Silver Price Outlook: चांदी इस साल ₹65000 सस्ती हुई, एक्सपर्ट्स से जानिए अब दाम घटेंगे या बढ़ेंगे

Silver Price Outlook: इस साल चांदी ने निवेशकों को निराश किया है। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत करीब 23% गिर चुकी है। सिर्फ जून महीने में ही इसमें 22% की बड़ी गिरावट आई। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। भारत में इसका भाव करीब ₹2.20 लाख प्रति किलो है। इसका मतलब है कि इस साल चांदी ₹65,000 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

हालांकि, पिछले एक साल में चांदी ने 50% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। लेकिन अब कीमतें दिसंबर 2025 के स्तर के आसपास लौट आई हैं। सवाल यह है कि आखिर चांदी पर दबाव क्यों बना हुआ है?

तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा है। इससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें चढ़ गईं। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 86 डॉलर प्रति बैरल पर है, जो युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले करीब 20% ज्यादा है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो तेल महंगा हो सकता है। इससे महंगाई बढ़ेगी और दुनिया भर के बाजारों पर दबाव आएगा।

फेड की ब्याज दरें क्यों हैं अहम?

तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ती है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बनता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो डॉलर मजबूत होता है। ऐसे समय में निवेशक सोना और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट छोड़कर डॉलर आधारित निवेश की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहता है।

चांदी सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव वाली

चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इसकी वजह यह है कि चांदी सिर्फ निवेश का जरिया नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और पावर ग्रिड जैसे सेक्टरों में होता है। इसलिए औद्योगिक मांग में थोड़ा भी बदलाव कीमतों पर बड़ा असर डाल सकता है।

गोल्ड सिल्वर रेशियो क्या होता है

जून 2026 में जब सोना 4,000-4,060 डॉलर प्रति औंस के बीच था, तब चांदी 60-61 डॉलर प्रति औंस पर थी। उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 67 था। इससे पहले मई में यह 55 और जनवरी में 50 तक आ गया था।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो बताता है कि 1 औंस सोना खरीदने के लिए कितने औंस चांदी चाहिए। इसे सोने की कीमत को चांदी की कीमत से भाग देकर निकाला जाता है। अगर रेशियो 75 या उससे ज्यादा हो, तो इसका मतलब माना जाता है कि चांदी सोने के मुकाबले सस्ती है। वहीं, अगर यह 50-60 या उससे नीचे हो, तो सोना सस्ता माना जाता है।

क्या अभी चांदी सस्ती है?

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेन्द्र यादव का कहना है कि 70 का रेशियो अपने लंबे समय के औसत के करीब है। यह बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी चांदी सोने के मुकाबले थोड़ी सस्ती नजर आती है। खासकर तब, जब औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहे। भारत में दिसंबर 2025 से चांदी की कीमत लगातार ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है।

आगे किस धातु में ज्यादा दम?

निरपेन्द्र यादव का मानना है कि फिलहाल गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 से 75 के बीच रह सकता है। यह काफी हद तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर फेड ब्याज दरें घटाता है, डॉलर कमजोर पड़ता है और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार आता है, तो चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इससे Gold-Silver Ratio घटकर 60-65 तक आ सकता है।

वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, मंदी का खतरा गहराता है या निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं, तो सोना चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। ऐसे में यह रेशियो 70 से ऊपर बना रह सकता है।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय में सिर्फ सोना या सिर्फ चांदी चुनने के बजाय दोनों में संतुलित निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

अगर आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप कम जोखिम लेना चाहते हैं, तो सोना बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन अगर आप थोड़ा ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि के निवेशक हैं, तो धीरे-धीरे चांदी में हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। क्योंकि मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से चांदी में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।

Gold Price Today: अगस्त के पहले दिन सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ गया भाव

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver price Today: फेड फैसले से पहले सोने-चांदी में उठा-पटक, चांदी ‌₹2200 हुई महंगी, अब क्या करें निवेशक

Gold Silver price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज 29 जुलाई को उठा- पटक देखने को मिल रही है। बुधवार को स्पॉट मार्केट में मांग घटने की वजह से फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 158 रुपये गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। उसके विपरीत, चांदी की कीमतें 0.69 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 158 रुपये या 0.11 प्रतिशत गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए, जिसमें 375 लॉट का कारोबार हुआ। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी की कीमतें 2250 रुपये या 1.04 फीसदी बढ़कर 2,18,649 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

