Iran-US War Update: ईरान पर घातक हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले- जल्द हो सकता है बहुत बड़ा फैसला, तेहरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं 7 शर्तें

Iran-US War Update: सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका जल्द ही ईरान पर घातक हमला करने पर विचार कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ अपने अगले बड़े कदम पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वह फिलहाल निर्णय लेने की स्थिति में हैं। ट्रंप ने कहा कि आने वाले समय में ‘बहुत बड़ी चीजें’ हो सकती हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने और बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं।

ईरान ने ये मांगें मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाई हैं। तेहरान का कहना है कि नई बातचीत तभी संभव होगी जब लड़ाई खत्म हो और उस पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंध हटाए जाएं।

ईरान के खिलाफ तीन विकल्पों का जिक्र

‘फॉक्स न्यूज’ के साथ कथित बातचीत में ट्रंप ने ईरान को लेकर अमेरिका के सामने मौजूद कई विकल्पों का जिक्र किया। उन्होंने तीन संभावित रास्ते बताए। ईरान को पूरी तरह तबाह करना, उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर होने देना या फिर बातचीत के जरिए समझौते तक पहुंचना। ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “मेरा सवाल है कि मैं पूरे देश को कब और अगर जरूरत पड़ी तो कब उड़ा दूं? उन्हें बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें।” ट्रंप की इस टिप्पणी से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान के साथ जारी संघर्ष में सैन्य और कूटनीतिक, दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है।

ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात को तैयार ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की संभावित न्यूयॉर्क यात्रा पर भी प्रतिक्रिया दी। पेजेशकियन संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जाने वाले हैं। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान पेजेशकियन से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वह संभवतः इसके लिए तैयार होंगे। ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ के मुताबिक, पेजेशकियन वरिष्ठ ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका जाने और संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात करने की तैयारी में हैं।

हूती विद्रोहियों से भी संपर्क में अमेरिका

ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों को लेकर भी बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका की हूती समूह के साथ बातचीत जारी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल में सऊदी अरब को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए गए थे। ट्रंप के मुताबिक, हूती लड़ाकों ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना नहीं बनाने पर सहमति जताई है।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए 7 शर्तें रखी हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, ये शर्तें कतर के जरिए अमेरिकी पक्ष तक पहुंचाई गई हैं। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने रविवार को इसकी पुष्टि की। इससे एक दिन पहले ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने भी कहा था कि कतर ने तेहरान की मांगें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। रेजाई ने अल जजीरा से बातचीत में बताया कि ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, ईरान के फ्रीज किए गए धन को वापस करना और नौसैनिक नाकाबंदी हटाना शामिल है।

अमेरिका के सहयोगी देशों को ईरान की चेतावनी

इस बीच ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने दावा किया है कि उसे ऐसी खुफिया जानकारी मिली है, जिसके मुताबिक अमेरिका तेहरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। ईरान का आरोप है कि इस संभावित कार्रवाई में क्षेत्र के कई देश अमेरिका का समर्थन कर सकते हैं। ईरानी सेना ने अमेरिका का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में ईरान की ओर से किसी तरह की नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ईरानी सैन्य कमान ने ऐसे देशों को उस गतिविधि में शामिल पक्ष माना, जिसे उसने शरारत करार दिया।

बातचीत या सैन्य कार्रवाई…अमेरिका का अगला कदम क्या होगा?

ट्रंप के बयानों और ईरान की ओर से भेजी गई शर्तों से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव के बीच कूटनीतिक रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हालांकि, तेहरान ने बातचीत के लिए कई पूर्व शर्तें रखी हैं। जबकि ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई समेत कई विकल्प खुले रखने के संकेत दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अमेरिका ईरान की सात शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर लौटने के लिए कोई साझा आधार तलाश पाते हैं।

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Bullet train India: भारत अब हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में अपनी तकनीक और ट्रेनें विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय ने 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन तैयार करने की योजना बनाई है। यह ट्रेन जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज की हाई-स्पीड ट्रेनों की क्षमता के बराबर होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “भारत की अगली पीढ़ी की बुलेट ट्रेन को 350 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड के हिसाब से प्लान किया जा रहा है। ट्रेन के डिज़ाइन का काम अगले छह महीनों में शुरू होने की उम्मीद है।” 2

016 में शुरू हुआ 508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अभी बन रहा है। इसे फिलहाल 320 kmph तक की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए बनाया जा रहा है। इसके ऑपरेशन का पहला चरण अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर की लागत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। कैबिनेट ने प्रोजेक्ट की संशोधित लागत को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक मंजूरी दी है। यह 2015 में तैयार शुरुआती अनुमान की तुलना में लगभग दोगुनी है।

