Tata Group News: एन चंद्रशेखरन ने आखिर टाटा संस के चेयरमैन पद से क्यों दिया इस्तीफा? जानिए टाटा समूह के अंदर की पूरी कहानी

Tata Group News: एन चंद्रशेखरन के टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफे के ऐलान ने चौंका दिया था। उन्होंने 12 अगस्त को यह ऐलान किया था। तब से उनके इस्तीफे की वजहों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चा सुनने को मिली है। लेकिन, सच यह है कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई एक वजह नहीं थी। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि तीसरी बार टाटा संस के चेयरमैन पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसका असर समूह से जुड़े ब़ड़े फैसलों पर पड़ रहा था।

गवर्नेंस और कैपिटल ऐलोकेशन को लेकर चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद था। इसके अलावा होल्डिंग कंपनी यानी टाटा संस के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को लेकर भी बहस लगातार बढ़ रही थी। ये सभी मसले अगस्त के दूसरे हफ्ते में ऐसे लेवल पर पहुंच गए, जिसके बाद चंद्रशेखरन ने इस्तीफा देने का फैसला ले लिया।

चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को अपने बयान में कई बातें कही थीं। उन्होंने जुलाई 2025 टाटा ट्रस्ट्स के उस प्रस्ताव का भी जिक्र किया था, जिसमें उन्हें तीसरी बार टाटा संस का चैयरमैन पांच साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी। लेकिन, फरवरी 2026 में टाटा संस के बोर्ड की बैठक में एक डायरेक्टर ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। फरवरी से लेकर अब तक यह मसला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।

जुलाई 2025 के प्रस्ताव में एक दूसरी अहम बात भी शामिल थी। इसमें चंद्रशेखरन को टाटा संस को अनलिस्टेड बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने को कहा गया था। बाद में यह मसला बड़ा बन गया। स्ट्रक्चर के लिहाज से टाटा संस के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। इसका काफी असर चंद्रशेखरन पर पड़ा। सूत्रों ने बताया कि खासकर इस सवाल का जवाब नहीं था कि क्या आखिर में टाटा संस को खुद को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराना होगा।

मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि 26 मई को बोर्ड की बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन को टाटा संस की लिस्टिंग के बारे में अपनी पोजीशन बताने को कहा था। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में चंद्रशेखरन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। टाटा संस की लिस्टिंग का मसला काफी अहम है। लिस्टिंग के बाद टाटा संस के लिए नियम और शर्तें काफी बदल जाएंगी। खासकर टाटा ट्रस्ट्स को मिले विशेष अधिकार खत्म हो जाएंगे।

टाटा ट्रस्ट्स अभी टाटा संस से जुड़े सभी बड़े फैसले लेता है। यहां तक कि टाटा संस के बोर्ड में डायरेक्टर्स की नियुक्ति के लिए ट्रस्ट्स के नॉमिनी का एप्रूवल जरूरी है। टाटा संस के शेयर बाजार में लिस्ट होते ही टाटा ट्रस्ट्स के ये अधिकार खत्म हो जाएंगे। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है।

RBI ने टाटा संस को अपर लेयर वाली NBC की कैटेगरी में रखा है। इस कैटेगरी के एनबीएफसी को सख्त रेगुलेशंस का पालन करना पड़ता है। हालांकि, आरबीआई ने 6 अगस्त को कहा था कि टाटा संस का एनबीएफसी की अपर लेयर कैटेगरी में बने रहने में उसके डीरजिस्ट्रेशन के अप्लिकेशन के नतीजों का कोई हाथ नहीं है। अभी इस अप्लिकेशन पर विचार जारी है।

टाइम्स ऑफ इंडियान ने 17 अगस्त को खबर दी कि चंद्रशेखरन और नोएल टाटा दोनों ने सरकार को अलग-अलग अपनी पोजीशन के बारे में बताया। इस मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, टाटा समूह के भविष्य को लेकर स्पष्ट दिशा का अभाव था। टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के बारे में फैसला होना है। बतौर चेयरमैन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है।

18 अगस्त को 2 बजे टीसीएस का शेयर 1.25 फीसदी गिरकर 2,284 रुपये पर चल रहा था। टाइटन का शेयर 0.38 फीसदी गिरकर 5049 रुपये पर चल रहा था। टाटा मोटर्स सीवी का शेयर 0.68 फीसदी गिरकर 467 रुपये पर चल रहा था।

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: राकेश झुनझुनवाला के 10 निवेश मंत्र, इन्हें हर इनवेस्टर को जानना चाहिए

Rakesh Jhunjhunwala Death Anniversary: दिग्गज इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला की आज पुण्यतिथि है। उनका देहांत 14 अगस्त, 2022 को हार्ट अटैक से हुआ था। उन्होंने शेयरों में निवेश से अकूत पैसा कमाया। उनकी खास बात यह थी कि निवेश के अपने अनुभव के बारे में वह हमेशा बताते रहते थे। वह निवेश में हुई गलतियों के बारे में भी बताने से नहीं हिचकते थे। इस वजह से लाखों निवेशक उनकी बातों को बड़े गौर से सुनते थे। आज भी निवेश से जुड़े उनके मंत्र उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने वे कई साल पहले थे। हर निवेशक को निवेश से जुड़े उनके बुनियादी सिद्धातों के बारे में जरूरत जानना चाहिए।

