NSE से ज्यादा GMP तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा, जानिए इस इश्यू की सबसे जरूरी बातें

एनएसई का आईपीओ 16 सितंबर को एंकर इनवेस्टर्स के लिए खुल गया। यह इश्यू 17 सितंबर को बाकी निवेशकों के लिए खुल जाएगा। लेकिन, जैसे-जैसे एनएसई के आईपीओ के खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसके शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) घट रहा है। इसके शेयर से ज्यादा जीएमपी तो हीरो मोटर्स के शेयर पर चल रहा है।

खुलने के कुछ ही घंटों में 20% सब्सक्राइब हुआ इश्यू

Hero Motors का आईपीओ 16 सितंबर को खुल गया है। इसे इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है। NSE के डेटा के मुताबिक, 10:25 बजे तक यह इश्यू 20 फीसदी तक सब्सक्राइब हो गया था। यह आईपीओ 1,000 करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ में 18 सितंबर तक इनवेस्ट किया जा सकता है।

आईपीओ में कंपनी 600 करोड़ के नए शेयर इश्यू करेगी

हीरो मोटर्स ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 79-84 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इनवेस्टर्स को 600 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 400 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी की प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग्स और हीरो साइकिल्स ओएफएस में शेयर बेच रही हैं।

हीरो मोटर्स के शेयर पर जीएमपी एनएसई से काफी ज्यादा

हीरो मोटर्स के शेयरों पर 16 सितंबर को करीब 23 फीसदी जीएमपी चल रहा था। यह जानकारी इनवेस्टरगेन के डेटा पर आधारित है। एनएसई के शेयर का जीएमपी घटकर 9 फीसदी से कम रह गया है। ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP से सिर्फ शेयर की लिस्टिंग या लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। यह एक्चुअल लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं है। इनवेस्टर्स को सिर्फ जीएमपी देखकर किसी आईपीओ में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।

आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए 

हीरो मोटर्स आईपीओ से मिले पैसे में से 190 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी करीब 200 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपने प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर करेगी। कंपनी का प्लांट यूपी के गौतम बुद्ध नगर में है। कंपनी इस प्लांट के लिए इक्विपमेंट खरीदना चाहती है, जिसका इस्तेमाल कपैसिटी बढ़ाने के लिए होगा।

BMW AG, Ducati Motor जैसी कंपनियां हीरो मोटर्स की ग्राहक

हीरो मोटर्स ऑटोमोटिव ऑरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) के लिए इंजीनियर्सड पावरट्रेन सॉल्यूशंस की डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग करती है। इसका ऑपरेशंस कई देशों में है, जिनमें अमेरिका, यूरोप और आसियान के देश शामिल है। इसके ग्राहकों में दुनिया की कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इनमें BMW AG, Ducati Motor Holding, Enviolo International, Formula Motorsport और HWA AG शामिल हैं।

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16 सितंबर को लंबे समय बाद बाजार में आई रिकवरी

हीरो मोटर्स के आईपीओ के खुलने के दिन बाजार में रिकवरी है। शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों निफ्टी और सेंसेक्स में मजबूती देखने को मिली। निफ्टी दोपहर में 0.58 फीसदी यानी 134 अंक चढ़कर 23,253 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.52 फीसदी यानी 388 अंक के उछाल के साथ 74,391 पर चल रहा था।

खुल गया ₹1000 करोड़ का Hero Motors IPO, पैसे लगाने से पहले चेक करें डिटेल्स और ब्रोकरेजेज का रुझान

Hero Motors IPO: ऑटो कंपोनेंट्स और एडवांस्ड मोबिलिटी मैन्युफैक्चरर हीरो मोटर्स का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। ₹1000 करोड़ का आईपीओ खुलने से पहले ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनाी समेत 15 एंकर निवेशकों से यह ₹300 करोड़ जुटा चुकी हैं, जिन्हें प्रति शेयर ₹84 के भाव पर 3.57 करोड़ शेयर जारी हुए हैं। अब ग्रे मार्केट में बात करें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह ₹10 यानी 11.90% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही किसी आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।