350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली B35 ट्रेन

रेलवे मंत्रालय की योजना के तहत भारत अपनी B35 हाई-स्पीड ट्रेन विकसित करेगा। इसका डिजाइन स्पीड 350 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी। इसका उद्देश्य भारत में ऐसी स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन तैयार करना है, जो दुनिया की आधुनिक बुलेट ट्रेन तकनीक के स्तर की हो। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका लक्ष्य जापान की अगली पीढ़ी की E10 सीरीज से मेल करना है।

जापान ने दिसंबर 2024 में भारत सरकार को बताया था कि उसकी मौजूदा E5 सीरीज की ट्रेनों का उत्पादन चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। जापान के अनुसार, E10 ट्रेनों का उत्पादन 2030 से शुरू होगा। ये 2034 तक संचालन के लिए उपलब्ध हो सकती हैं। भारत इन ट्रेनों के उपलब्ध होने तक अपने स्वदेशी विकल्प को तैयार करने पर काम कर रहा है।

पहले B28 ट्रेनें होंगी तैयार

भारत की तत्काल योजना B28 हाई-स्पीड ट्रेनों के निर्माण की है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर शुरुआत में इन्हीं ट्रेनों को चलाया जाएगा। इंडियन रेलवे के मुताबिक, BEML को 32 B28 ट्रेनों के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट मिल चुका है। इसके अलावा BEML को 15 और B28 ट्रेनों के निर्माण के लिए 5,400 करोड़ रुपये का अलग कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस तरह कुल 47 B28 ट्रेनों के निर्माण की योजना है।

  • B28 ट्रेनों की डिजाइन स्पीड: 280 किमी प्रति घंटा
  • अधिकतम ऑपरेटिंग स्पीड: 249 किमी प्रति घंटा

2027 की शुरुआत में प्रोटोटाइप का ट्रायल

B28 ट्रेन के दो प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे। इनका ट्रायल 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनों के प्रदर्शन, सुरक्षा और हाई-स्पीड संचालन से जुड़ी जांच के आधार पर आगे का उत्पादन और संचालन किया जाएगा।

भारत का अपना ट्रेन कंट्रोल सिस्टम भी

स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनों के साथ भारत अपना Bharat Train Control System (BTCS) भी विकसित करेगा। यह सिस्टम ट्रेन की रफ्तार, ट्रेनों के बीच दूरी, संचालन और सुरक्षा को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, BTCS की अवधारणा चीन के Chinese Train Control System (CTCS) जैसी होगी। इसका इस्तेमाल हाई-स्पीड और सामान्य रेल नेटवर्क में ट्रेन की गति और सुरक्षा प्रबंधन के लिए किया जाता है।

प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लागत में इजाफा

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट की लागत में भी भारी वृद्धि हुई है। 2015 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये थी। अब इसकी संशोधित लागत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक लागत बढ़ने के प्रमुख कारणों में जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर और सिग्नलिंग सिस्टम की लागत में बढ़ोतरी शामिल है।

जमीन अधिग्रहण की लागत में तीन गुना से ज्यादा वृद्धि हुई है। यह खर्च बढ़कर करीब 19,700 करोड़ रुपये हो गया है। प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लागत में भी करीब 50% की वृद्धि हुई है। यह अब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। 2015 के अनुमान की तुलना में ट्रेन सिग्नलिंग सिस्टम पर होने वाला खर्च भी करीब 100% बढ़ गया है। मौजूदा अनुमान के अनुसार, भविष्य में आने वाली जापानी ट्रेनों की लागत को छोड़कर पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 399 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आ रहा है।

508 किलोमीटर लंबा है मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। इस पर शुरुआत में B28 हाई-स्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी। कॉरिडोर को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होगी। भारत में पहली बार इस तरह की हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन सेवा का संचालन होगा।

भारत की हाई-स्पीड रेल योजना में अब दो चरण

पूरे प्लान को आसान भाषा में समझें तो भारत की योजना दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है। इससे भारत का लक्ष्य सिर्फ हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि भविष्य में हाई-स्पीड ट्रेन और उसके कंट्रोल सिस्टम को देश में ही विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगा।

  • पहला चरण: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए B28 ट्रेनों का स्वदेशी निर्माण और संचालन होगा।
  • दूसरा चरण: इसी अनुभव और तकनीकी क्षमता के आधार पर 2030 तक 350 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली B35 स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को विकसित करना है।

फिलहाल, BEML और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) मिलकर B28 बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसे 280 kmph तक की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। इसका प्रोटोटाइप अगले साल की शुरुआत तक पूरा होने की उम्मीद है। अगस्त 2027 तक मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के एक हिस्से पर इसका ऑपरेशन शुरू होने की योजना है।

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