ट्रेन का सफर, पेट्स हमसफर! जानिए रेलवे की पेट पॉलिसी के वीआईपी नियम

यदि आपका पेट आपके फैमिली मेंबर के जैसे हैं और कहीं घूमने जाने पर उसे अकेला छोड़ने का मन नहीं करता है, तो अगली ट्रिप में उसे घर पर छोड़ने के बजाय अपने साथ ले जाने का प्लान बना सकते हैं। डॉग या कैट के साथ सफर करना सुनने में थोड़ा मुश्किल जरूर लगता है, लेकिन ट्रेन में ट्रैवल के लिए भारतीय रेलवे ने पालतू जानवरों को साथ ले जाने की सुविधा दी है। सफर शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि पेट को किस कोच में ले जा सकते हैं और इसके लिए कौन-कौन से नियमों का पालन करना होता है।

पेट्स की बुकिंग के ऑप्शन

आप अपने डॉग या कैट को ट्रेन में साथ लेकर जाना चाहते हैं, तो रेलवे की ओर से दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला ऑप्शन फर्स्ट एसी (1AC) का पूरा कूपे या केबिन बुक करना है। इसमें आपका पेट आपके साथ ही सफर कर सकता है। 2-बर्थ वाला पूरा कूपे या 4-बर्थ वाला पूरा केबिन एक ही PNR पर बुक होना चाहिए। यह पेट के लिए बेस्ट ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि वह पूरी ट्रिप में आपके साथ रहता है। दूसरा ऑप्शन लगेज वैन में बने डॉग बॉक्स का है। आप 1AC में सफर नहीं कर रहे हैं, तो पेट को इसी खास हवादार बॉक्स में सफर करना पड़ता है।

सिर्फ इन ट्रेनों में बुकिंग की परमिशन

आप अपने पेट को किसी भी ट्रेन के किसी भी डिब्बे में नहीं ले जा सकते। AC 2-Tier, AC 3-Tier, 3AC Economy, Sleeper और General Coach के अंदर डॉग या कैट को ले जाना मना है। वहीं, वंदे भारत, शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस जैसी चेयर कार ट्रेनों में भी पेट्स को साथ ले जाने की फैसिलिटी नहीं होती, क्योंकि इनमें 1AC कूपे या डॉग बॉक्स नहीं होते है। राजधानी एक्सप्रेस में भी पेट को साथ रखने के लिए 1AC कूपे का ही ऑप्शन होता है, क्योंकि इनमें लगेज वैन में डॉग बॉक्स की सुविधा नहीं होती। इसलिए टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपकी ट्रेन में पेट्स के लिए कौन-सा ऑप्शन अवेलेबल है।

पेट बुकिंग का किराया और टिकट

पेट्स के लिए भी रेलवे में अलग से बुकिंग और किराया देना होता है। इसका किराया पेट के वजन और जर्नी डिस्टेंस बेस पर पार्सल रेट से तय होता है। पेट को अपने साथ 1AC कूपे में ले जा रहे हैं, तो कूपे की बुकिंग और पेट की बुकिंग से जुड़े रेगुलेशन का ध्यान रखना जरूरी है। डॉग बॉक्स में सफर कराने के लिए स्टेशन के पार्सल ऑफिस में जाकर बुकिंग करानी पड़ती है। इसके लिए आपका अपना ट्रेन टिकट कन्फर्म होना चाहिए, वेटिंग या RAC टिकट के बेस पर पेट की बुकिंग नहीं की जाती।

1AC के लिए कूपे बुक रूल्स

पूरी जर्नी में पेट को साथ रखने के लिए 1AC का पूरा 2-बर्थ कूपे या 4-बर्थ केबिन बुक करना जरूरी है। सिर्फ एक या दो सीट बुक करके पेट को साथ ले जाना परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आपके साथ सफर कर रहे किसी दूसरे पैसेंजर को आपके पेट से परेशानी होती है और वह शिकायत करता है, तो रेलवे के रूल के मुताबिक पेट को लगेज वैन में शिफ्ट किया जा सकता है। ऐसी सिचुएशन में आपको परेशानी के साथ-साथ एक्स्ट्रा खर्च भी उठाना पड़ सकता है और बुकिंग का रिफंड मिलना भी तय नहीं होता। इसलिए पेट के साथ आराम से सफर करना है तो पहले से पूरा कूपे बुक करने की कोशिश करें।

डॉक्यूमेंटेशन और पेट एब्डोमिनल प्रोसीजर

ट्रेन पकड़ने से पहले पेट से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास रखें। इसमें रजिस्टर्ड पशु चिकित्सक का फिटनेस या हेल्थ सर्टिफिकेट, वैक्सीनेशन रिकॉर्ड, आपका ओरिजिनल फोटो आईडी और कन्फर्म ट्रेन टिकट शामिल हैं। 1AC कूपे में पेट को साथ ले जाना है, तो जरूरत के हिसाब से रिजर्वेशन ऑफिसर के नाम एप्लीकेशन भी तैयार रखें।

