ITR: 31 जुलाई तक फाइल किए गए करीब 6 करोड़ रिटर्न, इनकम के ट्रेंड में दिखा दिलचस्प बदलाव

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख तक कुल 5.9 लाख रिटर्न फाइल हुए। आईटीआर फॉर्म-1 और आईटीआर फॉर्म-2 से रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी। फाइल कुल रिटर्न की संख्या की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1 अगस्त को दी है।

आईटीआर-3 और ITR-4 फॉर्म वाले टैक्सपेयर्स के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की 31 जुलाई की अंतिम तारीख उन टैक्सपेयर्स के लिए थी, जिनके अकाउंट्स का ऑडिट जरूरी नहीं है। ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी बिजनेस और प्रोफेशनल इनकम है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त है। आईटीआर-1 का इस्तेमाल ऐसे रेजिडेंट इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स करते हैं, जिनकी कुल सालाना इनकम 50 लाख रुपये तक होती है। उनकी इनकम में सैलरी, एक घर से इनकम और 5,000 रुपये तक की एग्रीकल्चर इनकम शामिल हो सकती है।

अब ज्यादातर टैक्सपेयर्स की इनकम का स्रोत सिर्फ सैलरी नहीं

ITR फॉर्म 2 उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से कोई इनकम नहीं है, लेकिन कैपिटल गेंस से इनकम है। टैक्स फाइलिंग प्लेटफॉर्म क्लियरटैक्स के डेटा के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में टैक्स फाइलिंग का पैटर्न बदला है। अब ज्यादा टैक्सपेयर्स सैलरी के अलावा इनकम के दूसरे स्रोतों की भी रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

कैपिटल गेंस दिखाने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़ी

इस साल रिटर्न फाइल कर चुके टैक्सपेयर्स में से सिर्फ 42 फीसदी ने सैलरी को इनकम का मुख्य स्रोत दिखाया है। AY2022-23 में यह संख्या 82 फीसदी थी। टैक्सपेयर्स के इनकम में कैपिटल गेंस बड़ा स्रोत के रूप में सामने आया है। कैपिटल गेंस से इनकम वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी इस साल 39 फीसदी पहुंच गई। AY2022-23 में यह सिर्फ 9 फीसदी थी।

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की हिस्सेदारी बढ़कर 26 फीसदी

बिजनेस इनकम रिपोर्ट करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या भी बढ़कर 26 फीसदी पहुंच गई है। AY2022-23 में यह सिर्फ 4 फीसदी थी। इससे यह संकेत मिलता है कि सेल्फ-एंप्लॉयमेंट वाले लोग अब पहले के मुकाबले ज्यादा रिटर्न फाइल कर रहे हैं। यह ट्रेंड हर उम्र वर्ग के टैक्सपेयर्स में देखने को मिला है। सीनियर सिटीजंस में ऑनलाइन रिटर्न फाइल करे वाले लोगों की संख्या बढ़कर 53 फीसदी हो गई है।

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होम लोन, कार लोन सहित दूसरी जरूरतों की वजह से ज्यादा लोग फाइल कर रहे रिटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसलिए भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा लोग रिटर्न फाइल कर रहे हैं, क्योंकि अब होम लोन, कार लोन, क्रेडिट कार्ड और रेंट एग्रीमेंट बनवाने के लिए इनकम टैक्स रिटर्न मांगा जा रहा है। अब रिटर्न फाइल करना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं रह गया है। टैक्सपेयर्स इसे गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार ने रिटर्न फाइल प्रोसेस को पहले के मुकाबले काफी आसान बना दिया है। इसका फायदा भी मिल रहा है।

5.5 करोड़ पार हुए रिटर्न, पोर्टल पर भारी ट्रैफिक! अगर आज नहीं भरा फॉर्म तो लगेगा भारी जुर्माना?

Income Tax Return

ITR Filing Last Date: वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज यानी 31 जुलाई 2026 है। तय समय सीमा से ठीक 24 घंटे पहले तक देश भर में 5.5 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए जा चुके हैं। 30 जुलाई को ही 42 लाख से अधिक लोगों ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जो अंतिम समय में मचने वाली अफरा-तफरी को साफ बयां करता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

इनकम टैक्स विभाग ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 24 घंटे से भी कम समय बचा है! असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 5.5 करोड़ से अधिक ITR फाइल किए जा चुके हैं। अकेले 30 जुलाई को 42 लाख से ज्यादा फाइल हुए।

सरकार की तरफ से राहत या सख्ती?

