेदार अनुभव रहा।

बालाजी मोहन के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। फिल्म में अड्डिनाथ एम. कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी और प्रतीक पचौरी भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्माण आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा ने किया है।

‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर को दशहरा के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

Pic Credit : UNI

The Vvaan Box Office Collection Day 10: ‘द वन’ पर जमकर बरस रही छठी मैया की कृपा, 10वें दिन 70 करोड़ के पार पहुंचा कलेक्शन

The Vvaan Box Office Collection Day 10: द वन फिल्म ने 10वें दिन बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन में थोड़ी बढ़ोतरी देखी। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​स्टारर यह फिल्म सिनेमाघरों में अपने दूसरे हफ्ते में चल रही है। मूवी बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 10

‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने 10वें दिन भारत में 2,032 शो में 3.25 करोड़ रुपये (नेट) कमाए। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन अब 62.10 करोड़ रुपये है, जबकि इसका भारत ग्रॉस कलेक्शन 73.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। 10वें दिन का कलेक्शन 9वें दिन की तुलना में 62.5% ज्यादा है, जब फिल्म ने भारत में 2 करोड़ रुपये (नेट) कमाए थे।

विदेशों में फिल्म ने 10वें दिन 50 लाख रुपये कमाए, जिससे इसका कुल विदेशी ग्रॉस कलेक्शन 7 करोड़ रुपये हो गया। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 80.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हिंदी (2D) वर्शन की कुल ऑक्यूपेंसी 47.03% रही। मॉर्निंग शो में 16.38% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जिसके बाद दोपहर के शो में यह बढ़कर 61.31% हो गई। शाम के शो में सबसे ज्यादा 67.85% ऑक्यूपेंसी रही और रात के शो में 36.77% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई।

अब तक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ने पहले दिन 8 करोड़ रुपये के साथ शुरुआत की, इसके बाद दूसरे दिन 11.25 करोड़ रुपये और तीसरे दिन 14.35 करोड़ रुपये कमाए। चौथे दिन कलेक्शन गिरकर 5.25 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन पांचवें दिन यह बढ़कर 6 करोड़ रुपये हो गया। फिल्म ने छठे दिन 4.25 करोड़ रुपये और सातवें दिन 4.50 करोड़ रुपये कमाए, जिससे पहले हफ्ते का कुल कलेक्शन 53.60 करोड़ रुपये हो गया। 8वें दिन फिल्म ने 3.25 करोड़ रुपये (नेट) कमाए और 9वें दिन फिल्म ने 2 करोड़ रुपये की कमाई की।

‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के बारे में

दीपक कुमार मिश्रा के डायरेक्शन में बनी ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ एक हिंदी फैंटेसी थ्रिलर फिल्म है, जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कास्ट में अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, मनीष पॉल और मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। यह फिल्म पटना के पास बिहटा में स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी कहानियों से प्रेरित है और इसकी कहानी मिडिल इंडिया के जंगलों पर आधारित है।

कहानी ऋषि कुमार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शहर में रहने वाला एक व्यक्ति है और अपनी जमीन बेचने के लिए अपने पुश्तैनी गांव लौटता है। एक प्रतिबंधित जंगल और देवी वनदेवी के बारे में चेतावनियों के बावजूद, वह जंगल में चला जाता है और एक अलौकिक शक्ति को जगा देता है। जल्द ही उसका सामना रहस्यमयी ताकतों से होता है और उसे अपने गांव को एक जानलेवा खतरे से बचाना होता है।

फिल्म को अरुणाभ कुमार और जानवी गिल ने लिखा है और इसे बालाजी मोशन पिक्चर्स और द वायरल फीवर (TVF मोशन पिक्चर्स) ने प्रोड्यूस किया है। इसका संगीत तनिष्क बागची, विशाल मिश्रा और अमित त्रिवेदी ने तैयार किया है। ‘द वन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।