Hero Motors IPO: डिटेल्स

हीरो मोटर्स का ₹1000 करोड़ का आईपीओ आज 16 सितंबर को खुला है और 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू में ₹79-₹84 के प्राइस बैंड और 178 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इस इश्यू के तहत ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे तो ₹10 की फेस वैल्यू वाले ₹400 करोड़ के शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की होल्डिंग 85.57% से घटकर 61.63% रह जाएगी। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का एलॉटमेंट 21 सितंबर को फाइनल होगा जिसके बाद बीएसई और एनएसई पर 23 सितंबर को इसकी लिस्टिंग होगी। इसका रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

अब आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स ओपी मुंजाल होल्डिंग और हीरो साइकिल्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹190.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹200 करोड़ इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

हीरो मोटर्स के बारे में

हीरो मोटर्स एक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और एशियन की गाड़ी कंपनियों के लिए पावरट्रेन सॉल्यूशंस तैयार कर मुहैया कराती है। यह दोपहिया से लेकर ई-बाइक, पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियां, ऑफ-रोड वेईकल्स और ईवीटोल्स के लिए सर्विसेज देती है। इसकी ग्राहक बीएमडब्ल्यू एजी, डुकाटी मोटर होल्डिंग, और हमिंगबर्डईवी जैसी दिग्गज कंपनियां हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 55% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹41.17 करोड़ और टोटल इनकम 6% के सीएजीआर से ₹1,216.74 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹400.79 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹116.32 करोड़ पड़े थे।

Hero Motors IPO: क्या है ब्रोकरेजेज की राय

SBI Securities

ब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज ने हीरो मोटर्स के आईपीओ को न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी के कामकाज पर नजर रखना चाहेगी।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से कंपनी का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2026 के लिए 83.8x P/E पर है जो इसकी कम रेवेन्यू ग्रोथ और कुछ ही बड़े ग्राहकों पर निर्भरता को देखते हुए दूसरी कंपनियों के मुकाबले महंगा है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी की तकनीकी क्षमताओं के साथ-साथ ई-मोबिलिटी और फोर्ज्ड कंपोनेंट्स में विस्तार उम्मीद जगाती हैं लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन में भविष्य की ग्रोथ को पहले ही शामिल कर लिया गया है।

ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि वित्त वर्ष 2026 के रेवेन्यू का 61.4% हिस्सा सिर्फ पांच ग्राहकों से आया। ऐसे में इन ग्राहकों की मांग और सोर्सिंग स्ट्रैटेजी में बदलाव का इसके बिजनेस पर असर दिख सकता है।

Anand Rathi

ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी का मानना है कि आईपीओ फुल्ली प्राइस्ड है लेकिन इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि हीरो मोटर्स ने इलेक्ट्रिक और नॉन-इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एप्लीकेशन के लिए तैयार किए गए पावरट्रेन सॉल्यूशन पर फोकस करके ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है। डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइपिंग, वैलिडेशन और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटीज के दम पर यह ऑटोमोटिव ओईएम को सिस्टम-लेवल और कंपोनेंट-लेवल सॉल्यूशन मुहैया कराती है।

हीरो मोटर्स के पोर्टफोलियो में सीवीटी, ईवी ट्रांसमिशन, इलेक्ट्रिक मोटर, ड्राइव यूनिट और गियर सेट शामिल हैं।

हीरो मोटर्स की ई-बाइक पावरट्रेन मार्केट में भी मजबूत स्थिति है। यह भारत से ई-बाइक बनाने वाली कंपनियों को CVT हब बनाने और निर्यात करने वाली इकलौती कंपनी है। ह्यूलैंड (Hewland) में निवेश से हीरो मोटर्स की ट्रांसमिशन डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग क्षमताएं मजबूत हुई हैं तो यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ इसके जॉइंट वेंचर से कंपनी की इलेक्ट्रिक मोटर क्षमताओं को बढ़ावा मिला है।