करदाताओं (Taxpayers) की भारी तादाद और आखिरी घंटों में इनकम टैक्स पोर्टल पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सोशल मीडिया पर तारीख बढ़ाने (Extension) की मांग उठ रही थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग की ओर से अभी तक डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जानकारों का यही सुझाव है कि टैक्सपेस्ट्स किसी भी भरोसे के बिना आज ही अपना रिटर्न हर हाल में पूरा कर लें।

आखिरी वक्त में रिटर्न भरते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो इन जरूरी बातों का ध्यान रखें ताकि पेनल्टी और नोटिस से बच सकें:

 

फॉर्म 26AS और AIS का मिलान जरूर करें: जल्दबाजी में डेटा गलत न भरें। अपने फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिए गए टीडीएस (TDS) और इनकम डेटा का मिलान अपने बैंक स्टेटमेंट से जरूर करें।

 

पोर्टल धीमा होने पर घबराएं नहीं: आखिरी घंटों में इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर भारी लोड के कारण सर्वर स्लो हो सकता है। अगर पेज अटक रहा है, तो कुछ देर इंतजार करें या दूसरे ब्राउज़र/नेटवर्क का इस्तेमाल करें।

 

बैंक अकाउंट री-वैलिडेट (Re-validate) करें: रिफंड समय पर पाने के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड हो और पैन से लिंक हो।

 

देर से फाइल करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

  • यदि आप आज (31 जुलाई) रात 12 बजे तक अपना ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत आपको लेट फीस चुकानी पड़ सकती है। 
  • जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें 5,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपए हो सकती है। इसलिए, किसी भी तरह की लेट फीस और कानूनी झंझट से बचने के लिए बिना एक पल गंवाए अपना रिटर्न तुरंत सबमिट करें।

Nirmala Sitharaman: ‘जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगवाएं’, इनकम टैक्स अधिकारियों को निर्मला सीतारमण की नसीहत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से कहा है कि आम लोगों को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी और तेजी से काम करने की अपील की।

नागरिकों का काम समय पर करें

मुंबई के नरीमन पॉइंट में बने 13 मंजिला आयकर सिंधु भवन के उद्घाटन के दौरान सीतारमण ने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है। लेकिन लोगों को उनका हक समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा काम करें कि लोगों को एक टेबल से दूसरी टेबल तक भटकना न पड़े।

विभाग को भी झेलनी पड़ी परेशानी

वित्त मंत्री ने बताया कि जिस जमीन पर यह इमारत बनी है, वह 1973 से आयकर विभाग के पास थी। इसके बावजूद भवन बनाने के लिए विभाग को कई मंजूरियां लेने में काफी मुश्किलें आईं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी विभाग को ही इतनी दिक्कत होती है, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सरकारी जमीन पर कब्जे पर नाराजगी

सीतारमण ने सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारी कार्यप्रणाली की कमी दिखाता है। अगर समय रहते सरकारी संपत्तियों की देखभाल होती, तो ऐसी नौबत नहीं आती।

अधिकारियों के आवास की कमी दूर होगी

उन्होंने कहा कि मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के लिए सरकारी आवास कम हैं। कई अधिकारियों को रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी विभागों के बीच जमीन का हस्तांतरण तेज किया जाएगा, ताकि नए दफ्तर और आवास जल्द बन सकें।

BSNL की जमीन का भी होगा इस्तेमाल

वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल सरकारी दफ्तरों और आवास के लिए करने की संभावना देखें। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह संबंधित मंत्री से भी बात करेंगी।

ईमानदारी को सबसे ऊपर रखें

सीतारमण ने अधिकारियों से कहा कि ईमानदारी से बड़ा कोई सिद्धांत नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पारदर्शिता के साथ काम करने और लोगों का भरोसा जीतने की अपील की।

*पीटीआई से इनपुट के साथ