NSE IPO: एनएसई के शेयरों पर लगातार घट रहा जीएमपी, आईपीओ में बोली लगाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के खुलने में अब सिर्फ एक दिन बाकी रह गया है। इस बीच शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार घट रहा है। यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर को होगी। इनवेस्टर्स को लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

शेयरों पर जीएमपी में लगातार गिरावट 

अनऑफिशियल मार्केट एक्टिविटी ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर के GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट देखने को मिली है। अब शेयर पर जीएमपी घटकर करीब 10-11 फीसदी पर आ गया है। इनवेस्टरगेंस के मुताबिक, शेयर का जीएमपी 179 रुपये था, जो 10.03 लिस्टिंग गेंस का संकेत देता है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, जीएमपी से शेयर पर 11.65 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। एक दिन पहले शेयर का जीएमपी 12 फीसदी से ज्यादा था।

डेरिवेटिव्स पर निर्भरता बड़ा रिस्क

जीएमपी में कमी के बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि एनएसई की काफी निर्भरता डेरिवेटिव्स पर है, जो इसके लिए बड़ा रिस्क है। एनएसई के रेवेन्यू में ऑप्शंस ट्रांजेक्श फीस की बड़ी हिस्सेदारी है। पॉल मैनेजमेंट में रिसर्च हेड प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि एनएसई का बिजनेस स्ट्रॉन्ग है। एक्सचेंज प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज से काफी आगे है।

शेयर महंगा नहीं तो सस्ता भी नहीं

उन्होंने कहा, “प्राइस बैंड के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह वाजिब है, लेकिन इसे कम नहीं कहा जा सकता। आगे एक्सचेंज की ग्रोथ कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ने, कैश-मार्केट एक्टिविटी, नए प्रोडक्ट्स, डेटा, सूचकांकों और गिफ्ट सिटी पर निर्भर करेगा। सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ने से काम नहीं चलेगा।”

अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम पर रखनी होगी नजर

उन्होंने कहा, “डेरिवेटिव्स पर निर्भरता एक्सचेंज के लिए बड़ा रिस्क है। रेवेन्यू में ऑप्शन ट्रांजेक्शंस फीस का बड़ा योगदान है। लिस्टिंग के बाद इनवेस्टर्स को अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम, ऑप्शंस एक्टिविटी और प्रॉफिटबिलिटी पर नजर रखनी होगी।” इनवेस्टर्स पर एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान के बयान का भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर एमडीआर का असर कुछ समय के लिए पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: NSE IPO: लिस्टिंग के बाद टॉप 15 क्लब का हिस्सा बनेगा एनएसई का शेयर, जानिए इसका मतलब

बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर 

NSE का मानना है कि यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज का ट्रॉजेक्शन वॉल्यूम पर थोड़ समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, बाद सब सामान्य हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बाजार पर करीब बीते डेढ़ महीनों से दबाव दिख रहा है।

NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। प्राइस बैंड सहित इश्यू की दूसरी जानकारियां सामने आ गई हैं। अगर आप देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान ले कि इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) कितना चल रहा है।

शेयर के जीएमपी में आई है गिरावट 

NSE के शेयर के जीएमपी में 11 सितंबर को गिरावट आई। ग्रे मार्केट की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर पर 10-11 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने प्रति शेयर 180 रुपये का जीएमपी बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर की लिस्टिंग पर 10.08 फीसदी कमाई हो सकती है।

10-11 फीसदी लिस्टिंग गेंस के संकेत

आईपीओवॉच ने एनएसई के शेयर पर जो जीएमपी बताया है, उसके हिसाब से इस शेयर से 10.53 लिस्टिंग गेंस हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर का जीएमबी 285 रुपये था। तब एनएसई ने प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया था। 285 रुपये जीएमपी का मतलब था कि इस शेयर की लिस्टिंग से 15.97 का गेंस हो सकता था।

21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोली

एनएसई के आईपीओ में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए 16 सितंबर को खुल जाएगा। एनएसई ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ 22,561.5 करोड़ रुपये का है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है।

देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज 

एनएसई का मुकाबला बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सेंचज से है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि BSE न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 93.05 फीसदी था, इक्विटी फ्यूचर्स में मार्केट शेयर 99.72 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी था। यह डेटा जून 2026 में खत्म तीन महीनों के टोटल प्रीमियम टर्नओवर पर आधारित है।

यह भी पढ़ें: Qualiance International Listing: शानदार शुरुआत, शेयर 77% बढ़त में लिस्ट; फिर लगा अपर सर्किट

आईपीओ मार्केट में बढ़ी है हलचल

पिछले कुछ हफ्तों में आईपीओ मार्केट में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। इस हफ्ते कुल 16 आईपीओ बाजार में हैं। हाल में कई आईपीओ को इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। कुछ कंपनियों के शेयर काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुछ शेयरों में तो लिस्टिंग के बाद लगातार तेजी दिखी है। मिल्की मिस्ट का शेयर इसका उदाहरण है।