बाजार जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग के कारण आई है। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स 4,031.22 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर ट्रेड कर रहे थे। मार्केट में नई पोजीशन बनने से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

आज रात US फेड पॉलिसी को होगा ऐलान

US फेड का पॉलिसी फ़ैसला आज रात 11:30 बजे (IST) आएगा, जबकि फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी रात 12:00 बजे (IST) होनी है।

जून में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद, ऐसी पूरी उम्मीद है कि US सेंट्रल बैंक आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की नई चिंताओं की वजह से फेड सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, FedWatch टूल बताता है कि बाज़ार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 76% संभावना और 29 जुलाई को 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना दिख रही है।

क्या कहते है बाजार जानकार

मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह ने कहा, “बाज़ार अभी ब्याज दरें बढ़ने की लगभग एक-तिहाई संभावना मानकर चल रहा है। सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों ने US डॉलर इंडेक्स को 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे बुलियन (सोने-चांदी) पर दबाव पड़ा है।” US फेड के अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) भी क्रमशः गुरुवार और शुक्रवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं।

बढ़ी हुई ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि ऊंची दरों से इस पीली धातु (जो कोई रिटर्न नहीं देती) को अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है।

इस बीच, डॉलर इंडेक्स 0.10% गिरकर 101.30 पर आ गया, जबकि US 10-साल के बॉन्ड का यील्ड पिछले सेशन के 4.60% से बढ़कर 4.61% हो गया।

अब क्या हो रणनीति

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सेशन में सोने के लिए $4,010 और $3,974 पर सपोर्ट और $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी के लिए $56.80 और $56 पर सपोर्ट और $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।

MCX पर, जैन ने बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,40,800 और ₹1,40,000 पर है और रेजिस्टेंस ₹1,42,200 और ₹1,43,100 पर है, जबकि चांदी के लिए सपोर्ट ₹2,14,000 और ₹2,12,200 पर है और रेजिस्टेंस ₹2,17,700 और ₹2,20,000 पर है।जैन ने कहा, “हम लंबे समय के निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार में आई इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी खरीदें, और ट्रेडर्स FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले इससे दूर रहें।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में चांदी ₹8500 महंगी हुई, सोना ₹1.49 लाख के पार

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में बढ़ी खरीदारी की वजह से सोना ₹1,900 चढ़कर ₹1,49,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह करीब दो हफ्ते का सबसे ऊंचा स्तर है।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को सोना ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इससे पहले 7 जुलाई को इसकी कीमत ₹1,49,250 प्रति 10 ग्राम थी।

चांदी ने भी लगाई लंबी छलांग

चांदी ने लगातार छह दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया। इसकी कीमत ₹8,500 बढ़कर ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई। एक दिन पहले यह ₹2,21,500 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

सोना-चांदी में तेजी क्यों आई?

बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। इसकी वजह सिर्फ एक नहीं है। विदेशी बाजार में मजबूती रही। घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ी। हाल की गिरावट के बाद निवेशकों ने भी खरीदारी का मौका देखा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेत और फिजिकल डिमांड बढ़ने से सोना दो हफ्ते के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि गोल्ड ETF में दोबारा निवेश बढ़ने से भी बाजार को सहारा मिला है।

ग्लोबल मार्केट में क्या हो रहा है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.16% बढ़कर 4,125.24 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 59.32 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला ने बताया कि कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 4,140 डॉलर प्रति औंस के दो हफ्ते के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं, चांदी भी 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई। पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद दोनों कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि बातचीत की गुंजाइश तो है, लेकिन फिलहाल ईरान गंभीर नहीं दिख रहा। इसलिए निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

वहीं, Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि सोने को तीन चीजों से सहारा मिल रहा है। पहली, अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की उम्मीद। दूसरी, ट्रंप प्रशासन की ओर से फिर टैरिफ लगाने की शुरुआत। तीसरी, सोने का 4,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर टिके रहना।

अब बाजार की नजर अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर रहेगी। ब्याज दरों को लेकर जो संकेत मिलेंगे, वही आगे सोना और चांदी की चाल तय करेंगे।

*एजेंसी इनपुट के साथ

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Gold Silver Price Today: सोना ₹800 उछला, ₹1.47 लाख के पार पहुंचा दाम; चांदी सपाट रही

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत ₹800 बढ़कर ₹1,47,700 प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक बाजार में तेजी की वजह से सोने में यह उछाल देखने को मिला। इससे पहले सोमवार को सोना ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी की कीमत ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। कारोबारियों के मुताबिक हालिया गिरावट के बाद चांदी में खरीदारी सीमित रही। वहीं, सोने में लगातार अच्छी मांग बनी हुई है।

सोने की कीमत क्यों बढ़ी?