हीरो मोटर्स की फैसिलिटीज भारत के साथ-साथ यूके और थाईलैंड में भी हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO: एनएसई के शेयरों पर लगातार घट रहा जीएमपी, आईपीओ में बोली लगाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के खुलने में अब सिर्फ एक दिन बाकी रह गया है। इस बीच शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार घट रहा है। यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर को होगी। इनवेस्टर्स को लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

शेयरों पर जीएमपी में लगातार गिरावट 

अनऑफिशियल मार्केट एक्टिविटी ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर के GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट देखने को मिली है। अब शेयर पर जीएमपी घटकर करीब 10-11 फीसदी पर आ गया है। इनवेस्टरगेंस के मुताबिक, शेयर का जीएमपी 179 रुपये था, जो 10.03 लिस्टिंग गेंस का संकेत देता है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, जीएमपी से शेयर पर 11.65 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। एक दिन पहले शेयर का जीएमपी 12 फीसदी से ज्यादा था।

डेरिवेटिव्स पर निर्भरता बड़ा रिस्क

जीएमपी में कमी के बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि एनएसई की काफी निर्भरता डेरिवेटिव्स पर है, जो इसके लिए बड़ा रिस्क है। एनएसई के रेवेन्यू में ऑप्शंस ट्रांजेक्श फीस की बड़ी हिस्सेदारी है। पॉल मैनेजमेंट में रिसर्च हेड प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि एनएसई का बिजनेस स्ट्रॉन्ग है। एक्सचेंज प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज से काफी आगे है।

शेयर महंगा नहीं तो सस्ता भी नहीं

उन्होंने कहा, “प्राइस बैंड के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह वाजिब है, लेकिन इसे कम नहीं कहा जा सकता। आगे एक्सचेंज की ग्रोथ कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ने, कैश-मार्केट एक्टिविटी, नए प्रोडक्ट्स, डेटा, सूचकांकों और गिफ्ट सिटी पर निर्भर करेगा। सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ने से काम नहीं चलेगा।”

अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम पर रखनी होगी नजर

उन्होंने कहा, “डेरिवेटिव्स पर निर्भरता एक्सचेंज के लिए बड़ा रिस्क है। रेवेन्यू में ऑप्शन ट्रांजेक्शंस फीस का बड़ा योगदान है। लिस्टिंग के बाद इनवेस्टर्स को अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम, ऑप्शंस एक्टिविटी और प्रॉफिटबिलिटी पर नजर रखनी होगी।” इनवेस्टर्स पर एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान के बयान का भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर एमडीआर का असर कुछ समय के लिए पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर 

NSE का मानना है कि यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज का ट्रॉजेक्शन वॉल्यूम पर थोड़ समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, बाद सब सामान्य हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बाजार पर करीब बीते डेढ़ महीनों से दबाव दिख रहा है।

Manika Plastech IPO: 26% लिस्टिंग गेन का इशारा! 4x से ज्यादा हुआ सब्सक्राइब, बोली लगाए या नहीं? जानें

Manika Plastech IPO: प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी मानिका प्लास्टेक के ₹125.50 करोड़ के आईपीओ में दांव लगाने का आज दूसरा दिन है। शेयर बाजार में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों की तरफ से काफी अच्छा रिस्पांस देखने को मिल रहा है।

सोमवार, 15 सितंबर सुबह 11 बजे तक यह आईपीओ कुल मिलाकर 3.8 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। वहीं, अनौपचारिक ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो पहले ही दिन निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिलने का इशारा कर रहे हैं।

सब्सक्रिप्शन को लेकर रिटेल और NII निवेशकों में ज्यादा उत्साह

11 सितंबर को खुले इस आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया और यह 1.42 गुना सब्सक्राइब होकर पूरी तरह भर गया था। दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक के आंकड़े इस प्रकार हैं:

रिटेल निवेशक (RIIs): 5.45 गुना सब्सक्रिप्शन

गैर-संस्थागत निवेशक (NIIs): 4.37 गुना सब्सक्रिप्शन

संस्थागत निवेशक (QIBs): 35% (0.35 गुना) सब्सक्रिप्शन

वैसे अमूमन बड़े संस्थागत निवेशक (QIBs) आईपीओ के आखिरी दिन ही अपनी बोलियां लगाते हैं, इसलिए आने वाले समय में इसके आंकड़े और ऊपर जा सकते हैं।

कंपनी क्या करती है और पैसों का क्या करेगी?