इसके अलावा पेट के सफर को कंफर्टेबल बनाने के लिए उसका खाना, पानी का बाउल, जरूरी मेडिसिन, खिलौना, साफ करने वाले वाइप्स और एक छोटा कंबल साथ रखें। ट्रिप से ठीक पहले उसे बहुत ज्यादा खाना न खिलाएं। पेट डॉग बॉक्स में सफर करेगा, तो उसे कुछ दिन पहले से क्रेट में रहने की आदत डालना भी अच्छा रहेगा। इससे ट्रेन में पहुंचने के बाद उसे घबराहट और डर कम महसूस होगा। इस तरह तैयारियों के साथ होने प्यारे पेट को लेकर ट्रेन से सफर करना आसान हो जाता है। बस जर्नी से पहले उसकी जरूरतों का ध्यान रखें और ट्रैवल में भी उसके आराम और सुरक्षा को प्रायोरिटी दें। थोड़ी सी प्लानिंग से आप बिना स्ट्रेस के अपने प्यारे पेट के साथ छुट्टियों का मजा ले सकते हैं।

अब Uber ऐप पर भी बुक होंगी ट्रेन टिकटें, कंपनी ने ixigo के साथ मिलाया हाथ, जानिए कैसे काम करेगा नया फीचर

उबर ने 18 अगस्त को ixigo के साथ साझेदारी कर अपने ऐप पर ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू करने का ऐलान किया। अब यूजर्स उबर ऐप के जरिए ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे, अपना पीएनआर स्टेटस देख सकेंगे और ट्रेन यात्रा से पहले या बाद की अपनी आने-जाने की जरूरत को उबर की कैब सेवा से जोड़ सकेंगे। कंपनी के मुताबिक, यह सुविधा भारत में उबर की इंटरसिटी यात्रा सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। ट्रेन टिकट बुकिंग शुरू होने के साथ उबर अपने लंबी दूरी की यात्रा से जुड़े विकल्पों को और बढ़ा रही है। इस सुविधा में ixigo की ट्रेन टिकट बुकिंग तकनीक और टिकट बुक करने के बाद मिलने वाली सुविधाओं का इस्तेमाल किया गया है। इससे यात्रियों को एक ही ऐप के जरिए अपनी यात्रा के अलग-अलग हिस्सों की योजना बनाने में आसानी होगी।

ऐप से टिकट होगी बुक

भारत में लंबी दूरी की यात्रा के लिए ट्रेन आज भी लोगों की पहली पसंद में शामिल है। भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 741 करोड़ यात्रियों को ट्रेन से सफर कराया। ऐसे में उबर ने ट्रेन यात्रा को आसान बनाने के लिए अपने ऐप में टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की है। उबर इंडिया और दक्षिण एशिया में बिजनेस डेवलपमेंट के डायरेक्टर अर्नब कुमार ने कहा कि भारत में ट्रेन से सफर करना लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की यात्रा सिर्फ ट्रेन में बैठने से शुरू नहीं होती, बल्कि स्टेशन तक पहुंचने और मंजिल पर उतरने के बाद भी उन्हें आने-जाने की जरूरत होती है। अब उबर ऐप के जरिए यात्री एक ही जगह से ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे, पीएनआर स्टेटस देख सकेंगे और रेलवे स्टेशन तक आने-जाने के लिए उबर की कैब भी बुक कर सकेंगे।

स्टेशन पर पिकअप और ड्रॉप-ऑफ  की भी मिलेगी सुविधा 

इस नई सुविधा से रेलवे स्टेशनों पर उबर की सेवाएं भी और मजबूत होंगी। कंपनी ने बताया कि अहमदाबाद से लेकर सिकंदराबाद और हावड़ा जैसे बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उबर के पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन उपलब्ध हैं। आने वाले समय में देश के कई और बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे खास पिकअप और ड्रॉप-ऑफ जोन बनाए जाएंगे। ixigoके ग्रुप सीईओ आलोक बाजपेयी और ग्रुप को-सीईओ रजनीश कुमार ने कहा कि ट्रेन टिकट बुकिंग के मामले में ixigoदेश की बड़ी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनियों में शामिल है। कंपनी का लक्ष्य रेल यात्रा को यात्रियों के लिए आसान, भरोसेमंद और तनाव से दूर बनाना है। उन्होंने कहा कि उबर के साथ साझेदारी से यह सुविधा ट्रेन यात्रा से आगे बढ़ेगी और यात्री अपने घर से लेकर अंतिम मंजिल तक की पूरी यात्रा की योजना आसानी से बना सकेंगे।