HDFC Securities के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू होने की उम्मीद से भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और निवेशकों का रुझान फिर से सोने की ओर बढ़ा।

उन्होंने कहा कि चीन में मजबूत फिजिकल डिमांड और दुनिया के कई केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी भी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है।

ग्लोबल मार्केट में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.25% बढ़कर 4,057.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 4,082 डॉलर प्रति औंस के इंट्राडे हाई तक भी गया।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च की कायनात चैनवाला ने कहा कि पिछले हफ्ते 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद सोने ने अब फिर से तेजी पकड़ ली है।

चांदी ने भी दिखाई मजबूती

वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 4% से ज्यादा बढ़कर 58.80 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।

Mirae Asset ShareKhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। वहीं, चीन की ओर से टेक सेक्टर को समर्थन देने के लिए किए जा रहे बड़े निवेश से इंडस्ट्रियल मेटल्स, खासकर चांदी, को भी मजबूती मिली है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद सोने में फिर से मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। MCX पर सोना करीब ₹1,500 यानी 1% चढ़कर ₹1,42,800 के आसपास पहुंच गया। वहीं, COMEX Gold भी 4,070 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है और 4,000 डॉलर के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग फिर बढ़ी है। इसी का फायदा सोने को मिल रहा है। हाल की गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव भी काफी हद तक कम हो गया है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख के बावजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितता निवेशकों को फिर से सोने की ओर खींच रही है। उनका अनुमान है कि अगले कुछ कारोबारी सत्रों में MCX Gold ₹1,41,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

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Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

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Gold Silver Price Today: सोना ₹1500 सस्ता हुआ, ₹2000 गिरा चांदी का भाव; जानिए लेटेस्ट रेट

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को दिल्ली में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,500 टूटकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी ₹2,000 गिरकर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2.37 लाख प्रति किलो था।

सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता फिर गहरा गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है। इन दोनों वजहों का दबाव सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड 1.3% गिरकर 4,067.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.32% टूटकर 58.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना हुआ है।

अब किस पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाले अमेरिका के CPI (Consumer Price Index) आंकड़ों पर रहेगी। इससे यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठा सकता है।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अगर अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है। इससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं, तो सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

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त्योहार-शादी के सीजन में देश में हो सकती है चांदी की कमी, भाव 100 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है

अगर इंपोर्ट पर पाबंदी जारी रहती है तो देश में त्योहारों और शादी के सीजन में चांदी की कमी हो सकती है। आगे चांदी की डिमांड बढ़ने की संभावना है। मेटल्स फोकस में सीनियर कंसल्टेंट (साऊथ एशिया एंड मिडिल ईस्ट) हर्षल बरोट ने यह अनुमान जताया।

ज्यादातर तरह के सिल्वर के लिए लाइसेंस जरूरी

ज्यादातर एचएस कोड्स के तहत अभी सिल्वर के इंपोर्ट के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) से लाइसेंस जरूरी है। इसके चलते सिल्वर की नई सप्लाई हासिल करना मुश्किल हो गया है। इस वजह घरेलू बाजार की निर्भरता मौजूदा इनवेंट्रीज पर रिसाइक्ल्ड सिल्वर पर बढ़ गई है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी बिकवाली बढ़ी है। इससे प्रीमियम करीब 10 फीसदी रह गया है।

चांदी के पुराने स्टॉक से फिलहाल चल रहा काम

बारोट ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा, “मार्केट में सप्लाई कम है। नया मेटल उपलब्ध नहीं है। इसलिए मार्केट पहले से मौजूद स्टॉक से काम चला रहा है। कुछ रिसाइकल्ड सिल्वर बाजार में आ रहा है। लेकिन, नया इंपोर्ट अभी बहुत कम हो रहा है।” फिलहाल इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा, क्योंकि यह कमजोर डिमांड वाला सीजन है। लेकिन, अगस्त से हालात बदल सकते हैं। इसकी वजह यह है कि आम तौर पर त्योहार और शादी के सीजन से पहले खरीदारी शुरू हो जाती है।