मुंबई बेस्ड यह कंपनी प्रिसिजन-इंजीनियर रिजिड पॉलिमर्स बनाती है। यह बैटरियों के प्लास्टिक केसिंग, बाल्टियां और पतली दीवारों वाले कंटेनर बनाती है, जिसका इस्तेमाल ऑटोमोटिव, पेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, कंस्ट्रक्शन और फूड-डेयरी इंडस्ट्रीज में होता है।कंपनी के देशभर में 7 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 29,200 MTPA है।

आईपीओ के फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों में से ₹54.9 करोड़ का इस्तेमाल नए प्लांट व मशीनरी खरीदने में किया जाएगा, जबकि ₹15 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने ₹162.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जिस पर उसे ₹13 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ। आपको बता दें कि आम लोगों के लिए आईपीओ खुलने से ठीक पहले, 10 सितंबर को कंपनी ने ट्रस्ट म्यूचुअल फंड समेत 4 एंकर निवेशकों से ₹37.6 करोड़ जुटा लिए थे।

लिस्टिंग पर कितना हो सकता है मुनाफा?

ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइटों के मुताबिक, मानिका प्लास्टेक के शेयर 16% से लेकर 26% तक के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। ‘IPO Watch’ के अनुसार, इसका जीएमपी लगभग 25.58% के प्रीमियम को दर्शा रहा है। वहीं ‘Investorgain’ के मुताबिक, इसका जीएमपी ₹7 चल रहा है, जो करीब 16.28% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। अगर यही रुझान बना रहता है, तो 21 सितंबर को बाजारों में इसके शेयरों की एंट्री के साथ निवेशकों को पहले ही दिन 26% तक का तगड़ा मुनाफा हो सकता है।

क्या है एक्सपर्ट की राय?

स्मॉल और मिड-कैप पैकेजिंग सेगमेंट में मानिका प्लास्टेक का ट्रैक रिकॉर्ड और वित्तीय नतीजे मजबूत नजर आ रहे हैं। अगर आप लिस्टिंग गेन के साथ-साथ पैकेजिंग सेक्टर की ग्रोथ में लंबी अवधि के लिए दांव लगाना चाहते हैं, तो यह आईपीओ एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। वैसे, ग्रे मार्केट प्रीमियम में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आता रहता है, इसलिए अंतिम फैसला अपनी जोखिम क्षमता के आधार पर लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO को 126 गुना बोली, अब ग्रे मार्केट से 15 सितंबर को तगड़ी लिस्टिंग के संकेत

Pranav Constructions IPO: ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करने वाली प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को निवेशकों को धांसू रिस्पांस मिला था। तीन दिनों में इसका ₹351 करोड़ का आईपाीओ 126 गुना से अधिक भरा था। अब 10 सितंबर को शेयरों के अलॉटमेंट के बाद 15 सितंबर को लिस्टिंग का इंतजार है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) फिलहाल ₹48 यानी 38.71% है यानी कि बीएसई और एनएसई पर इसके शेयरों की करीब 39% प्रीमियम पर एंट्री हो सकती है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीएमपी की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Pranav Constructions IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹118-₹124 था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 126.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 268.54 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 217.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 45.31 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹316 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,56,869 शेयर यानी ₹35 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला हैं। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹145.72 करोड़ रीडेवलपमेंट से जुड़े सभी खर्चों, ₹91.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹42.57 करोड़ भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण की फंडिंग और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹40.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Pranav Constructions के बारे में