1. निवेश में धैर्य बहुत जरूरी है

वह निवेश से मोटी कमाई के लिए धैर्य को जरूरी मानते थे। उनका मानना था कि शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है। इसलिए निवेशकों को रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव की जगह लंबी अवधि के आउटलुक पर फोकस करना चाहिए। उन्होंने खुद अच्छी कंपनियों के शेयरों में निवेश कर लंबी अवधि में काफी पैसा कमाया था।

2. निवेश के लिए बॉटम का इंतजार नहीं करें

झुनझुनवाला का कहना था कि निवेश के लिए हर समय सही होता है। दरअसल कई इनवेस्टर्स निवेश के लिए मार्केट के बॉटम का इंतजार करते हैं। ऐसा करना सही नहीं है। झुनझुनवाला कहते थे कि मार्केट के बॉटम यानी सबसे निचला स्तर और पीक यानी सबसे हाई लेवल के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है।

3. निवेश से पहले वैल्यूएशन को देखें

कई इनवेस्टर्स किसी शेयर में इसलिए निवेश करते हैं, क्योंकि उसकी कीमतें चढ़ रही होती हैं। झुनझुनवाला का कहना था कि किसी शेयर पर हाई वैल्यूएशन पर निवेश करना समझदारी नहीं है। निवेश से पहले इनवेस्टर को खुद से यह पूछना चाहिए कि वह जिस कीमत पर शेयर खरीद रहा है, क्या वह कीमत सही है।

4. रिस्क और निवेश का अटूट रिश्ता है

झुनझुनवाला का मानना था कि शेयरों में निवेश से पैसे कमाने के लिए रिस्क लेना ही पड़ता है। अगर आप शेयर में निवेश कर रहे हैं तो आपको लॉस बर्दाश्त करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनकी सलाह थी कि निवेश से पहले निवेशक को यह पता होना चाहिए कि वह कितना रिस्क लेने जा रहा है। कपैसिटी से ज्यादा रिस्क लेना खतरनाक हो सकता है।

5. अपनी गलतियों से सीखें

निवेश में गलती होना स्वाभाविक है। झुनझुनवाला कहते थे कि ऐसा कोई इनवेस्टर नहीं है, जिससे गलती नहीं हुई है। उनका कहना था कि गलतियों से सीखना चाहिए। आपसे एक गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। गलती होने का अगर आपको डर है तो आप कभी निवेश नहीं कर पाएंगे।

6. निवेश के लिए कभी उधार न लें

कई लोग निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए पैसे उधार तक ले लेते हैं। झुनझुनवाला इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि उधार के पैसे से निवेश करने में बड़ा रिस्क है। अगर निवेश किया गया पैसा डूब गया तो इनवेस्टर्स मुश्किल में फंस जाएगा।

7. फटाफट कमाई के बारे में न सोचें

शेयर मार्केट में निवेश से काफी पैसा बनाया जा सकता है। लेकिन, ऐसा एक दिन में नहीं हो सकता। इसमें समय लगता है। झुनझुनवाला कहते थे कि शेयर बाजार से फटाफट कमाई का लालच आपको मुश्किल में डाल सकता है। कुछ महीने या कुछ साल में पैसा डबल करने के टारगेट के साथ शेयरों में निवेश नहीं किया जा सकता।

8. मार्केट और निवेश की समझ बढ़ाते रहें

शेयरों में निवेश करने के लिए ज्ञान यानी नॉलेज जरूरी है। आपकी नॉलेज जितनी ज्यादा होगी, निवेश के फैसले लेने में आपको उतनी आसानी होगी। फाइनेंशियल स्टेटमेंट, वैल्यूएशन, पीई रेशियो, बुक वैल्यू जैसी चीजों के बारे में हर निवेशक को जानना चाहिए।

9. ‘भाव भगवान है’-कीमत का सम्मान करें

झुनझुनवाला हमेशा कहा करते थे-‘भाव भगवान है।’ इसका मतलब है कि शेयर की कीमत बहुत अहम है। आप जिस भाव पर शेयर खरीद रहे हैं, वह बहुत मायने रखता है। अगर आपने ज्यादा भाव पर शेयर खरीदा है तो आपको मुनाफे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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10. जब दूसरे बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए

आम तौर पर जब शेयर बाजार में तेजी होती है तो शेयर खरीदने में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। इसके उलट जब बाजार गिरता है तो निवेशक शेयर बेचने लगते हैं। यह समझदारी नहीं है। बाजार में तेजी आने पर शेयर महंगे हो जाते हैं, ऐसे में निवेश करने से ज्यादा प्रॉफिट कमाने की संभावना कम हो जाती है। झुनझुनवाला का कहना था कि जब सब बेच रहे हों तो आपको खरीदना चाहिए। तब शेयर सस्ते होते हैं।

