IPOs This Week: 19 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में Jio IPO समेत 2 नए इश्यू, 9 कंपनियां होंगी लिस्ट

19 अक्टूबर से शुरू हो रहे हफ्ते में देश में 2 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं- जियो प्लेटफॉर्म्स IPO और पारस हेल्थकेयर IPO। ये दोनों मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा पहले से खुले 5 IPO में भी नए सप्ताह में पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 4 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात करें तो 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए IPO

Jio Platforms IPO: ₹30,213 करोड़ का IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर है। लॉट साइज 12 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है।

Paras Healthcare IPO: यह भी 21 अक्टूबर को खुलने वाला है। कंपनी ₹1,450 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹660-₹693 प्रति शेयर तय हुआ है। लॉट साइज 21 शेयर है। इश्यू में 23 अक्टूबर तक पैसे लगाने का मौका रहेगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

पहले से खुले IPO

Sahajanand Medical Technologies IPO: यह 15 अक्टूबर को खुला था 19 अक्टूबर को बंद होगा। साइज ₹475.48 करोड़ है। बोली ₹327-₹344 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 43 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Bonfiglioli Transmissions IPO: ₹2,533.66 करोड़ का इश्यू 15 अक्टूबर को खुला था। प्राइस बैंड ₹558-₹586 प्रति शेयर और लॉट साइज 25 शेयर है। क्लोजिंग 19 अक्टूबर को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।

Zetwerk Manufacturing Business IPO: यह भी 15 अक्टूबर को खुला था और 19 अक्टूबर को बंद होगा। साइज ₹5,012.33 करोड़ है। बोली ₹143-₹151 प्रति शेयर के भाव पर और 99 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को होने वाली है।

Tonbo Imaging India IPO: ₹852.18 करोड़ का पब्लिक इश्यू 19 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹665-₹700 प्रति शेयर है। लॉट साइज 21 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Shellz India IPO: यह भी 19 अक्टूबर को बंद होने वाला है। कंपनी का इरादा ₹59.97 करोड़ जुटाने का है। IPO के लिए प्राइस बैंड ₹170-₹179 प्रति शेयर और लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Cult.fit को IPO के लिए SEBI से मिली मंजूरी, रहेंगे ₹950 करोड़ तक के नए शेयर

इन कंपनियों की ​होगी लिस्टिंग

नए शुरू हो रहे सप्ताह में 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर HD Fire Protect की लिस्टिंग होगी। इसी दिन NSE SME पर Vaibhav Vyapaar की लिस्टिंग होने वाली है। 22 अक्टूबर को NSE और BSE पर Fusion CX के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। इसी दिन NSE SME पर Ravita Engineering Services के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। 23 अक्टूबर को NSE और BSE पर Sahajanand Medical Technologies, Bonfiglioli Transmissions, Zetwerk Manufacturing और Tonbo Imaging India की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। इसी दिन BSE SME पर Shellz India लिस्ट होने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cult.fit को IPO के लिए SEBI से मिली मंजूरी, रहेंगे ₹950 करोड़ तक के नए शेयर

फिटनेस सर्विसेज प्लेटफॉर्म Cult.fit को IPO लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI से मंजूरी मिल गई है। सेबी की वेबसाइट पर मौजूद एक दस्तावेज से पता चलता है कि कंपनी अब लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। Cult.fit के पब्लिक इश्यू में 950 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 17.86 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

Cult.fit भारत में 77 शहरों में 708 फिटनेस सेंटर चलाती है। 31 मार्च, 2026 तक इसके 987,000 से अधिक पेड मेंबर थे। यह कई माध्यमों से मेंबरशिप बेचती है, जिनमें इसका ऐप, वेबसाइट, कॉरपोरेट पार्टनरशिप प्रोग्राम और फिटनेस सेंटरों पर होने वाली डायरेक्ट सेल शामिल हैं। कल्ट फिट ने इस साल जुलाई में SEBI के पास IPO के लिए आवेदन किया था।

कंपनी में टेमासेक होल्डिंग्स के निवेश वाली मैकरिची इनवेस्टमेंट्स, फिटनेस फर्स्ट लक्जमबर्ग, IDG वेंचर्स इंडिया फंड, टाटा डिजिटल, चिराटे ट्रस्ट, श्रोडर्स कैपिटल, ट्वेंटी नाइन कैपिटल पार्टनर्स और एक्सेल इंडिया V (मॉरीशस) का भी पैसा लगा हुआ है।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Cult.fit

Cult.fit अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल नए सेंटर खोलने, और ब्रांडिंग व मार्केटिंग के खर्चों के लिए करेगी। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स जैसी एंटिटीज ‘बुक-रनिंग लीड मैनेजर’ हैं। साल 2016 में शुरू हुई कल्ट फिट भारत में जिम, ग्रुप वर्कआउट, आउटडोर फॉर्मेट, एट-होम वर्कआउट और फिटनेस प्रोडक्ट्स जैसे- कपड़े, जूते और जिम के सामान बेचने वाला एक बहुत बड़ा और जाना-माना प्लेटफॉर्म बन चुका है।