प्रणव कंस्ट्रक्शंस एक रियल एस्टेट कंपनी है जो ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स पर है। यह रीडेवलपमेंट कंपनी है यानी कि इसका मुख्य बिजनेस जमीन खरीदकर उस पर बिल्डिंग बनाना नहीं बल्कि मौजूदा पुरानी सोसायटी/प्रॉपर्टी को फिर से डेवलप करना है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके 28 प्रोडेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, 20 पर काम चल रहा है तो 17 पर काम अभी शुरू होना है। यह कम कीमत वाले घरों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट के भी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.32 करोड़ और टोटल इनकम 30% से अधिक के सीएजीआर से ₹763.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹159.52 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। प्राइस बैंड सहित इश्यू की दूसरी जानकारियां सामने आ गई हैं। अगर आप देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान ले कि इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) कितना चल रहा है।

शेयर के जीएमपी में आई है गिरावट 

NSE के शेयर के जीएमपी में 11 सितंबर को गिरावट आई। ग्रे मार्केट की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर पर 10-11 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने प्रति शेयर 180 रुपये का जीएमपी बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर की लिस्टिंग पर 10.08 फीसदी कमाई हो सकती है।

10-11 फीसदी लिस्टिंग गेंस के संकेत

आईपीओवॉच ने एनएसई के शेयर पर जो जीएमपी बताया है, उसके हिसाब से इस शेयर से 10.53 लिस्टिंग गेंस हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर का जीएमबी 285 रुपये था। तब एनएसई ने प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया था। 285 रुपये जीएमपी का मतलब था कि इस शेयर की लिस्टिंग से 15.97 का गेंस हो सकता था।

21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

एनएसई के आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए 16 सितंबर को खुल जाएगा। एनएसई ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ 22,561.5 करोड़ रुपये का है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है।

देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज 

एनएसई का मुकाबला बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सेंचज से है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि BSE न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 93.05 फीसदी था, इक्विटी फ्यूचर्स में मार्केट शेयर 99.72 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी था। यह डेटा जून 2026 में खत्म तीन महीनों के टोटल प्रीमियम टर्नओवर पर आधारित है।

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आईपीओ मार्केट में बढ़ी है हलचल

पिछले कुछ हफ्तों में आईपीओ मार्केट में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। इस हफ्ते कुल 16 आईपीओ बाजार में हैं। हाल में कई आईपीओ को इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। कुछ कंपनियों के शेयर काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुछ शेयरों में तो लिस्टिंग के बाद लगातार तेजी दिखी है। मिल्की मिस्ट का शेयर इसका उदाहरण है।

IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; ग्रे मार्केट में सबसे तगड़ी इसकी सेहत

IPO News: आज 9 सितंबर को निवेशकों के लिए छह मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हैं। मेनबोर्ड का मतलब ऐसी छह कंपनियों के आईपीओ खुले हैं, जिनके शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने हैं। इनमें डिजिटल पेमेंट, कंज्यूमर रेंटल, इंजीनियरिंग, एसेट रिकंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ये सभी आईपीओ 11 सितंबर तक खुले रहेंगे। इनमें से मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस (Manipal Payment and Identity Solutions) के साथ-साथ ऑनलाइन फर्नीचर और एप्लाएंस रेंटल प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो (Rentomojo) अहम हैं और बड़े आईपीओ में शुमार हैं। ग्रे मार्केट में सबकी सेहत मजबूत दिख रही है लेकिन ध्यान दें कि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निवेश का फैसला जीएमपी नहीं बल्कि कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

Manipal Payment and Identity Solutions IPO

मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस के ₹805 करोड़ के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹322-₹339 और लॉट साइज 44 शेयर है। ग्रे मार्केट में इसके शेयर आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹33 यानी 9.73% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। इस इश्यू के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे और बाकी शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी।

Rentomojo IPO

रेंटोमोजो के ₹1256 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशक ₹384-₹404 के प्राइस बैंड और ₹37 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। ग्रे मार्केट में इसके शेयर ₹140 के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं यानी जीएमपी 34.65% है। इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