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन का प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 39 करोड़, रेवेन्यू 35% बढ़ा

Anupam Rasayan Q1 Results: अनुपम रसायन ने 14 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान रेवेन्यू और प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ दिखी। नेट प्रॉफिट 14 फीसदी बढ़कर 38.6 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 34 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयर पर नतीजों का पॉजिटिव असर दिखा।

रेवेन्यू 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में Anupam Rasayan का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 35 फीसदी बढ़कर 655 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की जून तिमाही में यह 585.8 करोड़ रुपये था। EBITDA 31 फीसदी बढ़कर 162.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 124.3 करोड़ रुपये था।

कंपनी के एबिड्टा मार्जिन में हल्की गिरावट 

अनुपम रसायन का EBITDA मार्जिन जून तिमाही में 24.8 फीसदी रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 25.6 फीसदी के एबिड्टा मार्जिन से कम है। कंपनी ने रवि देसाई को चीफ ऑपरेटिंग अफसर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। उनका कार्यकाल 14 अगस्त, 2026 से लागू हो गया है।

नतीजों के बाद शेयरों में दिखी तेजी 

14 अगस्त को अनुपम रसायन के शेयरों में तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 0.46 फीसदी के उछाल के साथ 1,213.30 रुपये पर चल रहा था। बीते छह महीने में यह शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 14 अगस्त को शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिखा। निफ्टी 0.21 फीसदी नीचे चल रहा था, जबकि सेंसेक्स में 0.30 फीसदी कमजोरी थी।

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बीते एक साल में 4.85 फीसदी चढ़ा शेयर 

Anupam Rasayan लाइफ साइंसेज और दूसरी इंडस्ट्रीज के लिए स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाती है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 13,737 करोड़ रुपये है। कंपनी ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्टेड हैं। बीते एक साल में शेयर 4.85 फीसदी चढ़ा है।

Tata Motors CV July Sales: एक्सपोर्ट डबल, घरेलू बिक्री में तेज उछाल, 3 अगस्त को शेयरों पर रहेगा फोकस

Tata Motors CV July Sales: टाटा ग्रुप की कमर्शियल वेईकल्स यूनिट टाटा मोटर्स सीवी के लिए पिछला महीना जुलाई धमाकेदार रहा। न सिर्फ घरेलू मार्केट में इसकी कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में तेज इजाफा हुआ बल्कि निर्यात तो दोगुना से अधिक बढ़ गया। कंपनी ने इसकी जानकारी 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और अब इसका असर 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के सेहत की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को बीएसई पर यह 5.23% की बढ़त के साथ ₹436.95 (Tata Motors CV Share Price) पर बंद हुआ था।

Tata Motors CV के लिए कैसी रही जुलाई?

टाटा मोटर्स कमर्शियल वेईकल्स की पिछले महीने में घरेलू मार्केट में बिक्री सालाना आधार पर 28% बढ़कर 33,876 यूनिट्स पर पहुंच गई तो निर्यात इस दौरान 2,524 यूनिट्स से 128% बढ़कर 5,765 यूनिट्स पर पहुंच गया। ओवरऑल यानी देशी-विदेशी बिक्री को मिलाकर बात करें तो कंपनी की टोटल सेल्स जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 37% बढ़कर 39,641 यूनिट्स हो गई।

घरेलू बिक्री में अलग-अलग वेईकल सेगमेंट्स में बात करें तो जुलाई में एचसीवी (हैवी कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 6735 यूनिट्स से 33% बढ़कर 8973 यूनिट्स, ILMCV (इंटरमीडिएट, लाइट एंड मीडियम कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 5,068 यूनिट्स से 20% बढ़कर 6,100 यूनिट्स, पैसेंजर कैरियर की बिक्री 4,749 यूनिट्स से 25% उछलकर 5,938 यूनिट्स पर पहुंच गई तो SCV (स्मॉल कमर्शियल वेईकल) कार्गो और पिकअप्स की बिक्री 30% बढ़कर 9,880 यूनिट्स से 12,865 यूनिट्स पर पहुंच गई। इस दौरान MH&ICV (मीडियम एंड हैवी इंटरमीडिएट कमर्शियल वेईकल्स) की घरेलू बिक्री 12,378 यूनिट्स से 25% बढ़कर 15,435 यूनिट्स और निर्यात को मिलाकर कुल बिक्री 13,669 यूनिट्स से 20% बढ़कर 16,364 यूनिट्स पर पहुंच गया।

अब तक कैसी रही टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों की चाल

टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। टाटा मोटर्स से अलग होकर यानी डिमर्जर के बाद इसके शेयर बीएसई और एनएसई पर 12 नवंबर को लिस्ट हुए थे। बीएसई पर यह ₹330.25 और बीएसई पर ₹335 पर लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग के बाद 14 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹306.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। इस निचले स्तर से तीन ही महीने में यह 66.32% उछलकर 27 फरवरी 2026 को ₹508.95 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया था।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।