अगस्त-सितंबर के बाद बढ़ने लगेगी चांदी की डिमांड

उन्होंने कहा, “हमें अगस्त-सितंबर के बाद डिमांड शुरू हो जाने की उम्मीद है। आम तौर पर तब भारत में त्योहारों और शादी का सीजन शुरू हो जाता है।” उन्होंने कहा कि अगर तब तक इंपोर्ट शुरू नहीं होता है तो मार्केट में असाधारण स्थिति बन सकती है। तब डिमांड ज्यादा होगी, लेकिन सप्लाई कम होगी। उन्होंने बताया कि ट्रेडर्स इंपोर्ट के वैकल्पिक रास्तों के बारे में सोच रहे हैं। इनमें सिल्वर डोर की सोर्सिंग शामिल है। अगर इंपोर्ट शुरू हो जाता है तो घरेलू प्रीमियम घट सकता है।

अगले साल 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है सिल्वर

अभी चांदी की घरेलू मांग कम है, लेकिन कीमतों में तेजी के बावजूद इंडस्ट्रियल मांग स्ट्रॉन्ग है। बारोट ने कहा कि इनवेस्टर्स सिल्वर को लेकर बुलिश हैं। ईटीएफ में कुछ बिकवाली के बावजूद चांदी में बड़ी बिकवाली देखने को नहीं मिली है। मेटल फोकस का मानना है कि अगले साल सिल्वर की कीमतों में तेजी दिखेगी। अगले 12 महीनों में सिल्वर की कीमतें 80-85 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर पिछले साल की तरह डिमांड मजबूत रहती है तो चांदी 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।

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क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है। बीते करीब दो सालों में शेयर बाजार का रिटर्न अच्छा नहीं रहा है। पहले हाई वैल्यूएशन बड़ा चैलेंज था। इससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली की। वैल्यूएशन अब घटा है। उधर, मध्यपूर्व में तनाव कम हुआ है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका पाॉजिटिव असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 ने निवेश और शेयर बाजार के आउटुलक के बारे में जानने के लिए इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव के साथ बातचीत की।

बाजार नई तेजी के शुरुआती चरण में

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई वैश्विक और भू-राजनीतिक झटकों के बाद अब एक नए अपट्रेंड के शुरुआती चरण में है। बाजार पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल चार्ट्स पर ‘हायर लो’ (Higher Lows) का बनना यह दर्शाता है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। बाजारों में इस तेजी के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी 24,300 के लेवल को तोड़ने के बाद ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा। बैंक निफ्टी के भी 63,000 पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की तेजी में बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि मार्केट में अगले चरण की रैली में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का बड़ा योगदान होगा। यह सेक्टर आने वाले समय में स्टार परफॉर्मर बन सकता है। अगर आगे इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिलती है तो इससे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। रुपये में स्थिरता भी बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर लगाम लगी है। उधर,

रियल एस्टेट, एनर्जी, मेटल्स और पावर सेक्टर्स का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। इन सेक्टर्स में लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मोमेंटम दिख रहा है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।

सोने की जगह यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय

श्रीवास्तव ने कहा कि सोने और चांदी में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम इंडिकेटर्स ओवरबॉट (overbought) की स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इससे निकट अवधि में मुनाफावसूली दिख सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय कीमती धातुओं (precious metals) पर फोकस थोड़ा कम कर शेयरों पर बढ़ाने का है। इसकी वजह यह है कि इक्विटी अब एक नए ‘गोल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रहने का अनुमान जताया। इसका मतलब है कि निवेशकों को लार्जकैप आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को लेकर भी सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी

शेयर बाजार में 2 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 169 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.75 फीसदी यानी 579 अंक के उछाल के साथ 77,502 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी नाममात्र की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

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Gold-Silver Price Today: चांदी ने लगाई ₹6000 की छलांग, सोना हुआ सस्ता; जानिए आज का रेट

Gold-Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने की वजह से 24 कैरेट सोना 800 रुपये सस्ता होकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार को सोने का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में जोरदार वापसी

वहीं, चांदी ने लगातार चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों टूटा, चांदी क्यों चमकी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बना रहा। वहीं, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,021.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 1% की तेजी रही और यह 58.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने गोल्ड में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना जताई है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के आर्थिक और रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।

Gold Silver Buy or Sell: सोने-चांदी में रिकॉर्ड गिरावट, क्या यह खरीदारी का सबसे सही मौका है या फटाफट बेचने में ही भलाई? एक्सपर्ट्स से समझें

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Gold Silver Ratio: सोने के मुकाबले और ज्यादा गिर सकती है चांदी, चार्ट दे रहा बड़े संकेत; जानिए अब क्या करें निवेशक

Gold Silver Ratio: जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद से चांदी की कीमत में करीब 50% की गिरावट आ चुकी है। सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि सोने के मुकाबले भी चांदी एक-तिहाई से ज्यादा कमजोर हो गई है। अब टेक्निकल चार्ट इशारा कर रहे हैं कि यह गिरावट अभी थमने वाली नहीं है। ऐसे में सोने के मुकाबले चांदी और कमजोर पड़ सकती है।

जनवरी के बाद क्यों बदला माहौल?