LCC Projects IPO

सिंचाई और पानी की सप्लाई से जुड़े काम करने वाली एलसीसी प्रोजेक्ट्स के ₹427 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹139-₹146 और लॉट साइज 102 शेयर है। इस इश्यू के तहत ₹258 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। ग्रे मार्केट में यह ₹40 यानी 27.40% के प्रीमियम पर है।

Karamtara Engineering IPO

रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइन्स से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाने वाली करमतारा इंजीनियरिंग के ₹875 करोड़ के आईपीओ में निवेशक ₹241-₹254 के प्राइस बैंड और 59 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत ₹675 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसकी जीएमपी ₹65 यानी 25.59% है।

Asset Reconstruction Company IPO

एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी के ₹733 करोड़ के आईपाओ के तहत निवेशक ₹132-₹139 के प्राइस बैंड और ₹107 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का है। फिलहाल ग्रे मार्केट में यह ₹28 यानी 20.14% के प्रीमियम पर है।

Steamhouse India IPO

नाइट्रोजन का पाइपलाइन नेटवर्क चलाने वाली स्टीमहाउस इंडिया के ₹414 करोड़ के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹77-₹81 और लॉट साइज ₹185 शेयर है। ग्रे मार्केट में यह आईपीओ के प्राइस बैंड से ₹19 यानी 23.46% की जीएमपी पर है। इस इश्यू के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे।

लिस्टिंग के दिन गिरावट का 4 निवेशकों ने उठाया फायदा, खरीदी 5% होल्डिंग, आपके पास है यह शेयर?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ESDS Software IPO: 28 गुना से ज्यादा भरा, GMP देखकर गदगद हुए निवेशक! आज है बोली लगाने का आखिरी मौका

ESDS Software Solutions IPO: क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को बोली लगाने के आखिरी दिन, 1 सितंबर को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला है।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर सुबह 10:30 बजे तक यह पब्लिक इश्यू 28.31 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। शेयर बाजार में चल रही भारी मांग को देखते हुए ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ का प्रीमियम (GMP) लगातार ऊंचाई छू रहा है।

आइए आपको बताते हैं ESDS Software IPO का सब्सक्रिप्शन स्टेटस, जीएमपी, कंपनी का बिजनेस और लिस्टिंग से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।

सब्सक्रिप्शन स्टेटस: NII और रिटेल कैटेगरी में बंपर मांग

कंपनी का ₹720 करोड़ का यह आईपीओ ऑफर पर रखे गए 1,23,52,942 शेयरों के मुकाबले 34,97,62,658 शेयरों के लिए बोलियां हासिल कर चुका है:

नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs): एनआईआई हिस्से में सबसे ज्यादा आक्रामक खरीदारी देखी गई और यह कोटा 81.74 गुना भर चुका है।

रिटेल निवेशक: खुदरा निवेशकों का कोटा भी 21.17 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी बातें

  • आईपीओ साइज: ₹720 करोड़
  • प्राइस बैंड: ₹408 – ₹429 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: 28 अगस्त से 1 सितंबर 2026
  • एंकर इन्वेस्टर्स जुटाए: ₹216 करोड़
  • लिस्टिंग डेट: 4 सितंबर 2026 (BSE और NSE पर)

ESDS Software Solutions इस पब्लिक इश्यू से मिलने वाली कुल रकम में से ₹576 करोड़ का इस्तेमाल अपने डेटा सेंटर्स के लिए AI-बेस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदने और इंस्टॉल करने के लिए करेगी। बाकी बची राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल हेल्थ

2005 में स्थापित ESDS Software Solutions AI-इनेबल्ड क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। FY26 में कंपनी ने ऑपरेशन्स से ₹472.21 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि इसका शुद्ध मुनाफा ₹120.82 करोड़ रहा। कंपनी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा (BFSI), पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और कॉरपोरेट समेत 2,500 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं दे रही है।

