ट्रेन टिकट के लिए नहीं झेलनी होगी परेशानी! नया सिस्टम करेगा मिनटों में लाखों बुकिंग एक साथ

रेलवे में रोजाना बड़ी संख्या में पैसेंजर सफर करते हैं और त्योहारों, छुट्टियों या छुट्टी के सीजन में टिकटों की मांग और भी बढ़ जाती है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने के साथ रेलवे के पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर भी लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। इसी बढ़ते ट्रैफिक और पैसेंजर की जरूरत को देखते हुए रेलवे अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहा है।

नया सिस्टम पहले के मुकाबले ज्यादा क्षमता वाला होगा और एक समय में बड़ी संख्या में पैसेंजर की टिकट बुकिंग को संभाल सकेगा। इससे खासकर टिकट बुकिंग के बिजी टाइम में सिस्टम पर पड़ने वाला प्रेशर कम करने और पैसेंजर को बेहतर एक्सपीरियंस देने में मदद मिल सकती है।

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ऑनलाइन टिकट बुकिंग

रेलवे के पुराने ‘पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम’ (PRS) पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग बढ़ने की वजह से लगातार दबाव पड़ रहा है। जून 2025 से जून 2026 के बीच पीआरएस के जरिए 65.08 करोड़ रिजर्व टिकट बुक किए गए, जिनमें 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक हुए। यानी करीब 89 फीसदी बुकिंग डिजिटल तरीके से हुई। जुलाई 2026 तक कुल टिकट बुकिंग में ऑनलाइन भागीदारी करीब 89.84 फीसदी पहुंच गई थी। इसके लिए रेलवे का ऐसा सिस्टम जरुरी हो गया है, जो एक साथ ज्यादा पैसेंजर की बुकिंग और पूछताछ देख सके।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम प्रोसेस

रेलवे ने नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम पर जाने की प्रोसेस शुरू कर दी है। अगस्त 2026 से इस चेंज को आगे बढ़ाया जा रहा है और नई IRCTC बीटा वेबसाइट भी इसी चेंज का हिस्सा है। पुराने सिस्टम से नए सिस्टम पर जाने के लिए रेलवे धीरे-धीरे इसकी टेस्टिंग कर रहा है।

फास्ट तत्काल बुकिंग

नए सिस्टम का असर तत्काल टिकट बुकिंग में भी देखने को मिल रहा है। IRCTC की बीटा वेबसाइट शुरू होने के बाद कम समय में पूरी होने वाली तत्काल बुकिंग में सुधार किया गया। तीन मिनट के अंदर पूरी होने वाली बुकिंग में 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई। वहीं पांच मिनट और 30 मिनट में पूरी होने वाली बुकिंग में भी बढ़ोतरी देखी गई।

पीआरएस ऑपरेशन

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) रेलवे की टिकट व्यवस्था का एक अहम भाग है। इसी के जरिए टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन के साथ सीट मिलने की जानकारी, वेटिंग लिस्ट, आरएसी, रिजर्वेशन चार्ट और पैसेंजर की पूछताछ जैसे काम संभाले जाते हैं। रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर से लेकर IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, रेलवन ऐप और ऑथोराइज्ड एजेंट भी इसी सिस्टम से जुड़े हैं।

पैसेंजर को फायदा

नए सिस्टम से सबसे ज्यादा फायदा आम पैसेंजर को मिलेगा। तत्काल टिकट के समय जब बहुत सारे लोग एक साथ बुकिंग करने की कोशिश करते हैं, तब ज्यादा कपैसिटी वाला सिस्टम काफी मददगार हो सकता है। इससे टिकट बुक करने, सीट की जानकारी लेने और दूसरी सर्विस का उपयोग करने में आसानी हो सकती है।

मॉडर्न टेक्नोलॉजी

नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम मॉडर्न टेक्निक को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें एआई, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी टेक्निक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Vande Bharat यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब आखिरी मिनट में भी मिलेगा कन्फर्म टिकट…जान लें ये नया नियम

अब वंदे भारत एक्सप्रेस और दूसरी रिजर्व ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। भारतीय रेलवे ने नया नियम लागू किया है, जिसके तहत रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक खाली सीटों की बुकिंग की जा सकेगी। रेलवे का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल करना है। इससे उन यात्रियों को भी राहत मिलेगी, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है और आखिरी समय में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद चार्ट जारी होने के बावजूद अगर किसी ट्रेन में सीट खाली रहती है, तो यात्री ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक उसे बुक करा सकेंगे। इससे यात्रियों को आखिरी समय में भी कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या बदला है?

पहले जब किसी ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट तैयार हो जाता था, तो उसके बाद टिकट बुक कराने की सुविधा लगभग खत्म हो जाती थी। लेकिन अब रेलवे ने नियम बदल दिया है। नए नियम के अनुसार, अगर चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन सीटों की बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे को उम्मीद है कि इस बदलाव से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल होगा। साथ ही, जिन लोगों का सफर अचानक तय होता है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

किन यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

रेलवे का यह नया नियम उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है या जिन्हें सामान्य बुकिंग के दौरान कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता। अब अगर ट्रेन में चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली होंगी, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे ज्यादा लोगों को कन्फर्म सीट मिलने का मौका मिलेगा और ट्रेनों की खाली सीटों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता भी बेहतर होगी।

टिकट कैसे बुक करें?

यात्री खाली सीटों की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या रेलवे के अधिकृत पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर के जरिए कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा तभी मिलेगी जब रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन में सीटें खाली हों। ऐसी स्थिति में यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उपलब्ध सीटों की बुकिंग कर सकेंगे।

यात्रियों के लिए जरूरी बातें

जो यात्री इस नई सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें स्टेशन जाने से पहले यह जरूर देख लेना चाहिए कि ट्रेन में कोई सीट खाली है या नहीं। साथ ही, उन्हें समय से पहले स्टेशन पहुंचना चाहिए और यात्रा के दौरान अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखना चाहिए। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि टिकट हमेशा आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट, रेल कनेक्ट मोबाइल ऐप या अधिकृत पीआरएस (PRS) काउंटर से ही बुक करें।

नई व्यवस्था का क्या फायदा होगा?

भारतीय रेलवे का मानना है कि इस नए नियम से ट्रेनों में खाली सीटों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। साथ ही, जिन लोगों को अचानक यात्रा करनी पड़ती है, उन्हें आखिरी समय में भी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। अब अगर रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक उन्हें बुक कर सकेंगे। इससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और ट्रेनों में खाली सीटों की संख्या भी कम होगी।