SBI Funds Listing Gain: IPO को ताबड़तोड़ बोली, अब लिस्टिंग का इंतजार, पहले दिन इतने मुनाफे की गुंजाइश

SBI Funds Listing Gain: देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपाओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। हर कैटेगरी के निवेशकों के धांसू रिस्पांस के बाद आईपीओ निवेशकों को शेयर ₹574 के भाव पर जारी हुए हैं। अब मंगलवार को मंगल होने की उम्मीद है क्योंकि ग्रे मार्केट से 16% से अधिक लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर इश्यू प्राइस से ₹92.5 यानी 16.11% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इससे शेयरों की मजबूत लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। अब अलॉटमेंट की बात करें तो अगर आपने आईपीओ में बोल लगाई थी और अभी तक स्टेटस चेक नहीं किया है तो इसे या तो बीएसई की वेबसाइट पर या रजिस्ट्रार एमयूएफजी की वेबसाइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे चेक करें स्टेटस

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके SBI Funds चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

SBI Funds IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एसबीआई फंड्स का ₹9813 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 14-16 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 140.11 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 22.51 गुना खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.76 गुना, एंप्लॉयीज का हिस्सा 4.65 गुना और शेयरहोल्डर्स का हिस्सा 9.52 गुना भरा था।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ हैं बल्कि ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत ₹1 की फेस वैल्यू वाले 17,09,56,631 शेयरों की बिक्री हुई है। इसमें से 12,83,34,397 शेयर एसबीआई और 7,53,74,842 शेयर एमुंडी इंडिया होल्डिंग ने बेचे हैं। चूंकि यह इश्यू पीरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो आईपीओ का पैसा कंपनी को नहीं मिला बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स एसबीआई और एमुंडी इंडिया को मिला।

SBI Funds के बारे में

AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट एसबीआई म्यूचुअल फंड को मैनेज करती है। यह एसबीआई और एमुंडी का ज्वाइंट वेंचर है। यह इक्विटी फंड्स, डेट फंड्स, हाइब्रिड फंड्स, ईटीएफ और PMS (पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज) जैसे निवेश प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक यह र्16.32 लाख करोड़ के एसेट्स मैनेज कर रही है जोकि म्यूचुअल फंड्स को कुल एयूएम का करीब 15.5% है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से इंडिविजुअल और इंस्टीट्यूशनल मिलाकर इसके 1.60 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। इसके पोर्टफोलियो में 126 म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 21% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹3,067.38 करोड़ और टोटल इनकम भी इस दौरान 20% के सीएजीआर से उछलकर ₹4,976.11 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में ₹326.73 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अकेलेपन से मिलेगा छुटकारा! चीन ने बनाया इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक और बड़ा कदम उठाते हुए चीन की कंपनी UBTech ने अपना नया UWORLD U1 humanoid robot पेश किया है, जिसे अब तक का सबसे एडवांस फुल-साइज बायोनिक रोबोट बताया जा रहा है। यह रोबोट सिर्फ एक मशीन नहीं है, बल्कि इंसानों जैसा व्यवहार और अनुभव देने वाला एक “कंपैनियन रोबोट” है, जिसे खास तौर पर लोगों के साथ रहने, बातचीत करने और इमोशनल सपोर्ट देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसी आधुनिक तकनीकें शामिल की गई हैं जो इसे मानव जैसी बातचीत और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाती हैं।

कंपनी का दावा है कि यह रोबोट भविष्य में अकेले रहने वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए एक सहारा बन सकता है। लॉन्च से पहले ही इसके हजारों प्री-ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि AI और रोबोटिक्स को लेकर दुनिया में उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

 फैक्ट्री नहीं, घर और दिलों के लिए बना रोबोट

U1 को इंडस्ट्रियल कामों के लिए नहीं, बल्कि इंसानों के साथ रहने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी, रिसेप्शन और होम सर्विस जैसी जगहों पर किया जा सकता है, जहां इंसानी बातचीत जरूरी होती है।

कीमत और वेरिएंट

इस रोबोट को तीन वर्जन—लाइट, प्रो और अल्ट्रा में लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये से शुरू होकर ₹1.15 करोड़ रुपये तक जाती है। इसे अभी चीन में ही उपलब्ध कराया गया है और जल्द ही डिलीवरी शुरू होगी।

इंसानों जैसा रूप और नेचुरल मूवमेंट

U1 को मेल और फीमेल दोनों अवतार में बनाया गया है। इसका हाइट भी इंसानों जैसा है, पुरुष मॉडल करीब 183 cm और महिला मॉडल 168 cm। इसमें 88 सर्वो जॉइंट्स हैं, जिससे यह इंसानों जैसी बॉडी मूवमेंट कर सकता है।

20+ भावनाएं समझने वाला AI ब्रेन

इस रोबोट की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल AI सिस्टम है, जो 20 से ज्यादा भावनाओं को पहचान सकता है। ये बातचीत के दौरान आई कॉन्टैक्ट बनाए रखता है, पिछली बातें याद रखता है और समय के साथ और ज्यादा पर्सनल जवाब देता है।

बात करेगा, याद रखेगा और साथ भी देगा

UBTech का दावा है कि U1 अपने यूजर को पहचान सकता है, उनकी आदतें याद रख सकता है, दवाइयों की याद दिला सकता है और अकेलेपन में बातचीत करके इमोशनल सपोर्ट भी दे सकता है। यहां तक कि यह मूवी, स्पोर्ट्स या एक्टिविटी भी सजेस्ट करता है।

सिलिकॉन स्किन और रियलिस्टिक लुक

रोबोट के बाहर सिलिकॉन कोटिंग की गई है ताकि यह असली इंसान जैसा लगे। कैमरा, माइक्रोफोन और सेंसर इसे और भी ज्यादा इंटरैक्टिव बनाते हैं, जिससे लोगों को बातचीत करते समय अजीब एहसास न हो।

डेटा प्राइवेसी और लोकल प्रोसेसिंग

कंपनी का कहना है कि यूजर डेटा क्लाउड पर नहीं भेजा जाता, बल्कि डिवाइस में ही स्टोर होता है। इसमें तीन-लेयर प्राइवेसी सिस्टम दिया गया है ताकि यूजर की जानकारी सुरक्षित रहे। AI मॉडल लोकल प्रोसेसिंग पर ज्यादा काम करता है।

13,000+ प्री-ऑर्डर से मचा धमाल

लॉन्च से पहले ही इस रोबोट को 13,300 से ज्यादा प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं, जो दिखाता है कि AI कंपैनियन टेक्नोलॉजी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।

चीन बन रहा रोबोटिक्स का पावरहाउस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन दुनिया के लगभग 85% ह्यूमनॉइड रोबोट इंस्टॉलेशन करता है। मजबूत सरकारी सपोर्ट और टेक मैन्युफैक्चरिंग इसे तेजी से आगे बढ़ा रही है।

एक्सपर्ट्स की चिंता

विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे रोबोट अकेलेपन में मदद कर सकते हैं, लेकिन इससे इमोशनल अटैचमेंट, प्राइवेसी रिस्क और uncanny valley इफेक्ट जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।