58% तक लिस्टिंग गेन का इशारा

ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘इन्वेस्टरगेन’ के मुताबिक, ESDS Software का शेयर ₹250 के तगड़े ग्रे मार्केट प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी के ₹408 से ₹429 प्रति शेयर के प्राइस बैंड के आधार पर, इसके ₹429 के अपर प्राइस बैंड में ₹250 का प्रीमियम जोड़कर इसकी संभावित लिस्टिंग ₹679 प्रति शेयर पर हो सकती है। इसका सीधा मतलब है कि यह आईपीओ लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को करीब 58.28% का शानदार मुनाफा दे सकता है।

बोली लगाए या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

आनंद राठी के अनुसार, प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित P/E का 41.6 गुना है, जो इश्यू के बाद ₹50,284 मिलियन का मार्केट कैपिटलाइजेशन दिखाता है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के क्लाउड और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट की मजबूत ग्रोथ संभावनाओं, कंपनी की इंटीग्रेटेड सेवाओं और बेहतर होती प्रोफिटबिलिटी को देखते हुए यह प्रीमियम वैल्यूएशन काफी हद तक वाजिब है। इसी के आधार पर ब्रोकरेज ने इस आईपीओ को ‘Subscribe – Long Term’ यानी लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: विजय केडिया का है तगड़ा निवेश! एंकर राउंड में मधुसूदन केला ने भी लगाया बड़ा दांव, 31 अगस्त से खुलेगा ये आईपीओ

Vijay Kedia Backed Asuthosh Fibre IPO: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक विजय केडिया के निवेश वाली कंपनी आशुतोष फाइबर का आईपीओ दांव लगाने के लिए खुलने जा रहा है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन खुलने से ठीक पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹16.04 करोड़ जुटा लिए हैं।

एंकर बुक में मधुसूदन केला के मेंटरशिप वाले सिंगुलैरिटी AMC समेत कई बड़े फंड्स ने हिस्सा लिया है। आइए आपको बताते हैं इस आईपीओ की प्राइस बैंड, महत्वपूर्ण तारीखें और कैसी है कंपनी की सेहत।

एंकर बुक: इन 5 बड़े निवेशकों ने लगाए पैसे

28 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों को अपर प्राइस बैंड पर 17.43 लाख शेयर आवंटित किए:

  1. Nine Alps Corporate Advisors: ₹6 करोड़ के निवेश से 6.52 लाख शेयर खरीदे।
  2. Singularity Equity Fund II: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  3. Nav Capital Emerging Star Fund: ₹3.45 करोड़ के निवेश से 3.75 लाख शेयर खरीदे।
  4. Aarth AIF Growth Fund: ₹2.11 करोड़ के निवेश से 2.3 लाख शेयर खरीदे।
  5. Vira Bharat Opportunities Fund: ₹1 करोड़ के निवेश से 1.09 लाख शेयर खरीदे।

Asuthosh Fibre IPO की सभी जरूरी डिटेल्स

गुजरात बेस्ड टेक्निकल टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाने वाली यह कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹56.34 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें कोई भी ऑफर फॉर सेल (OFS) कंपोनेंट नहीं है।

  • IPO खुलने की तारीख: 31 अगस्त
  • IPO बंद होने की तारीख: 2 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹87 से ₹92 प्रति शेयर
  • अलॉटमेंट: 3 सितंबर
  • लिस्टिंग: 7 सितंबर

आईपीओ के पैसों का क्या करेगी कंपनी?

आशुतोष फाइबर जुटाए गए फंड का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने और कर्ज कम करने में करेगी। ₹25.5 करोड़ नए उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए। ₹20 करोड़ कंपनी का पुराना कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।

विजय केडिया की कितनी है हिस्सेदारी?