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इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

कल्ट फिट के अलावा SEBI ने ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट के IPO को भी मंजूरी दी है। ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज के IPO में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 1.32 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS रहेगा। IPO का साइज 1,100 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने मार्च में कॉन्फिडेंशियल रूट से SEBI के पास IPO ड्राफ्ट जमा किया था। साल 2026 में अब तक 97 मेनबोर्ड कंपनियां अपने IPO के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटा चुकी हैं।

₹12 करोड़ से बने ₹700 करोड़, जानिए Myntra के मुकेश बंसल ने 8 साल में कैसे 60 गुना रिटर्न कमाया

18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा से Vikram-1 रॉकेट ने उड़ान भरी। यह सिर्फ एक लॉन्च नहीं था, बल्कि भारत की पहली निजी कंपनी का सफल ऑर्बिटल लॉन्च था। इसके साथ ही Skyroot Aerospace ने इतिहास रच दिया। लेकिन इस सफलता की कहानी करोड़ों की लैब से नहीं, बल्कि हैदराबाद के एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई थी।

सरकारी नौकरी छोड़कर लगा दिया दांव

साल 2017 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ISRO में वैज्ञानिक थे। इसी दौरान उन्होंने Space Activities Bill का ड्राफ्ट पढ़ा। उन्हें लगा कि आने वाले समय में निजी कंपनियों को भी रॉकेट बनाने और लॉन्च करने का मौका मिल सकता है। दोनों ने जोखिम उठाया, सरकारी नौकरी छोड़ी और 2018 में Skyroot Aerospace की शुरुआत कर दी।

उस समय भारत का स्पेस सेक्टर लगभग पूरी तरह सरकार के हाथ में था। इसलिए निवेशकों को भी इस आइडिया पर भरोसा नहीं था। ज्यादातर लोगों को लगता था कि किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए रॉकेट लॉन्च करना सिर्फ सपना है।

जब किसी ने भरोसा नहीं किया

ऐसे समय में Myntra और Cult.fit के फाउंडर मुकेश बंसल कंपनी के साथ खड़े हुए। उन्होंने 2018 में Skyroot में पहला निवेश किया। उस समय कोई बड़ा वेंचर कैपिटल फंड कंपनी में पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

Tracxn के मुताबिक, मुकेश बंसल ने अलग-अलग फंडिंग राउंड में करीब 13 लाख डॉलर, यानी लगभग ₹12 करोड़ लगाए। लंबे समय तक वही कंपनी के इकलौते एंजेल निवेशक रहे। उन्होंने उस स्टार्टअप पर दांव लगाया, जिसके भविष्य को लेकर किसी के पास भरोसेमंद जवाब नहीं था।

2020 में बदल गई तस्वीर

साल 2020 में सरकार ने स्पेस सेक्टर निजी कंपनियों के लिए खोल दिया। इसके बाद Skyroot की रफ्तार बदल गई। बड़े निवेशक जुड़ने लगे और कंपनी को तेजी से फंडिंग मिलने लगी।

नवंबर 2022 में कंपनी ने Vikram-S लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बना। इसके बाद मई 2026 में Skyroot ने करीब 570 करोड़ रुपये जुटाए और 1.1 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न बन गई।

₹12 करोड़ से बन गए ₹700 करोड़

मुकेश बंसल का शुरुआती भरोसा अब बड़ी कमाई में बदल चुका है। Tracxn के मुताबिक, उनके पास अभी भी Skyroot में 5.7% हिस्सेदारी है, जिसकी मौजूदा कीमत 600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा वह अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही निकाल चुके हैं।

यानी उनकी बची हिस्सेदारी और अब तक की कमाई को जोड़ दें तो उनकी कुल वैल्यू 700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। दूसरे शब्दों में कहें तो करीब ₹12 करोड़ का निवेश लगभग 60 गुना बढ़ गया।

सिर्फ एक कंपनी नहीं, पूरे सेक्टर की कहानी

Skyroot की सफलता सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है। यह भारत के स्पेस सेक्टर में आए बड़े बदलाव की भी कहानी है। सरकार के दरवाजे खोलने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में सिर्फ एक से बढ़कर 2026 में 400 से ज्यादा हो गई है।

सरकार का लक्ष्य 2033 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी को 8.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। Skyroot की उड़ान इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है।

मुकेश बंसल का सबसे बड़ा दांव

मुकेश बंसल पहले Myntra के जरिए फैशन ई-कॉमर्स और फिर Cult.fit के जरिए फिटनेस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन Skyroot में किया गया निवेश अलग था।

यह सिर्फ किसी स्टार्टअप में पैसा लगाना नहीं था, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य पर जताया गया भरोसा था। आज वही भरोसा भारतीय स्पेस सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में गिना जा रहा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।