रॉयटर्स के मुताबिक, 30 जनवरी के बाद से सोना और चांदी दोनों में दबाव बढ़ने लगा। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि बाजार को लगने लगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अब ब्याज दरों में कटौती करने के मूड में नहीं है। इसके उलट, अगर महंगाई बढ़ती रही तो ब्याज दरें बढ़ाने की नौबत भी आ सकती है।

इस बीच ईरान युद्ध के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं। इससे निवेशकों ने ब्याज दरों को लेकर अपने अनुमान बदलने शुरू कर दिए और कीमती धातुओं में बिकवाली तेज हो गई।

चांदी पर ज्यादा दबाव क्यों आया?

सोने की तुलना में चांदी पर असर ज्यादा पड़ा। इसकी वजह सिर्फ निवेशकों की बिकवाली नहीं है। दरअसल, चांदी केवल एक कीमती धातु नहीं, बल्कि औद्योगिक धातु भी है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और कई उद्योगों में होता है।

इसलिए जब अर्थव्यवस्था या निवेशकों के जोखिम लेने के रुख को लेकर चिंता बढ़ती है तो चांदी पर दबाव भी ज्यादा आता है। एक वजह यह भी रही कि इससे पहले चांदी में सोने के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी आई थी। ऐसे में मुनाफावसूली शुरू होने पर इसमें गिरावट भी ज्यादा देखने को मिली।

टेक्निकल चार्ट क्या कह रहा है?

एनालिस्टों के मुताबिक, गोल्ड टु सिल्वर रेशियो यानी सोने और चांदी के भाव का अनुपात लगातार ऊपर जा रहा है। हाल ही में यह 200-डे मूविंग एवरेज (66.76) के ऊपर निकल गया है।

टेक्निकल एनालिसिस में 200-डे मूविंग एवरेज को लंबे समय के ट्रेंड का अहम पैमाना माना जाता है। किसी भी एसेट का इसके ऊपर या नीचे जाना अक्सर बाजार की दिशा का बड़ा संकेत देता है।

अब 70 के स्तर पर रहेगी नजर

अब इस अनुपात का अगला बड़ा लक्ष्य 70 माना जा रहा है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बाजार के लिए महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर भी है। ट्रेडर्स अक्सर ऐसे गोल आंकड़ों पर खास नजर रखते हैं।

अगर गोल्ड टु सिल्वर रेशियो मजबूती से 70 के ऊपर निकल जाता है, तो इसके बाद 6 फरवरी के 72.74 के स्तर तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी। इसके बाद अगला लक्ष्य 75.25 हो सकता है। यह अप्रैल 2025 के बाद सोने के मुकाबले चांदी की गिरावट के दायरे का लगभग आधा स्तर है।

अगर चांदी वापसी करती है तो क्या होगा?

हालांकि, चांदी के लिए उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अगर चांदी में फिर से खरीदारी लौटती है, तो सबसे पहले गोल्ड टु सिल्वर रेशियो को 200-डे मूविंग एवरेज (66.76) के नीचे आना होगा। इसके बाद यह 22 जून के 62.68 के स्तर तक फिसल सकता है।

अगर यह अनुपात 60.56 से भी नीचे चला जाता है, तो इसे चांदी के पक्ष में मजबूत संकेत माना जाएगा। ऐसे में बाजार में चांदी की तेजी को नई ताकत मिल सकती है।

निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब

अभी के संकेत बताते हैं कि निवेशकों का झुकाव चांदी की बजाय सोने की ओर ज्यादा है। जब तक गोल्ड टु सिल्वर रेशियो ऊंचे स्तर पर बना रहता है, तब तक माना जाएगा कि सोना, चांदी से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

लेकिन अगर यह अनुपात नीचे आने लगता है, तो इसका मतलब होगा कि चांदी फिर से मजबूत होने लगी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त चांदी में दोबारा खरीदारी दिख सकती है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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