ऑफर से पहले कंपनी के प्रमोटर्स के पास 59.79% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी पब्लिक शेयरधारकों के पास है, जिसमें शेयर बाजार के जाने-माने निवेशक विजय केडिया की 6.57% हिस्सेदारी शामिल है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर के रूप में Mefcom Capital Markets को नियुक्त किया गया है।

अब जानिए कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत

टेक्सटाइल यार्न और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी इस कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में शानदार प्रदर्शन किया है। मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का मुनाफा 88.5% बढ़कर ₹16.04 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले साल (FY25) में ₹8.5 करोड़ था। कंपनी का कुल रेवेन्यू 2.9% की मामूली बढ़त के साथ ₹117.37 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹114 करोड़ था।

क्या है ग्रे मार्केट का हाल?

आईपीओ वॉच के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 29 अगस्त 2026 को आशुतोष फाइबर आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹37 प्रति शेयर दर्ज किया गया है। यह इसके अपर प्राइस बैंड ₹92 के मुकाबले 40.22% के तगड़े प्रीमियम का संकेत दे रहा है।

इससे पहले 28 अगस्त को भी जीएमपी ₹37 ही था, जबकि 27 अगस्त को यह ₹15 (16.30%) और 26 अगस्त को ₹13 (14.13%) पर बना हुआ था। लगातार बढ़ते और मजबूत जीएमपी ट्रेंड से स्पष्ट है कि प्राइमरी मार्केट में इस आईपीओ को लेकर निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगले हफ्ते शेयर बाजार में एंट्री के साथ ही रॉकेट बन सकते हैं ये शेयर, क्या आपने आईपीओ में बोली लगाई है?

अगले हफ्ते तीन कंपनियों के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट हो सकते हैं। इनमें सिंबायोटिक फार्मालैब, स्काईवेज एयर सर्विसेज और हाई-टेक इंजीनियर्स शामिल हैं। इन कंपनियों के आईपीओ में बोली लगाने की अंतिम तारीख 27 अगस्त है। तीनों आईपीओ को निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है।

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ 20 गुना सब्सक्राइब्ड

Symbiotic Pharmalab का आईपीओ आईपीओ खुलने के तीसरे दिन 20 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ। इस इश्यू में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने दिखाई। 1,757 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को 1.31 करोड़ शेयर एलॉट करेगी। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 29.05 फीसदी प्रीमियम चल रहा।

Skyways Air Services के शेयर पर 33 फीसदी से ज्यादा जीएमपी

Skyways Air Services के आईपीओ को भी निवेशकों का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। अब तक यह इश्यू करीब 23 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस इश्यू में NII के अलावा रिटेल इनवेस्टर्स ने भी जबर्दस्त दिलचस्पी दिखाई है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 33.33 फीसदी का प्रीमियम चल रहा है। इससे इस शेयर की दमदार लिस्टिंग की उम्मीद है।

हाई-टेक इंजीनियर्स का आईपीओ सबसे ज्यादा 144 गुना सब्सक्राइब हुआ

हाई-टेक इंजीनियर्स के आईपीओ में निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, यह इश्यू 144 गुना सब्सक्राइब हुआ है। NII कैटेगरी में यह इश्यू 301 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में यह इश्यू 134 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 27 अगस्त को 84.91 फीसदी प्रीमियम चल रहा था।

शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम से सिर्फ लिस्टिंग के बारे मिलता है संकेत 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी शेयर के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) से सिर्फ स्टॉक मार्केट्स में स्टॉक की लिस्टिंग का संकेत मिलता है। यह शेयर के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने की गारंटी नहीं है। अगर लिस्टिंग से पहले बाजार की स्थितियां बदल जाती हैं तो उसका असर शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इसीलिए एक्सपर्ट्स किसी आईपीओ में शेयर के जीएमपी के आधार पर बोली लगाने की सलाह नहीं देते हैं।

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर 27 अगस्त को दिखा दबाव 

तीनों कंपनियों की लिस्टिंग ऐसे वक्त हो रही है, जब बाजार पर दबाव दिख रहा है। 27 अगस्त को भी बाजार में गिरावट दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.48 फीसदी यानी 116.90 अंक गिरकर 24,090 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.70 फीसदी यानी 539 अंक गिरकर 76,933 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी 0.47 फीसदी की गिरावट आई।